कानपुर देहात के सिकंदरा में मोहर्रम के अवसर पर शिया समुदाय द्वारा श्रद्धा और अकीदत के साथ एक विशाल मातमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया और लगातार 'या हुसैन' के नारे लगाए। यह जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जहाँ जगह-जगह लोगों ने इसका स्वागत किया। अकीदतमंदों ने 'या हुसैन' और 'या अली' के नारे लगाते हुए कर्बला के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस के दौरान नौहाखानी और मजलिस का भी आयोजन किया गया, जिसमें उलेमाओं ने इमाम हुसैन की कुर्बानी और उनके बताए हुए न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। जुलूस को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह सहित पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था, और अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी। शिया समुदाय के लोगों ने बताया कि मोहर्रम का यह संदेश इंसानियत, न्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। यह मातमी जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और अंत में देश व समाज में अमन-चैन तथा खुशहाली के लिए दुआ की गई।
कानपुर देहात के सिकंदरा में मोहर्रम के अवसर पर शिया समुदाय द्वारा श्रद्धा और अकीदत के साथ एक विशाल मातमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया और लगातार 'या हुसैन' के नारे लगाए। यह
जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जहाँ जगह-जगह लोगों ने इसका स्वागत किया। अकीदतमंदों ने 'या हुसैन' और 'या अली' के नारे लगाते हुए कर्बला के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस के दौरान नौहाखानी और मजलिस का भी आयोजन किया गया, जिसमें उलेमाओं ने इमाम हुसैन की कुर्बानी
और उनके बताए हुए न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। जुलूस को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह सहित पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था, और अधिकारियों ने लगातार
भ्रमण कर स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी। शिया समुदाय के लोगों ने बताया कि मोहर्रम का यह संदेश इंसानियत, न्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। यह मातमी जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और अंत में देश व समाज में अमन-चैन तथा खुशहाली के लिए दुआ की गई।
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह सीएचसी हवासपुर के पास एक गड्ढे में युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान हवासपुर निवासी 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो परिवार से अलग रहकर मजदूरी करता था और अपने तीन बच्चों, नभया (10), अंकुश (8) और अनुराग (6) का पालन-पोषण कर रहा था। उसकी पत्नी सोनी लगभग दो साल पहले गांव के ही एक युवक के साथ चली गई थी। मृतक की बेटी नभया ने बताया कि भरत मंगलवार सुबह करीब आठ बजे संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद नभया ने अपने दाऊ अमरपाल को इसकी जानकारी दी, जिस पर परिजनों ने भरत की तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में शव पड़ा देखा। खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, और इसी दौरान पहुंची नभया ने शव की पहचान अपने पिता भरत के रूप में की। पहचान होने के बाद मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मण तथा जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एसएसआई कमलेश कुमार फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। थानाध्यक्ष महेश दुबे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- कौशाम्बी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए खेत में मिले शव के हत्याकांड का सफल अनावरण कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने इस पूरे प्रकरण और खुलासे के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।1
- जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर औरैया शहर के तिलक नगर, बनारसीदास और आवास विकास कॉलोनी मोहल्लों में स्थित कई कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों पर छापेमारी का अभियान चलाया गया। उपजिलाधिकारी सदर अजय आनंद वर्मा के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में सी ओ सिटी शैलेंद्र सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार मौर्य सहित अन्य सहयोगी अधिकारी भी शामिल थे। छापेमारी के दौरान, अधिकारियों ने बालाजी स्टडी प्वाइंट, इनविक्टस एजुकेशन, पुष्कर लाइब्रेरी और जीनियस लाइब्रेरी एंड स्टडी कैफे सहित विभिन्न स्थानों पर वैध लाइसेंस और आग लगने की स्थिति में सुरक्षा उपायों के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता की जाँच की। जाँच में वैध लाइसेंस और पर्याप्त अग्निशमन एवं सुरक्षा उपकरणों का अभाव पाए जाने पर इन सभी कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों को सील कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, औरैया-दिबियापुर रोड पर स्थित ओयो होटल साइन कृपा लॉज को भी पर्याप्त सुरक्षा उपकरण न रखने और अवैध संचालन में लिप्त पाए जाने के कारण सील किया गया। यह कार्रवाई लखनऊ में हुई एक घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए निरीक्षण अभियान का हिस्सा है।1
- औरैया में बुधवार को समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय ककोर में जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम की अध्यक्षता में वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस पूरे श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने रानी दुर्गावती के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वीरांगना रानी दुर्गावती का जन्म कालिंजर में हुआ था और उन्होंने मुगलों के विरुद्ध अदम्य वीरता से संघर्ष किया। गौतम ने जोर देकर कहा कि रानी दुर्गावती ने मुगलों की अधीनता स्वीकार करने के बजाय अपनी कटारी से अपने प्राण त्यागकर अद्वितीय साहस और स्वाभिमान का परिचय दिया। उन्होंने यह भी कहा कि देश उनके इस महान त्याग, बलिदान और वीरता को सदैव स्मरण करता रहेगा। कार्यक्रम के समापन पर लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में आग लगने की घटना में मृत छात्रों की याद में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान विधायक प्रदीप यादव, राज नारायण बघेल, सुमन दिवाकर, ध्रुव यादव, रवि राजपूत, मूलचंद पाल, रश्मि यादव, बैकुंठ यादव, प्रिंस यादव, तेजराज सिंह यादव, स्नेहलता दोहरे, डॉ. नवीन यादव, श्यामसुंदर निषाद, रामरतन दोहरे, बबलू नायक, लालता संखवार सहित समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- आज समाजवादी पार्टी के औरैया स्थित जिला कार्यालय ककोर में वीरांगना दुर्गावती का बलिदान दिवस मनाया गया। यह कार्यक्रम जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम की उपस्थिति में आयोजित हुआ, जहाँ उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने वीरांगना दुर्गावती के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने वीरांगना दुर्गावती के त्याग और बलिदान को याद करते हुए बताया कि उनका जन्म उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के कालिंजर में हुआ था। उन्होंने मुगलों से युद्ध करते हुए अधीनता स्वीकार करने से बचने के लिए अपनी ही कटारी से अपने प्राण त्याग दिए थे, जिसके लिए उन्हें शत-शत नमन किया गया। कार्यक्रम के अंत में, लखनऊ में एक कोचिंग में आग लगने से मृत हुए 15 छात्रों को भी विनम्र श्रद्धांजलि दी गई, जिसके लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से दिबियापुर के विधायक प्रदीप यादव, राज नारायण बघेल, सुमन दिवाकर, रश्मि यादव, बैकुंठ यादव, प्रिंस यादव, स्नेह लता दोहरे सहित कई अन्य प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- कानपुर देहात के डेरापुर तहसील परिसर में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पाँचवें दिन भी जारी रही। यह हड़ताल ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में की जा रही है, जहाँ अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में बैठक कर शासन की नई प्रणाली के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुट होकर आवाज उठाई। वक्ताओं ने इस बैठक में आरोप लगाया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया नकारात्मक रूप से प्रभावित हो रही है। उनका दावा है कि यह नई व्यवस्था अधिवक्ताओं की भूमिका को सीमित कर देगी और आम नागरिकों को भी विभिन्न तकनीकी तथा व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायिक और राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं में अधिवक्ता समाज की एक महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए उनकी आपत्तियों की अनदेखी करके लागू की गई यह व्यवस्था उन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। अधिवक्ताओं ने सरकार से ई-पंजीयन व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और अधिवक्ता संगठनों से बातचीत करके उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन और कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन को भी पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया। इस हड़ताल के कारण तहसील परिसर में न्यायिक और राजस्व संबंधी कार्यों पर भी खासा असर देखा जा रहा है, जिससे कई वादकारियों और आम नागरिकों को अपने कार्यों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने दोहराया कि यह आंदोलन केवल उनके हितों की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था को सुचारु रखने और आम जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद के महामंत्री हरिशंकर संखवार, संतोष कुमार यादव, बउअन शर्मा, मनोज कुमार पाल, अरुण कुमार गुप्ता, गिरेंद्र सिंह गौर, शिव शंकर चतुर्वेदी, अमित तिवारी, संजय पाल, प्रशांत दीक्षित, अमर सिंह गौर, अजय यादव, मोहित पाल, राम मोहन अवस्थी और श्याम जी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।1
- झींझक नगर के जूनियर स्कूल मैदान में मंगलवार रात खेली गई नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता में एक रोमांचक मुकाबले में इस्लामिया क्रिकेट क्लब लहरापुर ने मंडी वॉरियर्स झींझक को 4 रन से शिकस्त दी। लहरापुर की टीम ने इस मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। लहरापुर की इस विजय में बल्लेबाज मोहित का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके उत्कृष्ट खेल के लिए उन्हें 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर बेहतरीन कौशल का प्रदर्शन किया, जिससे यह मुकाबला काफी रोमांचक बना रहा और इसे देखने के लिए दर्शकों की बड़ी भीड़ मौजूद थी।1
- आज समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय, ककोर औरैया में जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम की उपस्थिति में वीरांगना दुर्गावती जी का बलिदान दिवस अत्यंत श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने बताया कि वीरांगना दुर्गावती का जन्म उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के कालिंजर में हुआ था। उन्होंने मुगलों से युद्ध करते हुए अधीनता स्वीकार करने से बचने के लिए अपनी ही कटारी से अपने प्राण त्याग दिए थे। गौतम ने उनके इस महान त्याग और बलिदान को याद करते हुए शत-शत नमन किया। कार्यक्रम के अंत में, लखनऊ में कोचिंग में आग लगने से मृत हुए 15 छात्रों के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर दिबियापुर के विधायक प्रदीप यादव, राज नारायण बघेल, सुमन दिवाकर, ध्रुव यादव, रवि राजपूत, मूलचंद पाल, रश्मि यादव, बैकुंठ यादव, प्रिंस यादव, तेहराज़राज सिंह यादव, स्नेह लता दोहरे, डॉ नवीन यादव, श्यामसुंदर निषाद, राम रतन दोहरे, बबलू नायक और लालता संखवार सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव में प्रेम विवाह के महज चार माह बाद एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने मृतका के पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। जानकारी के अनुसार, मृतका मिंकू रानी का प्रेम विवाह 3 फरवरी 2026 को मदनपुर निवासी राजकुमार के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद पति राजकुमार, सास जयदेवी और ननद राखी द्वारा मिंकू रानी पर मायके से नकदी और घरेलू सामान लाने का लगातार दबाव बनाया जाता था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जाता था। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि परिवार प्रेम विवाह को लेकर नाराज था, जिसके चलते घर में अक्सर विवाद होता रहता था। मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि विवाहिता ने 19 जून को आत्महत्या की थी, हालांकि मामले की विस्तृत विवेचना अभी जारी है। सिकंदरा क्षेत्राधिकारी के निर्देशन में चल रही जांच के दौरान पुलिस ने मंगलवार को आरोपी पति राजकुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।3