उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की किशनी तहसील के सतियाहार (मौजा फरेंजी, थाना किशनी) गांव में प्रशासन की अनदेखी के चलते ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बार-बार शिकायत करने के बाद भी यहां सड़कों और गलियों में कीचड़ भरा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील दिवस पर प्रार्थना पत्र देने के बावजूद तहसील में बैठे अधिकारियों और बाबूओं ने गांव के विकास का पैसा आपस में बंदरबाँट कर लिया। अधिकारियों ने फाइलों में तो पक्की सड़क दिखा दी, लेकिन धरातल पर सारा पैसा खुद डकार गए और गांव में कोई विकास नहीं हुआ। इस भ्रष्टाचार और बदहाली का खामियाजा सीधे तौर पर गांव के बच्चों और मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। रास्ते में कीचड़ होने के कारण बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल नहीं जा पाते हैं और जाते समय कीचड़ में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस सड़क को बनवाने के लिए ग्रामीण कई सालों से प्रयास कर रहे हैं। बरसात के समय हालात इतने गंभीर हो जाते हैं कि बीमार लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और सड़क न होने की वजह से एम्बुलेंस तक नहीं आ पाती, जिसके कारण गर्भवती महिलाओं और मरीजों की मौत तक हो जाती है। ग्रामीणों ने इस बदहाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए गांव में एक बार आकर जमीनी हकीकत देखने की अपील की है, ताकि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और सरकार की नाकामियों की पूरी पोल खुल सके।
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की किशनी तहसील के सतियाहार (मौजा फरेंजी, थाना किशनी) गांव में प्रशासन की अनदेखी के चलते ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बार-बार शिकायत करने के बाद भी यहां सड़कों और गलियों में कीचड़ भरा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील दिवस पर प्रार्थना पत्र देने के बावजूद तहसील में बैठे अधिकारियों और बाबूओं ने गांव के विकास का पैसा आपस में बंदरबाँट कर लिया। अधिकारियों ने फाइलों में तो पक्की सड़क दिखा दी, लेकिन धरातल पर सारा पैसा खुद डकार गए और गांव में कोई विकास नहीं हुआ। इस भ्रष्टाचार और बदहाली का खामियाजा सीधे तौर पर गांव के बच्चों और मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। रास्ते में कीचड़ होने के कारण बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल नहीं जा पाते हैं और जाते समय कीचड़ में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस सड़क को बनवाने के लिए ग्रामीण कई सालों से प्रयास कर रहे हैं। बरसात के समय हालात इतने गंभीर हो जाते हैं कि बीमार लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और सड़क न होने की वजह से एम्बुलेंस तक नहीं आ पाती, जिसके कारण गर्भवती महिलाओं और मरीजों की मौत तक हो जाती है। ग्रामीणों ने इस बदहाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए गांव में एक बार आकर जमीनी हकीकत देखने की अपील की है, ताकि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और सरकार की नाकामियों की पूरी पोल खुल सके।
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की किशनी तहसील के सतियाहार (मौजा फरेंजी, थाना किशनी) गांव में प्रशासन की अनदेखी के चलते ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बार-बार शिकायत करने के बाद भी यहां सड़कों और गलियों में कीचड़ भरा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील दिवस पर प्रार्थना पत्र देने के बावजूद तहसील में बैठे अधिकारियों और बाबूओं ने गांव के विकास का पैसा आपस में बंदरबाँट कर लिया। अधिकारियों ने फाइलों में तो पक्की सड़क दिखा दी, लेकिन धरातल पर सारा पैसा खुद डकार गए और गांव में कोई विकास नहीं हुआ। इस भ्रष्टाचार और बदहाली का खामियाजा सीधे तौर पर गांव के बच्चों और मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। रास्ते में कीचड़ होने के कारण बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल नहीं जा पाते हैं और जाते समय कीचड़ में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस सड़क को बनवाने के लिए ग्रामीण कई सालों से प्रयास कर रहे हैं। बरसात के समय हालात इतने गंभीर हो जाते हैं कि बीमार लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और सड़क न होने की वजह से एम्बुलेंस तक नहीं आ पाती, जिसके कारण गर्भवती महिलाओं और मरीजों की मौत तक हो जाती है। ग्रामीणों ने इस बदहाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए गांव में एक बार आकर जमीनी हकीकत देखने की अपील की है, ताकि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और सरकार की नाकामियों की पूरी पोल खुल सके।1
- कन्नौज जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने 5 अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 4 एटीएम कार्ड और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले में साइबर क्राइम थाना कन्नौज (मु०अ०सं०-08/2026), कोतवाली छिबरामऊ (मु०अ०सं०-294/26) और थाना सौरिख (मु०अ०सं०-292/26) में बीएनएस तथा आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 3 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर या उनके एटीएम कार्ड का उपयोग कर विभिन्न राज्यों से ठगी गई रकम को कन्नौज के बैंक खातों में मंगवाते थे। इसके बाद आरोपी इस राशि को एटीएम के माध्यम से निकाल लेते थे। अब तक की जांच में 13 शिकायतों से संबंधित ₹3,09,270 की साइबर ठगी की धनराशि को एटीएम के जरिए निकालने की पुष्टि हो चुकी है। गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान उज्जवल दुबे और नितिन दुबे (निवासी उधन्नापुर घिलोई, थाना छिबरामऊ), जितेन्द्र सिंह (निवासी पटेल नगर, तालग्राम रोड, थाना छिबरामऊ), राहुल राजपूत (निवासी ढकापुर्वा, थाना सौरिख) और मनीष (निवासी मलिकपुर नादेमऊ, थाना सौरिख) के रूप में हुई है। इस गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में साइबर क्राइम थाना कन्नौज के प्रभारी निरीक्षक ध्यानेन्द्र प्रताप सिंह, निरीक्षक नीरज कुमार, सर्विलांस सेल के निरीक्षक त्रदीप सिंह, उपनिरीक्षक सुबोध कुमार सहाय (थाना सौरिख), उपनिरीक्षक मनुज कुमार (कोतवाली छिबरामऊ), उपनिरीक्षक इमरान खान सहित सर्विलांस व साइबर थाने के मुख्य आरक्षी व आरक्षी शामिल रहे।1
- कन्नौज जिले के छिबरामऊ विकास खंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कुंवरपुर बनवारी में सड़कों पर भीषण जलभराव हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों को वहां से निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव की इस गंभीर समस्या से परेशान ग्रामीणों ने मौके पर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। इसकी सूचना मिलने पर एडीओ रवी प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। वहां फैली गंदगी और भीषण जलभराव को देखकर उन्होंने तत्काल प्रधान प्रतिनिधि शाहिद मंसूरी को जल निकासी और साफ-सफाई कराने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।1
- मैनपुरी में पर्यावरण संरक्षण, मातृ सम्मान और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा आयोजित 'एक पेड़ माँ के नाम' वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत सुदिती ग्लोबल एकेडमी के कक्षा 9 से 12 तक के 1000 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक वृक्षारोपण किया। वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए पौधों को जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थलों पर प्रत्येक विद्यार्थी और शिक्षक ने अपनी-अपनी माता के नाम समर्पित करते हुए रोपित किया। इस अभियान में विद्यालय के वरिष्ठ प्रधानाचार्य डॉ. राम मोहन, प्रशासनिक प्रधानाचार्य डा. कुसुम मोहन, प्रबंध निदेशक डॉ. लव मोहन, प्रधानाचार्य (एकेडमिक) सुप्रिया शर्मा, उपप्रधानाचार्य जय शंकर तिवारी सहित समस्त शिक्षक और शिक्षिकाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ प्रधानाचार्य डॉ. राम मोहन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वृक्ष जीवन का आधार हैं। जिस प्रकार हमारी माँ हमें जन्म देकर हमारा पालन-पोषण करती हैं, उसी प्रकार वृक्ष भी हमें जीवनभर निःस्वार्थ भाव से प्राणवायु, छाया, फल और औषधियाँ प्रदान करते हैं। उन्होंने छात्रों से पौधों को एक जीवित सदस्य की तरह अपनाकर उनकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया। वहीं, प्रबंध निदेशक डॉ. लव मोहन ने कहा कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता केवल वृक्ष लगाना नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखना है। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का सामूहिक संकल्प लिया और जिला प्रशासन व वन विभाग के इस प्रेरणादायी अभियान की सराहना की।3
- इटावा जिले के भरथना में चिम्नी से भरथना कचरा रोड को बनवाने की माँग की गई है। योगी जी से सीधे तौर पर अपील करते हुए इस सड़क का निर्माण कराने की गुहार लगाई गई है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मैनपुरी के श्रीदेवी मेला नुमाइश पंडाल में एक बेहद प्रेरणादायक और ऐतिहासिक आयोजन हुआ, जहां 203 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। इस भव्य आयोजन में सामाजिक समरसता, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली। इस सामूहिक विवाह में कुल 203 जोड़ों में से 189 हिंदू जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार सात फेरे लिए, जबकि 14 मुस्लिम जोड़ों का इस्लामी परंपरा के मुताबिक निकाह कराया गया। इस भव्य समारोह में उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने नवदंपतियों को अपना आशीर्वाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने सरकार की ओर से नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का सामान और विवाह प्रमाण पत्र भी वितरित किए।1
- उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने बलिया में अपने काफिले के सामने हुए विरोध प्रदर्शन के बाद समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर तीखा निशाना साधा है। राजभर ने X पर सीधे अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, "मित्र अखिलेश यादव जी, देख रहे हैं न अपने गुंडों की करतूत। बलिया में सैकड़ों की तादाद में आपके गुंडे मेरे खिलाफ सड़क पर उतर आए, क्योंकि मैं सच लिख रहा हूं और सच आपको पच नहीं रहा।" उन्होंने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए आगे कहा कि सपा की पुरानी मानसिकता हमेशा से गैर-यादव ओबीसी समाज के प्रति हेय दृष्टि रखने की रही है। इस विरोध प्रदर्शन पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने स्पष्ट किया कि वे मुर्दाबाद के नारों और काले कपड़ों से विचलित होने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे उस समाज से हैं जिसके खिलाफ ऐसे नारे पहले भी लगाए जाते रहे हैं और उन्हें काला रंग पसंद है, इसलिए जितना दिखाना है दिखाएं। इस घटना के बाद अब यह सवाल बना हुआ है कि क्या आने वाले चुनावों में यह जुबानी जंग और तेज होगी।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ बैंक गार्ड की ड्यूटी कर रहे एक सिपाही की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।1