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ग्राम जवाली लाल में भाजपा के जिला अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष और लेना जी ने उम्मीदवार जावेद से मुलाकात की। ये सभी नेता उम्मीदवार जावेद, जो भाजपा के अध्यक्ष भी हैं, से मिलने उनके आवास पर पहुँचे। इस दौरान उन्होंने जावेद के भाइयों के साथ भी चर्चा की।
Javed ji BJP adhyaksh ji. R. J
ग्राम जवाली लाल में भाजपा के जिला अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष और लेना जी ने उम्मीदवार जावेद से मुलाकात की। ये सभी नेता उम्मीदवार जावेद, जो भाजपा के अध्यक्ष भी हैं, से मिलने उनके आवास पर पहुँचे। इस दौरान उन्होंने जावेद के भाइयों के साथ भी चर्चा की।
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- आज लक्सर में उत्तराखंड सरकार के पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। उन्होंने विभिन्न जन-समस्याओं को लेकर सरकार पर वादाखिलाफ़ी का आरोप लगाते हुए तीखा निशाना साधा। रविंद्र सिंह आनंद ने दो टूक शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री धामी लक्सर की जनता से वोट मांगने का हक खो चुके हैं।1
- पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने पंजाब में सरकारी नौकरी का एक बड़ा अवसर प्रस्तुत किया है, जहाँ 6289 सहायक लाइनमैन के पदों पर भर्ती की घोषणा की गई है। यह उन युवाओं के लिए एक शानदार अवसर है जो 10वीं पास होने के साथ-साथ आईटीआई धारक हैं और पंजाबी भाषा का ज्ञान रखते हैं। पंजाब इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड ने इसके लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसे इच्छुक और योग्य उम्मीदवार कॉर्पोरेशन की आधिकारिक वेबसाइट pspcl.in पर ऑनलाइन देख सकते हैं। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 19 जून 2026 से शुरू होंगे। पीएसपीसीएल इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 6,289 रिक्तियां भरेगा, जिसके लिए विभाग ने CRA 317-2026 और CRA 318-2026 नामक दो अलग-अलग भर्ती विज्ञापन जारी किए हैं। इनमें से CRA 317-2026 के माध्यम से 3,289 पदों पर और CRA 318-2026 के माध्यम से 3,000 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिक (10वीं) या इसके समकक्ष परीक्षा पास होना अनिवार्य है। साथ ही, लाइनमैन ट्रेड में आईटीआई (ITI) सर्टिफिकेट या नेशनल अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट (NAC) होना भी जरूरी है। एक बेहद महत्वपूर्ण शर्त यह है कि उम्मीदवार ने 10वीं कक्षा में पंजाबी को एक विषय के रूप में पढ़ा हो और उसमें उत्तीर्ण हुआ हो।1
- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मंडल में एक ज़बरदस्त 'बिजनेस औसधि विराट' उपलब्ध है, जिसके माध्यम से लोगों को रोज़गार के अवसर मिल रहे हैं। यह 'विराट' न केवल लोगों को ज़ोरदार व्यापार प्रदान कर रहा है, बल्कि इसके उपयोग से बीमारियाँ भी दूर होती हैं, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य मिलता है और वे बीमारी से मुक्त रहते हैं।1
- लक्सर के जमदग्नि पब्लिक स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में लोग कन्हैया मित्तल के भजनों पर जमकर झूमे। इस अवसर पर समाजसेवी ओमप्रकाश जमदग्नि भी कन्हैया मित्तल के साथ उत्साहपूर्वक नाचते हुए दिखाई दिए, जिससे कार्यक्रम में और अधिक जोश भर गया।1
- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर राम मंदिर के दान को लेकर तीखा हमला बोला है। पाठक ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जो लोग राम मंदिर निर्माण के लिए दिए गए दान का हिसाब मांग रहे हैं, उन्हें पहले बाबरी मस्जिद के चंदे का भी जवाब देना चाहिए। यह बयान बाराबंकी में मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया। जिला पंचायत सभागार में आयोजित इस भाजपा कार्यक्रम में बृजेश पाठक बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। फिलहाल, राम मंदिर के दान को लेकर सियासत काफी तेज हो गई है, और भारतीय जनता पार्टी व समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।1
- भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो मामले में पूर्व विधायक सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर लिया गया है। राठौर को भाजपा से निष्कासित किया जा चुका है। इस मामले में पूर्व विधायक ने एक बड़े भाजपा नेता का नाम लेने का दावा किया था, जिसके बाद यह गिरफ्तारी हुई है। बताया गया है कि यह ऑडियो उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर के साथ बातचीत का था, जो वायरल हुआ था। इस प्रकरण में देहरादून और बहादराबाद में मुकदमे भी दर्ज किए गए थे।1
- अमरोहा देहात पुलिस ने लूट की एक झूठी कहानी का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को सफेद और पीली धातु के आभूषणों सहित गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने 14 जून 2026 को पुलिस सभागार में पत्रकारों से वार्ता कर इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वादिनी कविता, पत्नी स्व. सुधीश कुमार, निवासी पनसुखा मलिक, थाना एचोडा कम्बोह, जनपद संभल, हाल निवासी मोहल्ला पुष्करनगर, थाना अमरोहा देहात, ने 11 जून 2026 को एक लिखित तहरीर दी थी। इसमें अज्ञात चोरों द्वारा घर में रखे सोने, चांदी के आभूषण और 1 लाख रुपये चोरी किए जाने का आरोप लगाया गया था, जिसके संबंध में थाना अमरोहा देहात में मुकदमा दर्ज किया गया था। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द खुलासा करने के लिए टीमों का गठन कर निर्देश दिए थे। पुलिस ने गहन जांच-पड़ताल के दौरान मोहल्ला पुष्कर नगर, थाना अमरोहा देहात निवासी दुर्गा, पत्नी रोहिताश, और कान्ता, पत्नी सर्वेश कुमार कश्यप को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि 8 जून 2026 को मालिकन कविता के गांव चले जाने के बाद, उन्होंने अपने पति रोहिताश की मदद से कमरा खोला और घर में रखी अलमारी की चाबी से लगभग 20 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और 91 हजार रुपये चोरी कर लिए। इस मामले में रोहिताश मौके से फरार हो गया है। इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक शौकेन्द्र बालियान, प्रभारी एसओजी पंकज तोमर, उप-निरीक्षक राजेश कुमार, कांस्टेबल विकास तोमर, कांस्टेबल कामेश्वर और महिला कांस्टेबल पूनम सैनी शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने इस टीम को 25,000 रुपये का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। पुलिस द्वारा दो चोरों को गिरफ्तार कर आगे की कार्यवाही सुचारू रूप से की जा रही है।1
- धर्म की राजधानी हरिद्वार में सोमवती अमावस्या के अवसर पर आस्था का एक अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालुओं ने माँ गंगा में पुण्य की डुबकी लगाई। शनिवार रात से ही शुरू हुआ स्नान रविवार सुबह तक हरिद्वार की गलियों, पार्किंग स्थलों, राष्ट्रीय राजमार्गों और गंगा के घाटों को श्रद्धालुओं से भर चुका था। हालाँकि सीमित संसाधनों के बावजूद जिला और पुलिस प्रशासन ने इस विशाल स्नान पर्व को सफलतापूर्वक संपन्न कराया, फिर भी जाम, गंदगी, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की कमी ने बड़े सवाल खड़े किए और श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ाई। हर की पैड़ी के साथ-साथ कुशावर्त घाट, सुभाष घाट, गऊघाट, रामघाट, श्रवणनाथ घाट, विष्णुघाट, बिरला घाट, दक्ष घाट, सतीघाट, नीलधारा, लोकनाथ घाट, शालिग्राम घाट, नारायण स्वामी घाट, शिव की पैड़ी, सप्तऋषि घाट, परमार्थ निकेतन घाट और ठोकर नंबर एक से दस तक के सभी स्नान घाटों पर लाखों लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने पीपल पूजन, तर्पण, पिंडदान, नारायणी शिला पूजा, तीर्थ पुरोहितों से संकल्प, दान-दक्षिणा कर अपने और पूर्वजों के मोक्ष तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। लाखों की भीड़ के बावजूद, जिला और पुलिस प्रशासन की यह बड़ी उपलब्धि रही कि उन्होंने सीमित संसाधनों में इस विशाल स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराया और कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। हालाँकि, इस सफल आयोजन के बीच कई ऐसी कमियाँ भी उजागर हुईं, जिनसे भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सबक लेना आवश्यक है। सबसे बड़ी समस्या नेशनल हाईवे पर ई-रिक्शा, थ्री-व्हीलर और भारी वाहनों के कारण उत्पन्न हुई, जहां ई-रिक्शा चालक बीच सड़क पर सवारियां भरते और यू-टर्न लेते दिखे, जिससे बुजुर्ग श्रद्धालुओं को सिर पर सामान ढोकर लंबी दूरी तक पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ा। इसके समाधान के लिए ई-रिक्शा को निर्धारित पार्किंग तक सीमित करने और भारी वाहनों को रात्रि में निकालने जैसे सुझाव दिए गए हैं। दूसरा, हर की पैड़ी सहित कई घाटों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं दिखी, जहां पॉलिथीन और कूड़े के ढेर दिखाई दिए, जिससे गंगा में गंदगी जाने का खतरा बना रहा; इसके लिए विशेष सफाई कर्मचारियों की तैनाती और त्वरित कूड़ा एकत्रण की वकालत की गई। तीसरा, इतने बड़े स्नान पर्व के दौरान भी हर की पैड़ी क्षेत्र में लगभग 50 से 60 अवैध फड़ और कैनी भीड़ के बीच अवरोध बने रहे, जिससे श्रद्धालुओं को निकलने में कठिनाई हुई और हादसे की आशंका बनी रही; ऐसे में स्नान घाटों को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त रखने की आवश्यकता महसूस की गई। चौथी कमी समाजसेवा के दावों की परीक्षा में थी, क्योंकि बैठकों में दिखने वाले कई लोग आयोजनों में सहयोग करते नहीं दिखे; प्रशासन को अखाड़ों के स्वयंसेवकों, ट्रस्टों, वास्तविक समाजसेवियों, एनसीसी और भारत स्काउट गाइड जैसे संगठनों को बैरिकेडिंग व घाटों पर जिम्मेदारी सौंपने का सुझाव दिया गया है। पांचवीं बड़ी परेशानी पानी की भारी कमी थी, जहां पार्किंग स्थलों पर और नेशनल हाईवे पर पैदल चल रहे श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पानी के टैंकर और पेयजल व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। अंत में, महिलाओं को शौचालय व्यवस्था की अपर्याप्तता के कारण सर्वाधिक परेशानी उठानी पड़ी, जिससे उन्हें खुले में जाने के लिए विवश होना पड़ा और उन्हें शर्म व असुविधा का सामना करना पड़ा; भविष्य के आयोजनों में महिलाओं की गरिमा और सुविधा को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया है। इन चुनौतियों के बीच, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित स्वयं पूरी रात और तड़के सुबह तक स्नान व्यवस्था की निगरानी करते हुए बेहद गंभीर और सतर्क दिखाई दिए। हर की पैड़ी पुलिस चौकी से उन्होंने लगातार प्रमुख स्नान घाटों पर नजर बनाए रखी और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उनके इस समर्पण को कई लोगों ने "मां गंगा के दरबार में एक सेवक की मौन प्रार्थना" के रूप में देखा, जिसका परिणाम यह रहा कि सीमित संसाधनों, रिकॉर्ड तोड़ भीड़ और भारी दबाव के बावजूद प्रशासन इस विशाल स्नान पर्व को सकुशल संपन्न करा पाया। हालाँकि यातायात, पेयजल, सफाई, शौचालय और अतिक्रमण जैसी कमियां भविष्य के लिए गंभीर चिंतन का विषय बनी हुई हैं, जिला प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व की मैदानी मौजूदगी ने हालात को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह महापर्व करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक तो बना, पर साथ ही इसने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी खड़े किए। माँ गंगा के दरबार में आने वाला श्रद्धालु केवल पुण्य कमाने नहीं आता, बल्कि वह व्यवस्था, सम्मान, स्वच्छता और सुरक्षा की अपेक्षा भी रखता है। यदि जाम पर नियंत्रण, अतिक्रमण पर अंकुश, पेयजल, शौचालय और सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए, तो हरिद्वार वास्तव में धर्म, आस्था और उत्कृष्ट प्रबंधन का आदर्श उदाहरण बन सकता है। स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ के अनुसार, "तीर्थ की पवित्रता बनाए रखना केवल प्रशासन का नहीं, हम सभी का सामूहिक दायित्व है।" यह महापर्व इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि प्रशासनिक संवेदनशीलता, माँ गंगा की कृपा और श्रद्धालुओं का सहयोग मिलकर करोड़ों की भीड़ को भी अनुशासन और शांति के साथ पुण्य स्नान पूर्ण करा सकते हैं।4
- मुजफ्फरनगर के जिला अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसकी भयावहता तब सामने आई जब सर्जिकल वार्ड में ही एक 3 वर्षीय बच्ची पर एक आवारा कुत्ते ने हमला कर उसे बुरी तरह नोच डाला। इस खौफनाक घटना में घायल बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह बच्ची अपने परिजनों के साथ अस्पताल में उपचार कराने आई थी, तभी सर्जिकल वार्ड में घूम रहे आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह कुत्ते को भगाकर बच्ची को बचाया और उसे तत्काल उपचार उपलब्ध कराया गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बच्ची के परिजनों में गहरा रोष व्याप्त हो गया। अस्पताल आने वाले अन्य मरीजों और तीमारदारों ने बताया कि परिसर में बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं, जिससे हमेशा किसी दुर्घटना का डर बना रहता है। उन्होंने जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1