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शिक्षक के स्थानांतरण पर भड़के ग्रामीण, बीआरसी का किया घेराव,पप्पू यादव को विद्यालय में वापस भेजने की मांग सिद्धार्थनगर जिले के विकास खंड शोहरतगढ़ के प्राथमिक विद्यालय नकथर में तैनात सहायक अध्यापक पप्पू यादव का दूसरे ब्लॉक में स्थानांतरण किए जाने के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों, अभिभावकों और स्कूली बच्चों का आक्रोश सामने आया। शिक्षक के स्थानांतरण से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों और बच्चों ने खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय पहुंचकर घेराव किया और स्थानांतरण निरस्त कर शिक्षक को पुन: विद्यालय में तैनात करने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षक पप्पू यादव विद्यालय में पूरी निष्ठा और लगन के साथ कार्य कर रहे थे। उनके प्रयास से विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था में सुधार के साथ ही बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई के स्तर में भी बदलाव आया है। ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षक ने विद्यालय के भौतिक परिवेश को बेहतर बनाने तथा बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए भी लगातार प्रयास किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिक्षक का स्थानांतरण द्वेष की भावना से किया गया है। उनका कहना था कि विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान दे रहे शिक्षक को हटाए जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी से मांग की कि पप्पू यादव का स्थानांतरण तत्काल निरस्त कर उन्हें प्राथमिक विद्यालय नकथर में ही तैनात किया जाए। बीआरसी कार्यालय पर ग्रामीणों और बच्चों की भीड़ जुटने से काफी देर तक माहौल गरम रहा। घेराव की सूचना पर खंड शिक्षा अधिकारी ने ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। उन्होंने ग्रामीणों की मांग को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने अपनी मांगों के संबंध में अधिकारियों को ज्ञापन देने की बात कही।

6 hrs ago
user_पत्रकारिता
पत्रकारिता
Local News Reporter बंसी, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

शिक्षक के स्थानांतरण पर भड़के ग्रामीण, बीआरसी का किया घेराव,पप्पू यादव को विद्यालय में वापस भेजने की मांग सिद्धार्थनगर जिले के विकास खंड शोहरतगढ़ के प्राथमिक विद्यालय नकथर में तैनात सहायक अध्यापक पप्पू यादव का दूसरे ब्लॉक में स्थानांतरण किए जाने के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों, अभिभावकों और स्कूली बच्चों का आक्रोश सामने आया। शिक्षक के स्थानांतरण से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों और बच्चों ने खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय पहुंचकर घेराव किया और स्थानांतरण निरस्त कर शिक्षक को पुन: विद्यालय में तैनात करने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षक पप्पू यादव विद्यालय में पूरी निष्ठा और लगन के साथ कार्य कर रहे थे। उनके प्रयास से विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था में सुधार के साथ ही बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई के स्तर में भी बदलाव आया है। ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षक ने विद्यालय के भौतिक परिवेश को बेहतर बनाने तथा बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए भी लगातार प्रयास किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिक्षक का स्थानांतरण द्वेष की भावना से किया गया है। उनका कहना था कि विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान दे रहे शिक्षक को हटाए जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी से मांग की कि पप्पू यादव का स्थानांतरण तत्काल निरस्त कर उन्हें प्राथमिक विद्यालय नकथर में ही तैनात किया जाए। बीआरसी कार्यालय पर ग्रामीणों और बच्चों की भीड़ जुटने से काफी देर तक माहौल गरम रहा। घेराव की सूचना पर खंड शिक्षा अधिकारी ने ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। उन्होंने ग्रामीणों की मांग को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने अपनी मांगों के संबंध में अधिकारियों को ज्ञापन देने की बात कही।

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  • *यूपी: लखीमपुर खीरी* में एक शख्स खेत में चारा काट रहा था। अचानक युवक पर अजगर ने हमला कर दिया और युवक के दोनों हाथ और गर्दन को अजगर ने बुरी तरह जकड़ लिया। आसपास खेतों में काम कर रहे मजदूरों ने किसी तरह युवक को अजगर के चंगुल से मुक्त कराया। *यूपी: लखीमपुर खीरी* में एक शख्स खेत में चारा काट रहा था। अचानक युवक पर अजगर ने हमला कर दिया और युवक के दोनों हाथ और गर्दन को अजगर ने बुरी तरह जकड़ लिया। आसपास खेतों में काम कर रहे मजदूरों ने किसी तरह युवक को अजगर के चंगुल से मुक्त कराया।
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    *यूपी: लखीमपुर खीरी* में एक शख्स खेत में चारा काट रहा था। अचानक युवक पर अजगर ने हमला कर दिया और युवक के दोनों हाथ और गर्दन को अजगर ने बुरी तरह जकड़ लिया। आसपास खेतों में काम कर रहे मजदूरों ने किसी तरह युवक को अजगर के चंगुल से मुक्त कराया।
*यूपी: लखीमपुर खीरी* में एक शख्स खेत में चारा काट रहा था। अचानक युवक पर अजगर ने हमला कर दिया और युवक के दोनों हाथ और गर्दन को अजगर ने बुरी तरह जकड़ लिया। आसपास खेतों में काम कर रहे मजदूरों ने किसी तरह युवक को अजगर के चंगुल से मुक्त कराया।
    user_Mulayam Singh Yadav
    Mulayam Singh Yadav
    Newspaper publisher शोहरतगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • हिंदू रक्षा दल के पदाधिकारियों बड़ा आरोप, होटल संचालक के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने पर धरने पर बैठने की चेतावनी? #mahararagnj #Police #NewsUpdate #vairalvideo #hotel
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    हिंदू रक्षा दल के पदाधिकारियों बड़ा आरोप,

होटल संचालक के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने पर धरने पर बैठने की चेतावनी? 

#mahararagnj 
#Police 
#NewsUpdate 
#vairalvideo 
#hotel
    user_R K SINGH Y
    R K SINGH Y
    News Anchor फरेन्दा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • *आज दिनाँक 22.09.2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्रान्तर्गत भगठान उर्फ गोसाईपुर में एक व्यक्ति को मारपीट कर घायल करने एवं उपचार के दौरान उक्त घायल व्यक्ति की मृत्यु हो जाने व पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा दी गई बाईट ।*
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    *आज दिनाँक 22.09.2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्रान्तर्गत भगठान उर्फ गोसाईपुर में एक व्यक्ति को मारपीट कर घायल करने एवं उपचार के दौरान उक्त घायल व्यक्ति की मृत्यु हो जाने व पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा दी गई बाईट ।*
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    4 hrs ago
  • बिस्मिल के अंतिम विचारों, उनके जीवन-संदेश और आज के युवाओं के लिए उनकी प्रासंगिकता पर विशेष संवाद। रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी वर्ष को राष्ट्रव्यापी अभियान बनाने की तैयारी, गोरखपुर में तीन दिवसीय आयोजन की रूपरेखा तैयार गोरखपुर। महान क्रांतिकारी रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ के बलिदान के शताब्दी वर्ष के अवसर पर वर्ष 2026-27 को राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में मनाने की तैयारी शुरू हो गई है। क्रांतिवीर रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी वर्ष का आधिकारिक प्रथम चरण तीन दिवसीय कार्यक्रम के रूप में गोरखपुर में आयोजित करने की कार्यनीति बनाई गई है। रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी वर्ष 17 दिसंबर 2026 से 19 दिसंबर 2027 तक मनाने का संकल्प लिया गया है। इसका आधिकारिक पोस्टर नगर निगम सभागार में जारी कर दिया गया। महुआ डाबर संग्रहालय की ओर से इस अवसर को महज औपचारिक स्मरण तक सीमित न रखते हुए इसे राष्ट्रीय जन-अभियान का स्वरूप देने का आह्वान किया गया है। आयोजकों का कहना है कि बिस्मिल की प्रखर राष्ट्रभक्ति, सामाजिक न्याय, साहस, त्याग और देश के प्रति समर्पण के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना इस शताब्दी वर्ष का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। क्रांतिवीर रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी समारोह समिति के संयोजक अविनाश कुमार गुप्ता ने तीन दिवसीय आयोजन की रूपरेखा इस प्रकार बताई है। 17–19 दिसंबर 2026 | गोरखपुर पहला दिन — 17 दिसंबर 2026, गुरुवार प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक - 1857 से 1947 तक स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ शताब्दी वर्ष का उद्घाटन। - अमर शहीद राजेंद्रनाथ लाहिड़ी के शहादत दिवस पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए जाएंगे। - काकोरी केस से संबंधित दुर्लभ दस्तावेजों एवं ऐतिहासिक सामग्री पर आधारित विशेष दस्तावेजी प्रदर्शनी का उद्घाटन। प्रथम सत्र रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ और मातृवेदी दल। द्वितीय सत्र ‘सरफरोशी की तमन्ना’ पर संवाद। इसके साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें— - ‘रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ और आज का भारत’ विषय पर छात्रों की निबंध प्रतियोगिता। - पेंटिंग प्रतियोगिता। - छात्र संसद। - युवाओं की देशभक्ति पर स्वरचित कविता-पाठ प्रतियोगिता। दूसरा दिन — 18 दिसंबर 2026, शुक्रवार प्रातः 8 बजे से शाम 5 बजे तक - हेरिटेज वॉक। - सांस्कृतिक प्रस्तुतियां। प्रथम सत्र बिस्मिल जी के व्यक्तित्व, विचारों और उनके साथियों के साथ संबंधों पर संवाद। द्वितीय सत्र रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ के जीवन, संघर्ष और क्रांतिकारी यात्रा पर आधारित दस्तावेजी फिल्म का लोकार्पण। तृतीय सत्र दास्तानगोई — ‘काकोरी नायकों के अनसुने किस्से’। इसके बाद— - काकोरी केस के महानायकों को मशाल सलामी। - राष्ट्रीय दीपदान कार्यक्रम। तीसरा दिन — 19 दिसंबर 2026, शनिवार प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक - प्रातः ऐतिहासिक फांसी घर के सामने स्थापित अमर शहीद रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ की प्रतिमा पर माल्यार्पण। - दो मिनट का मौन। - शस्त्र सलामी के साथ शहीद को राजकीय सम्मान। NCC कैडेट्स, युवाओं और सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों की सहभागिता से देशभक्ति गीतों के साथ प्रभात फेरी निकाली जाएगी। प्रथम सत्र रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ की आत्मकथा के पुनर्प्रकाशित संस्करण का विमोचन तथा उनके साहित्य और विचारों पर संवाद। द्वितीय सत्र बिस्मिल के अंतिम विचारों, उनके जीवन-संदेश और आज के युवाओं के लिए उनकी प्रासंगिकता पर विशेष संवाद। इसके अतिरिक्त— - रक्तदान शिविर। - शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के वार्षिक कैलेंडर का लोकार्पण। - सूचना विवरणिका का विमोचन। - संकल्प सभा। - विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्रों को पुरस्कार वितरण। - सहभोज कार्यक्रम। महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राना ने जोर देते हुए कहा कि काकोरी केस से जुड़े अमर शहीद राजेंद्रनाथ लाहिड़ी, रामप्रसाद ‘बिस्मिल’, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह के जीवन और विचारों को केंद्र में रखकर युवाओं में राष्ट्रभाव, साहस, एकता और त्याग की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया है। बलिदान शताब्दी वर्ष के लिए तैयार प्रस्ताव में रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ शोध पीठ की स्थापना, गोरखपुर विश्वविद्यालय के सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को ‘अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल स्वर्ण पदक’ देने और शताब्दी वर्ष को ‘राष्ट्रीय एकता वर्ष’ घोषित करने की मांग की गई है। गोरखपुर के मुख्य बस स्टेशन का नाम बिस्मिल के नाम पर रखने, 19 दिसंबर को बलिदान दिवस पर उन्हें शस्त्र-सलामी के साथ राजकीय सम्मान देने तथा शताब्दी वर्ष को सरकारी कैलेंडर में दर्ज करने का भी प्रस्ताव है। गोरखपुर जेल के फांसी स्थल पर प्रतिदिन दीपदान की व्यवस्था करने की मांग भी रखी गई है। प्रस्ताव में बिस्मिल के बलिदान के 100 वर्ष पूरे होने पर 100 रुपये का विशेष स्मारक सिक्का, विशेष डाक टिकट और प्रथम दिवस आवरण जारी करने की मांग की गई है। गोरखपुर जेल की मिट्टी से देश के 100 स्थानों पर ‘शताब्दी स्मारक उपवन’ विकसित करने और प्रत्येक स्थान पर 100 फलदार पौधे लगाने का सुझाव दिया गया है। भारतीय संसद के शीतकालीन सत्र में चारों काकोरी शहीदों को सर्वदलीय श्रद्धांजलि देने तथा सूचना एवं प्रसारण और संस्कृति मंत्रालय की ओर से ‘बलिदान एक्सप्रेस’ नाम से विशेष प्रदर्शनी ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भी शामिल है। महुआ डाबर संग्रहालय में काकोरी केस के नायकों पर विशेष दस्तावेजी प्रदर्शनी लगाने, बिस्मिल की आत्मकथा, लेख, कविताओं, पत्रों और मुकदमे की कार्यवाहियों का हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रकाशन कराने की मांग की गई है। दुर्लभ तस्वीरों और दस्तावेजों का डिजिटल मेमोरियल आर्काइव तथा 3D-VR आर्काइव बनाने, दूरदर्शन और आकाशवाणी पर विशेष कार्यक्रम प्रसारित करने और विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय संगोष्ठियों, कविता-पाठ, वाद-विवाद तथा निबंध प्रतियोगिताओं के आयोजन का सुझाव दिया गया है। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा और भारतेन्दु नाट्य अकादमी के माध्यम से बिस्मिल के जीवन पर आधारित नाटकों का विभिन्न भाषाओं में मंचन, पाठ्यपुस्तकों में उनके जीवन पर विशेष अध्याय, स्वतंत्रता संग्राम के नायकों पर शोध करने वाले विद्यार्थियों के लिए ‘शहीद स्कॉलरशिप’ और देश के प्रमुख कलाकारों के सहयोग से ‘शताब्दी गीत’ तैयार करने का प्रस्ताव भी है। बच्चों के लिए ग्राफिक कॉमिक्स, उपन्यास और बाल फिल्मों के निर्माण, चित्रकला प्रदर्शनियों, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सोशल मीडिया हैशटैग अभियान और क्विज ऐप की शुरुआत पर भी जोर दिया गया है। डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म, पॉडकास्ट और वेब सीरीज के जरिए बिस्मिल के जीवन और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की योजना का सुझाव दिया गया है। शताब्दी वर्ष के दौरान रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर, बलिदान की पूर्व संध्या पर देशभर में दीपदान, NSS, स्काउट और NCC कैडेट्स की प्रभात फेरियां आयोजित करने का भी प्रस्ताव है। गोरखपुर, गोंडा, अयोध्या, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, शाहजहांपुर, आगरा, बरेली, मेरठ, मैनपुरी, इटावा, मुरैना और ग्वालियर सहित विभिन्न शहरों में ‘बलिदान ज्योति गौरव यात्राएं’ निकालने, युवाओं के लिए एकता-बंधुता शिविर एवं सहभोज आयोजित करने और ‘चंबल मैराथन’ की तर्ज पर 42.195 किलोमीटर की मैराथन सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं कराने का सुझाव दिया गया है। आयोजकों ने भारत सरकार, राज्य सरकारों और देश के सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों से अपील की है कि बिस्मिल की बलिदान शताब्दी को केवल एक सरकारी कार्यक्रम न बनाकर ऐसा राष्ट्रीय जन-समारोह बनाया जाए, जिसमें स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक न्याय और एकता के उनके विचारों को नई पीढ़ी अपने जीवन में संकल्प के रूप में अपनाए। गोरखपुर में पोस्टर रिलीज के बाद राष्ट्रीय आयोजन को लेकर आयोजन समिति से जुड़े विजेन्द्र कुमार अग्रहरी (मंगल), हरगोविन्द प्रवाह, सुरेन्द्र कुमार, मोहम्मद सलमान, मारुतिनंदन चतुर्वेदी आदि को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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    बिस्मिल के अंतिम विचारों, उनके जीवन-संदेश और आज के युवाओं के लिए उनकी प्रासंगिकता पर विशेष संवाद।
रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी वर्ष को राष्ट्रव्यापी अभियान बनाने की तैयारी, गोरखपुर में तीन दिवसीय आयोजन की रूपरेखा तैयार
गोरखपुर। महान क्रांतिकारी रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ के बलिदान के शताब्दी वर्ष के अवसर पर वर्ष 2026-27 को राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में मनाने की तैयारी शुरू हो गई है। क्रांतिवीर रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी वर्ष का आधिकारिक प्रथम चरण तीन दिवसीय कार्यक्रम के रूप में गोरखपुर में आयोजित करने की कार्यनीति बनाई गई है। रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी वर्ष 17 दिसंबर 2026 से 19 दिसंबर 2027 तक मनाने का संकल्प लिया गया है। इसका आधिकारिक पोस्टर नगर निगम सभागार में जारी कर दिया गया।
महुआ डाबर संग्रहालय की ओर से इस अवसर को महज औपचारिक स्मरण तक सीमित न रखते हुए इसे राष्ट्रीय जन-अभियान का स्वरूप देने का आह्वान किया गया है। आयोजकों का कहना है कि बिस्मिल की प्रखर राष्ट्रभक्ति, सामाजिक न्याय, साहस, त्याग और देश के प्रति समर्पण के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना इस शताब्दी वर्ष का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।
क्रांतिवीर रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी समारोह समिति के संयोजक अविनाश कुमार गुप्ता ने तीन दिवसीय आयोजन की रूपरेखा इस प्रकार बताई है।
17–19 दिसंबर 2026 | गोरखपुर
पहला दिन — 17 दिसंबर 2026, गुरुवार
प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक
- 1857 से 1947 तक स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ शताब्दी वर्ष का उद्घाटन।
- अमर शहीद राजेंद्रनाथ लाहिड़ी के शहादत दिवस पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए जाएंगे।
- काकोरी केस से संबंधित दुर्लभ दस्तावेजों एवं ऐतिहासिक सामग्री पर आधारित विशेष दस्तावेजी प्रदर्शनी का उद्घाटन।
प्रथम सत्र
रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ और मातृवेदी दल।
द्वितीय सत्र
‘सरफरोशी की तमन्ना’ पर संवाद।
इसके साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें—
- ‘रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ और आज का भारत’ विषय पर छात्रों की निबंध प्रतियोगिता।
- पेंटिंग प्रतियोगिता।
- छात्र संसद।
- युवाओं की देशभक्ति पर स्वरचित कविता-पाठ प्रतियोगिता।
दूसरा दिन — 18 दिसंबर 2026, शुक्रवार
प्रातः 8 बजे से शाम 5 बजे तक
- हेरिटेज वॉक।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।
प्रथम सत्र
बिस्मिल जी के व्यक्तित्व, विचारों और उनके साथियों के साथ संबंधों पर संवाद।
द्वितीय सत्र
रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ के जीवन, संघर्ष और क्रांतिकारी यात्रा पर आधारित दस्तावेजी फिल्म का लोकार्पण।
तृतीय सत्र
दास्तानगोई — ‘काकोरी नायकों के अनसुने किस्से’।
इसके बाद—
- काकोरी केस के महानायकों को मशाल सलामी।
- राष्ट्रीय दीपदान कार्यक्रम।
तीसरा दिन — 19 दिसंबर 2026, शनिवार
प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक
- प्रातः ऐतिहासिक फांसी घर के सामने स्थापित अमर शहीद रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ की प्रतिमा पर माल्यार्पण।
- दो मिनट का मौन।
- शस्त्र सलामी के साथ शहीद को राजकीय सम्मान।
NCC कैडेट्स, युवाओं और सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों की सहभागिता से देशभक्ति गीतों के साथ प्रभात फेरी निकाली जाएगी।
प्रथम सत्र
रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ की आत्मकथा के पुनर्प्रकाशित संस्करण का विमोचन तथा उनके साहित्य और विचारों पर संवाद।
द्वितीय सत्र
बिस्मिल के अंतिम विचारों, उनके जीवन-संदेश और आज के युवाओं के लिए उनकी प्रासंगिकता पर विशेष संवाद।
इसके अतिरिक्त—
- रक्तदान शिविर।
- शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के वार्षिक कैलेंडर का लोकार्पण।
- सूचना विवरणिका का विमोचन।
- संकल्प सभा।
- विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्रों को पुरस्कार वितरण।
- सहभोज कार्यक्रम।
महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राना ने जोर देते हुए कहा कि काकोरी केस से जुड़े अमर शहीद राजेंद्रनाथ लाहिड़ी, रामप्रसाद ‘बिस्मिल’, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह के जीवन और विचारों को केंद्र में रखकर युवाओं में राष्ट्रभाव, साहस, एकता और त्याग की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया है।
बलिदान शताब्दी वर्ष के लिए तैयार प्रस्ताव में रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ शोध पीठ की स्थापना, गोरखपुर विश्वविद्यालय के सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को ‘अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल स्वर्ण पदक’ देने और शताब्दी वर्ष को ‘राष्ट्रीय एकता वर्ष’ घोषित करने की मांग की गई है।
गोरखपुर के मुख्य बस स्टेशन का नाम बिस्मिल के नाम पर रखने, 19 दिसंबर को बलिदान दिवस पर उन्हें शस्त्र-सलामी के साथ राजकीय सम्मान देने तथा शताब्दी वर्ष को सरकारी कैलेंडर में दर्ज करने का भी प्रस्ताव है। गोरखपुर जेल के फांसी स्थल पर प्रतिदिन दीपदान की व्यवस्था करने की मांग भी रखी गई है।
प्रस्ताव में बिस्मिल के बलिदान के 100 वर्ष पूरे होने पर 100 रुपये का विशेष स्मारक सिक्का, विशेष डाक टिकट और प्रथम दिवस आवरण जारी करने की मांग की गई है। गोरखपुर जेल की मिट्टी से देश के 100 स्थानों पर ‘शताब्दी स्मारक उपवन’ विकसित करने और प्रत्येक स्थान पर 100 फलदार पौधे लगाने का सुझाव दिया गया है।
भारतीय संसद के शीतकालीन सत्र में चारों काकोरी शहीदों को सर्वदलीय श्रद्धांजलि देने तथा सूचना एवं प्रसारण और संस्कृति मंत्रालय की ओर से ‘बलिदान एक्सप्रेस’ नाम से विशेष प्रदर्शनी ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
महुआ डाबर संग्रहालय में काकोरी केस के नायकों पर विशेष दस्तावेजी प्रदर्शनी लगाने, बिस्मिल की आत्मकथा, लेख, कविताओं, पत्रों और मुकदमे की कार्यवाहियों का हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रकाशन कराने की मांग की गई है।
दुर्लभ तस्वीरों और दस्तावेजों का डिजिटल मेमोरियल आर्काइव तथा 3D-VR आर्काइव बनाने, दूरदर्शन और आकाशवाणी पर विशेष कार्यक्रम प्रसारित करने और विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय संगोष्ठियों, कविता-पाठ, वाद-विवाद तथा निबंध प्रतियोगिताओं के आयोजन का सुझाव दिया गया है।
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा और भारतेन्दु नाट्य अकादमी के माध्यम से बिस्मिल के जीवन पर आधारित नाटकों का विभिन्न भाषाओं में मंचन, पाठ्यपुस्तकों में उनके जीवन पर विशेष अध्याय, स्वतंत्रता संग्राम के नायकों पर शोध करने वाले विद्यार्थियों के लिए ‘शहीद स्कॉलरशिप’ और देश के प्रमुख कलाकारों के सहयोग से ‘शताब्दी गीत’ तैयार करने का प्रस्ताव भी है।
बच्चों के लिए ग्राफिक कॉमिक्स, उपन्यास और बाल फिल्मों के निर्माण, चित्रकला प्रदर्शनियों, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सोशल मीडिया हैशटैग अभियान और क्विज ऐप की शुरुआत पर भी जोर दिया गया है। डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म, पॉडकास्ट और वेब सीरीज के जरिए बिस्मिल के जीवन और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की योजना का सुझाव दिया गया है।
शताब्दी वर्ष के दौरान रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर, बलिदान की पूर्व संध्या पर देशभर में दीपदान, NSS, स्काउट और NCC कैडेट्स की प्रभात फेरियां आयोजित करने का भी प्रस्ताव है।
गोरखपुर, गोंडा, अयोध्या, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, शाहजहांपुर, आगरा, बरेली, मेरठ, मैनपुरी, इटावा, मुरैना और ग्वालियर सहित विभिन्न शहरों में ‘बलिदान ज्योति गौरव यात्राएं’ निकालने, युवाओं के लिए एकता-बंधुता शिविर एवं सहभोज आयोजित करने और ‘चंबल मैराथन’ की तर्ज पर 42.195 किलोमीटर की मैराथन सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं कराने का सुझाव दिया गया है।
आयोजकों ने भारत सरकार, राज्य सरकारों और देश के सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों से अपील की है कि बिस्मिल की बलिदान शताब्दी को केवल एक सरकारी कार्यक्रम न बनाकर ऐसा राष्ट्रीय जन-समारोह बनाया जाए, जिसमें स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक न्याय और एकता के उनके विचारों को नई पीढ़ी अपने जीवन में संकल्प के रूप में अपनाए।
गोरखपुर में पोस्टर रिलीज के बाद राष्ट्रीय आयोजन को लेकर आयोजन समिति से जुड़े विजेन्द्र कुमार अग्रहरी (मंगल), हरगोविन्द प्रवाह, सुरेन्द्र कुमार, मोहम्मद सलमान, मारुतिनंदन चतुर्वेदी आदि को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
    user_सुनील दूबे
    सुनील दूबे
    Local News Reporter बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय शास्त्रीय व लोक गायक पंजीकृत कलाकार संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश
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    शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय शास्त्रीय व लोक गायक पंजीकृत कलाकार संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश
    user_Shailendra Pandey
    Shailendra Pandey
    Singing teaching and political work. खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • *लड़कों को प्रेमजाल में फंसाकर फाइव स्टार होटल में मिलने बुलाती थी मोहतरमा, फिर करती थी ब्लैकमेल* मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मोहतरमा को गोपाल बाग होटल से पैसे लेते रंगे हाथ पकड़ लिया और मौके पर ही उनके कनपटे सेक दिए।
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    *लड़कों को प्रेमजाल में फंसाकर फाइव स्टार होटल में मिलने बुलाती थी मोहतरमा, फिर करती थी ब्लैकमेल*
मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मोहतरमा को गोपाल बाग होटल से पैसे लेते रंगे हाथ पकड़ लिया और मौके पर ही उनके कनपटे सेक दिए।
    user_विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • महात्मा गौतम बुद्ध उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रंगोली प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा सिद्धार्थनगर जिले के महात्मा गौतम बुद्ध उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जोगिया में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने विभिन्न आकर्षक रंगोलियां बनाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जोगिया ब्लॉक की नोडल अधिकारी श्रीमती अर्चना उपस्थित रहीं। प्रतियोगिता के आयोजन में शिक्षक पंकज कुमार द्विवेदी तथा शिक्षिकाओं श्रीमती लक्ष्मी सिंह और श्रीमती सोनाली देवी ने सहयोग किया। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली पांच छात्राओं प्रिया, अंकित मौर्य, गरिमा, रोशनी और आरती निगम का चयन जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजेश कुमार द्विवेदी ने चयनित छात्राओं को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन और सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को निखारने के साथ उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं। इस अवसर पर शिक्षक अरुण लाल श्रीवास्तव, श्याम सुंदर मल्ल, युगल किशोर, अंगद प्रसाद, लिपिक दिनेश धर द्विवेदी, दुर्गेश राजन गोंड, विशाल पाठक, मुनीराम सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    महात्मा गौतम बुद्ध उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रंगोली प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा

सिद्धार्थनगर जिले के महात्मा गौतम बुद्ध उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जोगिया में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने विभिन्न आकर्षक रंगोलियां बनाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जोगिया ब्लॉक की नोडल अधिकारी श्रीमती अर्चना उपस्थित रहीं। प्रतियोगिता के आयोजन में शिक्षक पंकज कुमार द्विवेदी तथा शिक्षिकाओं श्रीमती लक्ष्मी सिंह और श्रीमती सोनाली देवी ने सहयोग किया। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली पांच छात्राओं प्रिया, अंकित मौर्य, गरिमा, रोशनी और आरती निगम का चयन जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजेश कुमार द्विवेदी ने चयनित छात्राओं को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन और सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को निखारने के साथ उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं। इस अवसर पर शिक्षक अरुण लाल श्रीवास्तव, श्याम सुंदर मल्ल, युगल किशोर, अंगद प्रसाद, लिपिक दिनेश धर द्विवेदी, दुर्गेश राजन गोंड, विशाल पाठक, मुनीराम सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    Local News Reporter बंसी, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • *पाकिस्तान में कैसे बनती फेक करेंसी–भारत आने का रूट डिकोड:* रिपोर्टर को एजेंसी का आदमी समझकर मारने की तैयारी; ₹1.5 लाख देखकर भरोसा *पाकिस्तान में कैसे बनती फेक करेंसी–भारत आने का रूट डिकोड:* रिपोर्टर को एजेंसी का आदमी समझकर मारने की तैयारी; ₹1.5 लाख देखकर भरोसा..
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    *पाकिस्तान में कैसे बनती फेक करेंसी–भारत आने का रूट डिकोड:* रिपोर्टर को एजेंसी का आदमी समझकर मारने की तैयारी; ₹1.5 लाख देखकर भरोसा 
*पाकिस्तान में कैसे बनती फेक करेंसी–भारत आने का रूट डिकोड:* रिपोर्टर को एजेंसी का आदमी समझकर मारने की तैयारी; ₹1.5 लाख देखकर भरोसा..
    user_Mulayam Singh Yadav
    Mulayam Singh Yadav
    Newspaper publisher शोहरतगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • *आज दिनांक 22.09.2026 को थाना दुधारा अन्तर्गत सड़क पर अनिंत्रित होकर कार तालाब में गिर जाने की घटित घटना व पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा दी गयी बाइट*
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    *आज दिनांक 22.09.2026 को थाना दुधारा अन्तर्गत सड़क पर अनिंत्रित होकर कार तालाब में गिर जाने की घटित घटना व पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा दी गयी बाइट*
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    6 hrs ago
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