गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत चिनिया–कदवा मुख्य सड़क पर स्थित छतैलिया गांव में बुधवार शाम करीब 6 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में चिखुरा पत्थर टोला, चिनिया मुख्यालय निवासी 45 वर्षीय मुन्ना कोरवा अपनी टीवीएस मोपेड से बिजली सब स्टेशन के समीप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से जा टकराए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुन्ना कोरवा कदवा रोड से अपने घर लौट रहे थे, तभी बिजली सब स्टेशन के पास उनकी मोपेड अचानक अनियंत्रित हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर गिर पड़े। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता दिखाते हुए घायल को संभाला और एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस पहुंचने के बाद, ग्रामीणों की मदद से घायल मुन्ना कोरवा को चिनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहाँ यह बताया गया कि दोपहर 3 बजे के बाद चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे, जिसके चलते एंबुलेंस में मौजूद दोनों एएनएम ने घायल का प्राथमिक उपचार किया। गंभीर स्थिति को देखते हुए, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद, क्षेत्र के लोगों ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने और स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि डॉक्टर समय पर मौजूद होते, तो घायल को तत्काल बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मिल सकती थी।
गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत चिनिया–कदवा मुख्य सड़क पर स्थित छतैलिया गांव में बुधवार शाम करीब 6 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में चिखुरा पत्थर टोला, चिनिया मुख्यालय निवासी 45 वर्षीय मुन्ना कोरवा अपनी टीवीएस मोपेड से बिजली सब स्टेशन के समीप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से जा टकराए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुन्ना कोरवा कदवा रोड से अपने घर लौट रहे थे, तभी बिजली सब स्टेशन के पास उनकी मोपेड अचानक अनियंत्रित हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर गिर पड़े। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता दिखाते हुए घायल को संभाला और एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस पहुंचने के बाद, ग्रामीणों की मदद से घायल मुन्ना कोरवा को चिनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहाँ यह बताया गया कि दोपहर 3 बजे के बाद चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे, जिसके चलते एंबुलेंस में मौजूद दोनों एएनएम ने घायल का प्राथमिक उपचार किया। गंभीर स्थिति को देखते हुए, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद, क्षेत्र के लोगों ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने और स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि डॉक्टर समय पर मौजूद होते, तो घायल को तत्काल बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मिल सकती थी।
- बोलबम सेवा समिति के तत्वावधान में 36वाँ सुंदरकांड पाठ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह कार्यक्रम नगर पंचायत पिपरी कार्यालय के सामने स्थित हनुमान मंदिर पर आयोजित किया गया था, जिसमें काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।1
- बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी में किसानों ने समिति प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि उन्हें खराब और पुरानी खाद वितरित की जा रही है। किसानों के अनुसार, पहले समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही थी, और अब जब खाद का वितरण शुरू हुआ है, तो जो खाद दी जा रही है वह लंबे समय से रखी होने के कारण पूरी तरह से ढेलेनुमा हो गई है। किसानों का आरोप है कि इस खराब गुणवत्ता वाली खाद से फसलों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि इसकी गुणवत्ता पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। किसानों ने बताया कि जब वे खाद के बैग खोलते हैं, तो उसमें अधिकांश खाद बड़े-बड़े ढेलों के रूप में जमी हुई मिलती है। उनका दावा है कि समिति के कर्मचारी उन्हें यही खराब खाद लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। जब किसानों ने इस खराब खाद को लेने से इनकार किया और अच्छी गुणवत्ता वाली खाद की मांग की, तो उनकी बात नहीं सुनी गई। आरोप है कि अघोषित प्रभारी प्रबंधक ने साफ शब्दों में कह दिया कि "लेना है तो लो, नहीं तो मत लो।" किसानों की शिकायतों को गंभीरता से न लिए जाने और उन्हें मजबूरी में खराब खाद लेने के लिए विवश किए जाने से उनमें भारी नाराजगी है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल मांग की है कि समिति में उपलब्ध खाद की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जांच में खाद खराब पाई जाती है तो किसानों को तत्काल अच्छी गुणवत्ता की खाद उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा उनकी समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- झारखंड सरकार ने लातेहार के शिक्षा विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। इस फेरबदल के तहत, प्रिंस कुमार का तबादला लातेहार से चाईबासा कर दिया गया है। वहीं, गौतम कुमार साहु को लातेहार का नया जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) नियुक्त किया गया है, और ऋषिकेश कुमार ने लातेहार के नए जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) के रूप में कार्यभार संभाला है।1
- लातेहार जिले के मनिका प्रखंड की सभी पंचायतों में 29 जुलाई से 4 अगस्त तक ड्राइविंग लाइसेंस कैंप का आयोजन किया जाएगा। यह कैंप मनिका के हर पंचायत में लगाया जाएगा।1
- एक ऐसा वीडियो साझा किया जा रहा है जिसमें CNG भरवाते समय एक अप्रत्याशित और चौंकाने वाली घटना दिखाई गई है, जिसे शायद ही किसी ने अपने सपने में भी सोचा होगा. इस वायरल वीडियो के साथ स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यह पूरी तरह से VFX/एडिटिंग के ज़रिए बनाया गया है. इसमें दिखाए गए दृश्य वास्तविक नहीं हैं और इनका किसी भी वास्तविक घटना से कोई संबंध नहीं है, बल्कि इसे मुख्य रूप से मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया है. इस पोस्ट में #safetyfirst जैसे हैशटैग भी इस्तेमाल किए गए हैं.1
- सोनभद्र के मांची थाना क्षेत्र के चरगढ़ा गांव में एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ पिकनिक मनाने गए तीन लोग परवा नाले के तेज बहाव में बह गए। इस दुखद घटना में एक युवक की जान चली गई है, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया है और एक 6 वर्षीय बालक अभी भी लापता है। बताया गया है कि हाल ही में हुई बारिश के कारण परवा नाला उफान पर था, और इसी दौरान यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और ग्रामीण लापता बालक की तलाश में जुट गए हैं। इस भयावह दुर्घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, और पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- सोनभद्र में 01 जुलाई, 2026 को जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने बभनौली कला गांव पहुंचकर संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान का शुभारंभ किया। अपनी एक नई पहल के तहत, उन्होंने गांव की गलियों में पैदल भ्रमण किया और घर-घर जाकर ग्रामीणों को संचारी रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वच्छता सबसे प्रभावी उपाय है, और सभी परिवारों को अपने घर व आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा शुद्ध एवं सुरक्षित खान-पान की आदत अपनाने को कहा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अपने बीच पाकर विशेष उत्साह दिखाया और उनकी इस अनूठी पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उनका कहना था कि पहली बार किसी जिलाधिकारी को गांव की गलियों में पैदल घूमकर लोगों को स्वयं जागरूक करते देखा है, जिससे प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है। इस दौरान जिलाधिकारी ने गांव की साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने खंण्ड विकास अधिकारी को गांव में नियमित साफ-सफाई, नालियों की सफाई और सड़कों की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि जनपद में ऐसे 40 से 50 संवेदनशील गांवों को चिन्हित किया जाए, जहां संचारी रोग फैलने की अधिक संभावना है, और वहां व्यापक जनजागरूकता, स्वच्छता तथा स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां संचालित की जाएं ताकि बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। अभियान के तहत, जनपद के विद्यालयों में भी संचारी रोग नियंत्रण हेतु शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 श्री वागीश कुमार शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी श्री विनय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, एएनएम और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय बैठक छत्तीसगढ़ के वाड्रफनगर (जिला बलरामपुर-रामानुजगंज) में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाना था। यह बैठक रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत और रीवा क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक श्री हेमंत चौहान के निर्देशन में, तथा पुलिस अधीक्षक सिंगरौली श्री षियाज़ के.एम. और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सर्वप्रिय सिन्हा के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। इसमें सिंगरौली से सीएसपी विंध्यनगर श्री उमेश प्रजापति, थाना प्रभारी बैढ़न श्री अशोक सिंह परिहार, और चौकी प्रभारी सासन श्री संदीप नामदेव सहित चारों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सीमा सुरक्षा को मजबूत करने, अंतरराज्यीय अपराधों की रोकथाम, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, और अवैध मादक पदार्थ, हथियार तथा शराब तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। इन मुद्दों पर संयुक्त चेकिंग अभियान चलाने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए एक साझा रणनीति भी तैयार की गई। इसके अतिरिक्त, 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत साइबर अपराधों जैसे डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, ओटीपी और बैंकिंग फ्रॉड से बचाव के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त साइबर जागरूकता अभियान चलाने पर सहमति बनी। साइबर हेल्पलाइन 1930 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया गया।2
- सोनभद्र में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मी "गुंडागर्दी की मिसाल" बन रहे हैं। पोस्ट के अनुसार, पुलिस खास तौर पर गरीबों को निशाना बनाती है, जबकि बड़े और प्रभावशाली लोगों के पास जाने से कतराती है। इसमें यह भी कहा गया है कि जमीनों से संबंधित कार्य SDM का होता है, लेकिन पुलिसकर्मी खुद ही SDM बनकर मनमानी कर रहे हैं। इन आरोपों के मद्देनजर, वीडियो की जांच कर पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है।1