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कारगिल हीरो के नाम से विख्यात नायक दिगेंद्र कुमार की कहानी किसी फिल्म के हीरो से कम नहीं है। उन्होंने 48 पाकिस्तानी सैनिकों को मारकर न केवल देश को बड़ी कामयाबी दिलाई बल्कि पांच गोलियां लगने के बावजूद पाकिस्तानी मेजर की ग’र्दन का’टते हुए तोलोलिंग की चोटी पर तिरंगा फहराया। कौन हैं दिगेंद्र सिंह? नायक दिगेंद्र महावीर चक्र विजेता है। उन्होंने करगिल युद्ध के समय जम्मू कश्मीर में तोलोलिंग पहाड़ी की बर्फीली चोटी को पाकिस्तानी घुसपैठियों से आजाद करवाकर 13 जून, 1999 की सुबह तिरंगा लहराते हुए भारत को पहली जीत दिलाई थी। करगिल युद्ध के दौरान दिगेंद्र को 5 गोलियां लगी थीं, फिर भी उन्होंने 48 पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों को मा’र गिराया था। 1985 में राजस्थान राइफल्स में भर्ती हुए दिगेंद्र: 3 जुलाई, 1969 को राजस्थान के सीकर जिले में जन्में दिगेंद्र 1985 में राजस्थान राइफल्स 2 में भर्ती हुए थे। कारगिल युद्ध मे तोलोलिंग पहाड़ी पर कब्जा करना बेहद जरूरी था और इस काम की जिम्मेदारी राजपूताना राइफल्स को सौंपी गई थी। इस पर जनरल मलिक ने राजपूताना राइफल्स की टुकड़ी से तोलोलिंग पहाड़ी को आजाद कराने की योजना पूछी। तब दिगेंद्र ने कहा, मेरे पास एक आइडिया है, जिससे जीत हमें ही मिलेगी। पाकिस्तानी बंकर पर फेंका था हथगोला: हालांकि, ये काम इतना आसान भी नहीं था। क्योंकि पाकिस्तानी सेना ने ऊपर चोटी पर 11 बंकर बना रखे थे। इसके साथ ही पहाड़ी पर पड़ी बर्फ की वजह से उस पर चढ़ना और भी कठिन था। लेकिन बहादुर दिगेंद्र साथियों के साथ दुश्मन के बंकर के पास पहुंच गए। उन्होंने बंकर पर एक हथगोला फेंका, जिससे पहला बंकर ध्वस्त हो गया। हालांकि, इससे पाकिस्तानी सेना अलर्ट हो गई। बुरी तरह जख्मी होने के बाद भी दुश्मन से लड़ते रहे: इसके बाद पाकिस्तान की ओर से जवाबी फायरिंग होने लगी। इस फायरिंग में दिगेंद्र के सीने में तीन गोलियां लगीं। इसके साथ ही उनका एक पैर भी बुरी तरह जख्मी हो गया। लेकिन इसके बाद भी दिगेंद्र ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने जख्मी हालत में ही पाकिस्तान के बाकी बचे 10 बंकरों में 18 हथगोले फेंके और सारे बंकर नष्ट कर दिए। पाकिस्तानी सेना मेजर अनवर खान की उड़ाई गर्’दन: उधर दिगेंद्र कुछ साथियों के साथ आगे बढ़ते रहे और बीच-बीच में स्टेरॉयड युक्त पेनकिलर के इंजेक्शन का इस्तेमाल करते रहे। ऐसा करके दिगेंद्र और उनकी टीम ने पूरे 11 बंकर तबाह कर दिए थे। इस बीच, सुबह चार बजे उनके आखिरी साथी सरदार सुमेर सिंह राठौड़ को भी गोली लग चुकी थी। फिर उसकी एलएमजी लेकर दिगेंद्र पहाड़ी की ओर आगे बढ़े, तब उन्हें रास्ते में पाकिस्तानी सेना मेजर अनवर खान दिखाई दिया। दोनों का आमना-सामना हुआ तो दिगेंद्र एलएमजी से एक ही गोली चला पाए थे, तभी अनवर खान ने उन पर अपनी पिस्तौल से गोली दागी जो दिगेंद्र के कमर के नीचे पांव में लगी। तभी उसकी गोलियां खत्म हो चुकी थी। इसके बाद अनवर ने दिगेंद्र के ऊपर झपट्टा मारा लेकिन दिगेंद्र ने उसका गला पकड़ कर रखा और अपना खंजर निकालकर झटके से उसकी गर्’दन उ’ड़ा दी। इसके बाद दिगेन्द्र लड़खड़ाते हुए ही तोलोलिंग पहाड़ी की चोटी पर पहुंचे और वहां तड़के 4 बजे तिरंगा फहरा दिया। जब वाजपेयी बोले- वाह! मेरे कलियुगी भीम बेटे, तुमने 48 को मारा सवेरा होने वाला था, 13 जून, 1999 को सुबह के साढ़े चार बजे थे। तोलोलिंग की चोटी पर तिरंगा लहराने लगा था। नायक दिगेंद्र अपनी इस जीत से ज्यादा उत्साहित नहीं थे, वे अपने साथियों को खो देने के कारण अंदर से टूट चुके थे। वे गंभीर घायल थे, रो रहे थे। उसके बाद उन्हें कुछ याद नहीं। जब उनकी आंख खुली तो वे श्रीनगर के सैन्य अस्पताल में थे। दिगेंद्र बताते हैं कि उन्हें नहीं पता था कि उन्होंने कितनों को मारा। इसका पता तब चला, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उनकी पीठ थपथपाकर कहा कि वाह मेरे कलियुगी भीम बेटे, तुमने 48 को मारा। दो और मार देते तो हाफ सेंचुरी लग जाती। तुम अभी भी नॉट आउट हो। हालांकि, इसके बाद दिगेंद्र कुमार का उपचार दो-तीन साल तक चलता रहा और बाद में वे अनफिट करार दिए जाने के बाद सेना से रिटायर हो गए। उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें महावीर चक्र से सम्मानित किया। कोबरा दिगेंद्र कुमार देश का वह नायक जिन्हें 30 साल की उम्र में तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने देश दूसरे सबसे बड़े गैलेंट्री अवॉर्ड महावीर चक्र से नवाजा था। कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने अपनी टीम के सहयोग से 48 पाकिस्तानी सैनिकों को मारकर न केवल देश को बड़ी कामयाबी दिलाई बल्कि पांच गोलियां लगने के बावजूद पाकिस्तानी मेजर की ग’र्दन का’टते हुए तोलोलिंग की चोटी पुन: फतह की और 13 जून की प्रभात बेला में तिरंगा लहरा दिया।🇮🇳🇮🇳💐💐 # कारगिल हीरो के नाम से विख्यात नायक दिगेंद्र कुमार की कहानी किसी फिल्म के हीरो से कम नहीं है। उन्होंने 48 पाकिस्तानी सैनिकों को मारकर न केवल देश को बड़ी कामयाबी दिलाई बल्कि पांच गोलियां लगने के बावजूद पाकिस्तानी मेजर की ग’र्दन का’टते हुए तोलोलिंग की चोटी पर तिरंगा फहराया। कौन हैं दिगेंद्र सिंह? नायक दिगेंद्र महावीर चक्र विजेता है। उन्होंने करगिल युद्ध के समय जम्मू कश्मीर में तोलोलिंग पहाड़ी की बर्फीली चोटी को पाकिस्तानी घुसपैठियों से आजाद करवाकर 13 जून, 1999 की सुबह तिरंगा लहराते हुए भारत को पहली जीत दिलाई थी। करगिल युद्ध के दौरान दिगेंद्र को 5 गोलियां लगी थीं, फिर भी उन्होंने 48 पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों को मा’र गिराया था। 1985 में राजस्थान राइफल्स में भर्ती हुए दिगेंद्र: 3 जुलाई, 1969 को राजस्थान के सीकर जिले में जन्में दिगेंद्र 1985 में राजस्थान राइफल्स 2 में भर्ती हुए थे। कारगिल युद्ध मे तोलोलिंग पहाड़ी पर कब्जा करना बेहद जरूरी था और इस काम की जिम्मेदारी राजपूताना राइफल्स को सौंपी गई थी। इस पर जनरल मलिक ने राजपूताना राइफल्स की टुकड़ी से तोलोलिंग पहाड़ी को आजाद कराने की योजना पूछी। तब दिगेंद्र ने कहा, मेरे पास एक आइडिया है, जिससे जीत हमें ही मिलेगी। पाकिस्तानी बंकर पर फेंका था हथगोला: हालांकि, ये काम इतना आसान भी नहीं था। क्योंकि पाकिस्तानी सेना ने ऊपर चोटी पर 11 बंकर बना रखे थे। इसके साथ ही पहाड़ी पर पड़ी बर्फ की वजह से उस पर चढ़ना और भी कठिन था। लेकिन बहादुर दिगेंद्र साथियों के साथ दुश्मन के बंकर के पास पहुंच गए। उन्होंने बंकर पर एक हथगोला फेंका, जिससे पहला बंकर ध्वस्त हो गया। हालांकि, इससे पाकिस्तानी सेना अलर्ट हो गई। बुरी तरह जख्मी होने के बाद भी दुश्मन से लड़ते रहे: इसके बाद पाकिस्तान की ओर से जवाबी फायरिंग होने लगी। इस फायरिंग में दिगेंद्र के सीने में तीन गोलियां लगीं। इसके साथ ही उनका एक पैर भी बुरी तरह जख्मी हो गया। लेकिन इसके बाद भी दिगेंद्र ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने जख्मी हालत में ही पाकिस्तान के बाकी बचे 10 बंकरों में 18 हथगोले फेंके और सारे बंकर नष्ट कर दिए। पाकिस्तानी सेना मेजर अनवर खान की उड़ाई गर्’दन: उधर दिगेंद्र कुछ साथियों के साथ आगे बढ़ते रहे और बीच-बीच में स्टेरॉयड युक्त पेनकिलर के इंजेक्शन का इस्तेमाल करते रहे। ऐसा करके दिगेंद्र और उनकी टीम ने पूरे 11 बंकर तबाह कर दिए थे। इस बीच, सुबह चार बजे उनके आखिरी साथी सरदार सुमेर सिंह राठौड़ को भी गोली लग चुकी थी। फिर उसकी एलएमजी लेकर दिगेंद्र पहाड़ी की ओर आगे बढ़े, तब उन्हें रास्ते में पाकिस्तानी सेना मेजर अनवर खान दिखाई दिया। दोनों का आमना-सामना हुआ तो दिगेंद्र एलएमजी से एक ही गोली चला पाए थे, तभी अनवर खान ने उन पर अपनी पिस्तौल से गोली दागी जो दिगेंद्र के कमर के नीचे पांव में लगी। तभी उसकी गोलियां खत्म हो चुकी थी। इसके बाद अनवर ने दिगेंद्र के ऊपर झपट्टा मारा लेकिन दिगेंद्र ने उसका गला पकड़ कर रखा और अपना खंजर निकालकर झटके से उसकी गर्’दन उ’ड़ा दी। इसके बाद दिगेन्द्र लड़खड़ाते हुए ही तोलोलिंग पहाड़ी की चोटी पर पहुंचे और वहां तड़के 4 बजे तिरंगा फहरा दिया। जब वाजपेयी बोले- वाह! मेरे कलियुगी भीम बेटे, तुमने 48 को मारा सवेरा होने वाला था, 13 जून, 1999 को सुबह के साढ़े चार बजे थे। तोलोलिंग की चोटी पर तिरंगा लहराने लगा था। नायक दिगेंद्र अपनी इस जीत से ज्यादा उत्साहित नहीं थे, वे अपने साथियों को खो देने के कारण अंदर से टूट चुके थे। वे गंभीर घायल थे, रो रहे थे। उसके बाद उन्हें कुछ याद नहीं। जब उनकी आंख खुली तो वे श्रीनगर के सैन्य अस्पताल में थे। दिगेंद्र बताते हैं कि उन्हें नहीं पता था कि उन्होंने कितनों को मारा। इसका पता तब चला, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उनकी पीठ थपथपाकर कहा कि वाह मेरे कलियुगी भीम बेटे, तुमने 48 को मारा। दो और मार देते तो हाफ सेंचुरी लग जाती। तुम अभी भी नॉट आउट हो। हालांकि, इसके बाद दिगेंद्र कुमार का उपचार दो-तीन साल तक चलता रहा और बाद में वे अनफिट करार दिए जाने के बाद सेना से रिटायर हो गए। उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें महावीर चक्र से सम्मानित किया। कोबरा दिगेंद्र कुमार देश का वह नायक जिन्हें 30 साल की उम्र में तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने देश दूसरे सबसे बड़े गैलेंट्री अवॉर्ड महावीर चक्र से नवाजा था। कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने अपनी टीम के सहयोग से 48 पाकिस्तानी सैनिकों को मारकर न केवल देश को बड़ी कामयाबी दिलाई बल्कि पांच गोलियां लगने के बावजूद पाकिस्तानी मेजर की ग’र्दन का’टते हुए तोलोलिंग की चोटी पुन: फतह की और 13 जून की प्रभात बेला में तिरंगा लहरा दिया।🇮🇳🇮🇳💐💐 #

3 hrs ago
user_Jitendra Kumar saini riporter
Jitendra Kumar saini riporter
Local News Reporter बानसूर, अलवर, राजस्थान•
3 hrs ago
7fc32c71-cd44-46db-965f-557d3401364d

कारगिल हीरो के नाम से विख्यात नायक दिगेंद्र कुमार की कहानी किसी फिल्म के हीरो से कम नहीं है। उन्होंने 48 पाकिस्तानी सैनिकों को मारकर न केवल देश को बड़ी कामयाबी दिलाई बल्कि पांच गोलियां लगने के बावजूद पाकिस्तानी मेजर की ग’र्दन का’टते हुए तोलोलिंग की चोटी पर तिरंगा फहराया। कौन हैं दिगेंद्र सिंह? नायक दिगेंद्र महावीर चक्र विजेता है। उन्होंने करगिल युद्ध के समय जम्मू कश्मीर में तोलोलिंग पहाड़ी की बर्फीली चोटी को पाकिस्तानी घुसपैठियों से आजाद करवाकर 13 जून, 1999 की सुबह तिरंगा लहराते हुए भारत को पहली जीत दिलाई थी। करगिल युद्ध के दौरान दिगेंद्र को 5 गोलियां लगी थीं, फिर भी उन्होंने 48 पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों को मा’र गिराया था। 1985 में राजस्थान राइफल्स में भर्ती हुए दिगेंद्र: 3 जुलाई, 1969 को राजस्थान के सीकर जिले में जन्में दिगेंद्र 1985 में राजस्थान राइफल्स 2 में भर्ती हुए थे। कारगिल युद्ध मे तोलोलिंग पहाड़ी पर कब्जा करना बेहद जरूरी था और इस काम की जिम्मेदारी राजपूताना राइफल्स को सौंपी गई थी। इस पर जनरल मलिक ने राजपूताना राइफल्स की टुकड़ी से तोलोलिंग पहाड़ी को आजाद कराने की योजना पूछी। तब दिगेंद्र ने कहा, मेरे पास एक आइडिया है, जिससे जीत हमें ही मिलेगी। पाकिस्तानी बंकर पर फेंका था हथगोला: हालांकि, ये काम इतना आसान भी नहीं था। क्योंकि पाकिस्तानी सेना ने ऊपर चोटी पर 11 बंकर बना रखे थे। इसके साथ ही पहाड़ी पर पड़ी बर्फ की वजह से उस पर चढ़ना और भी कठिन था। लेकिन बहादुर दिगेंद्र साथियों के साथ दुश्मन के बंकर के पास पहुंच गए। उन्होंने बंकर पर एक हथगोला फेंका, जिससे पहला बंकर ध्वस्त हो गया। हालांकि, इससे पाकिस्तानी सेना अलर्ट हो गई। बुरी तरह जख्मी होने के बाद भी दुश्मन से लड़ते रहे: इसके बाद पाकिस्तान की ओर से जवाबी फायरिंग होने लगी। इस फायरिंग में दिगेंद्र के सीने में तीन गोलियां लगीं। इसके साथ ही उनका एक पैर भी बुरी तरह जख्मी हो गया। लेकिन इसके बाद भी दिगेंद्र ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने जख्मी हालत में ही पाकिस्तान के बाकी बचे 10 बंकरों में 18 हथगोले फेंके और सारे बंकर नष्ट कर दिए। पाकिस्तानी सेना मेजर अनवर खान की उड़ाई गर्’दन: उधर दिगेंद्र कुछ साथियों के साथ आगे बढ़ते रहे और बीच-बीच में स्टेरॉयड युक्त पेनकिलर के इंजेक्शन का इस्तेमाल करते रहे। ऐसा करके दिगेंद्र और उनकी टीम ने पूरे 11 बंकर तबाह कर दिए थे। इस बीच, सुबह चार बजे उनके आखिरी साथी सरदार सुमेर सिंह राठौड़ को भी गोली लग चुकी थी। फिर उसकी एलएमजी लेकर दिगेंद्र पहाड़ी की ओर आगे बढ़े, तब उन्हें रास्ते में पाकिस्तानी सेना मेजर अनवर खान दिखाई दिया। दोनों का आमना-सामना हुआ तो दिगेंद्र एलएमजी से एक ही गोली चला पाए थे, तभी अनवर खान ने उन पर अपनी पिस्तौल से गोली दागी जो दिगेंद्र के कमर के नीचे पांव में लगी। तभी उसकी गोलियां खत्म हो चुकी थी। इसके बाद अनवर ने दिगेंद्र के ऊपर झपट्टा मारा लेकिन दिगेंद्र ने उसका गला पकड़ कर रखा और अपना खंजर निकालकर झटके से उसकी गर्’दन उ’ड़ा दी। इसके बाद दिगेन्द्र लड़खड़ाते हुए ही तोलोलिंग पहाड़ी की चोटी पर पहुंचे और वहां तड़के 4 बजे तिरंगा फहरा दिया। जब वाजपेयी बोले- वाह! मेरे कलियुगी भीम बेटे, तुमने 48 को मारा सवेरा होने वाला था, 13 जून, 1999 को सुबह के साढ़े चार बजे थे। तोलोलिंग की चोटी पर तिरंगा लहराने लगा था। नायक दिगेंद्र अपनी इस जीत से ज्यादा उत्साहित नहीं थे, वे अपने साथियों को खो देने के कारण अंदर से टूट चुके थे। वे गंभीर घायल थे, रो रहे थे। उसके बाद उन्हें कुछ याद नहीं। जब उनकी आंख खुली तो वे श्रीनगर के सैन्य अस्पताल में थे। दिगेंद्र बताते हैं कि उन्हें नहीं पता था कि उन्होंने कितनों को मारा। इसका पता तब चला, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उनकी पीठ थपथपाकर कहा कि वाह मेरे कलियुगी भीम बेटे, तुमने 48 को मारा। दो और मार देते तो हाफ सेंचुरी लग जाती। तुम अभी भी नॉट आउट हो। हालांकि, इसके बाद दिगेंद्र कुमार का उपचार दो-तीन साल तक चलता रहा और बाद में वे अनफिट करार दिए जाने के बाद सेना से रिटायर हो गए। उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें महावीर चक्र से सम्मानित किया। कोबरा दिगेंद्र कुमार देश का वह नायक जिन्हें 30 साल की उम्र में तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने देश दूसरे सबसे बड़े गैलेंट्री अवॉर्ड महावीर चक्र से नवाजा था। कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने अपनी टीम के सहयोग से 48 पाकिस्तानी सैनिकों को मारकर न केवल देश को बड़ी कामयाबी दिलाई बल्कि पांच गोलियां लगने के बावजूद पाकिस्तानी मेजर की ग’र्दन का’टते हुए तोलोलिंग की चोटी पुन: फतह की और 13 जून की प्रभात बेला में तिरंगा लहरा दिया।🇮🇳🇮🇳💐💐 # कारगिल हीरो के नाम से विख्यात नायक दिगेंद्र कुमार की कहानी किसी फिल्म के हीरो से कम नहीं है। उन्होंने 48 पाकिस्तानी सैनिकों को मारकर न केवल देश को बड़ी कामयाबी दिलाई बल्कि पांच गोलियां लगने के बावजूद पाकिस्तानी मेजर की ग’र्दन का’टते हुए तोलोलिंग की चोटी पर तिरंगा फहराया। कौन हैं दिगेंद्र सिंह? नायक दिगेंद्र महावीर चक्र विजेता है। उन्होंने करगिल युद्ध के समय जम्मू कश्मीर में तोलोलिंग पहाड़ी की बर्फीली चोटी को पाकिस्तानी घुसपैठियों से आजाद करवाकर 13 जून, 1999 की सुबह तिरंगा लहराते हुए भारत को पहली जीत दिलाई थी। करगिल युद्ध के दौरान दिगेंद्र को 5 गोलियां लगी थीं, फिर भी उन्होंने 48 पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों को मा’र गिराया था। 1985 में राजस्थान राइफल्स में भर्ती हुए दिगेंद्र: 3 जुलाई, 1969 को राजस्थान के सीकर जिले में जन्में दिगेंद्र 1985 में राजस्थान राइफल्स 2 में भर्ती हुए थे। कारगिल युद्ध मे तोलोलिंग पहाड़ी पर कब्जा करना बेहद जरूरी था और इस काम की जिम्मेदारी राजपूताना राइफल्स को सौंपी गई थी। इस पर जनरल मलिक ने राजपूताना राइफल्स की टुकड़ी से तोलोलिंग पहाड़ी को आजाद कराने की योजना पूछी। तब दिगेंद्र ने कहा, मेरे पास एक आइडिया है, जिससे जीत हमें ही मिलेगी। पाकिस्तानी बंकर पर फेंका था हथगोला: हालांकि, ये काम इतना आसान भी नहीं था। क्योंकि पाकिस्तानी सेना ने ऊपर चोटी पर 11 बंकर बना रखे थे। इसके साथ ही पहाड़ी पर पड़ी बर्फ की वजह से उस पर चढ़ना और भी कठिन था। लेकिन बहादुर दिगेंद्र साथियों के साथ दुश्मन के बंकर के पास पहुंच गए। उन्होंने बंकर पर एक हथगोला फेंका, जिससे पहला बंकर ध्वस्त हो गया। हालांकि, इससे पाकिस्तानी सेना अलर्ट हो गई। बुरी तरह जख्मी होने के बाद भी दुश्मन से लड़ते रहे: इसके बाद पाकिस्तान की ओर से जवाबी फायरिंग होने लगी। इस फायरिंग में दिगेंद्र के सीने में तीन गोलियां लगीं। इसके साथ ही उनका एक पैर भी बुरी तरह जख्मी हो गया। लेकिन इसके बाद भी दिगेंद्र ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने जख्मी हालत में ही पाकिस्तान के बाकी बचे 10 बंकरों में 18 हथगोले फेंके और सारे बंकर नष्ट कर दिए। पाकिस्तानी सेना मेजर अनवर खान की उड़ाई गर्’दन: उधर दिगेंद्र कुछ साथियों के साथ आगे बढ़ते रहे और बीच-बीच में स्टेरॉयड युक्त पेनकिलर के इंजेक्शन का इस्तेमाल करते रहे। ऐसा करके दिगेंद्र और उनकी टीम ने पूरे 11 बंकर तबाह कर दिए थे। इस बीच, सुबह चार बजे उनके आखिरी साथी सरदार सुमेर सिंह राठौड़ को भी गोली लग चुकी थी। फिर उसकी एलएमजी लेकर दिगेंद्र पहाड़ी की ओर आगे बढ़े, तब उन्हें रास्ते में पाकिस्तानी सेना मेजर अनवर खान दिखाई दिया। दोनों का आमना-सामना हुआ तो दिगेंद्र एलएमजी से एक ही गोली चला पाए थे, तभी अनवर खान ने उन पर अपनी पिस्तौल से गोली दागी जो दिगेंद्र के कमर के नीचे पांव में लगी। तभी उसकी गोलियां खत्म हो चुकी थी। इसके बाद अनवर ने दिगेंद्र के ऊपर झपट्टा मारा लेकिन दिगेंद्र ने उसका गला पकड़ कर रखा और अपना खंजर निकालकर झटके से उसकी गर्’दन उ’ड़ा दी। इसके बाद दिगेन्द्र लड़खड़ाते हुए ही तोलोलिंग पहाड़ी की चोटी पर पहुंचे और वहां तड़के 4 बजे तिरंगा फहरा दिया। जब वाजपेयी बोले- वाह! मेरे कलियुगी भीम बेटे, तुमने 48 को मारा सवेरा होने वाला था, 13 जून, 1999 को सुबह के साढ़े चार बजे थे। तोलोलिंग की चोटी पर तिरंगा लहराने लगा था। नायक दिगेंद्र अपनी इस जीत से ज्यादा उत्साहित नहीं थे, वे अपने साथियों को खो देने के कारण अंदर से टूट चुके थे। वे गंभीर घायल थे, रो रहे थे। उसके बाद उन्हें कुछ याद नहीं। जब उनकी आंख खुली तो वे श्रीनगर के सैन्य अस्पताल में थे। दिगेंद्र बताते हैं कि उन्हें नहीं पता था कि उन्होंने कितनों को मारा। इसका पता तब चला, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उनकी पीठ थपथपाकर कहा कि वाह मेरे कलियुगी भीम बेटे, तुमने 48 को मारा। दो और मार देते तो हाफ सेंचुरी लग जाती। तुम अभी भी नॉट आउट हो। हालांकि, इसके बाद दिगेंद्र कुमार का उपचार दो-तीन साल तक चलता रहा और बाद में वे अनफिट करार दिए जाने के बाद सेना से रिटायर हो गए। उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें महावीर चक्र से सम्मानित किया। कोबरा दिगेंद्र कुमार देश का वह नायक जिन्हें 30 साल की उम्र में तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने देश दूसरे सबसे बड़े गैलेंट्री अवॉर्ड महावीर चक्र से नवाजा था। कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने अपनी टीम के सहयोग से 48 पाकिस्तानी सैनिकों को मारकर न केवल देश को बड़ी कामयाबी दिलाई बल्कि पांच गोलियां लगने के बावजूद पाकिस्तानी मेजर की ग’र्दन का’टते हुए तोलोलिंग की चोटी पुन: फतह की और 13 जून की प्रभात बेला में तिरंगा लहरा दिया।🇮🇳🇮🇳💐💐 #

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    user_मनीष छावड़ी
    मनीष छावड़ी
    अलवर, अलवर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • खैरथल में महिला सुरक्षा रैली निकाली: 'सशक्त नारी-सुरक्षित समाज' का संदेश दिया, हेल्पलाइन और साइबर सुरक्षा की जानकारी दी खैरथल-तिजारा जिला पुलिस ने जिला मुख्यालय खैरथल पर 'महिला सुरक्षा संकल्प' जागरूकता रैली निकाली। यह रैली महिला सुरक्षा एवं बालिका सशक्तिकरण के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, जिसमें स्कूली बच्चों ने भाग लिया और 'सशक्त नारी-सुरक्षित समाज' का संदेश दिया। रैली सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल से शुरू होकर अम्बेडकर सर्किल पर समाप्त हुई। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां लेकर जनजागरण किया। आईपीएस अधिकारी शिवानी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। महिला सुरक्षा पूरे समाज की जिम्मेदारी मुख्य कार्यक्रम जवाहर नवोदय विद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया, जहाँ दिल्ली पुलिस की आईपीएस शिवानी मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका पर जोर दिया। आईपीएस शिवानी ने उपस्थित महिलाओं और जिले के विभिन्न थानों में तैनात महिला पुलिस कर्मियों को महिला हेल्पलाइन, साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह ने बताया कि जिला पुलिस द्वारा 1 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए महिला सुरक्षा एवं जागरूकता विशेष अभियान का विधिवत समापन किया गया। इस अवसर पर आईपीएस अधिकारी शिवानी, जयपुर मुख्यालय से आरपीएस अधिकारी अदिति और प्रशिक्षु आरपीएस अधिकारी व किशनगढ़ बास थानाधिकारी नेहा मीणा ने एक माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं से संवाद किया और उनके अनुभव साझा किए। अंत में, सभी ने महिला सुरक्षा के प्रति सजग रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इस मौके पर महिला थानाधिकारी नंदलाल जांगिड़ और खैरथल थाना इंचार्ज रामकिशन यादव भी मौजूद रहे।
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    खैरथल में महिला सुरक्षा रैली निकाली:
'सशक्त नारी-सुरक्षित समाज' का संदेश दिया, हेल्पलाइन और साइबर सुरक्षा की जानकारी दी
खैरथल-तिजारा जिला पुलिस ने जिला मुख्यालय खैरथल पर 'महिला सुरक्षा संकल्प' जागरूकता रैली निकाली। यह रैली महिला सुरक्षा एवं बालिका सशक्तिकरण के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, जिसमें स्कूली बच्चों ने भाग लिया और 'सशक्त नारी-सुरक्षित समाज' का 
संदेश दिया।
रैली सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल से शुरू होकर अम्बेडकर सर्किल पर समाप्त हुई। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां लेकर जनजागरण किया। आईपीएस अधिकारी शिवानी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
महिला सुरक्षा पूरे समाज की जिम्मेदारी
मुख्य कार्यक्रम जवाहर नवोदय विद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया, जहाँ दिल्ली पुलिस की आईपीएस शिवानी मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका पर जोर दिया।
आईपीएस शिवानी ने उपस्थित महिलाओं और जिले के विभिन्न थानों में तैनात महिला पुलिस कर्मियों को महिला हेल्पलाइन, साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह ने बताया कि जिला पुलिस द्वारा 1 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए महिला सुरक्षा एवं जागरूकता विशेष अभियान का विधिवत समापन किया गया।
इस अवसर पर आईपीएस अधिकारी शिवानी, जयपुर मुख्यालय से आरपीएस अधिकारी अदिति और प्रशिक्षु
आरपीएस अधिकारी व किशनगढ़ बास थानाधिकारी नेहा मीणा ने एक माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं से संवाद किया और उनके अनुभव साझा किए। अंत में, सभी ने महिला सुरक्षा के प्रति सजग रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
इस मौके पर महिला थानाधिकारी नंदलाल जांगिड़ और खैरथल थाना इंचार्ज रामकिशन यादव भी मौजूद रहे।
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • आज सुबह ग्राम गोकलपुर में मास्टर अभय सिंह यादव धर्मपत्नी श्रीमती सुलोचना यादवसेवानिवृत होकर सुबह वैदिक वेद मत्रों द्वारा यज्ञ प्रवचन का कार्यक्रम रहा यज्ञ के ब्रह्मा रामकृष्ण शास्त्री जी रहे इसमें उनके भाई सुभे सिं ह यादव/श्रीमती अनीता यादव/बेटा अजय यादव/श्रीमती अंजू यादव/वह परिवार के लोग शामिल हुए उसके बाद हरी महल बरडोद मैं भोजन व्यवस्था रही।
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    आज सुबह ग्राम गोकलपुर में मास्टर अभय सिंह यादव धर्मपत्नी श्रीमती सुलोचना यादवसेवानिवृत होकर सुबह वैदिक वेद मत्रों द्वारा यज्ञ प्रवचन का कार्यक्रम रहा यज्ञ के ब्रह्मा रामकृष्ण शास्त्री जी रहे इसमें उनके भाई सुभे सिं ह यादव/श्रीमती अनीता यादव/बेटा अजय यादव/श्रीमती अंजू यादव/वह परिवार के लोग शामिल हुए उसके बाद हरी महल बरडोद मैं भोजन व्यवस्था रही।
    user_Om Parkash
    Om Parkash
    Local News Reporter अटेली, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    16 hrs ago
  • अलवर लोकसभा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा अलवर विकास के लिए किया जा रहे विकास कार्यों की गाथा किसी से छुपी नहीं है। क्षेत्र की तमाम लेटेस्ट अपडेट जानने के लिए कृपा हमारे चैनल को लाइक शेयर और फॉलो करना ना भूले धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम आपका दिन शुभ और मंगलमय हो
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    अलवर लोकसभा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा अलवर विकास के लिए किया जा रहे विकास कार्यों की गाथा किसी से छुपी नहीं है।
क्षेत्र की तमाम लेटेस्ट अपडेट जानने के लिए कृपा हमारे चैनल को लाइक शेयर और फॉलो करना ना भूले धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम आपका दिन शुभ और मंगलमय हो
    user_संजय कुमार बंसल डिजिटल मीडिया
    संजय कुमार बंसल डिजिटल मीडिया
    Local News Reporter तिजारा, अलवर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • *पीएम मोदी बोले- जंतर-मंतर पर मुझे, मेरी मां को गालियां दीं:* *पीएम मोदी बोले- जंतर-मंतर पर मुझे, मेरी मां को गालियां दीं:* दुनिया ने सब देखा; ये गुमराह बच्चे, इन्हें राह दिखाने का समय, मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं
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    *पीएम मोदी बोले- जंतर-मंतर पर मुझे, मेरी मां को गालियां दीं:*
*पीएम मोदी बोले- जंतर-मंतर पर मुझे, मेरी मां को गालियां दीं:* दुनिया ने सब देखा; ये गुमराह बच्चे, इन्हें राह दिखाने का समय, मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं
    user_LOVEEN SAINI
    LOVEEN SAINI
    शाहपुरा, जयपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • हरियाणा में मौसम में बड़ा बदलाव देखिए 1 अगस्त 2026 हरियाणा में मौसम में बड़ा बदलाव देखिए 1 अगस्त 2026
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    हरियाणा  में  मौसम में बड़ा बदलाव देखिए 

1  अगस्त  2026
हरियाणा  में  मौसम में बड़ा बदलाव देखिए 
1  अगस्त  2026
    user_Rajbala
    Rajbala
    Local News Reporter रेवाड़ी, रेवाड़ी, हरियाणा•
    13 hrs ago
  • Post by Dainik news Haryana live
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    Post by Dainik news Haryana live
    user_Dainik news Haryana live
    Dainik news Haryana live
    Local News Reporter महेंद्रगढ़, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    59 min ago
  • रेवाड़ी पुलिस ने अंतरराज्यीय पशु चोर गीरहो का किया पर्दाफाश 3 लोग गिरफ्तार। रेवाड़ी ,महेंद्रगढ़, हरियाणा समाचार।
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    रेवाड़ी पुलिस ने अंतरराज्यीय पशु चोर गीरहो का किया पर्दाफाश 3 लोग गिरफ्तार।
रेवाड़ी ,महेंद्रगढ़, हरियाणा समाचार।
    user_Haryana  breaking news
    Haryana breaking news
    Local News Reporter महेंद्रगढ़, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    2 hrs ago
  • ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा से पहले तावडू में पुलिस का फ्लैग मार्च, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा नूंह जिला में 3 अगस्त को प्रस्तावित ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा को लेकर तावडू में डीएसपी अभिमन्यु लोहान के नेतृत्व में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च के दौरान तावडू शहर, सदर थाना और मोहम्मदपुर अहीर थाना क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने, सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने और भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। डीएसपी ने आमजन से शांति बनाए रखने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की।
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    ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा से पहले तावडू में पुलिस का फ्लैग मार्च, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
नूंह जिला में 3 अगस्त को प्रस्तावित ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा को लेकर तावडू में डीएसपी अभिमन्यु लोहान के नेतृत्व में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च के दौरान तावडू शहर, सदर थाना और मोहम्मदपुर अहीर थाना क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने, सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने और भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। डीएसपी ने आमजन से शांति बनाए रखने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की।
    user_Mk
    Mk
    नूंह, नूंह, हरियाणा•
    4 hrs ago
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