राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के मद्देनज़र, प्रदेश भर में बेसमेंट और बिना फायर एनओसी के चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई का अभियान जारी है। इसी क्रम में, बुधवार को जालौन जिला प्रशासन ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे संस्थानों के खिलाफ अभियान चलाया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देश पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए जनपद में तहसीलवार पांच संयुक्त जांच टीमों का गठन किया गया है, जिनमें विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि सबसे पहले कोचिंग संस्थानों का चिन्हांकन किया जा रहा है, और जांच में यह देखा जा रहा है कि कहां पर संस्थान बिना अनुमति के चल रहे हैं, कहां पर फायर सेफ्टी के इंतज़ाम नहीं हैं, और कौन से कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। जहां बचाव के पर्याप्त संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिली, वहां के संस्थानों को सील किया जा रहा है। जिला प्रशासन की टीम ने बुधवार को जनपद के एक दर्जन से अधिक पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की जांच की। जांच में ये सभी सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद उन्हें सील कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण और सीलिंग का यह क्रम लगातार जारी रहेगा जब तक सभी अवैध और असुरक्षित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। इसके साथ ही, प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक करने का कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है, जिसमें उन्हें यह बताया जा रहा है कि वे उन इमारतों में जाएं, जहां सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन निकास और अग्निशमन प्रबंध मौजूद हों। जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए यह अभियान मिशन मोड पर चलाया जा रहा है।
राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के मद्देनज़र, प्रदेश भर में बेसमेंट और बिना फायर एनओसी के चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई का अभियान जारी है। इसी क्रम में, बुधवार को जालौन जिला प्रशासन ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे संस्थानों के खिलाफ अभियान चलाया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देश पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए जनपद में तहसीलवार पांच संयुक्त जांच टीमों का गठन किया गया है, जिनमें विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि सबसे पहले कोचिंग संस्थानों का चिन्हांकन किया जा रहा है, और जांच में यह देखा जा रहा है कि कहां पर संस्थान बिना अनुमति के चल रहे हैं, कहां पर फायर सेफ्टी के इंतज़ाम नहीं हैं, और कौन से कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। जहां बचाव के पर्याप्त संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिली, वहां के संस्थानों को सील किया जा रहा है। जिला प्रशासन की टीम ने बुधवार को जनपद के एक दर्जन से अधिक पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की जांच की। जांच में ये सभी सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद उन्हें सील कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण और सीलिंग का यह क्रम लगातार जारी रहेगा जब तक सभी अवैध और असुरक्षित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। इसके साथ ही, प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक करने का कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है, जिसमें उन्हें यह बताया जा रहा है कि वे उन इमारतों में जाएं, जहां सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन निकास और अग्निशमन प्रबंध मौजूद हों। जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए यह अभियान मिशन मोड पर चलाया जा रहा है।
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- राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के मद्देनज़र, प्रदेश भर में बेसमेंट और बिना फायर एनओसी के चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई का अभियान जारी है। इसी क्रम में, बुधवार को जालौन जिला प्रशासन ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे संस्थानों के खिलाफ अभियान चलाया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देश पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए जनपद में तहसीलवार पांच संयुक्त जांच टीमों का गठन किया गया है, जिनमें विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि सबसे पहले कोचिंग संस्थानों का चिन्हांकन किया जा रहा है, और जांच में यह देखा जा रहा है कि कहां पर संस्थान बिना अनुमति के चल रहे हैं, कहां पर फायर सेफ्टी के इंतज़ाम नहीं हैं, और कौन से कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। जहां बचाव के पर्याप्त संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिली, वहां के संस्थानों को सील किया जा रहा है। जिला प्रशासन की टीम ने बुधवार को जनपद के एक दर्जन से अधिक पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की जांच की। जांच में ये सभी सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद उन्हें सील कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण और सीलिंग का यह क्रम लगातार जारी रहेगा जब तक सभी अवैध और असुरक्षित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। इसके साथ ही, प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक करने का कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है, जिसमें उन्हें यह बताया जा रहा है कि वे उन इमारतों में जाएं, जहां सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन निकास और अग्निशमन प्रबंध मौजूद हों। जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए यह अभियान मिशन मोड पर चलाया जा रहा है।1
- कानपुर देहात के जिलाधिकारी कपिल सिंह ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में माती स्थित ईवीएम वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने वेयरहाउस की सीसीटीवी व्यवस्था, साफ-सफाई और रखरखाव का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने इन सभी पहलुओं की जांच के उपरांत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश में सड़कों के नाम बदले जाने के बाद से राजनीतिक उठापटक शुरू हो गई है। फतेहपुर मूसा नगर में इस मामले पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जहाँ मो. अनीश कुरैशी का भी उल्लेख किया गया है।1
- मुख्य विकास अधिकारी श्री विधान जायसवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन सभागार में "फैमिली आईडी : एक परिवार-एक पहचान" योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, पात्र परिवारों का शत-प्रतिशत पंजीकरण करना और विभागीय समन्वय के माध्यम से योजना की प्रगति को गति प्रदान करना था। मुख्य विकास अधिकारी ने बल देते हुए कहा कि यह योजना शासन की एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है, जिससे पात्र परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से मिल सकेगा। बैठक में जनपद स्तरीय अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से और खण्ड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों तथा नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। समीक्षा के दौरान, मुख्य विकास अधिकारी ने पंजीकरण, सत्यापन, डेटा अद्यतन और लंबित प्रकरणों की स्थिति की विस्तार से जांच की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन परिवारों का अभी तक पंजीकरण नहीं हो पाया है, उन्हें चिह्नित कर विशेष अभियान चलाकर योजना से जोड़ा जाए और ग्राम पंचायत व नगरीय क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए, मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को नियमित रूप से अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और तकनीकी या प्रशासनिक समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र परिवार की पहचान कर उन्हें योजनाओं से लाभान्वित करना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी क्रम में, समाज कल्याण विभाग के एडीओ समाज कल्याण मुख्यालय शिव शंकर द्वारा अपने पदीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन न करने और लक्ष्यों की पूर्ति न करने पर उनका वेतन रोक दिया गया। उन्हें चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, समाज कल्याण विभाग के ब्लॉक स्तर पर तैनात सभी एडीओ समाज कल्याण का वेतन भी रोकने के साथ-साथ चेतावनी और स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के अंत में, मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को समन्वित प्रयासों से कार्य करने और योजना के लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी दोहराया कि अधिकारी फैमिली आईडी बनाने के कार्य में तेजी लाएं, अन्यथा लापरवाही बरतने वालों पर कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक, जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी, उपायुक्त श्रम रोजगार अशोक कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रतिभा सिंह, और अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।2
- कानपुर देहात के सिकंदरा में मोहर्रम के अवसर पर शिया समुदाय द्वारा श्रद्धा और अकीदत के साथ एक विशाल मातमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया और लगातार 'या हुसैन' के नारे लगाए। यह जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जहाँ जगह-जगह लोगों ने इसका स्वागत किया। अकीदतमंदों ने 'या हुसैन' और 'या अली' के नारे लगाते हुए कर्बला के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस के दौरान नौहाखानी और मजलिस का भी आयोजन किया गया, जिसमें उलेमाओं ने इमाम हुसैन की कुर्बानी और उनके बताए हुए न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। जुलूस को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह सहित पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था, और अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी। शिया समुदाय के लोगों ने बताया कि मोहर्रम का यह संदेश इंसानियत, न्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। यह मातमी जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और अंत में देश व समाज में अमन-चैन तथा खुशहाली के लिए दुआ की गई।4
- जालौन जिले के कड़ौरा थाना क्षेत्र के मनराललपुर गांव में एक घर के बगल में जानबूझकर आग लगाए जाने का मामला सामने आया है। गोलाउली पोस्ट के अंतर्गत आने वाले इस गांव में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा यह आग इरादतन लगाई गई है।1
- जालौन के विकासखंड क्षेत्र के ग्राम बोहदपुरा में जलभराव की गंभीर समस्या ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। गाँव के कई मुख्य मार्गों पर लंबे समय से पानी भरा रहने के कारण लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि टूटी हुई नालियों और सफाई व्यवस्था की लगातार अनदेखी के चलते हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनके घरों के सामने और प्रमुख रास्तों पर अक्सर पानी भरा रहता है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को खासकर बरसात के दिनों में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीण शिव शंकर पांचाल, सतनारायण पांचाल, अनिल कुशवाहा और खुदा कुशवाहा समेत अन्य लोगों ने ग्राम प्रधान सचिन और पंचायत सचिव पर इस समस्या को लेकर कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी भी नियमित रूप से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे नालियाँ चोक हो गई हैं और गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल टूटी हुई नालियों की मरम्मत कराने, जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है ताकि उन्हें इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है।1