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*मनैया घाट पर गंगा में जहर घोल रहा है करछना औद्योगिक क्षेत्र का नाला* *रेमण्ड, गैस कंपनी समेत फैक्ट्रियों का गंदा पानी सीधे गंगा में, प्रदूषण विभाग मौन, प्रशासन बेखबर* *करछना।* प्रयागराज के करछना तहसील क्षेत्र के *मनैया घाट* पर गंगा अब सिर्फ गंदे नाले से नहीं, बल्कि *पूरे औद्योगिक क्षेत्र के जहरीले पानी* से दूषित हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, करछना औद्योगिक क्षेत्र तक के *सभी नाले आकर इसी एक नाले में तब्दील हो जाते हैं* और फिर यही नाला *रेमण्ड, गैस कंपनी आदि फैक्ट्रियों का गंदा पानी लेकर सीधे गंगा नदी में मनैया घाट पर बह रहा है।* तस्वीरें चीख-चीख कर बता रही हैं। काला, झागदार, बदबूदार पानी घाट के किनारे से बहता हुआ गंगा में समा रहा है। जहां श्रद्धालु स्नान करते हैं, आचमन करते हैं, वहीं फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी मिल रहा है। घाट पर प्लास्टिक, पॉलिथीन और कचरे का अंबार लगा है। *सबसे बड़ा सवाल - फैक्ट्रियों का पानी बिना ट्रीटमेंट गंगा में कैसे जा रहा है ?* नियम कहता है कि किसी भी फैक्ट्री का पानी बिना ट्रीटमेंट प्लांट के नदी में नहीं गिर सकता। फिर करछना औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों का पानी कौन सी छूट से सीधे गंगा में जा रहा है ? प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी क्या कर रहे हैं ? क्या कभी इन फैक्ट्रियों के नालों की जांच हुई ? अगर जांच हुई तो रिपोर्ट कहां है, और अगर नहीं हुई तो किसके दबाव में अधिकारी चुप हैं ? स्थानीय लोगों का आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र का पूरा गंदा पानी इसी नाले के जरिए गंगा में धकेला जा रहा है। इसका असर सिर्फ घाट पर नहीं, बल्कि गंगा के जलजीवों, मछलियों, खेती और पीने के पानी पर भी पड़ रहा है। मनैया घाट पर स्नान करने वाले श्रद्धालु चर्म रोग, पेट की बीमारी और संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। *नमामि गंगे के करोड़ों दावे, जमीन पर जहर -* सरकार गंगा को स्वच्छ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन मनैया घाट पर गंगा में औद्योगिक जहर खुलेआम बहाया जा रहा है। ये सिर्फ लापरवाही नहीं, गंगा मैया के साथ अपराध है। *मांग -* उत्तर प्रदेश सरकार के जिम्मेदार अधिकारी तुरंत संज्ञान लें। करछना औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले सभी नालों की जांच कराई जाए, फैक्ट्रियों का बिना ट्रीटमेंट पानी गंगा में गिरने से तत्काल रोका जाए, दोषी फैक्ट्रियों और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो और मनैया घाट को तत्काल साफ कराया जाए। *मनैया घाट पर गंगा में जहर घोल रहा है करछना औद्योगिक क्षेत्र का नाला* *रेमण्ड, गैस कंपनी समेत फैक्ट्रियों का गंदा पानी सीधे गंगा में, प्रदूषण विभाग मौन, प्रशासन बेखबर* *करछना।* प्रयागराज के करछना तहसील क्षेत्र के *मनैया घाट* पर गंगा अब सिर्फ गंदे नाले से नहीं, बल्कि *पूरे औद्योगिक क्षेत्र के जहरीले पानी* से दूषित हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, करछना औद्योगिक क्षेत्र तक के *सभी नाले आकर इसी एक नाले में तब्दील हो जाते हैं* और फिर यही नाला *रेमण्ड, गैस कंपनी आदि फैक्ट्रियों का गंदा पानी लेकर सीधे गंगा नदी में मनैया घाट पर बह रहा है।* तस्वीरें चीख-चीख कर बता रही हैं। काला, झागदार, बदबूदार पानी घाट के किनारे से बहता हुआ गंगा में समा रहा है। जहां श्रद्धालु स्नान करते हैं, आचमन करते हैं, वहीं फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी मिल रहा है। घाट पर प्लास्टिक, पॉलिथीन और कचरे का अंबार लगा है। *सबसे बड़ा सवाल - फैक्ट्रियों का पानी बिना ट्रीटमेंट गंगा में कैसे जा रहा है ?* नियम कहता है कि किसी भी फैक्ट्री का पानी बिना ट्रीटमेंट प्लांट के नदी में नहीं गिर सकता। फिर करछना औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों का पानी कौन सी छूट से सीधे गंगा में जा रहा है ? प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी क्या कर रहे हैं ? क्या कभी इन फैक्ट्रियों के नालों की जांच हुई ? अगर जांच हुई तो रिपोर्ट कहां है, और अगर नहीं हुई तो किसके दबाव में अधिकारी चुप हैं ? स्थानीय लोगों का आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र का पूरा गंदा पानी इसी नाले के जरिए गंगा में धकेला जा रहा है। इसका असर सिर्फ घाट पर नहीं, बल्कि गंगा के जलजीवों, मछलियों, खेती और पीने के पानी पर भी पड़ रहा है। मनैया घाट पर स्नान करने वाले श्रद्धालु चर्म रोग, पेट की बीमारी और संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। *नमामि गंगे के करोड़ों दावे, जमीन पर जहर -* सरकार गंगा को स्वच्छ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन मनैया घाट पर गंगा में औद्योगिक जहर खुलेआम बहाया जा रहा है। ये सिर्फ लापरवाही नहीं, गंगा मैया के साथ अपराध है। *मांग -* उत्तर प्रदेश सरकार के जिम्मेदार अधिकारी तुरंत संज्ञान लें। करछना औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले सभी नालों की जांच कराई जाए, फैक्ट्रियों का बिना ट्रीटमेंट पानी गंगा में गिरने से तत्काल रोका जाए, दोषी फैक्ट्रियों और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो और मनैया घाट को तत्काल साफ कराया जाए।

22 hrs ago
user_महावीर सिंह
महावीर सिंह
करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
22 hrs ago

*मनैया घाट पर गंगा में जहर घोल रहा है करछना औद्योगिक क्षेत्र का नाला* *रेमण्ड, गैस कंपनी समेत फैक्ट्रियों का गंदा पानी सीधे गंगा में, प्रदूषण विभाग मौन, प्रशासन बेखबर* *करछना।* प्रयागराज के करछना तहसील क्षेत्र के *मनैया घाट* पर गंगा अब सिर्फ गंदे नाले से नहीं, बल्कि *पूरे औद्योगिक क्षेत्र के जहरीले पानी* से दूषित हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, करछना औद्योगिक क्षेत्र तक के *सभी नाले आकर इसी एक नाले में तब्दील हो जाते हैं* और फिर यही नाला *रेमण्ड, गैस कंपनी आदि फैक्ट्रियों का गंदा पानी लेकर सीधे गंगा नदी में मनैया घाट पर बह रहा है।* तस्वीरें चीख-चीख कर बता रही हैं। काला, झागदार, बदबूदार पानी घाट के किनारे से बहता हुआ गंगा में समा रहा है। जहां श्रद्धालु स्नान करते हैं, आचमन करते हैं, वहीं फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी मिल रहा है। घाट पर प्लास्टिक, पॉलिथीन और कचरे का अंबार लगा है। *सबसे बड़ा सवाल - फैक्ट्रियों का पानी बिना ट्रीटमेंट गंगा में कैसे जा रहा है ?* नियम कहता है कि किसी भी फैक्ट्री का पानी बिना ट्रीटमेंट प्लांट के नदी में नहीं गिर सकता। फिर करछना औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों का पानी कौन सी छूट से सीधे गंगा में जा रहा है ? प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी क्या कर रहे हैं ? क्या कभी इन फैक्ट्रियों के नालों की जांच हुई ? अगर जांच हुई तो रिपोर्ट कहां है, और अगर नहीं हुई तो किसके दबाव में अधिकारी चुप हैं ? स्थानीय लोगों का आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र का पूरा गंदा पानी इसी नाले के जरिए गंगा में धकेला जा रहा है। इसका असर सिर्फ घाट पर नहीं, बल्कि गंगा के जलजीवों, मछलियों, खेती और पीने के पानी पर भी पड़ रहा है। मनैया घाट पर स्नान करने वाले श्रद्धालु चर्म रोग, पेट की बीमारी और संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। *नमामि गंगे के करोड़ों दावे, जमीन पर जहर -* सरकार गंगा को स्वच्छ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन मनैया घाट पर गंगा में औद्योगिक जहर खुलेआम बहाया जा रहा है। ये सिर्फ लापरवाही नहीं, गंगा मैया के साथ अपराध है। *मांग -* उत्तर प्रदेश सरकार के जिम्मेदार अधिकारी तुरंत संज्ञान लें। करछना औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले सभी नालों की जांच कराई जाए, फैक्ट्रियों का बिना ट्रीटमेंट पानी गंगा में गिरने से तत्काल रोका जाए, दोषी फैक्ट्रियों और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो और मनैया घाट को तत्काल साफ कराया जाए। *मनैया घाट पर गंगा में जहर घोल रहा है करछना औद्योगिक क्षेत्र का नाला* *रेमण्ड, गैस कंपनी समेत फैक्ट्रियों का गंदा पानी सीधे गंगा में, प्रदूषण विभाग मौन, प्रशासन बेखबर* *करछना।* प्रयागराज के करछना तहसील क्षेत्र के *मनैया घाट* पर गंगा अब सिर्फ गंदे नाले से नहीं, बल्कि *पूरे औद्योगिक क्षेत्र के जहरीले पानी* से दूषित हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, करछना औद्योगिक क्षेत्र तक के *सभी नाले आकर इसी एक नाले में तब्दील हो जाते हैं* और फिर यही नाला *रेमण्ड, गैस कंपनी आदि फैक्ट्रियों का गंदा पानी लेकर सीधे गंगा नदी में मनैया घाट पर बह रहा है।* तस्वीरें चीख-चीख कर बता रही हैं। काला, झागदार, बदबूदार पानी घाट के किनारे से बहता हुआ गंगा में समा रहा है। जहां श्रद्धालु स्नान करते हैं, आचमन करते हैं, वहीं फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी मिल रहा है। घाट पर प्लास्टिक, पॉलिथीन और कचरे का अंबार लगा है। *सबसे बड़ा सवाल - फैक्ट्रियों का पानी बिना ट्रीटमेंट गंगा में कैसे जा रहा है ?* नियम कहता है कि किसी भी फैक्ट्री का पानी बिना ट्रीटमेंट प्लांट के नदी में नहीं गिर सकता। फिर करछना औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों का पानी कौन सी छूट से सीधे गंगा में जा रहा है ? प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी क्या कर रहे हैं ? क्या कभी इन फैक्ट्रियों के नालों की जांच हुई ? अगर जांच हुई तो रिपोर्ट कहां है, और अगर नहीं हुई तो किसके दबाव में अधिकारी चुप हैं ? स्थानीय लोगों का आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र का पूरा गंदा पानी इसी नाले के जरिए गंगा में धकेला जा रहा है। इसका असर सिर्फ घाट पर नहीं, बल्कि गंगा के जलजीवों, मछलियों, खेती और पीने के पानी पर भी पड़ रहा है। मनैया घाट पर स्नान करने वाले श्रद्धालु चर्म रोग, पेट की बीमारी और संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। *नमामि गंगे के करोड़ों दावे, जमीन पर जहर -* सरकार गंगा को स्वच्छ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन मनैया घाट पर गंगा में औद्योगिक जहर खुलेआम बहाया जा रहा है। ये सिर्फ लापरवाही नहीं, गंगा मैया के साथ अपराध है। *मांग -* उत्तर प्रदेश सरकार के जिम्मेदार अधिकारी तुरंत संज्ञान लें। करछना औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले सभी नालों की जांच कराई जाए, फैक्ट्रियों का बिना ट्रीटमेंट पानी गंगा में गिरने से तत्काल रोका जाए, दोषी फैक्ट्रियों और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो और मनैया घाट को तत्काल साफ कराया जाए।

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  • प्रयागराज जिला के अल्लापुर क्षेत्र में लेबर चौराहे पर लगी भीषण आग, दो दुकानें जलकर हुई राख, कोई जनहानि नहीं प्रयागराज में आज सुबह 07 नवंबर 2026 को लगभग 08:30 बजे, थाना जार्जटाउन के अंतर्गत अल्लापुर लेबर चौराहे के समीप (भारद्वाजपुरम वार्ड संख्या 69) स्थित दुकानों में भीषण आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल एवं सिविल लाइंस फायर स्टेशन से दमकल कर्मी तत्काल घटना स्थल के लिए रवाना हुए। आग लेबर चौराहे के पास स्थित 'गुप्ता फोटोस्टेट व साइबर कैफे' तथा उसके बगल में स्थित 'वैष्णवी कलेक्शन' में लगी थी। आग की विभीषिका को देखते हुए फायर ब्रिगेड की 03 गाड़ियों/टैंकरों को तत्काल तैनात किया गया। दमकल कर्मियों और स्थानीय पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए आस-पास की घनी आबादी और अन्य दुकानों में आग को फैलने से रोका। कड़े प्रयास के बाद आग पर पूर्ण रूप से काबू पा लिया गया है। राहत की बात यह है कि इस दुर्घटना में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ है। समय रहते दुकानों को खाली करा लिया गया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई है। आग के कारण दोनों दुकानों में रखे फोटोस्टेट मशीन, कंप्यूटर उपकरण एवं कपड़े जलकर नष्ट हो गए हैं। राजस्व एवं संबंधित विभाग द्वारा संपत्ति के नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है। प्राथमिक जांच एवं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट होना प्रतीत हो रहा है। मामले की विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है।
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    प्रयागराज जिला के अल्लापुर क्षेत्र में लेबर चौराहे पर लगी भीषण आग, दो दुकानें जलकर हुई राख, कोई जनहानि नहीं
प्रयागराज में आज सुबह  07 नवंबर 2026 को लगभग 08:30 बजे, थाना जार्जटाउन के अंतर्गत अल्लापुर लेबर चौराहे के समीप (भारद्वाजपुरम वार्ड संख्या 69) स्थित दुकानों में भीषण आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल एवं सिविल लाइंस फायर स्टेशन से दमकल कर्मी तत्काल घटना स्थल के लिए रवाना हुए। आग लेबर चौराहे के पास स्थित 'गुप्ता फोटोस्टेट व साइबर कैफे' तथा उसके बगल में स्थित 'वैष्णवी कलेक्शन'  में लगी थी। आग की विभीषिका को देखते हुए फायर ब्रिगेड की 03 गाड़ियों/टैंकरों को तत्काल तैनात किया गया। दमकल कर्मियों और स्थानीय पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए आस-पास की घनी आबादी और अन्य दुकानों में आग को फैलने से रोका। कड़े प्रयास के बाद आग पर पूर्ण रूप से काबू पा लिया गया है। राहत की बात यह है कि इस दुर्घटना में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ है। समय रहते दुकानों को खाली करा लिया गया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई है। आग के कारण दोनों दुकानों में रखे फोटोस्टेट मशीन, कंप्यूटर उपकरण एवं कपड़े जलकर नष्ट हो गए हैं। राजस्व एवं संबंधित विभाग द्वारा संपत्ति के नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है। प्राथमिक जांच एवं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट होना प्रतीत हो रहा है। मामले की विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है।
    user_Mohd. Haroon
    Mohd. Haroon
    Local News Reporter करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    54 min ago
  • *मनैया घाट पर गंगा में जहर घोल रहा है करछना औद्योगिक क्षेत्र का नाला* *रेमण्ड, गैस कंपनी समेत फैक्ट्रियों का गंदा पानी सीधे गंगा में, प्रदूषण विभाग मौन, प्रशासन बेखबर* *करछना।* प्रयागराज के करछना तहसील क्षेत्र के *मनैया घाट* पर गंगा अब सिर्फ गंदे नाले से नहीं, बल्कि *पूरे औद्योगिक क्षेत्र के जहरीले पानी* से दूषित हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, करछना औद्योगिक क्षेत्र तक के *सभी नाले आकर इसी एक नाले में तब्दील हो जाते हैं* और फिर यही नाला *रेमण्ड, गैस कंपनी आदि फैक्ट्रियों का गंदा पानी लेकर सीधे गंगा नदी में मनैया घाट पर बह रहा है।* तस्वीरें चीख-चीख कर बता रही हैं। काला, झागदार, बदबूदार पानी घाट के किनारे से बहता हुआ गंगा में समा रहा है। जहां श्रद्धालु स्नान करते हैं, आचमन करते हैं, वहीं फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी मिल रहा है। घाट पर प्लास्टिक, पॉलिथीन और कचरे का अंबार लगा है। *सबसे बड़ा सवाल - फैक्ट्रियों का पानी बिना ट्रीटमेंट गंगा में कैसे जा रहा है ?* नियम कहता है कि किसी भी फैक्ट्री का पानी बिना ट्रीटमेंट प्लांट के नदी में नहीं गिर सकता। फिर करछना औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों का पानी कौन सी छूट से सीधे गंगा में जा रहा है ? प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी क्या कर रहे हैं ? क्या कभी इन फैक्ट्रियों के नालों की जांच हुई ? अगर जांच हुई तो रिपोर्ट कहां है, और अगर नहीं हुई तो किसके दबाव में अधिकारी चुप हैं ? स्थानीय लोगों का आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र का पूरा गंदा पानी इसी नाले के जरिए गंगा में धकेला जा रहा है। इसका असर सिर्फ घाट पर नहीं, बल्कि गंगा के जलजीवों, मछलियों, खेती और पीने के पानी पर भी पड़ रहा है। मनैया घाट पर स्नान करने वाले श्रद्धालु चर्म रोग, पेट की बीमारी और संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। *नमामि गंगे के करोड़ों दावे, जमीन पर जहर -* सरकार गंगा को स्वच्छ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन मनैया घाट पर गंगा में औद्योगिक जहर खुलेआम बहाया जा रहा है। ये सिर्फ लापरवाही नहीं, गंगा मैया के साथ अपराध है। *मांग -* उत्तर प्रदेश सरकार के जिम्मेदार अधिकारी तुरंत संज्ञान लें। करछना औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले सभी नालों की जांच कराई जाए, फैक्ट्रियों का बिना ट्रीटमेंट पानी गंगा में गिरने से तत्काल रोका जाए, दोषी फैक्ट्रियों और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो और मनैया घाट को तत्काल साफ कराया जाए। *मनैया घाट पर गंगा में जहर घोल रहा है करछना औद्योगिक क्षेत्र का नाला* *रेमण्ड, गैस कंपनी समेत फैक्ट्रियों का गंदा पानी सीधे गंगा में, प्रदूषण विभाग मौन, प्रशासन बेखबर* *करछना।* प्रयागराज के करछना तहसील क्षेत्र के *मनैया घाट* पर गंगा अब सिर्फ गंदे नाले से नहीं, बल्कि *पूरे औद्योगिक क्षेत्र के जहरीले पानी* से दूषित हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, करछना औद्योगिक क्षेत्र तक के *सभी नाले आकर इसी एक नाले में तब्दील हो जाते हैं* और फिर यही नाला *रेमण्ड, गैस कंपनी आदि फैक्ट्रियों का गंदा पानी लेकर सीधे गंगा नदी में मनैया घाट पर बह रहा है।* तस्वीरें चीख-चीख कर बता रही हैं। काला, झागदार, बदबूदार पानी घाट के किनारे से बहता हुआ गंगा में समा रहा है। जहां श्रद्धालु स्नान करते हैं, आचमन करते हैं, वहीं फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी मिल रहा है। घाट पर प्लास्टिक, पॉलिथीन और कचरे का अंबार लगा है। *सबसे बड़ा सवाल - फैक्ट्रियों का पानी बिना ट्रीटमेंट गंगा में कैसे जा रहा है ?* नियम कहता है कि किसी भी फैक्ट्री का पानी बिना ट्रीटमेंट प्लांट के नदी में नहीं गिर सकता। फिर करछना औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों का पानी कौन सी छूट से सीधे गंगा में जा रहा है ? प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी क्या कर रहे हैं ? क्या कभी इन फैक्ट्रियों के नालों की जांच हुई ? अगर जांच हुई तो रिपोर्ट कहां है, और अगर नहीं हुई तो किसके दबाव में अधिकारी चुप हैं ? स्थानीय लोगों का आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र का पूरा गंदा पानी इसी नाले के जरिए गंगा में धकेला जा रहा है। इसका असर सिर्फ घाट पर नहीं, बल्कि गंगा के जलजीवों, मछलियों, खेती और पीने के पानी पर भी पड़ रहा है। मनैया घाट पर स्नान करने वाले श्रद्धालु चर्म रोग, पेट की बीमारी और संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। *नमामि गंगे के करोड़ों दावे, जमीन पर जहर -* सरकार गंगा को स्वच्छ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन मनैया घाट पर गंगा में औद्योगिक जहर खुलेआम बहाया जा रहा है। ये सिर्फ लापरवाही नहीं, गंगा मैया के साथ अपराध है। *मांग -* उत्तर प्रदेश सरकार के जिम्मेदार अधिकारी तुरंत संज्ञान लें। करछना औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले सभी नालों की जांच कराई जाए, फैक्ट्रियों का बिना ट्रीटमेंट पानी गंगा में गिरने से तत्काल रोका जाए, दोषी फैक्ट्रियों और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो और मनैया घाट को तत्काल साफ कराया जाए।
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    *मनैया घाट पर गंगा में जहर घोल रहा है करछना औद्योगिक क्षेत्र का नाला*
*रेमण्ड, गैस कंपनी समेत फैक्ट्रियों का गंदा पानी सीधे गंगा में, प्रदूषण विभाग मौन, प्रशासन बेखबर*

*करछना।* प्रयागराज के करछना तहसील क्षेत्र के *मनैया घाट* पर गंगा अब सिर्फ गंदे नाले से नहीं, बल्कि *पूरे औद्योगिक क्षेत्र के जहरीले पानी* से दूषित हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, करछना औद्योगिक क्षेत्र तक के *सभी नाले आकर इसी एक नाले में तब्दील हो जाते हैं* और फिर यही नाला *रेमण्ड, गैस कंपनी आदि फैक्ट्रियों का गंदा पानी लेकर सीधे गंगा नदी में मनैया घाट पर बह रहा है।*

तस्वीरें चीख-चीख कर बता रही हैं। काला, झागदार, बदबूदार पानी घाट के किनारे से बहता हुआ गंगा में समा रहा है। जहां श्रद्धालु स्नान करते हैं, आचमन करते हैं, वहीं फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी मिल रहा है। घाट पर प्लास्टिक, पॉलिथीन और कचरे का अंबार लगा है।

*सबसे बड़ा सवाल - फैक्ट्रियों का पानी बिना ट्रीटमेंट गंगा में कैसे जा रहा है ?*
नियम कहता है कि किसी भी फैक्ट्री का पानी बिना ट्रीटमेंट प्लांट के नदी में नहीं गिर सकता। फिर करछना औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों का पानी कौन सी छूट से सीधे गंगा में जा रहा है ? प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी क्या कर रहे हैं ? क्या कभी इन फैक्ट्रियों के नालों की जांच हुई ? अगर जांच हुई तो रिपोर्ट कहां है, और अगर नहीं हुई तो किसके दबाव में अधिकारी चुप हैं ?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र का पूरा गंदा पानी इसी नाले के जरिए गंगा में धकेला जा रहा है। इसका असर सिर्फ घाट पर नहीं, बल्कि गंगा के जलजीवों, मछलियों, खेती और पीने के पानी पर भी पड़ रहा है। मनैया घाट पर स्नान करने वाले श्रद्धालु चर्म रोग, पेट की बीमारी और संक्रमण का शिकार हो रहे हैं।

*नमामि गंगे के करोड़ों दावे, जमीन पर जहर -*
सरकार गंगा को स्वच्छ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन मनैया घाट पर गंगा में औद्योगिक जहर खुलेआम बहाया जा रहा है। ये सिर्फ लापरवाही नहीं, गंगा मैया के साथ अपराध है।

*मांग -*
उत्तर प्रदेश सरकार के जिम्मेदार अधिकारी तुरंत संज्ञान लें। करछना औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले सभी नालों की जांच कराई जाए, फैक्ट्रियों का बिना ट्रीटमेंट पानी गंगा में गिरने से तत्काल रोका जाए, दोषी फैक्ट्रियों और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो और मनैया घाट को तत्काल साफ कराया जाए।
*मनैया घाट पर गंगा में जहर घोल रहा है करछना औद्योगिक क्षेत्र का नाला*
*रेमण्ड, गैस कंपनी समेत फैक्ट्रियों का गंदा पानी सीधे गंगा में, प्रदूषण विभाग मौन, प्रशासन बेखबर*
*करछना।* प्रयागराज के करछना तहसील क्षेत्र के *मनैया घाट* पर गंगा अब सिर्फ गंदे नाले से नहीं, बल्कि *पूरे औद्योगिक क्षेत्र के जहरीले पानी* से दूषित हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, करछना औद्योगिक क्षेत्र तक के *सभी नाले आकर इसी एक नाले में तब्दील हो जाते हैं* और फिर यही नाला *रेमण्ड, गैस कंपनी आदि फैक्ट्रियों का गंदा पानी लेकर सीधे गंगा नदी में मनैया घाट पर बह रहा है।*
तस्वीरें चीख-चीख कर बता रही हैं। काला, झागदार, बदबूदार पानी घाट के किनारे से बहता हुआ गंगा में समा रहा है। जहां श्रद्धालु स्नान करते हैं, आचमन करते हैं, वहीं फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी मिल रहा है। घाट पर प्लास्टिक, पॉलिथीन और कचरे का अंबार लगा है।
*सबसे बड़ा सवाल - फैक्ट्रियों का पानी बिना ट्रीटमेंट गंगा में कैसे जा रहा है ?*
नियम कहता है कि किसी भी फैक्ट्री का पानी बिना ट्रीटमेंट प्लांट के नदी में नहीं गिर सकता। फिर करछना औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों का पानी कौन सी छूट से सीधे गंगा में जा रहा है ? प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी क्या कर रहे हैं ? क्या कभी इन फैक्ट्रियों के नालों की जांच हुई ? अगर जांच हुई तो रिपोर्ट कहां है, और अगर नहीं हुई तो किसके दबाव में अधिकारी चुप हैं ?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र का पूरा गंदा पानी इसी नाले के जरिए गंगा में धकेला जा रहा है। इसका असर सिर्फ घाट पर नहीं, बल्कि गंगा के जलजीवों, मछलियों, खेती और पीने के पानी पर भी पड़ रहा है। मनैया घाट पर स्नान करने वाले श्रद्धालु चर्म रोग, पेट की बीमारी और संक्रमण का शिकार हो रहे हैं।
*नमामि गंगे के करोड़ों दावे, जमीन पर जहर -*
सरकार गंगा को स्वच्छ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन मनैया घाट पर गंगा में औद्योगिक जहर खुलेआम बहाया जा रहा है। ये सिर्फ लापरवाही नहीं, गंगा मैया के साथ अपराध है।
*मांग -*
उत्तर प्रदेश सरकार के जिम्मेदार अधिकारी तुरंत संज्ञान लें। करछना औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले सभी नालों की जांच कराई जाए, फैक्ट्रियों का बिना ट्रीटमेंट पानी गंगा में गिरने से तत्काल रोका जाए, दोषी फैक्ट्रियों और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो और मनैया घाट को तत्काल साफ कराया जाए।
    user_महावीर सिंह
    महावीर सिंह
    करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • सभी क्षेत्रवासियों, नगरवासियों और प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। डॉ राकेश पासवान सीताराम न्यूरो क्लिनिक एवं पॉलीक्लिनिक मनोचिकित्सक दीपों का पावन पर्व दीपावली आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। मां लक्ष्मी और भगवान श्री गणेश की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे। आपका घर-परिवार सुख-समृद्धि और खुशियों के प्रकाश से सदैव आलोकित रहे। सभी क्षेत्रवासियों, नगरवासियों और प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। डॉ राकेश पासवान सीताराम न्यूरो क्लिनिक एवं पॉलीक्लिनिक मनोचिकित्सक आप सभी को दीपावली शुभकामनाएं मां लक्ष्मी गणेश का आशीर्वाद आप पर बना रहे
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    सभी क्षेत्रवासियों, नगरवासियों और प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।

डॉ राकेश पासवान 
सीताराम न्यूरो क्लिनिक एवं पॉलीक्लिनिक मनोचिकित्सक

दीपों का पावन पर्व दीपावली आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। मां लक्ष्मी और भगवान श्री गणेश की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे। आपका घर-परिवार सुख-समृद्धि और खुशियों के प्रकाश से सदैव आलोकित रहे।
सभी क्षेत्रवासियों, नगरवासियों और प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।
डॉ राकेश पासवान 
सीताराम न्यूरो क्लिनिक एवं पॉलीक्लिनिक मनोचिकित्सक
आप सभी को दीपावली शुभकामनाएं मां लक्ष्मी गणेश का आशीर्वाद आप पर बना रहे
    user_Mohammed Shakil Khan
    Mohammed Shakil Khan
    Court reporter Allahabad, Prayagraj•
    26 min ago
  • डायरेक्टर मजहरूल हक की ओर से समस्त देशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं* समस्त नगर वासियों एवं देशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं-मजहरूल हक
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    डायरेक्टर मजहरूल हक की ओर से समस्त देशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं*
समस्त नगर वासियों एवं देशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं-मजहरूल हक
    user_ASBABE HINDUSTAN  HINDUSTAN
    ASBABE HINDUSTAN HINDUSTAN
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • प्रयागराज में पश्चिम व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष धनंजय सिंह ने लोगों से की अपील
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    प्रयागराज में पश्चिम व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष धनंजय सिंह ने लोगों से की  अपील
    user_Kashi jaiswal
    Kashi jaiswal
    Media house इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • प्रयागराज-धनतेरस-दीपावली पर फाफामऊ पुलिस अलर्ट ड्रोन कैमरे से बाजारों की निगरानी प्रभारी निरीक्षक छोटक यादव ने परखी सुरक्षा व्यवस्था धनतेरस-दीपावली पर फाफामऊ पुलिस अलर्ट, ड्रोन कैमरे से बाजारों की निगरानी; प्रभारी निरीक्षक छोटक यादव ने परखी सुरक्षा व्यवस्था प्रयागराज। धनतेरस एवं दीपावली पर्व को देखते हुए फाफामऊ पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। त्योहार के दौरान बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ और आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभारी निरीक्षक छोटक यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ड्रोन कैमरे के जरिए फाफामऊ चौराहे सहित आसपास के बाजारों की निगरानी की। ड्रोन कैमरे से भीड़भाड़ वाले स्थानों, बाजारों की गतिविधियों और यातायात व्यवस्था पर नजर रखी गई। वहीं प्रभारी निरीक्षक छोटक यादव पुलिस बल के साथ स्वयं फाफामऊ चौराहे पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। पुलिस की इस सक्रियता का उद्देश्य त्योहार के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ यातायात को सुचारु रखना है, ताकि आमजन और व्यापारी बिना किसी परेशानी के धनतेरस एवं दीपावली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मना सकें।
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    प्रयागराज-धनतेरस-दीपावली पर फाफामऊ पुलिस अलर्ट ड्रोन कैमरे से बाजारों की निगरानी प्रभारी निरीक्षक छोटक यादव ने परखी सुरक्षा व्यवस्था
धनतेरस-दीपावली पर फाफामऊ पुलिस अलर्ट, ड्रोन कैमरे से बाजारों की निगरानी; प्रभारी निरीक्षक छोटक यादव ने परखी सुरक्षा व्यवस्था
प्रयागराज। धनतेरस एवं दीपावली पर्व को देखते हुए फाफामऊ पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। त्योहार के दौरान बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ और आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभारी निरीक्षक छोटक यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ड्रोन कैमरे के जरिए फाफामऊ चौराहे सहित आसपास के बाजारों की निगरानी की।
ड्रोन कैमरे से भीड़भाड़ वाले स्थानों, बाजारों की गतिविधियों और यातायात व्यवस्था पर नजर रखी गई। वहीं प्रभारी निरीक्षक छोटक यादव पुलिस बल के साथ स्वयं फाफामऊ चौराहे पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
पुलिस की इस सक्रियता का उद्देश्य त्योहार के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ यातायात को सुचारु रखना है, ताकि आमजन और व्यापारी बिना किसी परेशानी के धनतेरस एवं दीपावली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मना सकें।
    user_Rajik
    Rajik
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन सामग्री की खरीदारी को लेकर बाजार में बढ़ी रौनक नैनी बाजार में दीपावली पर्व को लेकर चहल-पहल बढ़ गई है। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के लिए लोग तरह-तरह की पूजन सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में कौड़ी, गोमती चक्र समेत कई अन्य पूजन सामग्री लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। मान्यता के अनुसार, दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा में कौड़ी, गोमती चक्र सहित विशेष पूजन सामग्री अर्पित करने के बाद उसे तिजोरी या अलमारी में रखने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होती है। इसी आस्था के चलते लोग इन सामग्रियों की खरीदारी कर रहे हैं। वहीं, बाजार में दुकानदार मनोज केसरवानी और राकेश जायसवाल ग्राहकों को विशेष पूजा पोटली के बारे में जानकारी देते नजर आए। दुकानदारों ने बताया कि इस पोटली में पूजा में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न सामग्री शामिल हैं, जिसकी कीमत मात्र 70 रुपये रखी गई है। दीपावली को लेकर बाजार में पूजन सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी हुई है।
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    दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन सामग्री की खरीदारी को लेकर बाजार में बढ़ी रौनक
नैनी बाजार में दीपावली पर्व को लेकर चहल-पहल बढ़ गई है। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के लिए लोग तरह-तरह की पूजन सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में कौड़ी, गोमती चक्र समेत कई अन्य पूजन सामग्री लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। मान्यता के अनुसार, दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा में कौड़ी, गोमती चक्र सहित विशेष पूजन सामग्री अर्पित करने के बाद उसे तिजोरी या अलमारी में रखने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होती है। इसी आस्था के चलते लोग इन सामग्रियों की खरीदारी कर रहे हैं। वहीं, बाजार में दुकानदार मनोज केसरवानी और राकेश जायसवाल ग्राहकों को विशेष पूजा पोटली के बारे में जानकारी देते नजर आए। दुकानदारों ने बताया कि इस पोटली में पूजा में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न सामग्री शामिल हैं, जिसकी कीमत मात्र 70 रुपये रखी गई है। दीपावली को लेकर बाजार में पूजन सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी हुई है।
    user_राकेश गुप्ता
    राकेश गुप्ता
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • प्रयागराज में ग्रुप डी भर्ती रिजल्ट में धांधली का आरोप, अप्रेंटिस अभ्यर्थियों ने किया DRM ऑफिस का घेराव... प्रयागराज में रेलवे ग्रुप डी भर्ती के फाइनल रिजल्ट को लेकर कोर्स कम्प्लीटेड एक्ट अप्रेंटिस के पीड़ित अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के प्रयागराज मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय का घेराव किया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा हाल ही में जारी किए गए अंतिम परिणाम में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और स्थापित नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने रेलवे के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं जिसमें :- 1. ओपन सीटों का आवंटन: मेधावी CCAA अभ्यर्थियों को अनारक्षित (ओपन) सीटें नहीं दी गईं। 2. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी: 'सौरभ यादव बनाम यूपी' मामले के उच्चतम न्यायालय के निर्देशों तथा 2016 के रेलवे बोर्ड सर्कुलर के तय नियमों का पालन नहीं किया गया। 3. पारदर्शिता का अभाव: 2019 की तुलना में 2024 के परिणाम जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव से असंतोष है। अभ्यर्थियों ने रेल मंत्रालय को पत्र सौंपा है और मांग पूरी न होने तक संघर्ष जारी रखने की चेतावनी दी है।
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    प्रयागराज में ग्रुप डी भर्ती रिजल्ट में धांधली का आरोप, अप्रेंटिस अभ्यर्थियों ने किया DRM ऑफिस का घेराव...
प्रयागराज में रेलवे ग्रुप डी भर्ती के फाइनल रिजल्ट को लेकर कोर्स कम्प्लीटेड एक्ट अप्रेंटिस के पीड़ित अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के प्रयागराज मंडल रेल प्रबंधक  कार्यालय का घेराव किया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा हाल ही में जारी किए गए अंतिम परिणाम में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और स्थापित नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने रेलवे के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं जिसमें :-
1. ओपन सीटों का आवंटन: मेधावी CCAA अभ्यर्थियों को अनारक्षित (ओपन) सीटें नहीं दी गईं।
2. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी: 'सौरभ यादव बनाम यूपी' मामले के उच्चतम न्यायालय के निर्देशों तथा 2016 के रेलवे बोर्ड सर्कुलर के तय नियमों का पालन नहीं किया गया।
3. पारदर्शिता का अभाव: 2019 की तुलना में 2024 के परिणाम जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव से असंतोष है।
अभ्यर्थियों ने रेल मंत्रालय को पत्र सौंपा है और मांग पूरी न होने तक संघर्ष जारी रखने की चेतावनी दी है।
    user_Mohd. Haroon
    Mohd. Haroon
    Local News Reporter करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
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