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मध्यप्रदेश में आम उत्पादन की बढ़ती संभावनाएँ और “मैंगो फेस्टिवल 2026” ==== शहडोल 10 मई 2026- भारत कृषि प्रधान देश होने के साथ उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में भी विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान रखता है। फलों, फूलों और सब्जियों के उत्पादन के माध्यम से देश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश ने उद्यानिकी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित करते हुए देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान बनाया है। विशेष रूप से फल उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश देश में चौथे स्थान पर है। भारतवर्ष में कुल लगभग 1176 लाख मीट्रिक टन फलों का उत्पादन होता है, जिसमें से लगभग 102 लाख मीट्रिक टन उत्पादन मध्यप्रदेश में किया जा रहा है। यह उपलब्धि प्रदेश के किसानों की मेहनत, अनुकूल जलवायु और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रतिफल है। फल उत्पादन की दृष्टि से यदि किसी एक फल की लोकप्रियता और आर्थिक महत्व की चर्चा की जाए तो आम का नाम सबसे पहले आता है। आम को 'फलों का राजा' कहा जाता है, मध्यप्रदेश में इसका उत्पादन निरंतर बढ़ रहा है। पिछले चार वर्षों के आंकड़ों का अध्ययन करें तो प्रदेश में आम उत्पादन में लगभग 72 हजार मैट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों, विशेषकर आम उत्पादन की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। मध्यप्रदेश की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियाँ आम उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल सिद्ध हो रही हैं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में अलग-अलग किस्मों के आम का उत्पादन किसानों को बेहतर आय उपलब्ध करा रहा है। यही कारण है कि राज्य सरकार द्वारा आम उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में 13 जून 2026 को प्रदेश की राजधानी भोपाल में 'मैंगो फेस्टिवल 2026' अर्थात 'आम महोत्सव' आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी या उत्सव नहीं होगा, बल्कि प्रदेश के आम उत्पादक किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच संवाद और विपणन का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। महोत्सव के माध्यम से प्रदेश की विभिन्न किस्मों के आमों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस वर्ष प्रदेश के प्रमुख जिलों — अलीराजपुर, रीवा, शहडोल, सीधी, सतना, नर्मदापुरम, अनूपपुर और नरसिंहपुर में लगभग 3200 हेक्टेयर क्षेत्र में आम उत्पादन विस्तार की कार्ययोजना तैयार की गई है। यह योजना किसानों को उद्यानिकी आधारित खेती की ओर प्रेरित करेगी और प्रदेश में आम उत्पादन का दायरा और अधिक विस्तृत होगा। प्रदेश के लिए गौरव का विषय यह भी है कि सुंदरजा आम को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त हुई है। रीवा जिले के प्रसिद्ध सुंदरजा आम को जीआई (Geographical Indication) टैग मिलने से न केवल इसकी विशिष्टता को वैश्विक पहचान मिली है, बल्कि इससे स्थानीय किसानों को आर्थिक लाभ और बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त होने की संभावनाएँ भी बढ़ी हैं। सुंदरजा आम अपनी मिठास, सुगंध और विशिष्ट स्वाद के कारण देश-विदेश में लोकप्रिय हो रहा है। भारत सरकार की प्राथमिकता छोटे और सीमांत किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर नकदी फसलों, फल, फूल एवं सब्जी उत्पादन की ओर प्रोत्साहित करना है। उद्यानिकी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं क्योंकि इनकी बाजार में मांग निरंतर बनी रहती है और उत्पादन से अपेक्षाकृत अधिक लाभ प्राप्त होता है। आम जैसी फसलें किसानों को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता प्रदान कर सकती हैं। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को 'कृषि वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय भी इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला कदम है। कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। किसानों को गुणवत्तायुक्त पौधे, तकनीकी प्रशिक्षण, सिंचाई सुविधाएँ और विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे प्रदेश में उद्यानिकी फसलों के प्रति किसानों का विश्वास और उत्साह बढ़ा है। आज आवश्यकता इस बात की है कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती और मूल्य संवर्धन के माध्यम से आम उत्पादन को और अधिक बढ़ावा दिया जाए। यदि किसानों को प्रसंस्करण इकाइयों, निर्यात सुविधाओं और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ा जाए तो मध्यप्रदेश देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आम उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। 'मैंगो फेस्टिवल' 2026” इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। यह आयोजन न केवल प्रदेश की उद्यानिकी क्षमता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि किसानों की आय वृद्धि, कृषि विविधीकरण और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में भी मील का पत्थर साबित होगा। मध्यप्रदेश में आम उत्पादन के प्रति बढ़ता रुझान यह दर्शाता है कि आने वाले समय में प्रदेश उद्यानिकी क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेगा और 'फलों के राजा' आम के माध्यम से किसानों की समृद्धि का नया अध्याय लिखा जाएगा। मध्यप्रदेश में आम उत्पादन की बढ़ती संभावनाएँ और “मैंगो फेस्टिवल 2026” ==== शहडोल 10 मई 2026- भारत कृषि प्रधान देश होने के साथ उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में भी विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान रखता है। फलों, फूलों और सब्जियों के उत्पादन के माध्यम से देश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश ने उद्यानिकी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित करते हुए देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान बनाया है। विशेष रूप से फल उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश देश में चौथे स्थान पर है। भारतवर्ष में कुल लगभग 1176 लाख मीट्रिक टन फलों का उत्पादन होता है, जिसमें से लगभग 102 लाख मीट्रिक टन उत्पादन मध्यप्रदेश में किया जा रहा है। यह उपलब्धि प्रदेश के किसानों की मेहनत, अनुकूल जलवायु और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रतिफल है। फल उत्पादन की दृष्टि से यदि किसी एक फल की लोकप्रियता और आर्थिक महत्व की चर्चा की जाए तो आम का नाम सबसे पहले आता है। आम को 'फलों का राजा' कहा जाता है, मध्यप्रदेश में इसका उत्पादन निरंतर बढ़ रहा है। पिछले चार वर्षों के आंकड़ों का अध्ययन करें तो प्रदेश में आम उत्पादन में लगभग 72 हजार मैट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों, विशेषकर आम उत्पादन की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। मध्यप्रदेश की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियाँ आम उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल सिद्ध हो रही हैं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में अलग-अलग किस्मों के आम का उत्पादन किसानों को बेहतर आय उपलब्ध करा रहा है। यही कारण है कि राज्य सरकार द्वारा आम उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में 13 जून 2026 को प्रदेश की राजधानी भोपाल में 'मैंगो फेस्टिवल 2026' अर्थात 'आम महोत्सव' आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी या उत्सव नहीं होगा, बल्कि प्रदेश के आम उत्पादक किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच संवाद और विपणन का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। महोत्सव के माध्यम से प्रदेश की विभिन्न किस्मों के आमों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस वर्ष प्रदेश के प्रमुख जिलों — अलीराजपुर, रीवा, शहडोल, सीधी, सतना, नर्मदापुरम, अनूपपुर और नरसिंहपुर में लगभग 3200 हेक्टेयर क्षेत्र में आम उत्पादन विस्तार की कार्ययोजना तैयार की गई है। यह योजना किसानों को उद्यानिकी आधारित खेती की ओर प्रेरित करेगी और प्रदेश में आम उत्पादन का दायरा और अधिक विस्तृत होगा। प्रदेश के लिए गौरव का विषय यह भी है कि सुंदरजा आम को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त हुई है। रीवा जिले के प्रसिद्ध सुंदरजा आम को जीआई (Geographical Indication) टैग मिलने से न केवल इसकी विशिष्टता को वैश्विक पहचान मिली है, बल्कि इससे स्थानीय किसानों को आर्थिक लाभ और बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त होने की संभावनाएँ भी बढ़ी हैं। सुंदरजा आम अपनी मिठास, सुगंध और विशिष्ट स्वाद के कारण देश-विदेश में लोकप्रिय हो रहा है। भारत सरकार की प्राथमिकता छोटे और सीमांत किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर नकदी फसलों, फल, फूल एवं सब्जी उत्पादन की ओर प्रोत्साहित करना है। उद्यानिकी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं क्योंकि इनकी बाजार में मांग निरंतर बनी रहती है और उत्पादन से अपेक्षाकृत अधिक लाभ प्राप्त होता है। आम जैसी फसलें किसानों को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता प्रदान कर सकती हैं। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को 'कृषि वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय भी इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला कदम है। कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। किसानों को गुणवत्तायुक्त पौधे, तकनीकी प्रशिक्षण, सिंचाई सुविधाएँ और विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे प्रदेश में उद्यानिकी फसलों के प्रति किसानों का विश्वास और उत्साह बढ़ा है। आज आवश्यकता इस बात की है कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती और मूल्य संवर्धन के माध्यम से आम उत्पादन को और अधिक बढ़ावा दिया जाए। यदि किसानों को प्रसंस्करण इकाइयों, निर्यात सुविधाओं और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ा जाए तो मध्यप्रदेश देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आम उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। 'मैंगो फेस्टिवल' 2026” इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। यह आयोजन न केवल प्रदेश की उद्यानिकी क्षमता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि किसानों की आय वृद्धि, कृषि विविधीकरण और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में भी मील का पत्थर साबित होगा। मध्यप्रदेश में आम उत्पादन के प्रति बढ़ता रुझान यह दर्शाता है कि आने वाले समय में प्रदेश उद्यानिकी क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेगा और 'फलों के राजा' आम के माध्यम से किसानों की समृद्धि का नया अध्याय लिखा जाएगा।

5 hrs ago
user_Durgesh Kumar Gupta
Durgesh Kumar Gupta
Electrician Beohari, Shahdol•
5 hrs ago

मध्यप्रदेश में आम उत्पादन की बढ़ती संभावनाएँ और “मैंगो फेस्टिवल 2026” ==== शहडोल 10 मई 2026- भारत कृषि प्रधान देश होने के साथ उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में भी विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान रखता है। फलों, फूलों और सब्जियों के उत्पादन के माध्यम से देश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश ने उद्यानिकी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित करते हुए देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान बनाया है। विशेष रूप से फल उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश देश में चौथे स्थान पर है। भारतवर्ष में कुल लगभग 1176 लाख मीट्रिक टन फलों का उत्पादन होता है, जिसमें से लगभग 102 लाख मीट्रिक टन उत्पादन मध्यप्रदेश में किया जा रहा है। यह उपलब्धि प्रदेश के किसानों की मेहनत, अनुकूल जलवायु और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रतिफल है। फल उत्पादन की दृष्टि से यदि किसी एक फल की लोकप्रियता और आर्थिक महत्व की चर्चा की जाए तो आम का नाम सबसे पहले आता है। आम को 'फलों का राजा' कहा जाता है, मध्यप्रदेश में इसका उत्पादन निरंतर बढ़ रहा है। पिछले चार वर्षों के आंकड़ों का अध्ययन करें तो प्रदेश में आम उत्पादन में लगभग 72 हजार मैट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों, विशेषकर आम उत्पादन की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। मध्यप्रदेश की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियाँ आम उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल सिद्ध हो रही हैं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में अलग-अलग किस्मों के आम का उत्पादन किसानों को बेहतर आय उपलब्ध करा रहा है। यही कारण है कि राज्य सरकार द्वारा आम उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में 13 जून 2026 को प्रदेश की राजधानी भोपाल में 'मैंगो फेस्टिवल 2026' अर्थात 'आम महोत्सव' आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी या उत्सव नहीं होगा, बल्कि प्रदेश के आम उत्पादक किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच संवाद और विपणन का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। महोत्सव के माध्यम से प्रदेश की विभिन्न किस्मों के आमों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस वर्ष प्रदेश के प्रमुख जिलों — अलीराजपुर, रीवा, शहडोल, सीधी, सतना, नर्मदापुरम, अनूपपुर और नरसिंहपुर में लगभग 3200 हेक्टेयर क्षेत्र में आम उत्पादन विस्तार की कार्ययोजना तैयार की गई है। यह योजना किसानों को उद्यानिकी आधारित खेती की ओर प्रेरित करेगी और प्रदेश में आम उत्पादन का दायरा और अधिक विस्तृत होगा। प्रदेश के लिए गौरव का विषय यह भी है कि सुंदरजा आम को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त हुई है। रीवा जिले के प्रसिद्ध सुंदरजा आम को जीआई (Geographical Indication) टैग मिलने से न केवल इसकी विशिष्टता को वैश्विक पहचान मिली है, बल्कि इससे स्थानीय किसानों को आर्थिक लाभ और बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त होने की संभावनाएँ भी बढ़ी हैं। सुंदरजा आम अपनी मिठास, सुगंध और विशिष्ट स्वाद के कारण देश-विदेश में लोकप्रिय हो रहा है। भारत सरकार की प्राथमिकता छोटे और सीमांत किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर नकदी फसलों, फल, फूल एवं सब्जी उत्पादन की ओर प्रोत्साहित करना है। उद्यानिकी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं क्योंकि इनकी बाजार में मांग निरंतर बनी रहती है और उत्पादन से अपेक्षाकृत अधिक लाभ प्राप्त होता है। आम जैसी फसलें किसानों को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता प्रदान कर सकती हैं। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को 'कृषि वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय भी इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला कदम है। कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। किसानों को गुणवत्तायुक्त पौधे, तकनीकी प्रशिक्षण, सिंचाई सुविधाएँ और विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे प्रदेश में उद्यानिकी फसलों के प्रति किसानों का विश्वास और उत्साह बढ़ा है। आज आवश्यकता इस बात की है कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती और मूल्य संवर्धन के माध्यम से आम उत्पादन को और अधिक बढ़ावा दिया जाए। यदि किसानों को प्रसंस्करण इकाइयों, निर्यात सुविधाओं और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ा जाए तो मध्यप्रदेश देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आम उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। 'मैंगो फेस्टिवल' 2026” इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। यह आयोजन न केवल प्रदेश की उद्यानिकी क्षमता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि किसानों की आय वृद्धि, कृषि विविधीकरण और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में भी मील का पत्थर साबित होगा। मध्यप्रदेश में आम उत्पादन के प्रति बढ़ता रुझान यह दर्शाता है कि आने वाले समय में प्रदेश उद्यानिकी क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेगा और 'फलों के राजा' आम के माध्यम से किसानों की समृद्धि का नया अध्याय लिखा जाएगा। मध्यप्रदेश में आम उत्पादन की बढ़ती संभावनाएँ और “मैंगो फेस्टिवल 2026” ==== शहडोल 10 मई 2026- भारत कृषि प्रधान देश होने के साथ उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में भी विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान रखता है। फलों, फूलों और सब्जियों के उत्पादन के माध्यम से देश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश ने उद्यानिकी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित करते हुए देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान बनाया है। विशेष रूप से फल उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश देश में चौथे स्थान पर है। भारतवर्ष में कुल लगभग 1176 लाख मीट्रिक टन फलों का उत्पादन होता है, जिसमें से लगभग 102 लाख मीट्रिक टन उत्पादन मध्यप्रदेश में किया जा रहा है। यह उपलब्धि प्रदेश के किसानों की मेहनत, अनुकूल जलवायु और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रतिफल है। फल उत्पादन की दृष्टि से यदि किसी एक फल की लोकप्रियता और आर्थिक महत्व की चर्चा की जाए तो आम का नाम सबसे पहले आता है। आम को 'फलों का राजा' कहा जाता है, मध्यप्रदेश में इसका उत्पादन निरंतर बढ़ रहा है। पिछले चार वर्षों के आंकड़ों का अध्ययन करें तो प्रदेश में आम उत्पादन में लगभग 72 हजार मैट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों, विशेषकर आम उत्पादन की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। मध्यप्रदेश की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियाँ आम उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल सिद्ध हो रही हैं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में अलग-अलग किस्मों के आम का उत्पादन किसानों को बेहतर आय उपलब्ध करा रहा है। यही कारण है कि राज्य सरकार द्वारा आम उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में 13 जून 2026 को प्रदेश की राजधानी भोपाल में 'मैंगो फेस्टिवल 2026' अर्थात 'आम महोत्सव' आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी या उत्सव नहीं होगा, बल्कि प्रदेश के आम उत्पादक किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच संवाद और विपणन का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। महोत्सव के माध्यम से प्रदेश की विभिन्न किस्मों के आमों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस वर्ष प्रदेश के प्रमुख जिलों — अलीराजपुर, रीवा, शहडोल, सीधी, सतना, नर्मदापुरम, अनूपपुर और नरसिंहपुर में लगभग 3200 हेक्टेयर क्षेत्र में आम उत्पादन विस्तार की कार्ययोजना तैयार की गई है। यह योजना किसानों को उद्यानिकी आधारित खेती की ओर प्रेरित करेगी और प्रदेश में आम उत्पादन का दायरा और अधिक विस्तृत होगा। प्रदेश के लिए गौरव का विषय यह भी है कि सुंदरजा आम को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त हुई है। रीवा जिले के प्रसिद्ध सुंदरजा आम को जीआई (Geographical Indication) टैग मिलने से न केवल इसकी विशिष्टता को वैश्विक पहचान मिली है, बल्कि इससे स्थानीय किसानों को आर्थिक लाभ और बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त होने की संभावनाएँ भी बढ़ी हैं। सुंदरजा आम अपनी मिठास, सुगंध और विशिष्ट स्वाद के कारण देश-विदेश में लोकप्रिय हो रहा है। भारत सरकार की प्राथमिकता छोटे और सीमांत किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर नकदी फसलों, फल, फूल एवं सब्जी उत्पादन की ओर प्रोत्साहित करना है। उद्यानिकी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं क्योंकि इनकी बाजार में मांग निरंतर बनी रहती है और उत्पादन से अपेक्षाकृत अधिक लाभ प्राप्त होता है। आम जैसी फसलें किसानों को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता प्रदान कर सकती हैं। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को 'कृषि वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय भी इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला कदम है। कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। किसानों को गुणवत्तायुक्त पौधे, तकनीकी प्रशिक्षण, सिंचाई सुविधाएँ और विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे प्रदेश में उद्यानिकी फसलों के प्रति किसानों का विश्वास और उत्साह बढ़ा है। आज आवश्यकता इस बात की है कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती और मूल्य संवर्धन के माध्यम से आम उत्पादन को और अधिक बढ़ावा दिया जाए। यदि किसानों को प्रसंस्करण इकाइयों, निर्यात सुविधाओं और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ा जाए तो मध्यप्रदेश देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आम उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। 'मैंगो फेस्टिवल' 2026” इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। यह आयोजन न केवल प्रदेश की उद्यानिकी क्षमता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि किसानों की आय वृद्धि, कृषि विविधीकरण और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में भी मील का पत्थर साबित होगा। मध्यप्रदेश में आम उत्पादन के प्रति बढ़ता रुझान यह दर्शाता है कि आने वाले समय में प्रदेश उद्यानिकी क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेगा और 'फलों के राजा' आम के माध्यम से किसानों की समृद्धि का नया अध्याय लिखा जाएगा।

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    Durgesh Kumar Gupta
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    6 hrs ago
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    Ashutosh tripathi
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    user_Bolti Divare
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    मलमाथर गांव में बिजली विभाग की टीम पर हमला, बकाया वसूली के दौरान हंगामा का वीडियो वायरल...
गोहपारू क्षेत्र के मलमाथर गांव में बकाया बिजली बिल की वसूली करने पहुंची बिजली विभाग की टीम के साथ अभद्रता और मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के दौरान गोहपारू जेई भी मौके पर मौजूद थे।
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    user_Sumit Singh Chandel
    Sumit Singh Chandel
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    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
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    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में सड़क हादसे अब 'मौत का हाईवे' बनते जा रहे हैं, जहाँ बीते 7 दिनों में 9 लोगों की जान गई है। ताजा घटना ब्यौहारी में हुई, जहाँ भाजपा युवा नेता समेत दो दोस्तों की भीषण टक्कर में मौत हो गई। लगातार हो रही इन मौतों से प्रशासन और यातायात विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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    मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में सड़क हादसे अब 'मौत का हाईवे' बनते जा रहे हैं, जहाँ बीते 7 दिनों में 9 लोगों की जान गई है। ताजा घटना ब्यौहारी में हुई, जहाँ भाजपा युवा नेता समेत दो दोस्तों की भीषण टक्कर में मौत हो गई। लगातार हो रही इन मौतों से प्रशासन और यातायात विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    11 hrs ago
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