जन-जन की सहभागिता से ऐतिहासिक बना दीक्षा महोत्सव सामाजिक समरसता, सौहार्द और एकता की क्षेत्रवासियों ने अनुपम मिसाल पेश की शाकिर खान रामगंजमंडी शहर में आयोजित श्वेतांबर जैन समाज के दीक्षा महोत्सव में शासन रत्न मेहता परिवार के पुरुषार्थ त्याग तपस्या संयम समर्पण से संपूर्ण क्षेत्र गौरवान्वित है। इस धार्मिक आयोजन के साथ- सामाजिक समरसता, सौहार्द और एकता का निर्माण हुआ । पांच दिवसीय इस भव्य आयोजन में सकल जैन समाज के साथ सर्व समाज के लोगों ने सहभागिता निभाकर सामाजिक सद्भाव की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की। राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी आयोजन की भव्यता, अनुशासन और सामाजिक सहभागिता की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया। दीक्षा महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ओम बिरला की गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की प्रभावना राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची। वहीं कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर की प्रेरणा से पूरे आयोजन में डिस्पोजल सामग्री का उपयोग नहीं किया गया। दिलावर ने कहा कि उन्होंने जीवन में पहली बार जैन दीक्षा देखी और यह उनके लिए अत्यंत भावुक एवं आत्मस्पर्शी अनुभव रहा। आयोजन में पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल, निर्मल कुमार सकलेचा एवं अनिल जैन की गरिमामयी उपस्थिति भी रही।संयम मेहता की दीक्षा के निमित्त क्षेत्र में पधारे पूज्य आचार्य आनंदचंद्र सागर सूरी जी एवं मुनि श्री चरित्रचंद्र सागर जी महाराज के हृदयस्पर्शी प्रवचनों ने मानव जीवन के वास्तविक मूल्यों को प्रस्तुत कर जनमानस को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया। पूज्य साध्वी मुक्तिप्रिया श्रीजी एवं मृदुप्रिया श्रीजी ने भी आयोजन की आध्यात्मिक पृष्ठभूमि को सशक्त स्वर प्रदान किया।पत्रिका लेखन से प्रारंभ हुआ यह आध्यात्मिक प्रवाह साध्वी मंडल एवं बहन महाराज साहब युगादि श्रीजी के मंगल प्रवेश, पूज्य आचार्य के मंगल प्रवचन, आगमोद्वारक नगरी उद्घाटन, शक्रस्तव अभिषेक, सिद्धचक्र पूजन, हल्दी, मेहंदी, बिंदोली, वर्षीदान यात्रा, विदाई समारोह एवं प्रवज्जा ग्रहण जैसे आयोजनों के साथ निरंतर चरम पर पहुंचता गया। पूज्य आचार्य के विहार के दौरान उमड़ा जनसैलाब इस आयोजन की ऐतिहासिकता का प्रत्यक्ष प्रमाण बना।सकल जैन समाज की एकता को सुदृढ़ बनाने में दिगंबर मुनि श्री निष्पक्ष सागर जी एवं श्री निस्पृह सागर जी महाराज का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। दीक्षा महोत्सव में सर्व समाज की सहभागिता विशेष रूप से प्रेरणादायी रही। कंचन सिटी स्थित आगमोद्वारक नगरी का उद्घाटन पोरवाल परिवार द्वारा किया गया। नवदीक्षित युगादि चंद्र सागर जी को पानी पीने हेतु तर्पणी मेघवाल समाज ने भेंट की, जिसका उपयोग वे साधु जीवन में करेंगे। अंतिम स्नान और वस्त्र परिवर्तन का लाभ ओम जी चमावलिया परिवार ने लिया और सपत्नी आजीवन लहसन प्याज के त्याग कां संकल्प ग्रहण किया माहेश्वरी समाज एवं परिवार ने उत्साहपूर्वक बिंदोली निकाली और प्रथम तिलक का लाभ प्राप्त किया। नवदीक्षित के साधु जीवन में उपयोग होने वाले वस्त्र एवं उपकरण अग्रवाल परिवार द्वारा भेंट किए गए। सुप्रभात समूह ने भोजन वितरण व्यवस्था में उल्लेखनीय सेवाएं प्रदान कीं। तीर्थ क्षेत्र घसोई, परासली जी, आवर जैन समाज प्रतापगढ़ जैन समाज संवेदक प्रवीण गुरु जी इंदौर दीक्षा विधि सहयोगी नवकार परिवार इंदौर, श्री दिगंबर जैन नसिया जी, कंचन सिटी तेजमल सर्राफ, आचार्य आवास प्रकाश जैन , श्री अमन बोहरा होटल शांति पैलेस , सब्जी विक्रेता करनानी परिवार ने भी अपनी महत्वपूर्ण निशुल्क सेवाएं प्रदान की। दीक्षा महोत्सव को सफल बनाने में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संस्थाओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के लिए 30 विभिन्न समितियों का गठन किया गया था, जिनमें समाजबंधुओं, जैन नवयुवक मंडल एवं जैन महिला मंडल को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इसके अतिरिक्त ओम गुर्जर, नेमीचंद इंडानी, संदीप गुप्ता, पंकज काला एवं दीपक शाह , मनोज करनानी ने भी स्वेच्छा से व्यक्तिगत सेवाएं प्रदान कीं।दीक्षा महोत्सव समिति के सचिव वीरेंद्र जैन ने कहा कि जन-जन की सहभागिता से ही यह आयोजन ऐतिहासिक बन पाया है। सामाजिक समरसता, सौहार्द एवं एकता की जो अनुपम मिसाल इस आयोजन ने प्रस्तुत की है, वह क्षेत्र के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगी। उन्होंने कहा कि मई की भीषण गर्मी के बीच वर्षीदान यात्रा के दौरान प्रकृति ने भी मानो आशीर्वाद स्वरूप छाया प्रदान कर उत्साह को और बढ़ा दिया। शहर की सड़कों, छतों, बालकनियों एवं घरों के द्वारों पर खड़े लोगों ने दीक्षार्थी संयम मेहता का जिस आत्मीयता से स्वागत और बहुमान किया, वह रामगंजमंडी की सामाजिक एकता का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक जैन समाज का नहीं, बल्कि जन-जन का कार्यक्रम बन गया था। नगरवासियों एवं सर्व समाज ने इसे अपना आयोजन मानकर जिस आत्मीयता से सहभागिता निभाई, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का विषय रहेगा। सकल जैन समाज की एकता और सर्व समाज की यही सामूहिकता हमें अक्षुण्य रखते हुए इसे दीक्षा महोत्सव की अनुपम उपलब्धि के रूप में मजबूत करते जाना है। दीक्षा महोत्सव आयोजन समिति एवं मेहता परिवार ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी समाजबंधुओं, संस्थाओं एवं नगरवासियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
जन-जन की सहभागिता से ऐतिहासिक बना दीक्षा महोत्सव सामाजिक समरसता, सौहार्द और एकता की क्षेत्रवासियों ने अनुपम मिसाल पेश की शाकिर खान रामगंजमंडी शहर में आयोजित श्वेतांबर जैन समाज के दीक्षा महोत्सव में शासन रत्न मेहता परिवार के पुरुषार्थ त्याग तपस्या संयम समर्पण से संपूर्ण क्षेत्र गौरवान्वित है। इस धार्मिक आयोजन के साथ- सामाजिक समरसता, सौहार्द और एकता का निर्माण हुआ । पांच दिवसीय इस भव्य आयोजन में सकल जैन समाज के साथ सर्व समाज के लोगों ने सहभागिता निभाकर सामाजिक सद्भाव की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की। राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी आयोजन की भव्यता, अनुशासन और सामाजिक सहभागिता की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया। दीक्षा महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ओम बिरला की गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की प्रभावना राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची। वहीं कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर की प्रेरणा से पूरे आयोजन में डिस्पोजल सामग्री का उपयोग नहीं किया गया। दिलावर ने कहा कि उन्होंने जीवन में पहली बार जैन दीक्षा देखी और यह उनके लिए अत्यंत भावुक एवं आत्मस्पर्शी अनुभव रहा। आयोजन में पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल, निर्मल कुमार सकलेचा एवं अनिल जैन की गरिमामयी उपस्थिति भी रही।संयम मेहता की दीक्षा के निमित्त क्षेत्र में पधारे पूज्य आचार्य आनंदचंद्र सागर सूरी जी एवं मुनि श्री चरित्रचंद्र सागर जी महाराज के हृदयस्पर्शी प्रवचनों ने मानव जीवन के वास्तविक मूल्यों को प्रस्तुत कर जनमानस को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया। पूज्य साध्वी मुक्तिप्रिया श्रीजी एवं मृदुप्रिया श्रीजी ने भी आयोजन की आध्यात्मिक पृष्ठभूमि को सशक्त स्वर प्रदान किया।पत्रिका लेखन से प्रारंभ हुआ यह आध्यात्मिक प्रवाह साध्वी मंडल एवं बहन महाराज साहब युगादि श्रीजी के मंगल प्रवेश, पूज्य आचार्य के मंगल प्रवचन, आगमोद्वारक नगरी उद्घाटन, शक्रस्तव अभिषेक, सिद्धचक्र पूजन, हल्दी, मेहंदी, बिंदोली, वर्षीदान यात्रा, विदाई समारोह एवं प्रवज्जा ग्रहण जैसे आयोजनों के साथ निरंतर चरम पर पहुंचता गया। पूज्य आचार्य के विहार के दौरान उमड़ा जनसैलाब इस आयोजन की ऐतिहासिकता का प्रत्यक्ष प्रमाण बना।सकल जैन समाज की एकता को सुदृढ़ बनाने में दिगंबर मुनि श्री निष्पक्ष सागर जी एवं श्री निस्पृह सागर जी महाराज का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। दीक्षा महोत्सव में सर्व समाज की सहभागिता विशेष रूप से प्रेरणादायी रही। कंचन सिटी स्थित आगमोद्वारक नगरी का उद्घाटन पोरवाल परिवार द्वारा किया गया। नवदीक्षित युगादि चंद्र सागर जी को पानी पीने हेतु तर्पणी मेघवाल समाज ने भेंट की, जिसका उपयोग वे साधु जीवन में करेंगे। अंतिम स्नान और वस्त्र परिवर्तन का लाभ ओम जी चमावलिया परिवार ने लिया और सपत्नी आजीवन लहसन प्याज के त्याग कां संकल्प ग्रहण किया माहेश्वरी समाज एवं परिवार ने उत्साहपूर्वक बिंदोली निकाली और प्रथम तिलक का लाभ प्राप्त किया। नवदीक्षित के साधु जीवन में उपयोग होने वाले वस्त्र एवं उपकरण अग्रवाल परिवार द्वारा भेंट किए गए। सुप्रभात समूह ने भोजन वितरण व्यवस्था में उल्लेखनीय सेवाएं प्रदान कीं। तीर्थ क्षेत्र घसोई, परासली जी, आवर जैन समाज प्रतापगढ़ जैन समाज संवेदक प्रवीण गुरु जी इंदौर दीक्षा विधि सहयोगी नवकार परिवार इंदौर, श्री दिगंबर जैन नसिया जी, कंचन सिटी तेजमल सर्राफ, आचार्य आवास प्रकाश जैन , श्री अमन बोहरा होटल शांति पैलेस , सब्जी विक्रेता करनानी परिवार ने भी अपनी महत्वपूर्ण निशुल्क सेवाएं प्रदान की। दीक्षा महोत्सव को सफल बनाने में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संस्थाओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के लिए 30 विभिन्न समितियों का गठन किया गया था, जिनमें समाजबंधुओं, जैन नवयुवक मंडल एवं जैन महिला मंडल को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इसके अतिरिक्त ओम गुर्जर, नेमीचंद इंडानी, संदीप गुप्ता, पंकज काला एवं दीपक शाह , मनोज करनानी ने भी स्वेच्छा से व्यक्तिगत सेवाएं प्रदान कीं।दीक्षा महोत्सव समिति के सचिव वीरेंद्र जैन ने कहा कि जन-जन की सहभागिता से ही यह आयोजन ऐतिहासिक बन पाया है। सामाजिक समरसता, सौहार्द एवं एकता की जो अनुपम मिसाल इस आयोजन ने प्रस्तुत की है, वह क्षेत्र के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगी। उन्होंने कहा कि मई की भीषण गर्मी के बीच वर्षीदान यात्रा के दौरान प्रकृति ने भी मानो आशीर्वाद स्वरूप छाया प्रदान कर उत्साह को और बढ़ा दिया। शहर की सड़कों, छतों, बालकनियों एवं घरों के द्वारों पर खड़े लोगों ने दीक्षार्थी संयम मेहता का जिस आत्मीयता से स्वागत और बहुमान किया, वह रामगंजमंडी की सामाजिक एकता का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक जैन समाज का नहीं, बल्कि जन-जन का कार्यक्रम बन गया था। नगरवासियों एवं सर्व समाज ने इसे अपना आयोजन मानकर जिस आत्मीयता से सहभागिता निभाई, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का विषय रहेगा। सकल जैन समाज की एकता और सर्व समाज की यही सामूहिकता हमें अक्षुण्य रखते हुए इसे दीक्षा महोत्सव की अनुपम उपलब्धि के रूप में मजबूत करते जाना है। दीक्षा महोत्सव आयोजन समिति एवं मेहता परिवार ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी समाजबंधुओं, संस्थाओं एवं नगरवासियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
- रामगंजमंडी के हिरियाखेड़ी हाईवे पर ट्रेलर की लापरवाही ने एक दर्दनाक हादसे को जन्म दिया। बिना इंडिकेटर यू-टर्न लेने से बाइक सवार राहुल की मौके पर मौत हो गई, जबकि उसका साथी लक्की गंभीर घायल है।1
- पड़ोसी झालावाड़ जिले के खानपुर स्थित सूमर स्कूल में लाखों की लागत से नए रसोईघर का निर्माण चल रहा है। निर्माण स्थल पर सुरक्षा घेरा न होने से बच्चों की जान को खतरा है, जिसके कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।1
- पोक्सो न्यायालय ने नाबालिग से बलात्कार के आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास व 28000 के अर्थदण्ड से दण्डित किया। झालावाड़। विशिष्ट न्यायालय पोक्सो कोर्ट न-1, झालावाड़ के विशेष जज ने बारां जिले के रहने वाले एक 37 आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। विशिष्ठ लोक अभियोजक गिरिराज नागर ने बताया कि 1 जून 2025 को फरियादिया पीड़िता की मां ने झालरापाटन थाना झालावाड़ में एक रिपोर्ट देकर बताया कि उसकी पुत्री 12 मई 2025 को अपने फूफा के यहां मिलने के लिए मण्डावर गई थी, 16 मई 2025 को उसका रिश्तेदार आरोपी बेटी को भगाकर ले गया ,पीड़िता को काफी तलाश करने पर जब वह नहीं मिली तो पीड़िता की मां ने झालरापाटन थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई।1
- झालावाड़-सांसद दुष्यंत सिंह की जनसंवाद पदयात्रा,खानपुर के राजपुरा भीमसागर से पदयात्रा का हुआ शुभारंभ,पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने पदयात्रा का किया शुभारंभ, मऊ महल में बिजासन माता की पूजा अर्चना के साथ किया पदयात्रा का आगाज,बाद में पूर्व सीएम ने पदयात्रा को दिखाई झंडी,राजपुरा में एक जनसभा को भी किया संबोधित,46 करोड़ के विभिन्न कार्यों का भी किया लोकार्पण,चार दिवसीय रहेगी सांसद दुष्यंत सिंह की जनसंवाद पदयात्रा। झालावाड़-बारां सांसद दुष्यंत सिंह द्वारा की जा रही जन संवाद पदयात्रा के पांचवे चरण का आज खानपुर विधानसभा क्षेत्र के राजपुरा भीमसागर से शुभारंभ हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झंडी दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके पुत्र सांसद दुष्यंत सिंह ने मऊ महल में स्थापित अति प्राचीन बिजासन माता जी की पूजा अर्चना भी की, जिसके बाद पदयात्रा का शुभारंभ किया गया। पदयात्रा का शुभारंभ करने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व सांसद दुष्यंत सिंह ने एक जनसभा को भी संबोधित किया। इस दौरान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अलका मूंदड़ा, डग विधायक कालूराम मेघवाल, खानपुर से पूर्व विधायक नरेंद्र नागर, भाजपा जिला अध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा तथा पूर्व जिला अध्यक्ष संजय जैन सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता व कार्यकर्ता गण मौजूद रहे। सांसद दुष्यंत सिंह द्वारा झालावाड़ जिले की सभी विधानसभा क्षेत्र में जन संवाद पदयात्राएं निकाली जा रही है। पदयात्रा के पांचवे चरण की शुरूआत आज खानपुर विधानसभा क्षेत्र के भीमसागर क्षेत्र के राजपुरा से की गई। शुभारंभ से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को सांसद दुष्यंत सिंह ने मऊ महल में स्थित बिजासन माता की पूजा अर्चना की। जिसके बाद वे राजपुरा स्थित जनसभा स्थल पहुंची और खानपुर तथा बकानी क्षेत्र में 46 करोड़ रुपए लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। यह दौरान सांसद दुष्यंत सिंह ने भी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब क्षेत्र का किसान और मजदूर तपती दोपहरी में काम कर सकता है, तो वह भी चाहते हैं कि इन किसानों श्रमिकों को और जरूरतमंदों का दर्द और समस्याओं को जाना जाए। इसलिए उनके द्वारा भीषण गर्मी में भी यह जन संवाद पदयात्रा निकाली जा रही है। उनके द्वारा जनसभा पदयात्रा के पिछले चार चरणों में 2000 से अधिक जन समस्याएं सामना आई थी। जिसमें से 70% से अधिक समस्याओं का निस्तारण कर दिया गया है। जन संवाद के पांचवे चरण में भी जन समस्याओं का तुरंत निस्तारण किया जाएगा। बाद में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि झालावाड़ में जब वे पहली बार आई थी, तो यहां पहुंचना भी मुश्किल हुआ करता था। लेकिन यहां आज चमचमाती सड़के, रेल लाइन, हवाई अड्डा तथा रोजगार के आयाम है। 35 वर्षों में झालावाड़ जिले की बदलती तस्वीर को तीन पीढ़ियों ने देखा है। उन्होंने कहा कि सांसद दुष्यंत सिंह किसानों के मुआवजे के लिए भी निरंतर प्रयासरत रहे और अभी केंद्र सरकार से करीब 500 करोड रुपए के लगभग का मुआवजा स्वीकृत करवा लिया है। किसानों को लंबे समय से मुआवजे के लिए इंतजार करना पड़ रहा था, लेकिन अब सांसद दुष्यंत सिंह के प्रयास से मुआवजा किसानों के खातों में पहुंचने लगा है। वसुंधरा राजे ने सांसद दुष्यंत सिंह की इस गर्मी में जन संवाद पदयात्रा निकालने को लेकर भी तारीफ की।4
- राजस्थान के भीमसगर में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सांसद दुष्यंत सिंह की 'जनसंवाद पदयात्रा' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा 11 से 14 मई तक गांवों में जाकर सीधे ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं का निराकरण करेगी। राजे ने इस दौरान प्रदेश की खुशहाली के लिए पूजा भी की।1
- झालावाड़ में प्रशासन ने लोगों को छोटी सी मजाक के गंभीर परिणामों के प्रति सावधान किया है। यह चेतावनी उन घटनाओं के मद्देनजर दी गई है जहाँ असावधानीपूर्वक की गई हंसी-मजाक जानलेवा साबित हो सकती है।1
- राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे 27 साल बाद झालावाड़ के भीमसागर-छत्रपुरा पहुंचीं। उनके ऐतिहासिक आगमन से स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। इस दौरे को आगामी राजनीतिक घटनाक्रम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- कोटा के रामगंजमंडी स्थित दरा नाल के पास एक अनियंत्रित कार गहरी खाई में जा गिरी। खराब सड़क के कारण हुए इस हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई, लेकिन उसमें सवार लोग सुरक्षित बच गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को बाहर निकाला गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।1