बीकानेर शहर में हजरत इमाम हुसैन की याद में मोहर्रम महीने की सात तारीख, रविवार शाम को अलम का जुलूस ढोल और अखाड़ों के साथ निकाला गया। इसमें शहर के विभिन्न मुस्लिम मोहल्लों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जहां अखाड़ों के उस्तादों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। यह जुलूस दो पीर रोड पर हुसैनी मस्जिद, महावतों की गली से शुरू होकर दाऊजी मंदिर रोड स्थित नौगजा पीर की दरगाह पहुंचा। यहां ढोल-ताशों और अखाड़ों के उस्ताद खलीफाओं ने नौगजा पीर बाबा को सलाम पेश किया, जिसके बाद जुलूस अपने मूल स्थानों पर लौट गया। जुलूस लौटने के बाद, ताजियादारों ने परंपरा के अनुसार मोहर्रम की सात तारीख के मुताबिक इमामबाड़ों के आगे चौकियों पर मोहर्रम का एक रोजा रखा, जिसके सामने मेहंदी रखी गई, सीरनी चढ़ाई गई और दीपक जलाए गए। इसी बीच, मोहर्रम के आगामी कार्यक्रमों के लिए मुस्लिम समाज के विभिन्न मोहल्लों में रंग-बिरंगे और कलात्मक ताजियों का निर्माण जोर-शोर से चल रहा है। इनमें मदिना मस्जिद के पीछे स्थित मोहल्ला चौपदार के शाकिर हुसैन चौपदार विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं, जो पिछले 30 सालों से गत्ते और बांस का उपयोग करके कलात्मक ताजिये बना रहे हैं। प्रमुख ताजिये मोहल्ला उस्तान, चढवान, चुड़ीघरान, दमामीयान, गुजर्रान, धोबी तलाईयान, चूनगरान, हमालान, पींजारान, न्यारियान, माहवतान, सिक्कों का मोहल्ला, डीडू सिपाहियान, छींपों, कस्साईयान, गैरसरियान, पजाबगिरान, मुस्लिम नाईयान और कुचीलपुरान से हैं। यहां मुस्लिम सेवादार और कारीगर ताजियों को अंतिम रूप देने में पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं। यह भी बताया गया है कि मोहर्रम के मुख्य जुलूस आगामी ........ की शाम निकाले जाएंगे और उसके अगले दिन ....... को इन ताजियों को विभिन्न करबला में ठण्डा किया जाएगा।
बीकानेर शहर में हजरत इमाम हुसैन की याद में मोहर्रम महीने की सात तारीख, रविवार शाम को अलम का जुलूस ढोल और अखाड़ों के साथ निकाला गया। इसमें शहर के विभिन्न मुस्लिम मोहल्लों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जहां अखाड़ों के उस्तादों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। यह जुलूस दो पीर रोड पर हुसैनी मस्जिद, महावतों की गली से शुरू होकर दाऊजी मंदिर रोड स्थित नौगजा पीर की दरगाह पहुंचा। यहां ढोल-ताशों और अखाड़ों के उस्ताद खलीफाओं ने नौगजा पीर बाबा को सलाम पेश किया, जिसके बाद जुलूस अपने मूल स्थानों पर लौट गया। जुलूस लौटने के बाद, ताजियादारों ने परंपरा के अनुसार मोहर्रम की सात तारीख के मुताबिक इमामबाड़ों के आगे चौकियों पर मोहर्रम का एक रोजा रखा, जिसके सामने मेहंदी रखी गई, सीरनी चढ़ाई गई और दीपक जलाए गए। इसी बीच, मोहर्रम के आगामी कार्यक्रमों के लिए मुस्लिम समाज के विभिन्न मोहल्लों में रंग-बिरंगे और कलात्मक ताजियों का निर्माण जोर-शोर से चल रहा है। इनमें मदिना मस्जिद के पीछे स्थित मोहल्ला चौपदार के शाकिर हुसैन चौपदार विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं, जो पिछले 30 सालों से गत्ते और बांस का उपयोग करके कलात्मक ताजिये बना रहे हैं। प्रमुख ताजिये मोहल्ला उस्तान, चढवान, चुड़ीघरान, दमामीयान, गुजर्रान, धोबी तलाईयान, चूनगरान, हमालान, पींजारान, न्यारियान, माहवतान, सिक्कों का मोहल्ला, डीडू सिपाहियान, छींपों, कस्साईयान, गैरसरियान, पजाबगिरान, मुस्लिम नाईयान और कुचीलपुरान से हैं। यहां मुस्लिम सेवादार और कारीगर ताजियों को अंतिम रूप देने में पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं। यह भी बताया गया है कि मोहर्रम के मुख्य जुलूस आगामी ........ की शाम निकाले जाएंगे और उसके अगले दिन ....... को इन ताजियों को विभिन्न करबला में ठण्डा किया जाएगा।
- बीकानेर शहर में हजरत इमाम हुसैन की याद में मोहर्रम महीने की सात तारीख, रविवार शाम को अलम का जुलूस ढोल और अखाड़ों के साथ निकाला गया। इसमें शहर के विभिन्न मुस्लिम मोहल्लों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जहां अखाड़ों के उस्तादों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। यह जुलूस दो पीर रोड पर हुसैनी मस्जिद, महावतों की गली से शुरू होकर दाऊजी मंदिर रोड स्थित नौगजा पीर की दरगाह पहुंचा। यहां ढोल-ताशों और अखाड़ों के उस्ताद खलीफाओं ने नौगजा पीर बाबा को सलाम पेश किया, जिसके बाद जुलूस अपने मूल स्थानों पर लौट गया। जुलूस लौटने के बाद, ताजियादारों ने परंपरा के अनुसार मोहर्रम की सात तारीख के मुताबिक इमामबाड़ों के आगे चौकियों पर मोहर्रम का एक रोजा रखा, जिसके सामने मेहंदी रखी गई, सीरनी चढ़ाई गई और दीपक जलाए गए। इसी बीच, मोहर्रम के आगामी कार्यक्रमों के लिए मुस्लिम समाज के विभिन्न मोहल्लों में रंग-बिरंगे और कलात्मक ताजियों का निर्माण जोर-शोर से चल रहा है। इनमें मदिना मस्जिद के पीछे स्थित मोहल्ला चौपदार के शाकिर हुसैन चौपदार विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं, जो पिछले 30 सालों से गत्ते और बांस का उपयोग करके कलात्मक ताजिये बना रहे हैं। प्रमुख ताजिये मोहल्ला उस्तान, चढवान, चुड़ीघरान, दमामीयान, गुजर्रान, धोबी तलाईयान, चूनगरान, हमालान, पींजारान, न्यारियान, माहवतान, सिक्कों का मोहल्ला, डीडू सिपाहियान, छींपों, कस्साईयान, गैरसरियान, पजाबगिरान, मुस्लिम नाईयान और कुचीलपुरान से हैं। यहां मुस्लिम सेवादार और कारीगर ताजियों को अंतिम रूप देने में पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं। यह भी बताया गया है कि मोहर्रम के मुख्य जुलूस आगामी ........ की शाम निकाले जाएंगे और उसके अगले दिन ....... को इन ताजियों को विभिन्न करबला में ठण्डा किया जाएगा।1
- ऑस्ट्रेलिया से भारत यात्रा पर आए एक युवक की कहानी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बन गई है। बताया जा रहा है कि इस ऑस्ट्रेलियाई युवक के भारत दौरे के दौरान उसके पासपोर्ट और अन्य सभी जरूरी दस्तावेज या तो खो गए या चोरी हो गए, जिसके बाद वह गंभीर आर्थिक संकट में फंस गया। हालात इतने बदतर हो गए कि उसे अपना गुजारा चलाने के लिए मजदूरी करनी पड़ी। यह पूरी घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। वायरल हुई इस खबर के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन ने उसकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया। हालांकि, सोशल मीडिया पर चल रही इन सभी जानकारियों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी, यह घटना विदेश यात्रा के दौरान दस्तावेजों की सुरक्षा और किसी भी आपात स्थिति में मिलने वाली सहायता के महत्व को बखूबी उजागर करती है।1
- वार्ड नंबर 41 के बंदरा बास क्षेत्र में गंदा पानी इकट्ठा हो गया है, जिसे एक समस्या के रूप में उजागर किया गया है। यह जमा हुआ पानी विशेष तौर पर सावला की तलाई और गुर्जरों के मोहल्ले में देखा जा सकता है।1
- मंगलवार को कोलायत थाना परिसर में थानास्तरीय सीएलजी (कम्युनिटी लायजन ग्रुप) सदस्यों, ग्राम रक्षकों और आमजन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न करवाने, साइबर अपराधों से बचाव तथा यातायात नियमों की पालना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बदलते समय के साथ साइबर अपराधों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है। उन्होंने आमजन से किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन के दौरान अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, यातायात नियमों की पालना पर भी विशेष जोर दिया गया, जिसमें दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता को ही दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। आगामी मोहर्रम पर्व के दौरान आपसी भाईचारा, शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी समुदायों से सहयोग की अपील की गई। इस पर सीएलजी सदस्यों और ग्राम रक्षकों ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया। बैठक में एएसआई लखपत सिंह, जयसिंह और लक्ष्मणराम के साथ-साथ सीएलजी सदस्य, समाजसेवी खियाराम सैन, सुंदरलाल कांटिया, कन्हैयालाल सांखी, बीरबल भाट, तथा कोलायत थाना क्षेत्र के मड़, कोटड़ी, गुड़ा, सांखला सहित विभिन्न गांवों के ग्रामीण और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- बीकानेर के श्री डूंगरगढ़ में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे नोट मिले, जिन्हें देखकर वे खुद भी हैरान रह गए। असली नोटों के साथ कूट रचित नोट भी बरामद हुए, जो वास्तव में सिर्फ कागज के टुकड़े थे। पुलिस ने इन दो आरोपियों को दबोच लिया है।1
- पादूकलां कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को मोहर्रम के अवसर पर मेहंदी की रात अत्यंत श्रद्धा, अकीदत और धार्मिक उत्साह के साथ मनाई गई। इस दौरान विभिन्न इमामबाड़ों में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने पारंपरिक रस्मों के तहत मेहंदी चढ़ाकर परिवार की खुशहाली, अमन-चैन और बरकत के लिए दुआएं मांगी। मदीना मस्जिद, नूरानी मस्जिद, कादरी मस्जिद एवं मदरसा क्षेत्र सहित कई स्थानों पर धार्मिक माहौल देखने को मिला। इमामबाड़ों को आकर्षक रोशनी और सजावट से भव्य रूप दिया गया था, जहां देर रात तक श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की भारी आवाजाही बनी रही, जिन्होंने उत्साहपूर्वक कार्यक्रमों में भाग लिया। इस अवसर पर मौलाना हाजी साबिर हुसैन (मदीना मस्जिद), मौलाना राशिद अहमद साहब (नूरानी मस्जिद), मौलाना अब्दुल रहमान साहब (कादरी मस्जिद) और मौलाना अल्ताफ हुसैन (मदरसा) ने मोहर्रम को त्याग, बलिदान, सब्र और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व बताया। मौलाना हाजी साबिर हुसैन ने समाज में आपसी भाईचारा, प्रेम और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का आह्वान भी किया। मोहर्रम की मेहंदी की रात मुस्लिम समुदाय की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में से एक है, जिस दौरान श्रद्धालु हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद कर अपनी अकीदत पेश करते हैं। धार्मिक जानकारों के अनुसार, यह आयोजन नई पीढ़ी को कर्बला के बलिदान और उसके संदेश से जोड़ने के साथ-साथ समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम भी है।2
- महाराष्ट्र में एक निर्माणाधीन हनुमान मंदिर की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस घटना में लगभग 25 लोग घायल भी बताए जा रहे हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, जब मंदिर परिसर में निर्माण कार्य चल रहा था, तभी अचानक निर्माणाधीन छत भरभराकर नीचे गिर गई। छत गिरने से वहां मौजूद लोग मलबे के नीचे दब गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया, जिसके बाद सूचना मिलने पर पुलिस, प्रशासन और बचाव दल भी घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने मलबा हटाकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला और राहत एवं बचाव कार्य देर तक जारी रहा। इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें छत गिरने का पूरा घटनाक्रम कैद हुआ है। यह वीडियो सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं, और अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की गहन पड़ताल की जाएगी तथा लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।1
- लखनऊ के अलीगंज इलाके में मंगलवार दोपहर एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इमारत के दूसरे तल पर संचालित कोचिंग सेंटर में मौजूद कई छात्र इस आग की चपेट में आ गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में 6 लोगों की मौत की खबर है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस भीषण अग्निकांड से जुड़े वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।1