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छिंदवाड़ा के अग्रवाल पैलेस में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के मौके पर शनिवार दोपहर 3 बजे भाजपा का जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके और जिला संगठन प्रभारी आदित्य बबला शुक्ला ने प्रेरक उद्बोधन दिए, वहीं संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व ने भी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। सम्मेलन में सांसद, विधायक, महापौर, जिला पदाधिकारी, मोर्चों के अध्यक्ष-महामंत्री, पार्षदगण और जिले के प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण करके किया गया, जिसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के लिए संकल्प लिया गया।
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छिंदवाड़ा के अग्रवाल पैलेस में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के मौके पर शनिवार दोपहर 3 बजे भाजपा का जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके और जिला संगठन प्रभारी आदित्य बबला शुक्ला ने प्रेरक उद्बोधन दिए, वहीं संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व ने भी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। सम्मेलन में सांसद, विधायक, महापौर, जिला पदाधिकारी, मोर्चों के अध्यक्ष-महामंत्री, पार्षदगण और जिले के प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण करके किया गया, जिसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के लिए संकल्प लिया गया।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- छिंदवाड़ा के ग्राम मचीवाड़ा के किसान प्रीतम सनोदिया ने अपने घर के सामने हुए अवैध अतिक्रमण से परेशान होकर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने आज शनिवार दोपहर 3 बजे छिंदवाड़ा एसपी को शिकायत दी कि भगवान दास वर्मा नामक व्यक्ति ने उनके घर के सामने सड़क की जमीन पर स्थायी रूप से ठेला और गुमठी लगाकर कब्जा कर लिया है, जिससे आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है। प्रीतम ने अपनी शिकायत में बताया कि इस गुमठी पर रात में शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे गाली-गलौज और धमकियों का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस स्थिति के कारण उनके परिवार का रोजमर्रा का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पीड़ित किसान ने एसपी से तत्काल जांच कराकर अवैध अतिक्रमण को हटाने और भविष्य में इसे फिर से होने से रोकने के लिए कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के अमरवाड़ा स्थित स्टेट बैंक में पुलिस द्वारा एक साइबर अपराध जागरूकता अभियान चलाया गया। इस पहल के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिन्हें साइबर अपराधों से बचाव और उनसे संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों के प्रति जागरूक किया गया।1
- छिंदवाड़ा के क्रिकेट जगत के लिए एक गर्व का क्षण सामने आया है, जहाँ सचिन सहारे को MPTCL लीग के छिंदवाड़ा ज़ोन का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। इस महत्वपूर्ण कदम से अब छिंदवाड़ा से लेकर पूरे प्रदेश तक की प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच मिलने की उम्मीद है।1
- मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण किए जाने के मात्र 24 घंटे के भीतर ही ₹3.93 करोड़ की लागत से बनी एक सड़क बह गई। पहली बारिश के साथ ही सड़क का इस तरह बह जाना, इसके निर्माण कार्य की खराब गुणवत्ता और दावों की सच्चाई की पोल खोलता है।1
- पांढुर्ना में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक वनीकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए, जल प्रहरी और वाटर हीरो श्री नीरज वानखड़े द्वारा तैयार किए गए 55 हजार सीड्स बॉल में से 20 हजार सीड्स बॉल का शनिवार को मोही-मांडवी के जंगलों में वन विभाग के सहयोग से विसर्जन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जंगलों को हरा-भरा बनाना, जैव विविधता को बढ़ावा देना और वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। श्री नीरज वानखड़े ने बताया कि उन्होंने कुल 55 हजार सीड्स बॉल तैयार किए हैं, जिनमें से विशेष रूप से 50 हजार सीड्स बॉल सीताफल के बीजों से बनाए गए हैं। उनका मानना है कि इन पौधों के सफलतापूर्वक विकसित होने पर भविष्य में जंगलों में रहने वाले पशु-पक्षियों और वन्यजीवों को भरपूर मात्रा में फल उपलब्ध हो सकेंगे। इसके साथ ही, इस पहल से स्थानीय गरीब और आदिवासी परिवारों को सीताफल के माध्यम से रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने इस प्रयास को सिर्फ एक बीज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली, जल संरक्षण और एक आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का संकल्प बताया। कार्यक्रम के दौरान एसडीओ फॉरेस्ट पांढुर्ना, श्री चंचल पंवार (IFS) ने उपस्थित जनसमूह को सीड्स बॉल अभियान के वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षा ऋतु में सीड्स बॉल के माध्यम से प्राकृतिक रूप से पौधों का विकास होता है, जो जंगलों के विस्तार, जैव विविधता के संरक्षण, मिट्टी एवं जल संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन को मजबूती प्रदान करता है। श्री पंवार ने श्री नीरज वानखड़े के पर्यावरण संरक्षण कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसी क्रम में, रेंज अधिकारी पांढुर्ना, श्री प्रभुराम मुच्छाला ने कहा कि आज बोए जा रहे ये बीज भविष्य में विशाल वृक्ष बनकर पक्षियों, वन्यजीवों और अन्य जीव-जंतुओं को भोजन, आश्रय एवं सुरक्षित प्राकृतिक आवास उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने ऐसे अभियानों को प्रकृति और मानव दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर पंचायत सचिव, तिगांव से श्री रामदास वाड़िवा, संस्था के सदस्य श्री पवन चौकीकर, वनरक्षक श्री कमलाकर पठाड़े, श्री जयराम उईके और श्री विजय कुमार गुप्ता, ग्राम वन समिति, मोही के अध्यक्ष श्री प्रल्हाद महाले, श्री देवमन देशमुख, श्री नानेश्वर कुडापे, सुरक्षा श्रमिक श्री तब्बू हजारे और श्री दिनेश परिहार सहित वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने इस अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने, वर्षा ऋतु में सीड्स बॉल बनाकर जंगलों एवं बंजर भूमि पर विसर्जित करने और एक हरित, समृद्ध तथा पर्यावरण-संतुलित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का सामूहिक संकल्प लिया।1
- छिंदवाड़ा के अग्रवाल पैलेस में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के मौके पर शनिवार दोपहर 3 बजे भाजपा का जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके और जिला संगठन प्रभारी आदित्य बबला शुक्ला ने प्रेरक उद्बोधन दिए, वहीं संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व ने भी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। सम्मेलन में सांसद, विधायक, महापौर, जिला पदाधिकारी, मोर्चों के अध्यक्ष-महामंत्री, पार्षदगण और जिले के प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण करके किया गया, जिसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के लिए संकल्प लिया गया।1
- सिवनी जिले के कान्हीवाड़ा-कलारबांकी मार्ग पर, बम्हनी के पास स्थित करीब 40 साल पुराना नहर का पुल पूरी तरह जर्जर हो चुका है। भीमगढ़ बांई तट नहर उप संभाग कान्हीवाड़ा के अंतर्गत आने वाले इस पुल की सुरक्षा दीवार (फुल वॉल) भी पूरी तरह गायब हो चुकी है, जिसके कारण इस मार्ग पर लगातार वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इस बेहद खतरनाक स्थिति के बावजूद, जिम्मेदार विभागीय अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में भारी आक्रोश है। इस जर्जर पुल से किसी भी समय एक बड़ी अनहोनी या गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई है, जो विभागीय लापरवाही का स्पष्ट परिणाम है।1