Shuru
Apke Nagar Ki App…
ब्यावर में ई-रिक्शा यूनियन सर्व समाज संगठन ने जिला कलेक्टर और यातायात प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर ई-रिक्शा चालकों के लिए निर्धारित स्थान (स्टैंड/पार्किंग) सुनिश्चित करने के संबंध में है। संगठन ने यात्रियों की सुविधा और आए दिन होने वाले विवादों को रोकने के उद्देश्य से कुल 5 मुख्य मांगें रखी हैं, जिसे ई-रिक्शा चालकों द्वारा उठाया गया एक बड़ा कदम बताया जा रहा है।
Vijay mehraniya
ब्यावर में ई-रिक्शा यूनियन सर्व समाज संगठन ने जिला कलेक्टर और यातायात प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर ई-रिक्शा चालकों के लिए निर्धारित स्थान (स्टैंड/पार्किंग) सुनिश्चित करने के संबंध में है। संगठन ने यात्रियों की सुविधा और आए दिन होने वाले विवादों को रोकने के उद्देश्य से कुल 5 मुख्य मांगें रखी हैं, जिसे ई-रिक्शा चालकों द्वारा उठाया गया एक बड़ा कदम बताया जा रहा है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- ब्यावर में ई-रिक्शा यूनियन सर्व समाज संगठन ने जिला कलेक्टर और यातायात प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर ई-रिक्शा चालकों के लिए निर्धारित स्थान (स्टैंड/पार्किंग) सुनिश्चित करने के संबंध में है। संगठन ने यात्रियों की सुविधा और आए दिन होने वाले विवादों को रोकने के उद्देश्य से कुल 5 मुख्य मांगें रखी हैं, जिसे ई-रिक्शा चालकों द्वारा उठाया गया एक बड़ा कदम बताया जा रहा है।1
- ब्यावर शहर में अमावस के पवित्र अवसर पर सत्तू जी, बाबूलाल जी और उनके साथियों ने मिलकर लोगों को मालपुए बांटे और शीतल जल पिलाकर पुण्य का कार्य किया, जिससे उन्हें चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली। यह धर्मार्थ कार्य विशेष रूप से ब्यावर जिले के मजदूर, किसान और बाजार में आने-जाने वाले लोगों के लिए किया गया। बीते दिन उन्हें केरी का पानी भी पिलाया गया था, जिससे उनका कलेजा ठंडा हुआ। अमावस के इस अवसर पर, ठंडी शिकंजी और शीतल जल पीकर तथा मालपुए खाकर लोगों को सुकून मिला और उन्होंने इस पहल के लिए आशीर्वाद दिया। इस पुण्य के कार्य की जानकारी ब्यावर से पत्रकार साबुद्दीन खानभुट्टा, मेड़तिया लौहार न्यूज़पेपर, सत्य आपके सामने चैनल, बात आपकी, वांटेड समाचार और आवाज इंडिया न्यूज़ जैसे माध्यमों द्वारा लोगों तक पहुँचाई गई। इस तरह, ब्यावर जिले में अमावस के पावन अवसर पर, कड़ी गर्मी में मजदूरों को मालपुए खिलाकर और ठंडा शीतल जल पिलाकर उन्हें राहत प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण धार्मिक कार्य संपन्न हुआ।1
- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी 'मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना' जरूरतमंद परिवारों के लिए संकट की घड़ी में बड़ा सहारा बन रही है। इसी योजना के तहत ब्यावर तहसील के ग्राम खोड़माल निवासी श्रीमती सविता देवी को उनके पति के निधन के बाद ₹2 लाख की सहायता राशि मिली है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत प्राप्त हुई है। सविता देवी के पति, स्वर्गीय नन्द किशोर सिंह का दुखद निधन कृषि कार्य के दौरान दुर्घटनावश सर्पदंश से हो गया था। इस घटना के बाद परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया और परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी सविता देवी पर आ गई। इस कठिन समय में, उन्हें कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के माध्यम से 'मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना' की जानकारी मिली, जिसके लिए उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया। ग्रामीण सेवा शिविर के ज़रिए उनके प्रकरण का त्वरित निस्तारण किया गया और दो लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर उन्हें प्रदान की गई। सविता देवी ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में मिली यह सहायता उनके परिवार के लिए एक बड़ा संबल साबित हुई है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने में मदद मिली और भविष्य के प्रति नया विश्वास जागा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के सचिव एवं प्रशासक, और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की इस संवेदनशील पहल की सराहना की। यह उदाहरण दर्शाता है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम पंक्ति में खड़े ज़रूरतमंद व्यक्तियों तक पहुँच रही हैं और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं, जिससे उन्हें न केवल आर्थिक राहत मिल रही है बल्कि कठिन दौर में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का संबल भी मिल रहा है।1
- राजस्थान सरकार के निर्देशों के तहत रियांबड़ी की रोहिसा ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का तेजी से समाधान करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना था। शिविर की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने की। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान की प्रक्रिया तत्काल शुरू की। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानियों को स्थानीय स्तर पर हल करने के लिए यह अभियान चला रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि राजस्व, पेंशन, बिजली, पानी, कृषि, चिकित्सा या अन्य विभागों से जुड़े उनके लंबित कार्यों का निस्तारण शिविर में आकर करवाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य है कि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। इस दौरान ग्रामीणों ने रास्ते में कीचड़ की समस्या को लेकर भी अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। शिविर में राजस्व, पंचायती राज, चिकित्सा, कृषि, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, विद्युत सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी और पात्र व्यक्तियों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर तहसीलदार अशोक कुमार, विकास अधिकारी भंवरलाल, नायब तहसीलदार, भू-अभिलेख निरीक्षक सुरेश पारीक, ग्राम विकास अधिकारी राजूमल मीणा, सरपंच राजूराम गॉड, पटवारी गजराज मीणा, राजू पारीक, सूचना सहायक हेमराज, चिकित्सा विभाग से कमल जाट, घनश्याम गहलोत, तथा कृषि विभाग से कृषि सुपरवाइजर जोगीराम, शिवराज नेट, मिशाराम सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित मामलों का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए और शेष प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में हल करने का आश्वासन दिया। शिविर के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक बातचीत का माहौल देखने को मिला।1
- राजस्थान के नसीराबाद में 'वानर राज' को अत्यंत भावभीनी विदाई दी गई। यह वैकुंठ यात्रा जनसहयोग से निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की आस्था और प्रेम का सैलाब उमड़ पड़ा।1
- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन परिस्थितियों में बड़ा संबल बन रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना ने ब्यावर की ग्राम खोड़माल निवासी श्रीमती सविता देवी के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है। उन्हें इस योजना के तहत दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है, जिससे उन्हें संकट की घड़ी में बड़ी राहत मिली है। दरअसल, श्रीमती सविता देवी के पति स्वर्गीय श्री नन्द किशोर सिंह का कृषि कार्य के दौरान दुर्घटनावश सर्पदंश से निधन हो गया था। इस दुखद घटना के बाद परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया था और परिवार के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी श्रीमती सविता देवी के कंधों पर आ गई थी। इसी दौरान, उन्हें कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के माध्यम से मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया। ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से उनके प्रकरण का त्वरित निस्तारण किया गया और दो लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर उन्हें प्रदान की गई। श्रीमती सविता देवी ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में मिली यह सहायता राशि उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा संबल साबित हुई है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने और भविष्य के प्रति नया विश्वास जगाने में मदद मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के सचिव एवं प्रशासक तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। यह उदाहरण दर्शाता है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।1
- मायापुर निवासी एक महिला ने मांगलियावास थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अपनी पुश्तैनी जमीन पर नाजायज कब्जे की नीयत से हमला करने वाले 15-20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। महिला का आरोप है कि न्यायालय राजस्व अपील प्राधिकारी अजमेर के अपील संख्या 179/2026 में 24 अप्रैल 2026 को स्थगन आदेश होने के बावजूद आरोपी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं और मारपीट कर धमकियां दे रहे हैं। शिकायत के अनुसार, 14 जून 2026 को दोपहर करीब 1 बजे जब महिला अपने परिवारजनों के साथ खेतों की जुताई कर रही थी, तभी 15-20 लोगों ने एकराय होकर लाठियों व सरियों से हमला कर दिया। इस हमले में महिला के सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं, जबकि उसके पुत्र ओम के हाथ की उंगली सहित शरीर पर चोटें लगीं। बीच-बचाव करने आए परिजनों में देवेन्द्र पुत्र रघुनाथ के हाथ में फ्रैक्चर हो गया और राजवीर सिंह पुत्र श्रीराम के सिर पर गंभीर चोटें आईं। महिला ने 14 जून की सुबह खेत की खंभे व तारबंदी तोड़ने का आरोप भी लगाया है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि पूर्व में भी आरोपियों के खिलाफ विवाद और सुरक्षा को लेकर शिकायतें दी गई थीं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार मारपीट और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। महिला ने पुलिस से इस मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।4