अमरोहा कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (शंकर) के बैनर तले किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए, जिससे कलेक्ट्रेट परिसर में दिनभर गहमागहमी बनी रही। किसानों ने सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और उनके शीघ्र समाधान की मांग की, यह रेखांकित करते हुए कि लंबे समय से आश्वासनों के बावजूद धरातल पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। धरने की अध्यक्षता वरिष्ठ किसान नेता चौधरी विक्रम सिंह पवार ने की, जबकि प्रदेश प्रवक्ता सत्यवीर सिंह ने इसका संचालन किया, जिसकी शुरुआत दोपहर करीब 12 बजे हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने बताया कि मुरादाबाद मंडल के लगभग पांच लाख किसान मध्य गंगा नहर फेस-2 में पानी छोड़े जाने का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने से उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने आवारा और हिंसक कुत्तों तथा बंदरों के बढ़ते आतंक से लोगों को राहत दिलाने के लिए एक प्रभावी नीति लागू करने की भी मांग की। जिला अध्यक्ष चौधरी नेमपाल सिंह ने घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने, सोलर रूफटॉप योजना में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और संविदा कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नियंत्रण सुनिश्चित करने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, किसानों ने डिडौली क्षेत्र में 132 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना, जर्जर बिजली लाइनों में सुधार, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि और लंबित निजी नलकूप विद्युत कनेक्शनों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की सीमा पांच लाख रुपये तक बढ़ाने, इसकी ब्याज दर को घटाकर तीन प्रतिशत करने, जिला सहकारी बैंक के गठन, गजरौला ट्रॉमा सेंटर को पूर्ण रूप से संचालित करने, तिगरी धाम के विकास कार्यों में गति लाने और किसानों के लंबित गन्ना भुगतान को जल्द कराने की मांग भी उठाई। धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी इन मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने भी स्थिति पर लगातार नजर रखी। आंदोलन के दौरान, किसानों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा और शीघ्र समाधान की अपेक्षा व्यक्त की।
अमरोहा कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (शंकर) के बैनर तले किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए, जिससे कलेक्ट्रेट परिसर में दिनभर गहमागहमी बनी रही। किसानों ने सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और उनके शीघ्र समाधान की मांग की, यह रेखांकित करते हुए कि लंबे समय से आश्वासनों के बावजूद धरातल पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। धरने की अध्यक्षता
वरिष्ठ किसान नेता चौधरी विक्रम सिंह पवार ने की, जबकि प्रदेश प्रवक्ता सत्यवीर सिंह ने इसका संचालन किया, जिसकी शुरुआत दोपहर करीब 12 बजे हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने बताया कि मुरादाबाद मंडल के लगभग पांच लाख किसान मध्य गंगा नहर फेस-2 में पानी छोड़े जाने का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने से उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने आवारा और हिंसक कुत्तों तथा बंदरों के बढ़ते आतंक से लोगों को राहत दिलाने के लिए एक प्रभावी नीति लागू करने की भी मांग की। जिला अध्यक्ष चौधरी
नेमपाल सिंह ने घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने, सोलर रूफटॉप योजना में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और संविदा कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नियंत्रण सुनिश्चित करने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, किसानों ने डिडौली क्षेत्र में 132 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना, जर्जर बिजली लाइनों में सुधार, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि और लंबित निजी नलकूप विद्युत कनेक्शनों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की सीमा पांच लाख रुपये तक बढ़ाने, इसकी ब्याज दर को घटाकर तीन प्रतिशत करने, जिला सहकारी बैंक के गठन, गजरौला ट्रॉमा
सेंटर को पूर्ण रूप से संचालित करने, तिगरी धाम के विकास कार्यों में गति लाने और किसानों के लंबित गन्ना भुगतान को जल्द कराने की मांग भी उठाई। धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी इन मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने भी स्थिति पर लगातार नजर रखी। आंदोलन के दौरान, किसानों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा और शीघ्र समाधान की अपेक्षा व्यक्त की।
- अमरोहा कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (शंकर) के बैनर तले किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए, जिससे कलेक्ट्रेट परिसर में दिनभर गहमागहमी बनी रही। किसानों ने सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और उनके शीघ्र समाधान की मांग की, यह रेखांकित करते हुए कि लंबे समय से आश्वासनों के बावजूद धरातल पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। धरने की अध्यक्षता वरिष्ठ किसान नेता चौधरी विक्रम सिंह पवार ने की, जबकि प्रदेश प्रवक्ता सत्यवीर सिंह ने इसका संचालन किया, जिसकी शुरुआत दोपहर करीब 12 बजे हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने बताया कि मुरादाबाद मंडल के लगभग पांच लाख किसान मध्य गंगा नहर फेस-2 में पानी छोड़े जाने का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने से उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने आवारा और हिंसक कुत्तों तथा बंदरों के बढ़ते आतंक से लोगों को राहत दिलाने के लिए एक प्रभावी नीति लागू करने की भी मांग की। जिला अध्यक्ष चौधरी नेमपाल सिंह ने घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने, सोलर रूफटॉप योजना में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और संविदा कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नियंत्रण सुनिश्चित करने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, किसानों ने डिडौली क्षेत्र में 132 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना, जर्जर बिजली लाइनों में सुधार, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि और लंबित निजी नलकूप विद्युत कनेक्शनों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की सीमा पांच लाख रुपये तक बढ़ाने, इसकी ब्याज दर को घटाकर तीन प्रतिशत करने, जिला सहकारी बैंक के गठन, गजरौला ट्रॉमा सेंटर को पूर्ण रूप से संचालित करने, तिगरी धाम के विकास कार्यों में गति लाने और किसानों के लंबित गन्ना भुगतान को जल्द कराने की मांग भी उठाई। धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी इन मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने भी स्थिति पर लगातार नजर रखी। आंदोलन के दौरान, किसानों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा और शीघ्र समाधान की अपेक्षा व्यक्त की।4
- ऑस्ट्रिय दिव्यांग युवा शक्ति फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशवाहा डीके आज़ाद के नेतृत्व में दिव्यांग युवा शक्ति संगठन ने अपना 6वां स्थापना दिवस देशव्यापी वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ मनाया। "एक वृक्ष दिव्यांग के नाम" महाअभियान के तहत 11 राज्यों में 1000 से अधिक पौधे लगाए गए, जिसमें दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार, छत्तीसगढ़, असम और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं। संगठन की स्थापना 5 जून 2021 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिव्यांग साथियों के सहयोग से हुई थी। मुख्य कार्यक्रम हरदोई में जिलाध्यक्ष पप्पू राठौर के आवास पर कार्यकर्ता बैठक और माधोगंज बाग में वृक्षारोपण के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्वेश कुशवाहा डीके आज़ाद, फाउंडर पूर्व महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष रूबी नाज़, बिहार प्रमुख महासचिव संध्या कुशवाहा और यूपी अध्यक्ष एहसानुल हक सहित कई साथियों ने पौधे रोपे। मध्य प्रदेश की राष्ट्रीय अध्यक्षा फाउंडर रूबी जी रणजीत सिंह, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एहसानुल हक, प्रदेश सचिव प्रमोद, प्रदेश महासचिव अफरोज और सुल्तानपुर-रामपुर के जिलाध्यक्ष कमल हसन जैसे कई कार्यकर्ताओं ने भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। राष्ट्रीय अध्यक्ष डीके आज़ाद ने 500 रुपये, सुल्तानपुर कार्यकर्ता राजीव ने 50 रुपये और हरदोई गंज कार्यकर्ता पंकज ने 100 रुपये का सहयोग देकर वृक्षारोपण को सफल बनाने में योगदान दिया। संगठन की आगामी रणनीतियों की घोषणा करते हुए, राष्ट्रीय अध्यक्ष डीके आज़ाद ने बताया कि 10 जून को पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष फाउंडर रूबी नाज़ दिव्यांग युवा शक्ति संगठन की नई राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालेंगी। इसके बाद जुलाई में दिल्ली में देश के दिव्यांग जनों का एक परिचय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इन आयोजनों के उपरांत, दिव्यांगों की मांगों को लेकर दिल्ली में लाखों की संख्या में एक विशाल धरना प्रदर्शन करने की योजना है। इस सफल वृक्षारोपण अभियान के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने देशभर के कार्यकर्ताओं, अध्यक्षों और समाजसेवियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि "एक वृक्ष दिव्यांग जनों के नाम" मुहिम से जुड़ने वाले सभी लोगों को 7 जून 2026 को संगठन सम्मान पत्र से सम्मानित किया जाएगा।4
- जनगणना कार्य में शानदार प्रदर्शन करने वाले 65 प्रगणकों को जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने सम्मानित किया। यह सम्मान कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक समारोह के दौरान प्रशस्ति-पत्र और फूलमालाएं देकर उनके उत्साहवर्धन के लिए दिया गया। प्रगणकों को मकान सूचीकरण और गणना कार्य को समयबद्ध व त्रुटिरहित ढंग से पूरा करने के लिए सराहा गया। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने भीषण गर्मी में भी घर-घर पहुंचकर सटीक आंकड़े जुटाने वाले इन कर्मचारियों की विशेष सराहना की। उन्होंने जनगणना को राष्ट्र निर्माण और विभिन्न योजनाओं की आधारशिला बताते हुए इसके महत्व पर जोर दिया। बताया गया कि ये 65 प्रगणक कुल 13 चार्ज क्षेत्रों से चयनित किए गए थे। जनगणना 2027 का पहला चरण 20 जून तक चलेगा, और इस सम्मान समारोह में अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।3
- अमरोहा के कलाकार सुमित सागर ने अपने नए ट्रेंडिंग गाने "सिद्धू इज़ अलाइव" की घोषणा की है, जो 6 जून 2026 को यूट्यूब पर रिलीज़ होने वाला है। यह अमरोहा का एक नया एसपी सॉन्ग है, जिसके लिए सभी से समर्थन का आग्रह किया गया है ताकि इसे एक नया ट्रेंड बनाया जा सके।1
- अमरोहा में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहाँ रजबपुर थाना पुलिस ने फिरौती के लिए अपहरण करने के एक मामले में काफी समय से फरार चल रहे ₹25,000 के इनामी बदमाश झम्मन उर्फ राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई बोलेरो कार भी बरामद की है। यह पूरा मामला पिछले महीने 16 मई का है, जब धर्मेंद्र नाम के आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर दीपांशु चौहान का प्लॉट दिखाने के बहाने अपहरण कर लिया था और व्हाट्सएप के जरिए फिरौती मांगी थी। पुलिस इस मामले में तीन आरोपियों को पहले ही जेल भेज चुकी थी, लेकिन संभल का रहने वाला झम्मन फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी पर एसपी ने ₹25,000 का इनाम घोषित किया था। आखिरकार रजबपुर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे फय्याजनगर चौराहे के पास से दबोच लिया है और अब आरोपी को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।1
- अमरोहा के जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने आगामी उत्तर प्रदेश नागरिक पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से सफलतापूर्वक संपन्न कराने के संबंध में एक वक्तव्य जारी किया है।1
- तहसील नौगांवा सादात में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान, जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने संयुक्त रूप से जनता की समस्याओं को सुना। इस अवसर पर, अधिकारियों ने सीधे संवाद के माध्यम से फरियादियों की शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य जनसमस्याओं का त्वरित निवारण करना था। समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, नगर निकाय सहित अन्य विभागों से संबंधित कई शिकायतें प्राप्त हुईं। अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से, कई मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को मौके पर जाकर जांच करने और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों और नगर क्षेत्र के लोगों ने अधिकारियों के समक्ष भूमि विवाद, अवैध कब्जे, सड़क, बिजली और जल निकासी जैसी अपनी विभिन्न समस्याएं रखीं, जिस पर अधिकारियों ने सभी प्रकरणों की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रशासनिक सक्रियता स्पष्ट रूप से दिखाई दी, और अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।3
- दिल्ली के जंतरमंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा किए गए एक विरोध प्रदर्शन के कारण यह स्थान 'जंग का मैदान' बन गया। इस दौरान वहां 'जय श्री राम' के नारे लगातार गूंजते रहे।1