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कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश में सड़कों के नाम बदले जाने के बाद से राजनीतिक उठापटक शुरू हो गई है। फतेहपुर मूसा नगर में इस मामले पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जहाँ मो. अनीश कुरैशी का भी उल्लेख किया गया है।
MD ANISH KURAISHI
कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश में सड़कों के नाम बदले जाने के बाद से राजनीतिक उठापटक शुरू हो गई है। फतेहपुर मूसा नगर में इस मामले पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जहाँ मो. अनीश कुरैशी का भी उल्लेख किया गया है।
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- कानपुर देहात के माती कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने जनसामान्य की विभिन्न शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। प्राप्त प्रार्थना पत्रों के संबंध में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का संतोषजनक निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब से बचा जाए। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ताओं को उनके प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति और स्थिति से समय-समय पर अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह सीएचसी हवासपुर के पास एक गड्ढे में युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान हवासपुर निवासी 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो परिवार से अलग रहकर मजदूरी करता था और अपने तीन बच्चों, नभया (10), अंकुश (8) और अनुराग (6) का पालन-पोषण कर रहा था। उसकी पत्नी सोनी लगभग दो साल पहले गांव के ही एक युवक के साथ चली गई थी। मृतक की बेटी नभया ने बताया कि भरत मंगलवार सुबह करीब आठ बजे संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद नभया ने अपने दाऊ अमरपाल को इसकी जानकारी दी, जिस पर परिजनों ने भरत की तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में शव पड़ा देखा। खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, और इसी दौरान पहुंची नभया ने शव की पहचान अपने पिता भरत के रूप में की। पहचान होने के बाद मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मण तथा जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एसएसआई कमलेश कुमार फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। थानाध्यक्ष महेश दुबे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- मुख्य विकास अधिकारी श्री विधान जायसवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन सभागार में "फैमिली आईडी : एक परिवार-एक पहचान" योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, पात्र परिवारों का शत-प्रतिशत पंजीकरण करना और विभागीय समन्वय के माध्यम से योजना की प्रगति को गति प्रदान करना था। मुख्य विकास अधिकारी ने बल देते हुए कहा कि यह योजना शासन की एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है, जिससे पात्र परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से मिल सकेगा। बैठक में जनपद स्तरीय अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से और खण्ड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों तथा नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। समीक्षा के दौरान, मुख्य विकास अधिकारी ने पंजीकरण, सत्यापन, डेटा अद्यतन और लंबित प्रकरणों की स्थिति की विस्तार से जांच की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन परिवारों का अभी तक पंजीकरण नहीं हो पाया है, उन्हें चिह्नित कर विशेष अभियान चलाकर योजना से जोड़ा जाए और ग्राम पंचायत व नगरीय क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए, मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को नियमित रूप से अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और तकनीकी या प्रशासनिक समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र परिवार की पहचान कर उन्हें योजनाओं से लाभान्वित करना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी क्रम में, समाज कल्याण विभाग के एडीओ समाज कल्याण मुख्यालय शिव शंकर द्वारा अपने पदीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन न करने और लक्ष्यों की पूर्ति न करने पर उनका वेतन रोक दिया गया। उन्हें चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, समाज कल्याण विभाग के ब्लॉक स्तर पर तैनात सभी एडीओ समाज कल्याण का वेतन भी रोकने के साथ-साथ चेतावनी और स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के अंत में, मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को समन्वित प्रयासों से कार्य करने और योजना के लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी दोहराया कि अधिकारी फैमिली आईडी बनाने के कार्य में तेजी लाएं, अन्यथा लापरवाही बरतने वालों पर कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक, जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी, उपायुक्त श्रम रोजगार अशोक कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रतिभा सिंह, और अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।2
- कानपुर देहात के झींझक कस्बे में संचालित कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्रों और डिजिटल लाइब्रेरी की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए मंगलवार को प्रशासन ने एक संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान में एसडीएम डेरापुर शालिनी उत्तम, सीओ धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी, अग्निशमन टीम, खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश द्विवेदी और निरीक्षक महेश दुबे की टीम ने कई संस्थानों का निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें अग्निशमन व्यवस्था और आवश्यक अभिलेखों में कई खामियां मिलीं। जांच के दौरान, रेलबाजार स्थित सीएसजेएम कंप्यूटर एंड कौशल प्रशिक्षण केंद्र में पंजीकरण संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, साथ ही अग्निशमन सिलेंडर निष्क्रिय पाए गए और आपात निकास मार्ग की व्यवस्था भी नहीं थी। इन गंभीर कमियों के चलते केंद्र को सीज कर दिया गया। वहीं, स्टेशन रोड पर स्थित एक अन्य प्रशिक्षण केंद्र में भी सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई, जिस पर अधिकारियों ने संचालकों को कमियां दूर करने और नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी। इसके अतिरिक्त, भोला नगर पाल कॉम्प्लेक्स स्थित एक डिजिटल लाइब्रेरी में पंजीकरण और फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं मिलने पर उसके संचालक को भी लाइब्रेरी बंद करने की चेतावनी दी गई। प्रशासन की इस कार्रवाई की जानकारी मिलते ही अन्य कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे संस्थानों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।2
- लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर देहात प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। इसी कड़ी में, झींझक कस्बे में एसडीएम शालिनी उत्तम और सीओ धर्मेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में एक जांच अभियान चलाया गया, जिसके तहत दो अवैध लाइब्रेरी और आईटी सेंटर सीज कर दिए गए। जांच के दौरान यह सामने आया कि कई संस्थान बिना किसी वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे थे, वहीं कुछ जगहों पर सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही थी। प्रशासन ने इन अनियमितताओं पर संज्ञान लेते हुए अन्य संस्थान संचालकों को नोटिस जारी किए हैं और उन्हें नियमों का पालन करने की कड़ी चेतावनी दी है। एसडीएम शालिनी उत्तम ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- कानपुर देहात के रुरा थाना क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर लड़ाई-झगड़े की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए शिकायत पत्र दिए। पुलिस ने इन शिकायतों पर जांच पड़ताल की। थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि माहौल बिगाड़ने के आरोप में दो लोगों पर शांतिभंग की कार्यवाही की गई है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव में प्रेम विवाह के महज चार माह बाद एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। मृतका के परिजनों ने पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज की मांग और उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, मिंकू रानी का प्रेम विवाह 3 फरवरी 2026 को मदनपुर निवासी राजकुमार के साथ हुआ था। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति राजकुमार, सास जयदेवी और ननद राखी द्वारा मिंकू रानी पर मायके से नकदी व घरेलू सामान लाने का दबाव बनाया जाता था। मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ मारपीट कर उसे प्रताड़ित किया जाता था। मृतका के भाई की तहरीर पर सिकंदरा थाने में मुकदमा संख्या 110/2026 के तहत पति राजकुमार, सास जयदेवी और ननद राखी के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि ननद राखी प्रेम विवाह को लेकर नाराज रहती थी और मृतका के पंजाब से ससुराल आने के बाद दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि विवाहिता ने 19 जून को आत्महत्या की थी, हालांकि मामले की विवेचना अभी जारी है। क्षेत्राधिकारी सिकंदरा के निर्देशन में चल रही जांच के दौरान पुलिस ने मंगलवार दोपहर करीब दो बजे आरोपी पति राजकुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की गई।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव में प्रेम विवाह के महज चार माह बाद एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने मृतका के पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। जानकारी के अनुसार, मृतका मिंकू रानी का प्रेम विवाह 3 फरवरी 2026 को मदनपुर निवासी राजकुमार के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद पति राजकुमार, सास जयदेवी और ननद राखी द्वारा मिंकू रानी पर मायके से नकदी और घरेलू सामान लाने का लगातार दबाव बनाया जाता था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जाता था। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि परिवार प्रेम विवाह को लेकर नाराज था, जिसके चलते घर में अक्सर विवाद होता रहता था। मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि विवाहिता ने 19 जून को आत्महत्या की थी, हालांकि मामले की विस्तृत विवेचना अभी जारी है। सिकंदरा क्षेत्राधिकारी के निर्देशन में चल रही जांच के दौरान पुलिस ने मंगलवार को आरोपी पति राजकुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।3