नागौर के झींटिया स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाया, जहाँ अधिकारियों ने मौके पर ही कई प्रकरणों का निस्तारण कर पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया। सहायक विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद माली के अनुसार, राज्य सरकार के निर्देश पर 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में ऐसे ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। झींटिया शिविर के दौरान अजमेर संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ और मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विभिन्न विभागों द्वारा दी जा रही सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। इस शिविर में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने 16 पात्र परिवारों को आवासीय पट्टों का वितरण किया। वहीं, राजस्व विभाग ने आपसी सहमति से कृषि भूमि के 9 बंटवारा प्रकरणों का निस्तारण कर संबंधित पक्षों को बंटवारा पत्र सौंपे। कृषि विभाग द्वारा 7 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए, जिससे वे अपनी भूमि की गुणवत्ता के अनुरूप खेती कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा विभाग ने 2 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड जारी कर स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ उपलब्ध कराया, जबकि अन्य विभागों ने भी विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही लाभ प्रदान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का एक प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक ही स्थान पर 22 विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे लंबे समय से लंबित कार्यों का भी शीघ्र निस्तारण संभव हो रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इन शिविरों का लाभ उठाने की अपील की। संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में नियमित सेवाओं के साथ-साथ वर्षों से लंबित कृषि भूमि, राजस्व और अन्य प्रशासनिक मामलों का भी प्राथमिकता से समाधान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को त्वरित राहत मिल रही है।
नागौर के झींटिया स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाया, जहाँ अधिकारियों ने मौके पर ही कई प्रकरणों का निस्तारण कर पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया। सहायक विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद माली के अनुसार, राज्य सरकार के निर्देश पर 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में ऐसे ग्रामीण सेवा शिविर
आयोजित किए जा रहे हैं। झींटिया शिविर के दौरान अजमेर संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ और मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विभिन्न विभागों द्वारा दी जा रही सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। इस शिविर में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने 16 पात्र परिवारों को आवासीय पट्टों का वितरण किया। वहीं, राजस्व विभाग ने आपसी सहमति से कृषि भूमि के 9 बंटवारा प्रकरणों का निस्तारण कर संबंधित पक्षों को बंटवारा पत्र सौंपे। कृषि विभाग द्वारा 7 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए, जिससे वे अपनी
भूमि की गुणवत्ता के अनुरूप खेती कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा विभाग ने 2 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड जारी कर स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ उपलब्ध कराया, जबकि अन्य विभागों ने भी विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही लाभ प्रदान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का एक प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक ही स्थान पर 22 विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों
के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे लंबे समय से लंबित कार्यों का भी शीघ्र निस्तारण संभव हो रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इन शिविरों का लाभ उठाने की अपील की। संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में नियमित सेवाओं के साथ-साथ वर्षों से लंबित कृषि भूमि, राजस्व और अन्य प्रशासनिक मामलों का भी प्राथमिकता से समाधान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को त्वरित राहत मिल रही है।
- नागौर के झींटिया स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाया, जहाँ अधिकारियों ने मौके पर ही कई प्रकरणों का निस्तारण कर पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया। सहायक विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद माली के अनुसार, राज्य सरकार के निर्देश पर 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में ऐसे ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। झींटिया शिविर के दौरान अजमेर संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ और मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विभिन्न विभागों द्वारा दी जा रही सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। इस शिविर में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने 16 पात्र परिवारों को आवासीय पट्टों का वितरण किया। वहीं, राजस्व विभाग ने आपसी सहमति से कृषि भूमि के 9 बंटवारा प्रकरणों का निस्तारण कर संबंधित पक्षों को बंटवारा पत्र सौंपे। कृषि विभाग द्वारा 7 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए, जिससे वे अपनी भूमि की गुणवत्ता के अनुरूप खेती कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा विभाग ने 2 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड जारी कर स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ उपलब्ध कराया, जबकि अन्य विभागों ने भी विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही लाभ प्रदान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का एक प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक ही स्थान पर 22 विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे लंबे समय से लंबित कार्यों का भी शीघ्र निस्तारण संभव हो रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इन शिविरों का लाभ उठाने की अपील की। संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में नियमित सेवाओं के साथ-साथ वर्षों से लंबित कृषि भूमि, राजस्व और अन्य प्रशासनिक मामलों का भी प्राथमिकता से समाधान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को त्वरित राहत मिल रही है।4
- अजमेर संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने मंगलवार को रियांबड़ी नगर पालिका परिसर में आयोजित शहरी सेवा शिविर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आमजन की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, संभागीय आयुक्त राठौड़ ने शिविर में उपस्थित लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर इन समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया। राठौड़ ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं की भी समीक्षा की और स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुँचना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि अधिकतम समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सेवा वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। निरीक्षण के समय, रमेश गहलोत ने सड़क निर्माण, नाला निर्माण, जल विभाग द्वारा खोदी गई सड़कों, सड़क निर्माण में अतिक्रमण न तोड़ने, मुआवजे के बाद भी अतिक्रमण न हटाने और नगर पालिका से संबंधित कई अन्य समस्याओं के बारे में संभागीय आयुक्त को अवगत कराया। इस औचक निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी विनित सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार, विकास अधिकारी भंवरलाल, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, एडवोकेट रामकिशोर तिवारी, रमेश गहलोत, कमल माली, रामस्वरूप मेघवाल, सूर्यप्रकाश, सुनील दगदी, प्रेम दगदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- अजमेर जिले के पीसांगन पुलिस थाना ने वाहन चोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, 05 साल से फरार चल रहे एक शातिर अभियुक्त को महिंद्रा पिक-अप गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिले में लगातार हो रही चोरी, नकबजनी, लूट और डकैती जैसी गंभीर वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई। इस ऑपरेशन की निगरानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, डॉ. लालचंद कायल और उप अधीक्षक पुलिस, वृत्ताधिकारी वृत्त ग्रामीण, दीपेंद्र सैनी ने की, जबकि थानाधिकारी पुलिस थाना पीसांगन, पुलिस निरीक्षक सरोज चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। यह मामला तब सामने आया जब 06 अगस्त, 2021 को परिवादी सुखाराम (50) ने पीसांगन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 16 जुलाई, 2021 की रात करीब 01:30 बजे उनकी महिंद्रा पिकअप (नंबर आरजे 22 जीए 4834), जो उनकी बाब रतनगढ़ होटल पर खड़ी थी, चोरी हो गई थी। उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि कई दिनों तक तलाश करने के बाद भी गाड़ी नहीं मिली, जिसके बाद आईपीसी की धारा 379 के तहत मुकदमा नंबर 114/2021 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। गठित टीम ने वारदात के तरीके के आधार पर पुराने चालानशुदा अपराधियों का डेटाबेस तैयार किया। घटनास्थल और संदिग्ध स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से निरीक्षण कर आरोपियों के आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस टीम ने योजनाबद्ध, तकनीकी और पेशेवर तरीके से काम करते हुए बहु-आयामी रणनीति अपनाई, जिसमें मुखबिर तंत्र को सक्रिय करना और संदिग्ध गतिविधियों का सूक्ष्म अध्ययन शामिल था। जांच के दौरान यह सामने आया कि अभियुक्त बेहद शातिर था और उसके डर के कारण स्थानीय लोग सूचना देने से कतरा रहे थे, जिससे उसकी गिरफ्तारी एक बड़ी चुनौती बन गई थी। अंततः, 15 जून, 2026 को पुलिस को गोविंदगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति के घूमने की सटीक सूचना मिली, जिस पर पुलिस टीम ने दबिश देकर हुक्मचंद उर्फ हुक्माराम बावरी (45), निवासी गांव सेठन, पीसांगन, जिला अजमेर को हिरासत में ले लिया। वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई गहन पूछताछ में आरोपी ने पीसांगन क्षेत्र से पिक-अप चोरी की वारदात को स्वीकार किया और उसकी निशानदेही पर महिंद्रा पिक-अप बरामद कर ली गई। गिरफ्तार अभियुक्त हुक्मचंद उर्फ हुक्माराम बावरी ने पीसांगन क्षेत्र से गांव करनोस से पिक-अप चोरी की एक और वारदात को भी कबूल किया है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड में गोठन (नागौर) से 2015 में, बोरुंदा (जोधपुर) से 2015 में और पीसांगन (अजमेर) से 2016 में आईपीसी की धारा 379 के तहत दर्ज चार मामले शामिल हैं। पुलिस उससे अन्य वारदातों के बारे में भी पूछताछ कर रही है। इस सफल कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक सरोज चौधरी के साथ सउनि महावीर शर्मा, सउनि गणेशराम और विशेष योगदान के लिए कांस्टेबल सुखराम सेवदा, भोमाराम तथा सुशील सहित अन्य पुलिसकर्मियों की टीम शामिल थी।1
- ब्यावर से संबंधित रोज़ाना की खबरें 'सत्य आपके सामने' नामक एक समाचार पत्र में देखी जा सकेंगी। इस अख़बार का संपादन साबुद्दीन खानभुट्टा मेड़तिया लौहार द्वारा किया जाएगा, जो पाठकों तक सत्यता से भरी खबरें पहुँचाने का दावा करता है।1
- ब्यावर आगार को शर्मसार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ अजमेर डिपो पर सवारी बिठाने के एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। ब्यावर के नियमित कंडक्टर अनवर हुसैन ने ठेके पर कार्यरत कंडक्टर अजय रावत पर लोहे की सरिया से जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में पीड़ित अजय रावत के चेहरे और मुँह पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में कई टाँके लगवाने पड़े। यह घटना परिवहन विभाग के भीतर आपसी कलह और हिंसा की प्रवृत्ति को उजागर करती है। इस घटना के बाद, पीड़ित अजय रावत ने ब्यावर डिपो प्रबंधक को लिखित शिकायत सौंपकर आरोपी कर्मचारी अनवर हुसैन को तुरंत ड्यूटी से निलंबित करने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। 'राजस्थान धरा न्यूज़' / 'आर डी न्यूज़' के जिला ब्यूरो चीफ विजय मेहरानिया की विशेष रिपोर्ट में पीड़ित ने कैमरे पर रोते हुए अपनी पूरी आपबीती सुनाई है, जिससे इस मामले की गंभीरता स्पष्ट होती है।1
- ब्यावर जिले के जवाजा क्षेत्र के राजपुरा बोचान गांव में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक की 30 फीट गहरी खदान में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना की सूचना मिलने के बाद राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंची और फिलहाल बचाव अभियान जारी है।1
- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाने के उद्देश्य से मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय झींटिया में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया और पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया। सहायक विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद माली ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेशभर में ऐसे ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। झींटिया शिविर में संभागीय आयुक्त अजमेर शक्तिसिंह राठौड़ और मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के विधायक लक्ष्मणराम कलरू भी उपस्थित रहे। शिविर में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग द्वारा 16 आवासीय पट्टों का वितरण किया गया, जबकि राजस्व विभाग ने आपसी सहमति से कृषि भूमि के 9 बंटवारा पत्र जारी किए। कृषि विभाग ने 7 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए, और चिकित्सा विभाग ने 2 आयुष्मान कार्ड जारी कर लाभार्थियों को लाभान्वित किया। इनके अतिरिक्त, अन्य विभागों ने भी पात्र व्यक्तियों को अपनी-अपनी योजनाओं के तहत लाभ प्रदान किया। विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों का लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक ही स्थान पर 22 विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से आमजन को बड़ी राहत मिल रही है, और इन शिविरों के माध्यम से लोगों के लंबे समय से लंबित कार्यों का त्वरित निस्तारण हो रहा है। संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ ने भी बताया कि ग्रामीण सेवा शिविरों में न केवल नियमित सेवाएं दी जा रही हैं, बल्कि वर्षों से लंबित कृषि भूमि एवं राजस्व संबंधी मामलों का भी समाधान किया जा रहा है। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार, विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया, बीसीएमओ डॉ. चेनाराम, डॉ. हेमंत, पशु चिकित्सक डॉ. सचिन चौधरी, पटवारी शिमला मीणा, ग्राम विकास अधिकारी रमेश मीणा, प्रशासक हरसूक गराम ककड़ावा सरपंच, पटवारी जोरा राम, भँवर सिंह, महेंद्र नाथ योगी, लिखमाराम माली, जसराम मेघवाल, कृषि सुपरवाइजर जोगाराम और रमेश मेघवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- जयपुर के हरमाड़ा थाना क्षेत्र में सीकर-जयपुर रोड स्थित नींदड़ मोड़ पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें सीमेंट से भरे ट्रेलर ने एक बाइक पर सवार तीन व्यक्तियों को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में तीनों व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बाइक भी पूरी तरह चकनाचूर हो गई। सैकड़ों लोगों ने इस विभत्स घटना को अपनी आँखों से देखा, जिससे वे सहम गए और कईयों की तो एक बारगी साँसें थम गईं; लोगों की चीखें निकल गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिस के आला अधिकारी मय जाप्ते के साथ घटनास्थल पर आए और तीनों शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को भी तुरंत सूचना दी। दुर्घटना के बाद ट्रेलर को जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने मौके का मुआयना करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के दौरान जयपुर-सीकर हाईवे पर भारी जाम लग गया था, जिसके बाद पुलिस ने वाहनों को एक-एक करके निकलवाकर जाम को खुलवाया।2