उपायुक्त एवं जिला बाल कल्याण परिषद की अध्यक्ष अनुपमा अंजली ने 2 जून को नारनौल के बाल भवन में हरियाणा राज्य कल्याण परिषद द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन शिविर-2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल स्कूल के मार्क्स और रैंक तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि तभी संपूर्ण होती है जब बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ पाठ्येतर गतिविधियों पर भी ध्यान दें। डीसी अनुपमा अंजली ने बताया कि यह ग्रीष्मकालीन शिविर बच्चों के लिए सीखने का एक सुनहरा अवसर है, और उन्हें इसमें अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण (जैसे म्यूजियम) पर जाने की इच्छा होने पर शाम के समय प्रशासन द्वारा घूमने का प्रबंध करने का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने बाल भवन की साइंस लाइब्रेरी की भी सराहना की और कहा कि बच्चों को साइंस मॉडल्स की गहराई से जानकारी देने के लिए शाम के समय एक साइंस टीचर की व्यवस्था की जाएगी, ताकि वे बचपन से ही इंजीनियरिंग के मूल सिद्धांतों को आसानी से समझ सकें। इस दौरान उन्होंने तीरंदाजी का अभ्यास भी किया। इस मौके पर सेवानिवृत्त बाल कल्याण अधिकारी विपिन शर्मा ने बच्चों को ग्रीष्मकालीन अवकाश शिविरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने हरियाणा बाल कल्याण परिषद की नारनौल जिला शाखा द्वारा बच्चों के विकास के लिए चलाई जाने वाली गतिविधियों में भविष्य में भी सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी विवेक कुमार, लेखाकार मनीष कुमार, तीरंदाजी कोच सुरेंद्र शर्मा, सभी गतिविधियों के प्रशिक्षक-प्रशिक्षिकाएं और बच्चे उपस्थित थे।
उपायुक्त एवं जिला बाल कल्याण परिषद की अध्यक्ष अनुपमा अंजली ने 2 जून को नारनौल के बाल भवन में हरियाणा राज्य कल्याण परिषद द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन शिविर-2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल स्कूल के मार्क्स और रैंक तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि तभी संपूर्ण होती है जब बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ पाठ्येतर गतिविधियों पर भी ध्यान दें। डीसी अनुपमा अंजली ने बताया कि यह ग्रीष्मकालीन शिविर बच्चों के लिए सीखने का एक सुनहरा अवसर है, और उन्हें इसमें अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण (जैसे म्यूजियम) पर जाने की इच्छा होने पर शाम के समय प्रशासन द्वारा घूमने का प्रबंध करने का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने बाल भवन की साइंस लाइब्रेरी की भी सराहना की और कहा कि बच्चों को साइंस मॉडल्स की गहराई से जानकारी देने के लिए शाम के समय एक साइंस टीचर की व्यवस्था की जाएगी, ताकि वे बचपन से ही इंजीनियरिंग के मूल सिद्धांतों को आसानी से समझ सकें। इस दौरान उन्होंने तीरंदाजी का अभ्यास भी किया। इस मौके पर सेवानिवृत्त बाल कल्याण अधिकारी विपिन शर्मा ने बच्चों को ग्रीष्मकालीन अवकाश शिविरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने हरियाणा बाल कल्याण परिषद की नारनौल जिला शाखा द्वारा बच्चों के विकास के लिए चलाई जाने वाली गतिविधियों में भविष्य में भी सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी विवेक कुमार, लेखाकार मनीष कुमार, तीरंदाजी कोच सुरेंद्र शर्मा, सभी गतिविधियों के प्रशिक्षक-प्रशिक्षिकाएं और बच्चे उपस्थित थे।
- डीसी अनुपमा अंजली ने ग्रीष्मकालीन शिविर-2026 का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया। इस अवसर पर डीसी अनुपमा अंजली ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।1
- उपायुक्त एवं जिला बाल कल्याण परिषद की अध्यक्ष अनुपमा अंजली ने 2 जून को नारनौल के बाल भवन में हरियाणा राज्य कल्याण परिषद द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन शिविर-2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल स्कूल के मार्क्स और रैंक तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि तभी संपूर्ण होती है जब बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ पाठ्येतर गतिविधियों पर भी ध्यान दें। डीसी अनुपमा अंजली ने बताया कि यह ग्रीष्मकालीन शिविर बच्चों के लिए सीखने का एक सुनहरा अवसर है, और उन्हें इसमें अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण (जैसे म्यूजियम) पर जाने की इच्छा होने पर शाम के समय प्रशासन द्वारा घूमने का प्रबंध करने का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने बाल भवन की साइंस लाइब्रेरी की भी सराहना की और कहा कि बच्चों को साइंस मॉडल्स की गहराई से जानकारी देने के लिए शाम के समय एक साइंस टीचर की व्यवस्था की जाएगी, ताकि वे बचपन से ही इंजीनियरिंग के मूल सिद्धांतों को आसानी से समझ सकें। इस दौरान उन्होंने तीरंदाजी का अभ्यास भी किया। इस मौके पर सेवानिवृत्त बाल कल्याण अधिकारी विपिन शर्मा ने बच्चों को ग्रीष्मकालीन अवकाश शिविरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने हरियाणा बाल कल्याण परिषद की नारनौल जिला शाखा द्वारा बच्चों के विकास के लिए चलाई जाने वाली गतिविधियों में भविष्य में भी सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी विवेक कुमार, लेखाकार मनीष कुमार, तीरंदाजी कोच सुरेंद्र शर्मा, सभी गतिविधियों के प्रशिक्षक-प्रशिक्षिकाएं और बच्चे उपस्थित थे।1
- एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, 85 वर्षीय एक व्यक्ति, जिन्हें 'बाबा' कहकर संबोधित किया गया है, को जेल भेजा जा रहा है। यह फैसला अदालत द्वारा 34 साल के एक लंबे इंतजार के बाद सुनाया गया है।1
- जिला रेड क्रॉस सोसाइटी नारनौल में 04 जून को एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों ने सभी साथियों से विनम्र अनुरोध किया है कि वे इस शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर रक्तदान करें। उन्होंने सभी की गरिमामयी उपस्थिति और सहयोग की अपेक्षा जताई है।1
- काफी समय से पानी की लगातार बर्बादी हो रही है। यह समस्या कई दिनों से बनी हुई है, जहां जल व्यर्थ बह रहा है।1
- गाजियाबाद में बाबाजी के खौफ का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ असद मियां को अंतिम संस्कार के लिए चार कंधे भी नसीब नहीं हुए। स्थिति ऐसी थी कि उन्हें सुपुर्दे खाक करने के लिए केवल उनके रिश्ते के एक चाचू ही अकेले पहुंचे। पहले ऐसी परिस्थितियों में लोगों के जनाजों में बड़ी भीड़ दिखाई देती थी और लोग एकजुट होकर अंतिम संस्कार में शामिल होते थे। हालाँकि, बाबाजी के इसी खौफ के कारण अब आलम यह है कि असद मियां के जनाजे को कंधा देने वाला भी कोई नहीं मिल रहा है।1
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित तीनों नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्याय विजन को प्रदेश में साकार कर रही है। समीक्षा बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने जांच में देरी पर सख्ती बरतने और वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि अब जांच अधिकारियों को अलर्ट मिलेंगे और समय पर चार्जशीट जमा न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने ई-साक्ष्य (e-Sakshya) तथा एनएएफआईएस (NAFIS) प्रणाली की प्रगति की भी समीक्षा की।1
- बेगूसराय में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक ठग पुलिस के डर से पूरे एक साल तक 20 फीट गहरी टंकी में छिपा रहा।1