कन्नौज ब्लॉक तालग्राम की ग्राम पंचायत तालग्राम देहात के गांव कुशलपुरवा में लगभग 3.48 करोड़ रुपये (348.54 लाख रुपये) की लागत से निर्मित पानी की टंकी पिछले 10 दिनों से खराब पड़ी है। टंकी के बंद होने से गांव में भीषण पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है, जिसके चलते ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल की समस्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने पानी की टंकी पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या कई दिनों से बनी हुई है, लेकिन संबंधित अधिकारी इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों में नरेश सिंह ठाकुर, बलवीर, अंकित खटीक, यस कुमार शिवनाथ, रघुवीर, जवर सिंह, बबली देवी, पूनम, पिंकी और रेखा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल थे। वहीं, टंकी ऑपरेटर देवेंद्र शाक्य ने पुष्टि की कि टंकी करीब 10 दिनों से खराब है और इसकी सूचना कई बार संबंधित विभाग व अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
कन्नौज ब्लॉक तालग्राम की ग्राम पंचायत तालग्राम देहात के गांव कुशलपुरवा में लगभग 3.48 करोड़ रुपये (348.54 लाख रुपये) की लागत से निर्मित पानी की टंकी पिछले 10 दिनों से खराब पड़ी है। टंकी के बंद होने से गांव में भीषण पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है, जिसके चलते ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल की समस्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने पानी की टंकी पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या कई दिनों से बनी हुई है, लेकिन संबंधित अधिकारी
इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों में नरेश सिंह ठाकुर, बलवीर, अंकित खटीक, यस कुमार शिवनाथ, रघुवीर, जवर सिंह, बबली देवी, पूनम, पिंकी और रेखा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल थे। वहीं, टंकी ऑपरेटर देवेंद्र शाक्य ने पुष्टि की कि टंकी करीब 10 दिनों से खराब है और इसकी सूचना कई बार संबंधित विभाग व अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
- तिर्वा पुलिस न्यायालय द्वारा जारी किए गए वारंटों से संबंधित मामलों को देख रही है। इस संबंध में आगे कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।1
- सुन्नी धाम स्थित मां महिषासुर मर्दिनी के पावन दरबार में सोमवार को भगवान भोलेनाथ के दिव्य श्रृंगार दर्शन आयोजित किए गए। इस विशेष दिन पर, भक्तों ने महादेव के चरणों में शीश नवाकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। यह सोमवार को शिव के विशेष दर्शन का अवसर था।3
- कानपुर में नाला निर्माण के कार्यों के दौरान भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं।1
- कन्नौज के के. के. इंटर कॉलेज मैदान (बोर्डिंग मैदान) में आज सबका दल यूनाइटेड के तत्वावधान में वंचित वर्गों की हिस्सेदारी महारैली का भव्य आयोजन किया गया। भीषण 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद हजारों लोगों की भारी उपस्थिति ने सामाजिक और राजनीतिक बदलाव का स्पष्ट संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, कैबिनेट मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अपने संबोधन में पिछड़े वर्गों के आरक्षण का वर्गीकरण उनकी जनसंख्या के आधार पर करने की मांग की। उन्होंने विशेष रूप से लोधी समाज से अपने राजनीतिक अधिकारों और हिस्सेदारी के लिए सबका दल यूनाइटेड को मजबूत करने का आह्वान किया। सबका दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद लोधी ने लोधी समाज के लोगों पर लगातार हो रहे अत्याचारों और हत्याओं की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज की प्रशासनिक, ठेकेदारी और आर्थिक भागीदारी लगभग शून्य है। प्रमोद लोधी ने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि जिस प्रकार वे आज कन्नौज में एकजुट हुए हैं, उसी प्रकार 29 नवम्बर को लखनऊ पहुंचकर हिस्सेदारी और अधिकारों की लड़ाई को और मजबूत करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि 45 डिग्री तापमान में उमड़ा यह जनसैलाब परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है और वंचित वर्ग अब अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संगठित होकर आगे बढ़ रहा है। इस महारैली में नीरज लोधी (जिलाध्यक्ष), शिवम लोधी (प्रदेश सचिव) और आदित्य लोधी (जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा कन्नौज) सहित भारी संख्या में पदाधिकारी तथा हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर सामाजिक न्याय एवं हिस्सेदारी की मांग को मजबूती प्रदान की।2
- कन्नौज ब्लॉक तालग्राम की ग्राम पंचायत तालग्राम देहात के गांव कुशलपुरवा में लगभग 3.48 करोड़ रुपये (348.54 लाख रुपये) की लागत से निर्मित पानी की टंकी पिछले 10 दिनों से खराब पड़ी है। टंकी के बंद होने से गांव में भीषण पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है, जिसके चलते ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल की समस्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने पानी की टंकी पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या कई दिनों से बनी हुई है, लेकिन संबंधित अधिकारी इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों में नरेश सिंह ठाकुर, बलवीर, अंकित खटीक, यस कुमार शिवनाथ, रघुवीर, जवर सिंह, बबली देवी, पूनम, पिंकी और रेखा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल थे। वहीं, टंकी ऑपरेटर देवेंद्र शाक्य ने पुष्टि की कि टंकी करीब 10 दिनों से खराब है और इसकी सूचना कई बार संबंधित विभाग व अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।2