अजमेर जिले के पीसांगन पुलिस थाना ने वाहन चोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, 05 साल से फरार चल रहे एक शातिर अभियुक्त को महिंद्रा पिक-अप गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिले में लगातार हो रही चोरी, नकबजनी, लूट और डकैती जैसी गंभीर वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई। इस ऑपरेशन की निगरानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, डॉ. लालचंद कायल और उप अधीक्षक पुलिस, वृत्ताधिकारी वृत्त ग्रामीण, दीपेंद्र सैनी ने की, जबकि थानाधिकारी पुलिस थाना पीसांगन, पुलिस निरीक्षक सरोज चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। यह मामला तब सामने आया जब 06 अगस्त, 2021 को परिवादी सुखाराम (50) ने पीसांगन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 16 जुलाई, 2021 की रात करीब 01:30 बजे उनकी महिंद्रा पिकअप (नंबर आरजे 22 जीए 4834), जो उनकी बाब रतनगढ़ होटल पर खड़ी थी, चोरी हो गई थी। उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि कई दिनों तक तलाश करने के बाद भी गाड़ी नहीं मिली, जिसके बाद आईपीसी की धारा 379 के तहत मुकदमा नंबर 114/2021 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। गठित टीम ने वारदात के तरीके के आधार पर पुराने चालानशुदा अपराधियों का डेटाबेस तैयार किया। घटनास्थल और संदिग्ध स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से निरीक्षण कर आरोपियों के आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस टीम ने योजनाबद्ध, तकनीकी और पेशेवर तरीके से काम करते हुए बहु-आयामी रणनीति अपनाई, जिसमें मुखबिर तंत्र को सक्रिय करना और संदिग्ध गतिविधियों का सूक्ष्म अध्ययन शामिल था। जांच के दौरान यह सामने आया कि अभियुक्त बेहद शातिर था और उसके डर के कारण स्थानीय लोग सूचना देने से कतरा रहे थे, जिससे उसकी गिरफ्तारी एक बड़ी चुनौती बन गई थी। अंततः, 15 जून, 2026 को पुलिस को गोविंदगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति के घूमने की सटीक सूचना मिली, जिस पर पुलिस टीम ने दबिश देकर हुक्मचंद उर्फ हुक्माराम बावरी (45), निवासी गांव सेठन, पीसांगन, जिला अजमेर को हिरासत में ले लिया। वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई गहन पूछताछ में आरोपी ने पीसांगन क्षेत्र से पिक-अप चोरी की वारदात को स्वीकार किया और उसकी निशानदेही पर महिंद्रा पिक-अप बरामद कर ली गई। गिरफ्तार अभियुक्त हुक्मचंद उर्फ हुक्माराम बावरी ने पीसांगन क्षेत्र से गांव करनोस से पिक-अप चोरी की एक और वारदात को भी कबूल किया है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड में गोठन (नागौर) से 2015 में, बोरुंदा (जोधपुर) से 2015 में और पीसांगन (अजमेर) से 2016 में आईपीसी की धारा 379 के तहत दर्ज चार मामले शामिल हैं। पुलिस उससे अन्य वारदातों के बारे में भी पूछताछ कर रही है। इस सफल कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक सरोज चौधरी के साथ सउनि महावीर शर्मा, सउनि गणेशराम और विशेष योगदान के लिए कांस्टेबल सुखराम सेवदा, भोमाराम तथा सुशील सहित अन्य पुलिसकर्मियों की टीम शामिल थी।
अजमेर जिले के पीसांगन पुलिस थाना ने वाहन चोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, 05 साल से फरार चल रहे एक शातिर अभियुक्त को महिंद्रा पिक-अप गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिले में लगातार हो रही चोरी, नकबजनी, लूट और डकैती जैसी गंभीर वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई। इस ऑपरेशन की निगरानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, डॉ. लालचंद कायल और उप अधीक्षक पुलिस, वृत्ताधिकारी वृत्त ग्रामीण, दीपेंद्र सैनी ने की, जबकि थानाधिकारी पुलिस थाना पीसांगन, पुलिस निरीक्षक सरोज चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। यह मामला तब सामने आया जब 06 अगस्त, 2021 को परिवादी सुखाराम (50) ने पीसांगन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 16 जुलाई, 2021 की रात करीब 01:30 बजे उनकी महिंद्रा पिकअप (नंबर आरजे 22 जीए 4834), जो उनकी बाब रतनगढ़ होटल पर खड़ी थी, चोरी हो गई थी। उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि कई दिनों तक तलाश करने के बाद भी गाड़ी नहीं मिली, जिसके बाद आईपीसी की धारा 379 के तहत मुकदमा नंबर 114/2021 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। गठित टीम ने वारदात के तरीके के आधार पर पुराने चालानशुदा अपराधियों का डेटाबेस तैयार किया। घटनास्थल और संदिग्ध स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से निरीक्षण कर आरोपियों के आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस टीम ने योजनाबद्ध, तकनीकी और पेशेवर तरीके से काम करते हुए बहु-आयामी रणनीति अपनाई, जिसमें मुखबिर तंत्र को सक्रिय करना और संदिग्ध गतिविधियों का सूक्ष्म अध्ययन शामिल था। जांच के दौरान यह सामने आया कि अभियुक्त बेहद शातिर था और उसके डर के कारण स्थानीय लोग सूचना देने से कतरा रहे थे, जिससे उसकी गिरफ्तारी एक बड़ी चुनौती बन गई थी। अंततः, 15 जून, 2026 को पुलिस को गोविंदगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति के घूमने की सटीक सूचना मिली, जिस पर पुलिस टीम ने दबिश देकर हुक्मचंद उर्फ हुक्माराम बावरी (45), निवासी गांव सेठन, पीसांगन, जिला अजमेर को हिरासत में ले लिया। वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई गहन पूछताछ में आरोपी ने पीसांगन क्षेत्र से पिक-अप चोरी की वारदात को स्वीकार किया और उसकी निशानदेही पर महिंद्रा पिक-अप बरामद कर ली गई। गिरफ्तार अभियुक्त हुक्मचंद उर्फ हुक्माराम बावरी ने पीसांगन क्षेत्र से गांव करनोस से पिक-अप चोरी की एक और वारदात को भी कबूल किया है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड में गोठन (नागौर) से 2015 में, बोरुंदा (जोधपुर) से 2015 में और पीसांगन (अजमेर) से 2016 में आईपीसी की धारा 379 के तहत दर्ज चार मामले शामिल हैं। पुलिस उससे अन्य वारदातों के बारे में भी पूछताछ कर रही है। इस सफल कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक सरोज चौधरी के साथ सउनि महावीर शर्मा, सउनि गणेशराम और विशेष योगदान के लिए कांस्टेबल सुखराम सेवदा, भोमाराम तथा सुशील सहित अन्य पुलिसकर्मियों की टीम शामिल थी।
- अजमेर जिले के पीसांगन पुलिस थाना ने वाहन चोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, 05 साल से फरार चल रहे एक शातिर अभियुक्त को महिंद्रा पिक-अप गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिले में लगातार हो रही चोरी, नकबजनी, लूट और डकैती जैसी गंभीर वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई। इस ऑपरेशन की निगरानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, डॉ. लालचंद कायल और उप अधीक्षक पुलिस, वृत्ताधिकारी वृत्त ग्रामीण, दीपेंद्र सैनी ने की, जबकि थानाधिकारी पुलिस थाना पीसांगन, पुलिस निरीक्षक सरोज चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। यह मामला तब सामने आया जब 06 अगस्त, 2021 को परिवादी सुखाराम (50) ने पीसांगन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 16 जुलाई, 2021 की रात करीब 01:30 बजे उनकी महिंद्रा पिकअप (नंबर आरजे 22 जीए 4834), जो उनकी बाब रतनगढ़ होटल पर खड़ी थी, चोरी हो गई थी। उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि कई दिनों तक तलाश करने के बाद भी गाड़ी नहीं मिली, जिसके बाद आईपीसी की धारा 379 के तहत मुकदमा नंबर 114/2021 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। गठित टीम ने वारदात के तरीके के आधार पर पुराने चालानशुदा अपराधियों का डेटाबेस तैयार किया। घटनास्थल और संदिग्ध स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से निरीक्षण कर आरोपियों के आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस टीम ने योजनाबद्ध, तकनीकी और पेशेवर तरीके से काम करते हुए बहु-आयामी रणनीति अपनाई, जिसमें मुखबिर तंत्र को सक्रिय करना और संदिग्ध गतिविधियों का सूक्ष्म अध्ययन शामिल था। जांच के दौरान यह सामने आया कि अभियुक्त बेहद शातिर था और उसके डर के कारण स्थानीय लोग सूचना देने से कतरा रहे थे, जिससे उसकी गिरफ्तारी एक बड़ी चुनौती बन गई थी। अंततः, 15 जून, 2026 को पुलिस को गोविंदगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति के घूमने की सटीक सूचना मिली, जिस पर पुलिस टीम ने दबिश देकर हुक्मचंद उर्फ हुक्माराम बावरी (45), निवासी गांव सेठन, पीसांगन, जिला अजमेर को हिरासत में ले लिया। वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई गहन पूछताछ में आरोपी ने पीसांगन क्षेत्र से पिक-अप चोरी की वारदात को स्वीकार किया और उसकी निशानदेही पर महिंद्रा पिक-अप बरामद कर ली गई। गिरफ्तार अभियुक्त हुक्मचंद उर्फ हुक्माराम बावरी ने पीसांगन क्षेत्र से गांव करनोस से पिक-अप चोरी की एक और वारदात को भी कबूल किया है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड में गोठन (नागौर) से 2015 में, बोरुंदा (जोधपुर) से 2015 में और पीसांगन (अजमेर) से 2016 में आईपीसी की धारा 379 के तहत दर्ज चार मामले शामिल हैं। पुलिस उससे अन्य वारदातों के बारे में भी पूछताछ कर रही है। इस सफल कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक सरोज चौधरी के साथ सउनि महावीर शर्मा, सउनि गणेशराम और विशेष योगदान के लिए कांस्टेबल सुखराम सेवदा, भोमाराम तथा सुशील सहित अन्य पुलिसकर्मियों की टीम शामिल थी।1
- अजमेर के पीसांगन उपखंड मुख्यालय में दो सांपों के बीच हुई लड़ाई स्थानीय लोगों के बीच कौतूहल का विषय बन गई। कस्बे के रामपुरा डाबला रोड पर स्थित सूरजमल ढंजा के कबाड़ गोदाम में यह घटना देखने को मिली, जहां बिल से बाहर निकलकर करीब 10 फीट लंबे दो सांप कबाड़ के ढेर पर आपस में लड़ने लगे। सांपों की इस लड़ाई को देखने के लिए आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। प्रत्यक्षदर्शी हंसराज लुहार फतेहपुरा के अनुसार, सांपों का लड़ना अमूमन बरसात के लिहाज से एक अच्छा और शुभ संकेत माना जाता है। उन्होंने बताया कि पहले भी जब-जब सांपों में ऐसी लड़ाई देखी गई है, तब-तब अधिकतम एक सप्ताह के भीतर अच्छी और बेहतर बरसात हुई है, जिससे उस वर्ष अच्छी पैदावार और खेतों में भरपूर फसल हुई है। फिडर इंचार्ज जमील अहमद के मुताबिक, ऐसा ही एक और दृश्य विजेंद्र जाट के कुएं पर देखने को मिला, जहां विजेंद्र जाट के खेत में नीम के पेड़ के नीचे लगभग 8-9 फीट लंबे दो सांप आपस में गुत्थमगुत्था मिले।3
- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाने के उद्देश्य से मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय झींटिया में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया और पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया। सहायक विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद माली ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेशभर में ऐसे ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। झींटिया शिविर में संभागीय आयुक्त अजमेर शक्तिसिंह राठौड़ और मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के विधायक लक्ष्मणराम कलरू भी उपस्थित रहे। शिविर में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग द्वारा 16 आवासीय पट्टों का वितरण किया गया, जबकि राजस्व विभाग ने आपसी सहमति से कृषि भूमि के 9 बंटवारा पत्र जारी किए। कृषि विभाग ने 7 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए, और चिकित्सा विभाग ने 2 आयुष्मान कार्ड जारी कर लाभार्थियों को लाभान्वित किया। इनके अतिरिक्त, अन्य विभागों ने भी पात्र व्यक्तियों को अपनी-अपनी योजनाओं के तहत लाभ प्रदान किया। विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों का लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक ही स्थान पर 22 विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से आमजन को बड़ी राहत मिल रही है, और इन शिविरों के माध्यम से लोगों के लंबे समय से लंबित कार्यों का त्वरित निस्तारण हो रहा है। संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ ने भी बताया कि ग्रामीण सेवा शिविरों में न केवल नियमित सेवाएं दी जा रही हैं, बल्कि वर्षों से लंबित कृषि भूमि एवं राजस्व संबंधी मामलों का भी समाधान किया जा रहा है। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार, विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया, बीसीएमओ डॉ. चेनाराम, डॉ. हेमंत, पशु चिकित्सक डॉ. सचिन चौधरी, पटवारी शिमला मीणा, ग्राम विकास अधिकारी रमेश मीणा, प्रशासक हरसूक गराम ककड़ावा सरपंच, पटवारी जोरा राम, भँवर सिंह, महेंद्र नाथ योगी, लिखमाराम माली, जसराम मेघवाल, कृषि सुपरवाइजर जोगाराम और रमेश मेघवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- ब्यावर आगार को शर्मसार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ अजमेर डिपो पर सवारी बिठाने के एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। ब्यावर के नियमित कंडक्टर अनवर हुसैन ने ठेके पर कार्यरत कंडक्टर अजय रावत पर लोहे की सरिया से जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में पीड़ित अजय रावत के चेहरे और मुँह पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में कई टाँके लगवाने पड़े। यह घटना परिवहन विभाग के भीतर आपसी कलह और हिंसा की प्रवृत्ति को उजागर करती है। इस घटना के बाद, पीड़ित अजय रावत ने ब्यावर डिपो प्रबंधक को लिखित शिकायत सौंपकर आरोपी कर्मचारी अनवर हुसैन को तुरंत ड्यूटी से निलंबित करने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। 'राजस्थान धरा न्यूज़' / 'आर डी न्यूज़' के जिला ब्यूरो चीफ विजय मेहरानिया की विशेष रिपोर्ट में पीड़ित ने कैमरे पर रोते हुए अपनी पूरी आपबीती सुनाई है, जिससे इस मामले की गंभीरता स्पष्ट होती है।1
- ब्यावर जिले के जवाजा क्षेत्र के राजपुरा बोचान गांव में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक की 30 फीट गहरी खदान में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना की सूचना मिलने के बाद राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंची और फिलहाल बचाव अभियान जारी है।1
- ब्यावर से संचालित होने वाले 'वांटेड समाचार' ने अपने पाठकों से ब्यावर की खबरें देखते रहने का आग्रह किया है। इस समाचार मंच के संपादक साबुद्दीन खानभुट्टा मेड़तिया लौहार हैं।1
- बॉलीवुड फिल्म अभिनेता शहज़ाद शैख़ अपने परिवार के साथ अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचे, जहाँ उन्होंने सूफी संत हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैही के दरबार में आस्था की चादर और फूल पेश किए। इस अवसर पर उन्होंने जीवन में सफलता की दुआएं मांगी और अपनी कामयाबी के लिए शुकराना भी अदा किया। दरगाह के गद्दीनशीन हाजी सैय्यद फरीद महाराज चिश्ती ने शहज़ाद शैख़ और उनके पिता को दरगाह ज़ियारत कराई और दस्तार बंदी कर दरबार का तबर्रुक भेंट किया। शहज़ाद शैख़ ने बताया कि उनके परिवार का अजमेर शरीफ दरगाह से बेहद गहरा रिश्ता रहा है और उनका परिवार हमेशा ख्वाजा गरीब नवाज की बारगाह में हाज़री देने आता रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें ख्वाजा साहब की चौखट से ही जीवन में सफलता की मंजिल तक का सफर हासिल हुआ है। अभिनेता के अनुसार, उनके फैन्स ने उन्हें टीवी सीरियल, मूवी और वेबसीरीज से लेकर बॉलीवुड फिल्म तक में खूब पसंद किया है। उन्होंने "कूबूल है", "ये रिश्ता क्या कहलाता है", "ये है आशिक़ी", "सिंदूर की क़ीमत", "बेपनाह" और "गंगा माई की बेटियां" जैसे टीवी सीरियलों में काम किया है। इसके अलावा, उन्होंने बॉलीवुड फिल्म "बैंकस्टर" में भी अपने अभिनय का जलवा बिखेरा है। शहज़ाद शैख़ का अजमेर आने का विशेष उद्देश्य ख्वाजा साहब की बारगाह में हाज़री देना और जीवन में कामयाबी की दुआ मांगना था। उन्होंने अजमेर शरीफ में आकर बेहद सुकून हासिल करने की बात कही और विश्वास व्यक्त किया कि ख्वाजा गरीब नवाज के दरबार से कोई मायूस नहीं जाता, इसलिए उन्होंने भी अपनी मुराद ख्वाजा साहब के दरबार में पेश की है। शहज़ाद शैख़ सोमवार को अजमेर पहुंचे थे और अपने मित्र के घर पर ठहरे हुए थे। बीती रात वे अपने परिवार के साथ हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में हाज़री के लिए पहुंचे थे।1
- मायापुर निवासी एक महिला ने मांगलियावास थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अपनी पुश्तैनी जमीन पर नाजायज कब्जे की नीयत से हमला करने वाले 15-20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। महिला का आरोप है कि न्यायालय राजस्व अपील प्राधिकारी अजमेर के अपील संख्या 179/2026 में 24 अप्रैल 2026 को स्थगन आदेश होने के बावजूद आरोपी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं और मारपीट कर धमकियां दे रहे हैं। शिकायत के अनुसार, 14 जून 2026 को दोपहर करीब 1 बजे जब महिला अपने परिवारजनों के साथ खेतों की जुताई कर रही थी, तभी 15-20 लोगों ने एकराय होकर लाठियों व सरियों से हमला कर दिया। इस हमले में महिला के सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं, जबकि उसके पुत्र ओम के हाथ की उंगली सहित शरीर पर चोटें लगीं। बीच-बचाव करने आए परिजनों में देवेन्द्र पुत्र रघुनाथ के हाथ में फ्रैक्चर हो गया और राजवीर सिंह पुत्र श्रीराम के सिर पर गंभीर चोटें आईं। महिला ने 14 जून की सुबह खेत की खंभे व तारबंदी तोड़ने का आरोप भी लगाया है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि पूर्व में भी आरोपियों के खिलाफ विवाद और सुरक्षा को लेकर शिकायतें दी गई थीं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार मारपीट और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। महिला ने पुलिस से इस मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।4