चित्रकूट: धनुष चौराहे पर मजदूरों की मजबूरी, जान जोखिम में डालकर करते हैं काम का इंतजार, स्थायी मजदूर मंडी बनाने की उठी मांग कर्वी, चित्रकूट। जिले के कर्वी स्थित धनुष चौराहे पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में मजदूर काम की तलाश में सड़क किनारे खड़े रहते हैं। सुबह से ही मजदूरों की भीड़ जुट जाती है और काम मिलने की उम्मीद में वे घंटों इंतजार करते हैं। लेकिन काम की तलाश में खड़े इन मजदूरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों का आरोप है कि चौराहे के आसपास कुछ दुकानदारों द्वारा उन्हें वहां से खदेड़ा जाता है। उनकी गाड़ियां सड़क पर खड़ी कर दी जाती हैं। यहां तक कि मजदूरों की साइकिल और दोपहिया वाहनों की हवा निकालने, वाहन तोड़ने, गाली-गलौज करने और मारने की धमकी देने जैसी घटनाएं भी सामने आने की बात मजदूरों ने कही है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इतनी परेशानियां झेलने के बावजूद मजदूरों को प्रतिदिन काम भी नहीं मिल पाता। परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें रोजाना काम की तलाश में चौराहे पर पहुंचना पड़ता है। मजदूरों ने जिलाधिकारी पुलकित गर्ग से गुहार लगाते हुए धनुष चौराहे पर एक स्थायी मजदूर मंडी बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा मजदूरों के लिए निर्धारित स्थान और उचित व्यवस्था कर दी जाए, तो उन्हें सड़क पर खड़े होकर अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी और काम की तलाश में भी सुविधा होगी। अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन मजदूरों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थायी मजदूर मंडी की व्यवस्था करेगा? क्या मेहनतकश मजदूरों को सम्मानजनक स्थान और नियमित रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा? मजदूरों की मांग – स्थायी मजदूर मंडी बने, सुरक्षा मिले और हर दिन काम मिले चित्रकूट: धनुष चौराहे पर मजदूरों की मजबूरी, जान जोखिम में डालकर करते हैं काम का इंतजार, स्थायी मजदूर मंडी बनाने की उठी मांग कर्वी, चित्रकूट। जिले के कर्वी स्थित धनुष चौराहे पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में मजदूर काम की तलाश में सड़क किनारे खड़े रहते हैं। सुबह से ही मजदूरों की भीड़ जुट जाती है और काम मिलने की उम्मीद में वे घंटों इंतजार करते हैं। लेकिन काम की तलाश में खड़े इन मजदूरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों का आरोप है कि चौराहे के आसपास कुछ दुकानदारों द्वारा उन्हें वहां से खदेड़ा जाता है। उनकी गाड़ियां सड़क पर खड़ी कर दी जाती हैं। यहां तक कि मजदूरों की साइकिल और दोपहिया वाहनों की हवा निकालने, वाहन तोड़ने, गाली-गलौज करने और मारने की धमकी देने जैसी घटनाएं भी सामने आने की बात मजदूरों ने कही है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इतनी परेशानियां झेलने के बावजूद मजदूरों को प्रतिदिन काम भी नहीं मिल पाता। परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें रोजाना काम की तलाश में चौराहे पर पहुंचना पड़ता है। मजदूरों ने जिलाधिकारी पुलकित गर्ग से गुहार लगाते हुए धनुष चौराहे पर एक स्थायी मजदूर मंडी बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा मजदूरों के लिए निर्धारित स्थान और उचित व्यवस्था कर दी जाए, तो उन्हें सड़क पर खड़े होकर अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी और काम की तलाश में भी सुविधा होगी। अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन मजदूरों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थायी मजदूर मंडी की व्यवस्था करेगा? क्या मेहनतकश मजदूरों को सम्मानजनक स्थान और नियमित रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा? मजदूरों की मांग – स्थायी मजदूर मंडी बने, सुरक्षा मिले और हर दिन काम मिले
चित्रकूट: धनुष चौराहे पर मजदूरों की मजबूरी, जान जोखिम में डालकर करते हैं काम का इंतजार, स्थायी मजदूर मंडी बनाने की उठी मांग कर्वी, चित्रकूट। जिले के कर्वी स्थित धनुष चौराहे पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में मजदूर काम की तलाश में सड़क किनारे खड़े रहते हैं। सुबह से ही मजदूरों की भीड़ जुट जाती है और काम मिलने की उम्मीद में वे घंटों इंतजार करते हैं। लेकिन काम की तलाश में खड़े इन मजदूरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों का आरोप है कि चौराहे के आसपास कुछ दुकानदारों द्वारा उन्हें वहां से खदेड़ा जाता है। उनकी गाड़ियां सड़क पर खड़ी कर दी जाती हैं। यहां तक कि मजदूरों की साइकिल और दोपहिया वाहनों की हवा निकालने, वाहन तोड़ने, गाली-गलौज करने और मारने की धमकी देने जैसी घटनाएं भी सामने आने की बात मजदूरों ने कही है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इतनी परेशानियां झेलने के बावजूद मजदूरों को प्रतिदिन काम भी नहीं मिल पाता। परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें रोजाना काम की तलाश में चौराहे पर पहुंचना पड़ता है। मजदूरों ने जिलाधिकारी पुलकित गर्ग से गुहार लगाते हुए धनुष चौराहे पर एक स्थायी मजदूर मंडी बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा मजदूरों के लिए निर्धारित स्थान और उचित व्यवस्था कर दी जाए, तो उन्हें सड़क पर खड़े होकर अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी और काम की तलाश में भी सुविधा होगी। अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन मजदूरों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थायी मजदूर मंडी की व्यवस्था करेगा? क्या मेहनतकश मजदूरों को सम्मानजनक स्थान और नियमित रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा? मजदूरों की मांग – स्थायी मजदूर मंडी बने, सुरक्षा मिले और हर दिन काम मिले चित्रकूट: धनुष चौराहे पर मजदूरों की मजबूरी, जान जोखिम में डालकर करते हैं काम का इंतजार, स्थायी मजदूर मंडी बनाने की उठी मांग कर्वी, चित्रकूट। जिले के कर्वी स्थित धनुष चौराहे पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में मजदूर काम की तलाश में सड़क किनारे खड़े रहते हैं। सुबह से ही मजदूरों की भीड़ जुट जाती है और काम मिलने की उम्मीद में वे घंटों इंतजार करते हैं। लेकिन काम की तलाश में खड़े इन मजदूरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों का आरोप है कि चौराहे के आसपास कुछ दुकानदारों द्वारा उन्हें वहां से खदेड़ा जाता है। उनकी गाड़ियां सड़क पर खड़ी कर दी जाती हैं। यहां तक कि मजदूरों की साइकिल और दोपहिया वाहनों की हवा निकालने, वाहन तोड़ने, गाली-गलौज करने और मारने की धमकी देने जैसी घटनाएं भी सामने आने की बात मजदूरों ने कही है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इतनी परेशानियां झेलने के बावजूद मजदूरों को प्रतिदिन काम भी नहीं मिल पाता। परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें रोजाना काम की तलाश में चौराहे पर पहुंचना पड़ता है। मजदूरों ने जिलाधिकारी पुलकित गर्ग से गुहार लगाते हुए धनुष चौराहे पर एक स्थायी मजदूर मंडी बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा मजदूरों के लिए निर्धारित स्थान और उचित व्यवस्था कर दी जाए, तो उन्हें सड़क पर खड़े होकर अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी और काम की तलाश में भी सुविधा होगी। अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन मजदूरों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थायी मजदूर मंडी की व्यवस्था करेगा? क्या मेहनतकश मजदूरों को सम्मानजनक स्थान और नियमित रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा? मजदूरों की मांग – स्थायी मजदूर मंडी बने, सुरक्षा मिले और हर दिन काम मिले
- चित्रकूट: धनुष चौराहे पर मजदूरों की मजबूरी, जान जोखिम में डालकर करते हैं काम का इंतजार, स्थायी मजदूर मंडी बनाने की उठी मांग कर्वी, चित्रकूट। जिले के कर्वी स्थित धनुष चौराहे पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में मजदूर काम की तलाश में सड़क किनारे खड़े रहते हैं। सुबह से ही मजदूरों की भीड़ जुट जाती है और काम मिलने की उम्मीद में वे घंटों इंतजार करते हैं। लेकिन काम की तलाश में खड़े इन मजदूरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों का आरोप है कि चौराहे के आसपास कुछ दुकानदारों द्वारा उन्हें वहां से खदेड़ा जाता है। उनकी गाड़ियां सड़क पर खड़ी कर दी जाती हैं। यहां तक कि मजदूरों की साइकिल और दोपहिया वाहनों की हवा निकालने, वाहन तोड़ने, गाली-गलौज करने और मारने की धमकी देने जैसी घटनाएं भी सामने आने की बात मजदूरों ने कही है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इतनी परेशानियां झेलने के बावजूद मजदूरों को प्रतिदिन काम भी नहीं मिल पाता। परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें रोजाना काम की तलाश में चौराहे पर पहुंचना पड़ता है। मजदूरों ने जिलाधिकारी पुलकित गर्ग से गुहार लगाते हुए धनुष चौराहे पर एक स्थायी मजदूर मंडी बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा मजदूरों के लिए निर्धारित स्थान और उचित व्यवस्था कर दी जाए, तो उन्हें सड़क पर खड़े होकर अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी और काम की तलाश में भी सुविधा होगी। अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन मजदूरों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थायी मजदूर मंडी की व्यवस्था करेगा? क्या मेहनतकश मजदूरों को सम्मानजनक स्थान और नियमित रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा? मजदूरों की मांग – स्थायी मजदूर मंडी बने, सुरक्षा मिले और हर दिन काम मिले चित्रकूट: धनुष चौराहे पर मजदूरों की मजबूरी, जान जोखिम में डालकर करते हैं काम का इंतजार, स्थायी मजदूर मंडी बनाने की उठी मांग कर्वी, चित्रकूट। जिले के कर्वी स्थित धनुष चौराहे पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में मजदूर काम की तलाश में सड़क किनारे खड़े रहते हैं। सुबह से ही मजदूरों की भीड़ जुट जाती है और काम मिलने की उम्मीद में वे घंटों इंतजार करते हैं। लेकिन काम की तलाश में खड़े इन मजदूरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों का आरोप है कि चौराहे के आसपास कुछ दुकानदारों द्वारा उन्हें वहां से खदेड़ा जाता है। उनकी गाड़ियां सड़क पर खड़ी कर दी जाती हैं। यहां तक कि मजदूरों की साइकिल और दोपहिया वाहनों की हवा निकालने, वाहन तोड़ने, गाली-गलौज करने और मारने की धमकी देने जैसी घटनाएं भी सामने आने की बात मजदूरों ने कही है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इतनी परेशानियां झेलने के बावजूद मजदूरों को प्रतिदिन काम भी नहीं मिल पाता। परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें रोजाना काम की तलाश में चौराहे पर पहुंचना पड़ता है। मजदूरों ने जिलाधिकारी पुलकित गर्ग से गुहार लगाते हुए धनुष चौराहे पर एक स्थायी मजदूर मंडी बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा मजदूरों के लिए निर्धारित स्थान और उचित व्यवस्था कर दी जाए, तो उन्हें सड़क पर खड़े होकर अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी और काम की तलाश में भी सुविधा होगी। अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन मजदूरों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थायी मजदूर मंडी की व्यवस्था करेगा? क्या मेहनतकश मजदूरों को सम्मानजनक स्थान और नियमित रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा? मजदूरों की मांग – स्थायी मजदूर मंडी बने, सुरक्षा मिले और हर दिन काम मिले1
- चित्रकूट के मजदूरों में नेताओं के प्रति नाराजगी! विधानसभा चुनाव 2027 से पहले चित्रकूट में मजदूरों का गुस्सा सामने आने लगा है। मजदूरों का कहना है कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने तो घर-घर पहुंच जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं होता। मजदूरों ने दो टूक अंदाज में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर नेता अब वोट मांगने उनके घर आएंगे, तो उन्हें जनता के गुस्से और तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा। आखिर मजदूरों की नाराजगी की वजह क्या है? क्या चुनाव से पहले उनकी समस्याओं का समाधान होगा? जनता की राय – सवाल आपका, जवाब जनता का! देखिए ग्राउंड जीरो से चुनावी कवरेज सिर्फ Daily 24 Bharat परचित्रकूट के मजदूरों में नेताओं के प्रति नाराजगी! विधानसभा चुनाव 2027 से पहले चित्रकूट में मजदूरों का गुस्सा सामने आने लगा है। मजदूरों का कहना है कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने तो घर-घर पहुंच जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं होता। मजदूरों ने दो टूक अंदाज में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर नेता अब वोट मांगने उनके घर आएंगे, तो उन्हें जनता के गुस्से और तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा। आखिर मजदूरों की नाराजगी की वजह क्या है? क्या चुनाव से पहले उनकी समस्याओं का समाधान होगा? जनता की राय – सवाल आपका, जवाब जनता का! देखिए ग्राउंड जीरो से चुनावी कवरेज सिर्फ Daily 24 Bharat परचित्रकूट के मजदूरों में नेताओं के प्रति नाराजगी! विधानसभा चुनाव 2027 से पहले चित्रकूट में मजदूरों का गुस्सा सामने आने लगा है। मजदूरों का कहना है कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने तो घर-घर पहुंच जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं होता। मजदूरों ने दो टूक अंदाज में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर नेता अब वोट मांगने उनके घर आएंगे, तो उन्हें जनता के गुस्से और तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा। आखिर मजदूरों की नाराजगी की वजह क्या है? क्या चुनाव से पहले उनकी समस्याओं का समाधान होगा? जनता की राय – सवाल आपका, जवाब जनता का! देखिए ग्राउंड जीरो से चुनावी कवरेज सिर्फ Daily 24 Bharat परचित्रकूट के मजदूरों में नेताओं के प्रति नाराजगी! विधानसभा चुनाव 2027 से पहले चित्रकूट में मजदूरों का गुस्सा सामने आने लगा है। मजदूरों का कहना है कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने तो घर-घर पहुंच जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं होता। मजदूरों ने दो टूक अंदाज में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर नेता अब वोट मांगने उनके घर आएंगे, तो उन्हें जनता के गुस्से और तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा। आखिर मजदूरों की नाराजगी की वजह क्या है? क्या चुनाव से पहले उनकी समस्याओं का समाधान होगा? जनता की राय – सवाल आपका, जवाब जनता का! देखिए ग्राउंड जीरो से चुनावी कवरेज सिर्फ Daily 24 Bharat पर चित्रकूट के मजदूरों में नेताओं के प्रति नाराजगी! विधानसभा चुनाव 2027 से पहले चित्रकूट में मजदूरों का गुस्सा सामने आने लगा है। मजदूरों का कहना है कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने तो घर-घर पहुंच जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं होता। मजदूरों ने दो टूक अंदाज में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर नेता अब वोट मांगने उनके घर आएंगे, तो उन्हें जनता के गुस्से और तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा। आखिर मजदूरों की नाराजगी की वजह क्या है? क्या चुनाव से पहले उनकी समस्याओं का समाधान होगा? जनता की राय – सवाल आपका, जवाब जनता का! देखिए ग्राउंड जीरो से चुनावी कवरेज सिर्फ Daily 24 Bharat पर1
- चित्रकूट में शिक्षकों का महाकुंभ: अनिल प्रधान ने शिक्षकों को किया सम्मानित *सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर हुआ सम्मान समारोह* *सपा शिक्षक सभा प्रदेश अध्यक्ष डॉ एसपी सिंह पटेल सरकार पर बोला हमला* पुष्पराज कश्यप चित्रकूट चित्रकूट 1 नवंबर । समाजवादी पार्टी के सदर विधायक अनिल प्रधान द्वारा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती समारोह आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के शिक्षक सभा प्रदेश अध्यक्ष डॉ एसपी सिंह पटेल ने शिरकत की । जहां उनका सदर विधायक अनिल प्रधान सपा जिला अध्यक्ष शिव शंकर सिंह यादव, भैयालाल यादव, पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल, निर्भय सिंह पटेल, नरेंद्र यादव आदि ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा देकर सम्मानित किया। सदर विधायक व कार्यकर्ताओं ने आए हुए सभी शिक्षकों व जनता का साल पहना कर अभिनंदन किया। शिवरामपुर के एक मैरिज हॉल में हजारों की संख्या में जिले के शिक्षक, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान सपा शिक्षक सभा प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर एसपी सिंह पटेल ने कहा कि अभी हाल में एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी को मिली प्रचंड जीत से सत्ता धारी भाजपा घबराई हुई है। जिस प्रकार से शिक्षकों ने एमएलसी चुनाव में सहयोग किया है आगे आने वाले विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए कि सरकार बनना तय है। उन्होंने कहा कि आज रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन द्वारा किए जा रहे आंदोलन को दबाने के लिए केंद्र सरकार ने हजारों की संख्या में जवानों की तैनाती की है लेकिन अब वोट चोरी करने वालों को इस्तीफा देना होगा। केंद्रीय मंत्री अमित शाह के अंगद वाले बयान पर कहा कि यह शब्द उपयोग न करें और एमएलसी चुनाव हारने के बाद उनके पैर उखड़ चुके हैं। सरकार बनने पर प्रदेश के शिक्षकों शिक्षामित्र अनुदेशकों व वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मान के साथ उनके अधिकार व वेतन मानदेय दिलाये जाएंगे। सदर विधायक अनिल प्रधान ने कहा कि जिस प्रकार से आज लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर यह जंग सैलाब उमड़ा है मैं सभी का हृदय से आभार प्रकट करता हूं आपने 2022 में जो स्नेह मुझे दिया है वह 2027 के चुनाव में भी मिलेगा और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनना तय है। इस दौरान सपा जिला अध्यक्ष शिव शंकर यादव ने कहा एमएलसी चुनाव में जनता ने जो आशीर्वाद हमारे प्रत्याशियों को दिया है आने वाले विधानसभा चुनाव में हम जीतेंगे भी और सरकार बनाने का काम करेंगे। इस समारोह में शिक्षकों सहित हजारों लोग मौजूद रहे।4
- YouTube व Facebook पोस्ट डिस्क्रिप्शन 🔴 चित्रकूट: राजापुर के हनुमानगंज में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, एक ही परिवार के 5 लोग घायल! थाने से कार्रवाई न होने पर पहुंचे SP कार्यालय! चित्रकूट जनपद के राजापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत हनुमानगंज मोहल्ले में जमीन विवाद को लेकर दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित सिब्भा के अनुसार, सड़क किनारे स्थित उनकी पुश्तैनी जमीन में से उनके हिस्से की जमीन हिस्सेदार ने मनमाने ढंग से बेच दी। जब सिब्भा ने इस अवैध सौदे का विरोध किया, तो दबंग राजा, कल्लू, ननकी, बऊआ समेत 9 लोग लाठी-डंडों से लैस होकर टूट पड़े। इस बर्बर हमले में सिब्भा, उनकी पत्नी प्रभा, दो बेटियां लक्ष्मी व दीपिका और साली माया गंभीर रूप से घायल हो गईं। पीड़ितों का आरोप है कि राजापुर थाने में नामजद तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद शनिवार सुबह 11:00 बजे घायल परिवार इंसाफ की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचा। ⚖️ बड़ा सवाल: क्या महिलाओं और बेटियों पर लाठियां बरसाने वाले दबंगों पर चित्रकूट पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी या खाकी यूं ही मूकदर्शक बनी रहेगी? 📌 सच्ची, बेबाक और निर्भीक पत्रकारिता के लिए 'अभय TV' को फॉलो और सब्सक्राइब करें। #ChitrakootNews #RajapurNews #LandDispute #CrimeNews #AbhayTV #ChitrakootPolice #UPPolice #BreakingNews #GroundReport2
- *मानिकपुर में चोरों का आतंक बरकरार, बस स्टैंड के पास दुकान का छत काटकर चोरी* *मानिकपुर, चित्रकूट।* मानिकपुर कस्बे में चोरों के हौसले बुलंद हैं। बीती देर रात बस स्टैंड के पास एक दुकान को चोरों ने निशाना बनाया। चोर दुकान की टीन की छत काटकर नगदी और सामान ले उड़े। पीड़ित प्रमोद कुमार गुप्ता पुत्र स्व. मूलचंद गुप्ता, निवासी जवाहर नगर मानिकपुर ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उनकी दुकान बस स्टैंड के पास है। बीती रात अज्ञात चोरों ने दुकान के डिब्बे के ऊपर से टीन की छत को काट दिया और अंदर रखे लगभग 15,000 रुपए नगद, राजश्री, सिगरेट व अन्य सामान चोरी करके ले गए। सुबह जब लड़का दुकान खोलने गया तो घटना का पता चला। इसके बाद उन्होंने 112 डायल पर सूचना दी। पीड़ित ने थाना प्रभारी निरीक्षक मानिकपुर से प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। *एक हफ्ते में तीसरी चोरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल* इस घटना को लेकर सपा के प्रदेश सचिव ऋतुराज कुमार वर्मा ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मानिकपुर कस्बे में एक हफ्ते के अंदर यह तीसरी चोरी की घटना है, लेकिन अभी तक किसी भी घटना का खुलासा नहीं किया गया है। पुलिस द्वारा रात्रि में गश्त भी नहीं की जाती, जिसके चलते चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय व्यापारियों में भी इस घटना के बाद दहशत और आक्रोश है। व्यापारियों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरों को जल्द पकड़ने की मांग की है। *मानिकपुर में चोरों का आतंक बरकरार, बस स्टैंड के पास दुकान का छत काटकर चोरी* *मानिकपुर, चित्रकूट।* मानिकपुर कस्बे में चोरों के हौसले बुलंद हैं। बीती देर रात बस स्टैंड के पास एक दुकान को चोरों ने निशाना बनाया। चोर दुकान की टीन की छत काटकर नगदी और सामान ले उड़े। पीड़ित प्रमोद कुमार गुप्ता पुत्र स्व. मूलचंद गुप्ता, निवासी जवाहर नगर मानिकपुर ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उनकी दुकान बस स्टैंड के पास है। बीती रात अज्ञात चोरों ने दुकान के डिब्बे के ऊपर से टीन की छत को काट दिया और अंदर रखे लगभग 15,000 रुपए नगद, राजश्री, सिगरेट व अन्य सामान चोरी करके ले गए। सुबह जब लड़का दुकान खोलने गया तो घटना का पता चला। इसके बाद उन्होंने 112 डायल पर सूचना दी। पीड़ित ने थाना प्रभारी निरीक्षक मानिकपुर से प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। *एक हफ्ते में तीसरी चोरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल* इस घटना को लेकर सपा के प्रदेश सचिव ऋतुराज कुमार वर्मा ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मानिकपुर कस्बे में एक हफ्ते के अंदर यह तीसरी चोरी की घटना है, लेकिन अभी तक किसी भी घटना का खुलासा नहीं किया गया है। पुलिस द्वारा रात्रि में गश्त भी नहीं की जाती, जिसके चलते चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय व्यापारियों में भी इस घटना के बाद दहशत और आक्रोश है। व्यापारियों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरों को जल्द पकड़ने की मांग की है।2
- लूट मची है कोई सुनने वाला नही है। भष्टाचार इतना है कि कोई कुछ भी करे भष्टाचार के बल पर उनका कुछ नही हो रहा है जो अपने आप मै दिक्कत है। शासन भष्टाचारी को बचा रही है❗️1
- करवा चौथ के दिन सभी देश की माता और बहन लोग अपनी पति की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखती है चंद्रमा को देखकर उसके बाद जल ग्रहण अपने पति के हाथ द्वारा किया जाता है4
- खतौनी में नाम दर्ज, 78 कब्जेदारों की बेदखली का दावा; फिर भी जमीन पर जाने से डर रहा पीड़ित! अदालती आदेश और राजस्व कार्रवाई के बाद भी नहीं थम रही कथित दबंगई; जान से मारने की धमकी देने का आरोप, पीड़ित ने शासन-प्रशासन से लगाई न्याय और सुरक्षा की गुहार। मानिकपुर, चित्रकूट। तहसील मानिकपुर क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। कथित फर्जी बैनामे और अवैध कब्जे के विवाद में राजस्व एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद मिथिलेश कुमार पाण्डेय का नाम खतौनी में दर्ज होने और 78 कब्जेदारों को बेदखल किए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद पीड़ित को अपनी ही जमीन पर शांतिपूर्ण कब्जा पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पीड़ित मिथिलेश कुमार पाण्डेय का आरोप है कि न्यायिक एवं राजस्व अभिलेखों में उनके पक्ष में कार्रवाई होने के बाद भी कुछ लोग उन्हें जमीन पर कब्जा करने से रोक रहे हैं। इतना ही नहीं, जमीन पर जाने की कोशिश करने पर कथित तौर पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। पीड़ित का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के चलते वह भयभीत है और अपनी जमीन पर जाने में भी असुरक्षित महसूस कर रहा है। न्यायिक आदेशों और दस्तावेजों में दर्ज है विवाद का इतिहास उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, मामला अपर आयुक्त प्रथम, मंडल चित्रकूटधाम के न्यायालय में निगरानी संख्या 1049/2016 तथा कंप्यूटरीकृत वाद संख्या C201607001049 से संबंधित है। दस्तावेजों में 21 अक्टूबर 2023 के आदेश और 27 अक्टूबर 2023 को जारी संशोधित आदेश का भी उल्लेख है। आदेश में पूर्ववर्ती राजस्व आदेश की अंतिम पृष्ठ पर दर्ज तारीख में लिपिकीय त्रुटि को संशोधित किए जाने की बात कही गई है। अब सवाल—आखिर पीड़ित को कब मिलेगा जमीन पर वास्तविक कब्जा? पीड़ित ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर धमकी देने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में भूमि की स्थिति स्पष्ट कराकर उसे सुरक्षित और शांतिपूर्ण कब्जा दिलाया जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि जब वर्षों पुराने भूमि विवाद में न्यायिक और राजस्व प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, तो कथित दबंगों के भय से पीड़ित को राहत क्यों नहीं मिल पा रही है? क्या प्रशासन मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराएगा या पीड़ित न्याय के लिए इसी तरह दफ्तरों के चक्कर काटता रहेगा? फिलहाल पीड़ित की निगाहें शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।1