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क्षेत्राधिकारी अकबरपुर संजय कुमार सिंह ने बताया कि गजनेर थाना क्षेत्र के जसवापुर गांव में स्थित एक नाले पर बम जैसी संदिग्ध वस्तु मिली है। इस संबंध में अनिल कुमार ने 112 नंबर पर सूचना दी थी। जानकारी मिलते ही, गजनेर थाना प्रभारी, अन्य पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल को सुरक्षित करवाया और ए.एस. चेक टीम को भी मौके पर बुलाया। इसके अतिरिक्त, बी.डी.एस. (बम निरोधक दस्ता) टीम को भी इस घटना की सूचना दे दी गई है।
Arvind sharma kanpur dehat
क्षेत्राधिकारी अकबरपुर संजय कुमार सिंह ने बताया कि गजनेर थाना क्षेत्र के जसवापुर गांव में स्थित एक नाले पर बम जैसी संदिग्ध वस्तु मिली है। इस संबंध में अनिल कुमार ने 112 नंबर पर सूचना दी थी। जानकारी मिलते ही, गजनेर थाना प्रभारी, अन्य पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल को सुरक्षित करवाया और ए.एस. चेक टीम को भी मौके पर बुलाया। इसके अतिरिक्त, बी.डी.एस. (बम निरोधक दस्ता) टीम को भी इस घटना की सूचना दे दी गई है।
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- कानपुर देहात के जिलाधिकारी कपिल सिंह ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में माती स्थित ईवीएम वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने वेयरहाउस की सीसीटीवी व्यवस्था, साफ-सफाई और रखरखाव का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने इन सभी पहलुओं की जांच के उपरांत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- मूल पोस्ट के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि एक निश्चित कहानी पर 1076 लगाने की आवश्यकता होगी।1
- राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के मद्देनज़र, प्रदेश भर में बेसमेंट और बिना फायर एनओसी के चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई का अभियान जारी है। इसी क्रम में, बुधवार को जालौन जिला प्रशासन ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे संस्थानों के खिलाफ अभियान चलाया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देश पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए जनपद में तहसीलवार पांच संयुक्त जांच टीमों का गठन किया गया है, जिनमें विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि सबसे पहले कोचिंग संस्थानों का चिन्हांकन किया जा रहा है, और जांच में यह देखा जा रहा है कि कहां पर संस्थान बिना अनुमति के चल रहे हैं, कहां पर फायर सेफ्टी के इंतज़ाम नहीं हैं, और कौन से कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। जहां बचाव के पर्याप्त संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिली, वहां के संस्थानों को सील किया जा रहा है। जिला प्रशासन की टीम ने बुधवार को जनपद के एक दर्जन से अधिक पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की जांच की। जांच में ये सभी सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद उन्हें सील कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण और सीलिंग का यह क्रम लगातार जारी रहेगा जब तक सभी अवैध और असुरक्षित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। इसके साथ ही, प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक करने का कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है, जिसमें उन्हें यह बताया जा रहा है कि वे उन इमारतों में जाएं, जहां सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन निकास और अग्निशमन प्रबंध मौजूद हों। जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए यह अभियान मिशन मोड पर चलाया जा रहा है।1
- यह संदेश उन लोगों को प्रेरित करता है जिनके अरमानों को ठोकरों ने मिटा दिया है और जिन्हें वक्त ने हर मोड़ पर आजमाया है। इसमें कहा गया है कि केवल वही लोग कलम उठाकर एक नया इतिहास लिखेंगे, जिन्होंने अपने सीने में दर्द को सँजोया है और चुनौतियों का सामना किया है।1
- जनपद जालौन में आटा थाना पुलिस ने एक बड़ी चोरी का खुलासा करते हुए लगभग 21 लाख रुपये के चोरी किए गए सोने के दो टुकड़े (135 ग्राम) और 97,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने दो चोरों को भी गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मनोज सिंह द्वारा 23.06.2026 को आटा थाने में दर्ज कराई गई एक तहरीर के बाद की गई, जिसमें उन्होंने अपनी माँ और बड़ी बहू के घर से घर में रखे सोने के टुकड़े (थपिया) चोरी होने की सूचना दी थी। इस संबंध में आटा थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक जालौन के पर्यवेक्षण और अपर पुलिस अधीक्षक जालौन के नेतृत्व में 24.06.2026 को आटा थाना पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने चैकिंग के दौरान मिठठू उर्फ शिवकुमार पुत्र स्व० गोपी (लगभग 40 वर्ष, निवासी ग्राम पिपरांया, थाना आटा, जनपद जालौन) और अंकित द्विवेदी पुत्र रुपनारायण (लगभग 29 वर्ष, निवासी ग्राम पिपरांया, थाना आटा, जनपद जालौन) को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के पास से कुल 135 ग्राम सोने के दो टुकड़े, जिनकी कीमत करीब 21 लाख रुपये बताई जा रही है, और 97,000 रुपये नकद बरामद किए गए। माल की बरामदगी के संबंध में उक्त अभियोग में धारा बढ़ोत्तरी कर विधिक कार्यवाही की गई है। दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।1
- कानपुर देहात के माती कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने जनसामान्य की विभिन्न शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। प्राप्त प्रार्थना पत्रों के संबंध में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का संतोषजनक निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब से बचा जाए। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ताओं को उनके प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति और स्थिति से समय-समय पर अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए।1
- जालौन के विकासखंड क्षेत्र के ग्राम बोहदपुरा में जलभराव की गंभीर समस्या ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। गाँव के कई मुख्य मार्गों पर लंबे समय से पानी भरा रहने के कारण लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि टूटी हुई नालियों और सफाई व्यवस्था की लगातार अनदेखी के चलते हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनके घरों के सामने और प्रमुख रास्तों पर अक्सर पानी भरा रहता है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को खासकर बरसात के दिनों में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीण शिव शंकर पांचाल, सतनारायण पांचाल, अनिल कुशवाहा और खुदा कुशवाहा समेत अन्य लोगों ने ग्राम प्रधान सचिन और पंचायत सचिव पर इस समस्या को लेकर कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी भी नियमित रूप से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे नालियाँ चोक हो गई हैं और गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल टूटी हुई नालियों की मरम्मत कराने, जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है ताकि उन्हें इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है।1