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रायपुर से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जहाँ गांव में विकास का सिस्टम पूरी तरह फेल होता दिख रहा है। गणेश मंदिर के पास वाली नाली में एक पिकअप गाड़ी फंस गई, जिसे बाहर निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी। इस घटना के बाद जनता सवाल उठा रही है कि इसका जिम्मेदार कौन है और क्या यही सच्चा विकास है। लोगों का आक्रोश है कि अगर इस दौरान कोई बड़ा हादसा हो जाता तो उसकी भरपाई कौन करता। जनता का कहना है कि विकास के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है, जबकि धरातल पर जमीनी काम शून्य है।
आपकी आवाज न्यूज़ राजस्थान
रायपुर से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जहाँ गांव में विकास का सिस्टम पूरी तरह फेल होता दिख रहा है। गणेश मंदिर के पास वाली नाली में एक पिकअप गाड़ी फंस गई, जिसे बाहर निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी। इस घटना के बाद जनता सवाल उठा रही है कि इसका जिम्मेदार कौन है और क्या यही सच्चा विकास है। लोगों का आक्रोश है कि अगर इस दौरान कोई बड़ा हादसा हो जाता तो उसकी भरपाई कौन करता। जनता का कहना है कि विकास के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है, जबकि धरातल पर जमीनी काम शून्य है।
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- रोहिसा गांव में तेजा चौक से अटल सेवा केन्द्र तक जाने वाले मुख्य सड़क मार्ग पर अतिक्रमण और कीचड़ की समस्या को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की है। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। उपखंड अधिकारी के निर्देशन में, जेसीबी मशीन की सहायता से सड़क मार्ग के दोनों ओर से अतिक्रमण को हटाया गया। इसी के साथ, रास्ते पर जमा कीचड़ और गंदगी को भी साफ कर सड़क को आवागमन के लिए सुगम बनाया गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस सड़क मार्ग की समस्या को लेकर प्रशासन को पहले भी कई बार लिखित रूप से अवगत कराया गया था। बारिश के मौसम में मार्ग पर कीचड़ और पानी भर जाने के कारण रास्ता लगभग बंद हो जाता था, जिससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को आवागमन में काफी परेशानी होती थी। तेजा चौक से अटल सेवा केन्द्र तक का यह मार्ग गांव के प्रमुख रास्तों में से एक है। इस कार्रवाई के दौरान उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया स्वयं मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने कार्य की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ तहसीलदार अशोक कुमार, ग्राम विकास अधिकारी राजमल मीणा, पटवारी राजू पारीक और जसनगर पुलिस थाने का जाब्ता भी उपस्थित था। अधिकारियों ने ग्रामीणों को यह आश्वस्त किया कि सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्रवाई से ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानियों से बड़ी राहत मिली है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई का दिल खोलकर स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि वर्षों पुरानी इस समस्या का अब समाधान हो जाने से गांव में आवागमन काफी सुगम हो गया है।1
- मोहर्रम के अवसर पर चौकी धुलाई की रस्म पूरी की गई। इस दौरान, चौकी का जुलूस गरीब नवाज गेस्ट हाउस से निकाला गया।1
- चापानेरी में मुख्य लाइन से सीधे कनेक्शन के जरिए पानी तालाब में बर्बाद हो रहा है। इस गंभीर बर्बादी के बीच, देवलिया कला की जनता पानी के लिए संघर्ष कर रही है, जहाँ घरों में 10 दिन में केवल एक बार पानी की सप्लाई की जाती है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि एक तरफ जहाँ देवलिया कला में लोग जल संकट से जूझ रहे हैं, वहीं चापानेरी में पानी को यूँ ही बर्बाद किया जा रहा है।1
- राजस्थान के मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 'एक फ्लैट देने की योजना' को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। जनता पूछ रही है कि मुख्यमंत्री के लगातार दिए जा रहे तमाम भाषणों के बावजूद यह योजना अब तक ज़मीन पर क्यों नहीं उतरी है, और इस पर काम क्यों नहीं किया जा रहा है।1
- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने आज सचिवालय में कीर्ति चक्र से सम्मानित लांस नायक ए. मीनाक्षी सुंदरम का सम्मान किया। आतंकवाद विरोधी अभियानों में असाधारण साहस प्रदर्शित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से उन्हें ₹48 लाख का चेक भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लांस नायक मीनाक्षी सुंदरम के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें राज्य का गौरव बताया।1
- नसीराबाद छावनी में, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने वार्ड-4 में स्वच्छता, सड़क व्यवस्था और अतिक्रमण से संबंधित मामलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए एक निरीक्षण अभियान चलाया है।1
- नसीराबाद में केंद्रीय मंत्री भगीरथ चौधरी का जन्मदिवस सेवा कार्यों के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मरीजों को फल वितरित किए गए, वहीं गौशाला में चारा भी बांटा गया।1
- सूरज जान भीलवाड़ा जिले की आसींद तहसील में नारायणी रोड स्थित भेरूनाथ मंदिर पर हैं।4
- नागौर के झींटिया स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाया, जहाँ अधिकारियों ने मौके पर ही कई प्रकरणों का निस्तारण कर पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया। सहायक विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद माली के अनुसार, राज्य सरकार के निर्देश पर 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में ऐसे ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। झींटिया शिविर के दौरान अजमेर संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ और मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विभिन्न विभागों द्वारा दी जा रही सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। इस शिविर में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने 16 पात्र परिवारों को आवासीय पट्टों का वितरण किया। वहीं, राजस्व विभाग ने आपसी सहमति से कृषि भूमि के 9 बंटवारा प्रकरणों का निस्तारण कर संबंधित पक्षों को बंटवारा पत्र सौंपे। कृषि विभाग द्वारा 7 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए, जिससे वे अपनी भूमि की गुणवत्ता के अनुरूप खेती कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा विभाग ने 2 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड जारी कर स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ उपलब्ध कराया, जबकि अन्य विभागों ने भी विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही लाभ प्रदान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का एक प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक ही स्थान पर 22 विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे लंबे समय से लंबित कार्यों का भी शीघ्र निस्तारण संभव हो रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इन शिविरों का लाभ उठाने की अपील की। संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में नियमित सेवाओं के साथ-साथ वर्षों से लंबित कृषि भूमि, राजस्व और अन्य प्रशासनिक मामलों का भी प्राथमिकता से समाधान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को त्वरित राहत मिल रही है।4