तेंदूपत्ता तोड़ने गए ग्रामीणों पर भालू ने किया हमला-साहस और सूझबूझ से खूंखार वन्य प्राणी को के कर बहादुर लड़की ने बचाई जान। 💥*ग्रामीणों के साहस से बड़ा हादसा टला,भालू के हमले में महिला घायल* बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर क्षेत्र में रविवार सुबह ग्रामीणों की बहादुरी और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान भालू के अचानक हमले का शिकार हुई महिला की जान आसपास मौजूद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाकर बचा ली।जानकारी के अनुसार ग्राम गौरैया निवासी मीरा सिंह पिता गजराज सिंह अपने परिवार एवं अन्य ग्रामीणों के साथ सुबह करीब 8 बजे तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गई थीं।यह घटना गौरैया बीट के कक्ष क्रमांक पीएफ-160 की बताई जा रही है।इसी दौरान जंगल में विचरण कर रहे भालू ने अचानक मीरा सिंह पर हमला कर दिया और उनके दाहिने पैर में दांत गड़ा दिए।हमले के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने घबराने के बजाय साहस का परिचय दिया।ग्रामीणों ने तेज आवाज और शोर मचाकर भालू को वहां से खदेड़ दिया,जिससे महिला की जान बच सकी।घटना के बाद जानकारी उपरांत वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल महिला को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां महिला उपचारार्थ है।फिलहाल महिला की हालत सामान्य बताई जा रही है।घटना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।विभाग ने अपील की है कि तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए लोग समूह में ही जंगल जाएं तथा सुबह 8 बजे के बाद ही जंगल में प्रवेश करें।बीटीआर क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने घटना को दुखद बताया,और कहा कि क्षेत्र में मानव-वन्यप्राणी संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
तेंदूपत्ता तोड़ने गए ग्रामीणों पर भालू ने किया हमला-साहस और सूझबूझ से खूंखार वन्य प्राणी को के कर बहादुर लड़की ने बचाई जान। 💥*ग्रामीणों के साहस से बड़ा हादसा टला,भालू के हमले में महिला घायल* बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर क्षेत्र में रविवार सुबह ग्रामीणों की बहादुरी और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान भालू के अचानक हमले का शिकार हुई महिला की जान आसपास मौजूद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाकर बचा ली।जानकारी के अनुसार ग्राम गौरैया निवासी मीरा सिंह पिता गजराज सिंह अपने परिवार एवं अन्य ग्रामीणों के साथ सुबह करीब 8 बजे तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गई थीं।यह घटना गौरैया बीट के कक्ष क्रमांक पीएफ-160 की बताई जा रही है।इसी दौरान जंगल में विचरण कर रहे भालू ने अचानक मीरा सिंह पर हमला कर दिया और उनके दाहिने पैर में दांत गड़ा दिए।हमले के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने घबराने के बजाय साहस का परिचय दिया।ग्रामीणों ने तेज आवाज और शोर मचाकर भालू को वहां से खदेड़ दिया,जिससे महिला की जान बच सकी।घटना के बाद जानकारी उपरांत वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल महिला को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां महिला उपचारार्थ है।फिलहाल महिला की हालत सामान्य बताई जा रही है।घटना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।विभाग ने अपील की है कि तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए लोग समूह में ही जंगल जाएं तथा सुबह 8 बजे के बाद ही जंगल में प्रवेश करें।बीटीआर क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने घटना को दुखद बताया,और कहा कि क्षेत्र में मानव-वन्यप्राणी संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
- तेंदूपत्ता तोड़ने गए ग्रामीणों पर भालू ने किया हमला-साहस और सूझबूझ से खूंखार वन्य प्राणी को के कर बहादुर लड़की ने बचाई जान। 💥*ग्रामीणों के साहस से बड़ा हादसा टला,भालू के हमले में महिला घायल* बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर क्षेत्र में रविवार सुबह ग्रामीणों की बहादुरी और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान भालू के अचानक हमले का शिकार हुई महिला की जान आसपास मौजूद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाकर बचा ली।जानकारी के अनुसार ग्राम गौरैया निवासी मीरा सिंह पिता गजराज सिंह अपने परिवार एवं अन्य ग्रामीणों के साथ सुबह करीब 8 बजे तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गई थीं।यह घटना गौरैया बीट के कक्ष क्रमांक पीएफ-160 की बताई जा रही है।इसी दौरान जंगल में विचरण कर रहे भालू ने अचानक मीरा सिंह पर हमला कर दिया और उनके दाहिने पैर में दांत गड़ा दिए।हमले के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने घबराने के बजाय साहस का परिचय दिया।ग्रामीणों ने तेज आवाज और शोर मचाकर भालू को वहां से खदेड़ दिया,जिससे महिला की जान बच सकी।घटना के बाद जानकारी उपरांत वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल महिला को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां महिला उपचारार्थ है।फिलहाल महिला की हालत सामान्य बताई जा रही है।घटना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।विभाग ने अपील की है कि तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए लोग समूह में ही जंगल जाएं तथा सुबह 8 बजे के बाद ही जंगल में प्रवेश करें।बीटीआर क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने घटना को दुखद बताया,और कहा कि क्षेत्र में मानव-वन्यप्राणी संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।1
- नल-जल योजना बनी भ्रष्टाचार का कुआं करोड़ों डकार गए अफसर-ठेकेदार पीने के पानी को मोहताज ग्रामीण उमरिया// केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल से जल योजना उमरिया जिले में भ्रष्टाचार कमीशनखोरी और लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। पाली एवं करकेली विकासखंड के दर्जनों गांवों में करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद ग्रामीण आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं। हालात इतने बदतर हैं कि गांवों में खड़ी विशाल पानी टंकियां अब विकास नहीं बल्कि सरकारी भ्रष्टाचार की मूक गवाही बन चुकी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पीएचई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की सांठगांठ ने पूरी योजना को खोखला कर दिया। कहीं घटिया पाइपलाइन डालकर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया तो कहीं बोरवेल खुदाई में ऐसा खेल खेला गया कि कुछ ही महीनों में बोर जवाब दे गए। कई गांवों में पर्याप्त पानी तक नहीं निकला लेकिन कागजों में योजनाएं पूर्ण दिखाकर करोड़ों का भुगतान निकाल लिया गया। पाली विकासखंड के बेली मलियागुड़ा कुरकुचा ममान मलहदू सास चिनकी गढ़रोला सहित कई गांवों और करकेली विकासखंड के पोड़ी कल्दा मछेहा टकटई जैसे गांवों में नल-जल योजना पूरी तरह दम तोड़ चुकी है। कहीं पाइपलाइन फूट रही है कहीं मोटर बंद पड़ी है तो कहीं महीनों से एक बूंद पानी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदारों ने महज कुछ दिन पानी सप्लाई चालू रखकर योजनाओं को पंचायतों के गले मढ़ दिया और बाद में नौ-दो ग्यारह हो गए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शासन ने गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की स्पष्ट गाइडलाइन तय कर रखी थी तो आखिर घटिया पाइप और निम्नस्तरीय निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किसके संरक्षण में हुआ? क्या बिना विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के करोड़ों रुपये की यह बंदरबांट संभव थी? गांवों में आज भी महिलाएं और बच्चे हैंडपंपों एवं कुओं के सहारे जीवन गुजारने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी में जलसंकट विकराल रूप ले चुका है लेकिन जिम्मेदार अफसरों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही। जनता का आरोप है कि फाइलों में हर घर जल पहुंच चुका है जबकि धरातल पर हर घर संकट की तस्वीर दिखाई दे रही है। मीडिया द्वारा मामले को लेकर जिले के पालक मंत्री से सवाल पूछे गए तो उन्होंने जांच का रटा-रटाया आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लिया। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हो जाए तो करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा होना तय है। अब निगाहें जिले की संवेदनशील कलेक्टर पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या जनता की प्यास पर राजनीति और भ्रष्टाचार भारी पड़ेगा या फिर लापरवाह अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर ऐसा हंटर चलेगा कि भविष्य में सरकारी योजनाओं को लूट का जरिया बनाने वालों की नींद उड़ जाए।1
- मानपुर (उमरिया) के वार्ड-6 में पिछले 15 दिनों से कीड़ेयुक्त और मटमैले पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। शिकायतों और निरीक्षण के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। नगरवासियों ने जल्द समाधान न होने पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में मध्य प्रदेश में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री 'थलापति' जैसा नेतृत्व होने की इच्छा व्यक्त की गई है। यूज़र ने पूछा कि कितने लोग इस विचार से सहमत हैं।1
- शहडोल में कलेक्टर ने गेहूं उपार्जन केंद्र सामतपुर का औचक निरीक्षण कर अव्यवस्थाओं पर समिति प्रबंधक को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने किसानों को 23 मई तक अपने स्लॉट बुक करने का निर्देश दिया, साथ ही बारिश से गेहूं बचाने और पेयजल व बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए। कलेक्टर ने किसानों को स्लॉट बुकिंग की समस्या के समाधान का भी आश्वासन दिया।1
- शहडोल,,, ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,,, सड़क हादसा या साजिश? दो युवकों की मौत के बाद परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, रीवा-शहडोल मार्ग जाम शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जोरा पुलिया के पास हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। देर रात हुई इस घटना में राहुल द्विवेदी और अतुल तिवारी नामक दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों युवक शहडोल से अपने गांव की ओर बाइक से लौट रहे थे। इसी दौरान जोरा पुलिया के पास किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि हादसे के बाद दोनों युवकों के शव पूरी रात सड़क किनारे पड़े रहे और किसी को इसकी जानकारी तक नहीं लग सकी। सुबह करीब 6:30 बजे गांव के कुछ लोग वहां से गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर सड़क किनारे पड़े शवों पर पड़ी। इसके बाद तत्काल ग्रामीणों ने परिजनों और ब्यौहारी थाना पुलिस को सूचना दी सूचना मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मौका-मुआयना कर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। लेकिन मामला उस समय नया मोड़ लेता नजर आया जब परिजन शव लेकर गांव पहुंचे। परिजनों ने घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे केवल सड़क हादसा मानने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि दोनों युवकों के शरीर पर मिले कुछ निशान और घटनास्थल की परिस्थितियां सामान्य सड़क दुर्घटना जैसी प्रतीत नहीं होतीं। परिजनों ने आशंका जताई कि यह मामला हत्या का भी हो सकता है और घटना को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई है। परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोनों शवों का दोबारा मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम कराया जाए ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। इसी मांग को लेकर गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने ग्राम टिहकी में रीवा-शहडोल मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात काफी देर तक बाधित रहा। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जब तक प्रशासन निष्पक्ष जांच और पुनः पोस्टमार्टम का आश्वासन नहीं देगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया ग्रामीणों ने इस दौरान शहडोल-रीवा मार्ग के अधूरे निर्माण कार्य को लेकर भी नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि पिछले लगभग एक साल से सड़क निर्माण कार्य जारी है, लेकिन अब तक सड़क पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है। जगह-जगह खराब सड़क, अधूरा निर्माण, डायवर्सन और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। आम जनता लगातार परेशानियों का सामना कर रही है, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियां इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रही हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं परिजनों की मांग और ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के बाद मामला अब और संवेदनशील हो गया है। अब सभी की नजर प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।3
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- मध्य प्रदेश के कचारगढ़ में गोंडवाना पार्टी की एकजुटता देखने को मिली। इस अवसर पर गोंडवाना भाइयों से जल, जंगल और जमीन बचाने का आह्वान किया गया। यह एकता समुदाय के अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर केंद्रित है।1