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भारत के स्मार्टफोन बाजार में जून तिमाही (Q1) के दौरान सालाना आधार पर 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह साल 2023 की जनवरी-मार्च तिमाही के बाद से पिछले तीन वर्षों में सबसे बड़ी तिमाही गिरावट है। इस मंदी का सबसे गंभीर असर बजट सेगमेंट पर पड़ा है, जहां 15,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की बिक्री पिछले साल की तुलना में 45% तक घट गई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च (Counterpoint Research) के अनुसार, इस मंदी ने चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि चीनी ब्रांड्स सस्ते और मिड-रेंज डिवाइसेज पर बहुत अधिक निर्भर हैं। इसके चलते अप्रैल-जून तिमाही में उनकी कुल बाजार हिस्सेदारी साल 2020 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है।
नितिन कर्दम
भारत के स्मार्टफोन बाजार में जून तिमाही (Q1) के दौरान सालाना आधार पर 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह साल 2023 की जनवरी-मार्च तिमाही के बाद से पिछले तीन वर्षों में सबसे बड़ी तिमाही गिरावट है। इस मंदी का सबसे गंभीर असर बजट सेगमेंट पर पड़ा है, जहां 15,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की बिक्री पिछले साल की तुलना में 45% तक घट गई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च (Counterpoint Research) के अनुसार, इस मंदी ने चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि चीनी ब्रांड्स सस्ते और मिड-रेंज डिवाइसेज पर बहुत अधिक निर्भर हैं। इसके चलते अप्रैल-जून तिमाही में उनकी कुल बाजार हिस्सेदारी साल 2020 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है।
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- आरपीआर न्यूज टीवी (RPR NEWS TV) के एक पॉडकास्ट में पत्रकार चंद्रमोहन दीक्षित और हिंदू जागरण मंच के प्रांत सदस्य सुरेंद्र कौशिक ने देश में पेपर लीक, छात्र आंदोलनों और सरकार से सवाल पूछने के अधिकार जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की है। इस चर्चा के दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की दबती आवाज को लेकर तीखे सवाल उठाए गए हैं। विशेष रूप से नेपाल में हुए सफल युवा आंदोलन की तुलना भारत से करते हुए यह पूछा गया है कि क्या भारत के छात्र और युवा भी अपनी समस्याओं को लेकर उसी तरह सड़कों पर उतर सकते हैं या उनकी आवाज को दबा दिया जाता है। इस पॉडकास्ट के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से सीधे तौर पर सवाल किया गया है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए सरकार का स्थायी समाधान क्या है? क्या केवल जांच, कार्रवाई और कानून बना देने मात्र से इस समस्या का स्थायी हल निकाला जा सकता है या पूरी व्यवस्था में एक बड़े बदलाव की जरूरत है? इसके साथ ही, जंतर-मंतर पर हड़ताल और आंदोलन पर बैठीं सोनम बंटू के मुद्दे को भी उठाया गया है कि आखिर वह किन मांगों को लेकर सरकार से जवाब मांग रही हैं और उनके आंदोलन को किस नजरिए से देखा जाना चाहिए। चर्चा में सबसे बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि आखिर युवाओं के आंदोलन शुरू होने के बाद उन्हें बंद क्यों करना पड़ता है? क्या आंदोलन समाप्त होने से पहले उनकी मांगें पूरी हो जाती हैं या सरकार उनके साथ बातचीत का रास्ता अपनाती है, अथवा आंदोलन करने वालों पर कोई दबाव बनाया जाता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह मांग भी उठाई गई है कि क्या सरकार को देश के छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करना चाहिए ताकि उनकी समस्याओं का सही निराकरण हो सके।1
- भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद को स्वच्छ, सुंदर और उसके मूल स्वरूप में वापस लाने के लिए प्रशासन ने 'ब्रज का वैभव' नाम से एक विशेष स्वच्छता अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। मथुरा-वृंदावन में हर रोज लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन और पूजन के लिए आते हैं, जिन्हें यहां आने पर एक स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण मिल सके, इसी उद्देश्य के साथ स्थानीय जनता और तीर्थयात्रियों दोनों के सामूहिक योगदान और श्रमदान पर बल दिया जा रहा है। इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 'सफाई करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि हम गंदगी ही न करें' का सरल और प्रभावी मूल मंत्र दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपने आसपास कचरा न फैलाने, खुद जागरूक रहने और दूसरों को भी प्रेरित करने की अपील की है। अभियान को व्यापक रूप देने के लिए वृंदावन के सभी प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, दुकानों और आश्रमों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है। इस पहल को स्थानीय लोगों और विभिन्न संस्थाओं का पुरजोर समर्थन मिला है। प्रशासन ने इस अभियान को युद्ध स्तर पर लागू कर वृंदावन को पूरी तरह स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प लिया है।4
- मथुरा के मांट क्षेत्र में स्थित नगला भूड़ा गाँव में पिछले 40 वर्षों से विकास का कोई काम नहीं हुआ है। इस लंबे समय के बाद भी गाँव बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। यहाँ सबसे बड़ी समस्या यह है कि गाँव में पानी तो भर जाता है, लेकिन उसकी निकासी के लिए कोई रास्ता नहीं है। विकास के नाम पर इस उपेक्षा और जलभराव की समस्या के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- मथुरा के वृन्दावन में कई युवाओं ने भारतीय किसान क्रांति यूनियन की सदस्यता ग्रहण की है। वृन्दावन क्षेत्र में युवाओं के इस किसान संगठन में शामिल होने की जानकारी मिली है।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा वृंदावन में बने गेस्ट हाउस इन दिनों अय्याशी के अड्डे बने हुए हैं, जहां आए दिन लव जिहाद के मामले देखने को मिल रहे हैं। इसकी जानकारी देते हुए छाया गौतम ने बताया कि यहाँ रोज मुस्लिम लड़के हिंदू लड़कियों के साथ पकड़े जा रहे हैं।1
- मथुरा के थाना छाता कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत मानवता को शर्मसार करने वाला एक वाकया सामने आया है, जहां आधा दर्जन युवक मिलकर एक युवक की बेरहमी से पिटाई करते नजर आ रहे हैं। इस बेरहम पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से लोगों में इस प्रकार के व्यवहार को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है। इस घटना ने लोगों के दिलों से पुलिस का खौफ पूरी तरह निकाल दिया है। हालांकि, पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है, लेकिन अब आने वाला वक्त ही बताएगा कि पुलिस इन आरोपियों पर क्या कार्रवाई करती है।1