ब्यावर आगार को शर्मसार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ अजमेर डिपो पर सवारी बिठाने के एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। ब्यावर के नियमित कंडक्टर अनवर हुसैन ने ठेके पर कार्यरत कंडक्टर अजय रावत पर लोहे की सरिया से जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में पीड़ित अजय रावत के चेहरे और मुँह पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में कई टाँके लगवाने पड़े। यह घटना परिवहन विभाग के भीतर आपसी कलह और हिंसा की प्रवृत्ति को उजागर करती है। इस घटना के बाद, पीड़ित अजय रावत ने ब्यावर डिपो प्रबंधक को लिखित शिकायत सौंपकर आरोपी कर्मचारी अनवर हुसैन को तुरंत ड्यूटी से निलंबित करने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। 'राजस्थान धरा न्यूज़' / 'आर डी न्यूज़' के जिला ब्यूरो चीफ विजय मेहरानिया की विशेष रिपोर्ट में पीड़ित ने कैमरे पर रोते हुए अपनी पूरी आपबीती सुनाई है, जिससे इस मामले की गंभीरता स्पष्ट होती है।
ब्यावर आगार को शर्मसार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ अजमेर डिपो पर सवारी बिठाने के एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। ब्यावर के नियमित कंडक्टर अनवर हुसैन ने ठेके पर कार्यरत कंडक्टर अजय रावत पर लोहे की सरिया से जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में पीड़ित अजय रावत के चेहरे और मुँह पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में कई टाँके लगवाने पड़े। यह घटना परिवहन विभाग के भीतर आपसी कलह और हिंसा की प्रवृत्ति को उजागर करती है। इस घटना के बाद, पीड़ित अजय रावत ने ब्यावर डिपो प्रबंधक को लिखित शिकायत सौंपकर आरोपी कर्मचारी अनवर हुसैन को तुरंत ड्यूटी से निलंबित करने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। 'राजस्थान धरा न्यूज़' / 'आर डी न्यूज़' के जिला ब्यूरो चीफ विजय मेहरानिया की विशेष रिपोर्ट में पीड़ित ने कैमरे पर रोते हुए अपनी पूरी आपबीती सुनाई है, जिससे इस मामले की गंभीरता स्पष्ट होती है।
- ब्यावर में ई-रिक्शा यूनियन सर्व समाज संगठन ने जिला कलेक्टर और यातायात प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर ई-रिक्शा चालकों के लिए निर्धारित स्थान (स्टैंड/पार्किंग) सुनिश्चित करने के संबंध में है। संगठन ने यात्रियों की सुविधा और आए दिन होने वाले विवादों को रोकने के उद्देश्य से कुल 5 मुख्य मांगें रखी हैं, जिसे ई-रिक्शा चालकों द्वारा उठाया गया एक बड़ा कदम बताया जा रहा है।1
- बॉलीवुड फिल्म अभिनेता शहज़ाद शैख़ अपने परिवार के साथ अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचे, जहाँ उन्होंने सूफी संत हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैही के दरबार में आस्था की चादर और फूल पेश किए। इस अवसर पर उन्होंने जीवन में सफलता की दुआएं मांगी और अपनी कामयाबी के लिए शुकराना भी अदा किया। दरगाह के गद्दीनशीन हाजी सैय्यद फरीद महाराज चिश्ती ने शहज़ाद शैख़ और उनके पिता को दरगाह ज़ियारत कराई और दस्तार बंदी कर दरबार का तबर्रुक भेंट किया। शहज़ाद शैख़ ने बताया कि उनके परिवार का अजमेर शरीफ दरगाह से बेहद गहरा रिश्ता रहा है और उनका परिवार हमेशा ख्वाजा गरीब नवाज की बारगाह में हाज़री देने आता रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें ख्वाजा साहब की चौखट से ही जीवन में सफलता की मंजिल तक का सफर हासिल हुआ है। अभिनेता के अनुसार, उनके फैन्स ने उन्हें टीवी सीरियल, मूवी और वेबसीरीज से लेकर बॉलीवुड फिल्म तक में खूब पसंद किया है। उन्होंने "कूबूल है", "ये रिश्ता क्या कहलाता है", "ये है आशिक़ी", "सिंदूर की क़ीमत", "बेपनाह" और "गंगा माई की बेटियां" जैसे टीवी सीरियलों में काम किया है। इसके अलावा, उन्होंने बॉलीवुड फिल्म "बैंकस्टर" में भी अपने अभिनय का जलवा बिखेरा है। शहज़ाद शैख़ का अजमेर आने का विशेष उद्देश्य ख्वाजा साहब की बारगाह में हाज़री देना और जीवन में कामयाबी की दुआ मांगना था। उन्होंने अजमेर शरीफ में आकर बेहद सुकून हासिल करने की बात कही और विश्वास व्यक्त किया कि ख्वाजा गरीब नवाज के दरबार से कोई मायूस नहीं जाता, इसलिए उन्होंने भी अपनी मुराद ख्वाजा साहब के दरबार में पेश की है। शहज़ाद शैख़ सोमवार को अजमेर पहुंचे थे और अपने मित्र के घर पर ठहरे हुए थे। बीती रात वे अपने परिवार के साथ हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में हाज़री के लिए पहुंचे थे।1
- Post by रियाजुद्दीन कुरैशी3
- सरकार सिर्फ भाषण देने का काम करती है और जमीनी स्तर पर कोई वास्तविक कार्य नहीं करती। इसी के चलते, आज नागरिक स्वयं सड़क की मरम्मत कर रहे हैं।1
- जैतारण के ढालेगांव में आयोजित दाधिच महाकुंभ 2026 के दौरान, दाधीच ब्राह्मण समाज की युवा बेटियों ने अपने माता-पिता के सम्मान में एक महत्वपूर्ण शपथ लेकर समाज के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया है। इन बेटियों ने माता-पिता का सम्मान और भरोसा बढ़ाते हुए यह प्रण लिया कि वे अपने अभिभावकों के कहे अनुसार तय की गई सगाई के मुताबिक समाज के ही लड़के से विवाह करेंगी। इस पहल के लिए सभी को बधाई दी गई है।1
- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने सोमवार, 15 जून को ब्यावर के जैतारण उपखंड की ग्राम पंचायत बांझाकुड़ी एवं बलुन्दा में लगे शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया, विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया और आमजन को प्रदान की जा रही सेवाओं व योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। कैबिनेट मंत्री गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक पात्र व्यक्ति को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं समयबद्धता के साथ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। निरीक्षण के दौरान, मंत्री गहलोत ने पर्यावरण संरक्षण और हरित राजस्थान के संकल्प को सशक्त करते हुए ग्राम पंचायत बलुन्दा में पौधारोपण किया। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को भी अधिकाधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संदेश दिया। मंत्री ने ग्राम पंचायत बांझाकुड़ी निवासी संतोष देवी को विधवा पेंशन योजना का स्वीकृति प्रमाण-पत्र प्रदान कर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है, और ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। इस अवसर पर, जिला कलक्टर कमल राम मीना ने मंत्री को शिविरों में प्राप्त प्रकरणों और उनके निस्तारण की प्रगति से अवगत कराया। मंत्री अविनाश गहलोत ने सीधे ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी मनोज कुमार मीणा, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। ग्रामीण सेवा शिविरों में आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मिलने और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान होने से ग्रामीणों में उत्साह एवं विश्वास का वातावरण देखने को मिल रहा है।1
- अजमेर के जेएलएन अस्पताल से हटाए गए संविदा नर्सिंग कर्मियों ने अस्पताल के गेट पर विरोध प्रदर्शन किया।1
- मूल पाठ में दरगाह तक पहुँचने वाली संपर्क सड़क का उल्लेख किया गया है।1
- मायापुर निवासी एक महिला ने मांगलियावास थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अपनी पुश्तैनी जमीन पर नाजायज कब्जे की नीयत से हमला करने वाले 15-20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। महिला का आरोप है कि न्यायालय राजस्व अपील प्राधिकारी अजमेर के अपील संख्या 179/2026 में 24 अप्रैल 2026 को स्थगन आदेश होने के बावजूद आरोपी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं और मारपीट कर धमकियां दे रहे हैं। शिकायत के अनुसार, 14 जून 2026 को दोपहर करीब 1 बजे जब महिला अपने परिवारजनों के साथ खेतों की जुताई कर रही थी, तभी 15-20 लोगों ने एकराय होकर लाठियों व सरियों से हमला कर दिया। इस हमले में महिला के सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं, जबकि उसके पुत्र ओम के हाथ की उंगली सहित शरीर पर चोटें लगीं। बीच-बचाव करने आए परिजनों में देवेन्द्र पुत्र रघुनाथ के हाथ में फ्रैक्चर हो गया और राजवीर सिंह पुत्र श्रीराम के सिर पर गंभीर चोटें आईं। महिला ने 14 जून की सुबह खेत की खंभे व तारबंदी तोड़ने का आरोप भी लगाया है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि पूर्व में भी आरोपियों के खिलाफ विवाद और सुरक्षा को लेकर शिकायतें दी गई थीं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार मारपीट और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। महिला ने पुलिस से इस मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।4