न्यायालय से जारी वारंटों के शत-प्रतिशत अनुपालन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, डेरापुर पुलिस ने चेक बाउंस के एक मामले में फरार चल रहे एक वारंटी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस के मुताबिक, डिलौलिया गांव निवासी संतोष पुत्र श्रीपाल के खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (एनआई एक्ट) के तहत एक मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मामले की सुनवाई के दौरान लगातार अनुपस्थित रहने के कारण न्यायालय ने उसके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। वारंट जारी होने के बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में चौकी प्रभारी गिरीश चंद्र को सूचना मिली कि वारंटी संतोष अपने गांव डिलौलिया में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाने लाया गया, जहां आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके उपरांत उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। थाना प्रभारी धीरेन्द्र कुमार ने सोमवार शाम करीब पांच बजे बताया कि न्यायालय से जारी वारंटों के शत-प्रतिशत अनुपालन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत फरार एवं वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है।
न्यायालय से जारी वारंटों के शत-प्रतिशत अनुपालन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, डेरापुर पुलिस ने चेक बाउंस के एक मामले में फरार चल रहे एक वारंटी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस के मुताबिक, डिलौलिया गांव निवासी संतोष पुत्र श्रीपाल के खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (एनआई एक्ट) के तहत एक मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मामले की सुनवाई के दौरान लगातार अनुपस्थित रहने के कारण न्यायालय ने उसके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। वारंट जारी होने के बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में चौकी प्रभारी गिरीश चंद्र को सूचना मिली कि वारंटी संतोष अपने गांव डिलौलिया में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाने लाया गया, जहां आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके उपरांत उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। थाना प्रभारी धीरेन्द्र कुमार ने सोमवार शाम करीब पांच बजे बताया कि न्यायालय से जारी वारंटों के शत-प्रतिशत अनुपालन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत फरार एवं वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर स्थित एसकेआईटी महाविद्यालय के पास से गुजर रही सेगुर नदी में सोमवार सुबह करीब 7 बजे एक अज्ञात महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ मौके का मुआयना किया, जरूरी साक्ष्य इकट्ठा किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। जानकारी के अनुसार, आराजी गांव के कुछ ग्रामीण सोमवार सुबह शौच के लिए नदी किनारे गए थे, तभी उनकी नजर नदी में तैरते एक शव पर पड़ी। ग्रामीणों ने तुरंत डायल 112 और मंगलपुर पुलिस को खबर दी। सूचना मिलते ही एएसआई कमलेश कुमार यादव, महिला कांस्टेबल अंशू राजपूत और करिश्मा मौके पर पहुंचे और शव को नदी से बाहर निकलवाया। पुलिस के मुताबिक, मृतका ने लाल रंग का कुर्ता-सलवार और अंदर बनियान व चड्डी पहन रखी थी। शव काफी पुराना होने के कारण सड़ चुका था और उससे बदबू आ रही थी। चेहरे का अधिकतर हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की वजह से उसकी पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है। शुरुआती जांच में मृतका के पैरों में बिछिया न होने से उसके अविवाहित होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मंगलपुर पुलिस की सूचना पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। थाना प्रभारी निरीक्षक महेश दुबे ने बताया कि प्रथम दृष्टया शव करीब 10 से 12 दिन पुराना लग रहा है और संभवतः यह बहकर यहां तक आया है। पुलिस द्वारा मृतका की पहचान कराने की कोशिशें जारी हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।4
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र की संदलपुर चौकी के अंतर्गत एक गांव निवासी व्यक्ति ने 22 मई को थाना पुलिस को तहरीर देकर शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि गांव का ही निवासी विशाल बाबू उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी विशाल बाबू की तलाश शुरू कर दी थी। मामले की विवेचना के दौरान, संदलपुर चौकी प्रभारी अरविंद मिश्रा को मुखबिर से सूचना मिली। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, उन्होंने सोमवार को करीब 11 बजे बिरहाना ओवरब्रिज के पास से आरोपी विशाल बाबू को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, पुलिस आरोपी को थाने ले आई और वहां आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक महेश कुमार दुबे ने जानकारी दी कि आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था और पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी हुई थी। सोमवार को गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस द्वारा इस मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- न्यायालय से जारी वारंटों के शत-प्रतिशत अनुपालन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, डेरापुर पुलिस ने चेक बाउंस के एक मामले में फरार चल रहे एक वारंटी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस के मुताबिक, डिलौलिया गांव निवासी संतोष पुत्र श्रीपाल के खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (एनआई एक्ट) के तहत एक मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मामले की सुनवाई के दौरान लगातार अनुपस्थित रहने के कारण न्यायालय ने उसके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। वारंट जारी होने के बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में चौकी प्रभारी गिरीश चंद्र को सूचना मिली कि वारंटी संतोष अपने गांव डिलौलिया में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाने लाया गया, जहां आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके उपरांत उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। थाना प्रभारी धीरेन्द्र कुमार ने सोमवार शाम करीब पांच बजे बताया कि न्यायालय से जारी वारंटों के शत-प्रतिशत अनुपालन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत फरार एवं वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- जनपद प्रतापगढ़ के थाना आसपुर देवसरा पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाँच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। नियमित चेकिंग अभियान के दौरान, पुलिस ने इन आरोपियों को पकड़कर उनके कब्जे से प्रतिबंधित नशीला पदार्थ एमडी (मेथामफेटामाइन ड्रग्स) बरामद किया। इस कार्रवाई में तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मारुति अर्टिगा कार और एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल भी पुलिस ने बरामद की। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी नशीले पदार्थों की आपूर्ति और तस्करी के एक बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार ने पुष्टि की कि थाना आसपुर देवसरा पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें पाँच अभियुक्तों को एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ा गया। पुलिस ने बरामद वाहनों को भी अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। पुलिस अब इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर उनके अन्य साथियों और तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।1
- रसूलाबाद तहसील क्षेत्र के नयापुरवा सिठऊ मताना गांव निवासी बेचेलाल ने गांव के कुछ लोगों पर अपनी जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने रसूलाबाद उपजिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित बेचेलाल की पत्नी ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए बताया कि गांव के ही कुछ दबंग लोग उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार, जब भी वे इसका विरोध करते हैं, तो आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं, जिससे उनका पूरा परिवार भयभीत है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार समझाने के बावजूद दबंग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है और अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, उपजिलाधिकारी से शिकायत की जा चुकी है, जिसके बाद प्रशासन द्वारा मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।1
- औरैया जिले में पुलिस आरक्षी नागरिक व समकक्ष पदों पर आयोजित भर्ती परीक्षा की द्वितीय पाली में कुल 4320 अभ्यर्थियों को शामिल होना निर्धारित था। इस दौरान दूसरी पाली की परीक्षा में 985 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, औरैया में द्वितीय पाली में 77.82% अभ्यर्थियों ने पुलिस भर्ती परीक्षा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि 22.18% अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा छोड़ दी।1
- कानपुर देहात के राजपुर थाना क्षेत्र के सिलहरा गांव में शुक्रवार को डेढ़ वर्षीय बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्ची बैड पर सो रही थी, तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) राजपुर ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सिलहरा गांव निवासी श्याम पाल की पत्नी अंजू कुमारी के अनुसार, उनकी डेढ़ वर्षीय बेटी राधिका कमरे में बैड पर सो रही थी, जबकि अंजू घर के आंगन में अपने दैनिक कार्य कर रही थीं। इसी दौरान राधिका अचानक बैड से नीचे गिर गई। गिरने की आवाज सुनकर अंजू कमरे में पहुँचीं और राधिका को जमीन पर बेहोश पाया। परिजन बच्ची को तुरंत उपचार के लिए पीएचसी राजपुर ले गए, जहाँ मौजूद चिकित्सक डॉ. जी.पी. द्विवेदी ने उसे मृत घोषित कर दिया। श्याम पाल रेलवे में निजी नौकरी करते हैं। राधिका तीन बच्चों में सबसे छोटी थी; उसकी बड़ी बहन रागिनी (6) और भाई कार्तिक (3) हैं। मासूम राधिका की मौत की खबर मिलते ही परिवार में गहरा कोहराम मच गया। इस संबंध में राजपुर थाना अध्यक्ष सनत कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।1
- कानपुर देहात के राजपुर कस्बे में बंदरों का आतंक लगातार जारी है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बंदरों के झुंड बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को काटकर घायल कर रहे हैं। हाल ही में एक 8 वर्षीय बच्ची रमसा पर हमला कर उसका मांस नोच लिया गया। कन्हैया नगर निवासी रिहाना ने बताया कि उनकी बेटी रमसा घर के अंदर लघुशंका के लिए जा रही थी, तभी आंगन में बैठे बंदरों ने उस पर हमला कर दिया और रमसा के बाएं हाथ का मांस निकाल ले गए। शोर सुनकर मां रिहाना दौड़ीं और देखा कि बेटी के हाथ से खून बह रहा था। परिजनों ने आनन-फानन में रमसा को राजपुर पीएचसी में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टर मनोज कुमार ने उसे एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगाया और प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया। बंदरों के इस आतंक के चलते लोहिया नगर के अनीस सिद्दीकी ने बताया कि बच्चे डर के मारे बाहर खेलने जाने से भी कतराते हैं। मुखर्जी नगर के दीपक मिश्रा और रामू कटियार ने जानकारी दी कि उनके पड़ोस में रहने वाली एक 60 वर्षीय वृद्धा को बंदरों ने खदेड़कर छत से गिरा दिया था। अंबेडकर नगर के अनीस खान ने चार साल पहले की एक घटना का भी जिक्र किया, जब बंदरों के झुंड ने एक महिला को दौड़ाया था, जिससे वह छत से खुले आंगन में गिर गई और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया था। पटेल नगर के अरशद मंसूरी के मुताबिक, उनके इलाके में अब तक आधा दर्जन लोग बंदरों के काटने से घायल हो चुके हैं। बंदरों के आतंक से बचने के लिए, सुबह टहलने जाते समय भी महिलाएं और पुरुष हाथों में डंडा लेकर चलते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते बंदरों को नहीं पकड़ा गया तो और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं, और उन्होंने ईओ से जल्द बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। इस संबंध में राजपुर की ईओ नीति त्रिपाठी ने बताया कि जिन वार्डों में बंदरों का आतंक है, उन वार्डों का विवरण तैयार किया जा रहा है। यह विवरण वन विभाग को पत्राचार के माध्यम से भेजा जाएगा और जल्द ही बंदरों को पकड़वाने की व्यवस्था की जाएगी।3