सरायकेला/शुरू ऐप न्यूज़ चैनल के रवि गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, सरायकेला-राजनगर मुख्य सड़क मार्ग पर तितिरबिला पुलिया के पास आज सुबह लगभग 6:00 बजे एक 14 चक्का टेलर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह वाहन कोयला लेकर राजनगर की ओर जा रहा था और तितिरबिला पुलिया के पास अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हुआ। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई। हालांकि, दुर्घटना के तुरंत बाद सरायकेला-राजनगर मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे भीषण जाम लग गया। स्थानीय जानकारी और वाहन चालक के बयान के अनुसार, सरायकेला-राजनगर मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन चलते हैं। बताया गया है कि एक नया पुलिया क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसका मरम्मत कार्य पूरा होने के बावजूद उसे बंद रखा गया है। पिछले छह महीनों से बड़े पुलिया से भारी वाहनों का आवागमन बंद है, जिसके कारण सभी बड़े वाहन एक पुराने और क्षतिग्रस्त पुलिया से गुजरने को मजबूर हैं। प्रशासन द्वारा बोर्ड लगाकर बड़े वाहनों के लिए इस पुलिया पर प्रतिबंध निषेध बताया गया है, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। चालक ने बताया कि इसी बंद पुलिया की वजह से बड़े वाहनों को पुराने, जर्जर पुल से जाना पड़ रहा है। इस घटना के बाद सरायकेला पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाम को खुलवाया और मुख्य सड़क मार्ग को सुचारु रूप से चालू करवाया। परंतु, क्षतिग्रस्त और पुरानी पुलिया से बड़े वाहनों का लगातार आना-जाना किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। आए दिन इस मार्ग पर बड़ी गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें सामने आती रहती हैं, जिससे भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी हुई है।
सरायकेला/शुरू ऐप न्यूज़ चैनल के रवि गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, सरायकेला-राजनगर मुख्य सड़क मार्ग पर तितिरबिला पुलिया के पास आज सुबह लगभग 6:00 बजे एक 14 चक्का टेलर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह वाहन कोयला लेकर राजनगर की ओर जा रहा था और तितिरबिला पुलिया के पास अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हुआ। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई। हालांकि, दुर्घटना के तुरंत बाद सरायकेला-राजनगर मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे भीषण जाम लग गया। स्थानीय जानकारी
और वाहन चालक के बयान के अनुसार, सरायकेला-राजनगर मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन चलते हैं। बताया गया है कि एक नया पुलिया क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसका मरम्मत कार्य पूरा होने के बावजूद उसे बंद रखा गया है। पिछले छह महीनों से बड़े पुलिया से भारी वाहनों का आवागमन बंद है, जिसके कारण सभी बड़े वाहन एक पुराने और क्षतिग्रस्त पुलिया से गुजरने को मजबूर हैं। प्रशासन द्वारा बोर्ड लगाकर बड़े वाहनों के लिए इस पुलिया पर प्रतिबंध निषेध बताया गया है, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
चालक ने बताया कि इसी बंद पुलिया की वजह से बड़े वाहनों को पुराने, जर्जर पुल से जाना पड़ रहा है। इस घटना के बाद सरायकेला पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाम को खुलवाया और मुख्य सड़क मार्ग को सुचारु रूप से चालू करवाया। परंतु, क्षतिग्रस्त और पुरानी पुलिया से बड़े वाहनों का लगातार आना-जाना किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। आए दिन इस मार्ग पर बड़ी गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें सामने आती रहती हैं, जिससे भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी हुई है।
- रांची में आयोजित राज्य स्तरीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में चाईबासा के आयांक सिन्हा ने कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। चाईबासा निवासी अधिवक्ता आशीष कुमार सिन्हा के सुपुत्र आयांक सिन्हा ने 'राज्य स्तरीय पावर लिफ्टिंग बेस्ट S-4 क्लासिक झारखंड चैंपियनशिप' में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 93 किलोग्राम वर्ग में तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए उन्हें कांस्य पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।1
- चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के भूंईयाडीह टोला स्थित गैलेक्सी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य द्वार पर सोमवार को समस्त ग्रामवासियों और श्रमिकों ने 14 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया, जिसके कारण कंपनी का संचालन बंद रहा। यह आंदोलन 16 जून को कंपनी में हुए बॉयलर/भट्ठी विस्फोट के बाद मजदूरों की सुरक्षा, मुआवजा, स्थानीय नियोजन और प्रदूषण नियंत्रण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों पर केंद्रित था। प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन निदेशक के नाम एक ज्ञापन कंपनी मैनेजर एस.के. वर्मा को सौंपा। सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस धरना-प्रदर्शन में पूर्व जिला परिषद सदस्य ओम लायक, विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो, कृष्णा कालिंदी, ग्राम प्रधान बहादुर लायक, आशुदेव महतो समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में बॉयलर ब्लास्ट की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, घायल एवं मृतकों के आश्रितों को मुआवजा, निःशुल्क इलाज व पुनर्वास, श्रमिकों को ईएसआई-पीएफ सुविधा, न्यूनतम वेतन, सुरक्षा उपकरण, प्रदूषण नियंत्रण, 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार, और सीएसआर फंड से स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल तथा बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल था। धरने के दौरान लंबी वार्ता हुई, जिसके बाद ग्रामीणों ने फिलहाल प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने एक अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि मंगलवार शाम 4 बजे कंपनी मालिक, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता होगी। यदि मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने यह चेतावनी भी दी है कि जब तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक कंपनी संचालन का विरोध जारी रहेगा। एहतियात के तौर पर मौके पर चांडिल पुलिस बल तैनात रहा।1
- जमशेदपुर के नागाडीह मैदान में एक बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे दो बदमाशों को हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई से एक संभावित बड़ी घटना टल गई है।1
- झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में लगभग 3,500 संविदा आधारित स्वास्थ्य अनुबंधकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के पहले दिन, जिले भर से बड़ी संख्या में अनुबंधकर्मी चाईबासा स्थित सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे और कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। इन अनुबंधकर्मियों की प्रमुख मांगों में पिछले छह माह से लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मानदेय वृद्धि का भुगतान, और उनकी अन्य लंबित समस्याओं का समाधान शामिल है। इस संबंध में, सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने अनुबंधकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगें जायज हैं। उन्होंने जानकारी दी कि लंबित मानदेय भुगतान के लिए स्वास्थ्य सचिव को एक पत्र भेजा गया है, और उम्मीद जताई है कि भुगतान की प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी।1
- सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल स्थित पितकी रेलवे फाटक पर लगातार लग रहे जाम और अव्यवस्थित यातायात के कारण दुर्घटना की आशंका काफी बढ़ गई है। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों को चिंतित कर दिया है, जिन्होंने क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और ओवरब्रिज निर्माण कार्य को शीघ्रता से पूरा करने की मांग की है, ताकि बढ़ते खतरे को कम किया जा सके।1
- अस्पताल में आधार कार्ड और आभा कार्ड लाने की मांग की गई है, जिसके चलते मरीजों को घंटों तक बाहर इंतजार करना पड़ रहा है। इस स्थिति से मरीज काफी परेशान हैं। इसी बीच, अस्पताल से जुड़े लोग पिछले छह महीनों से आय (इनकम) न मिलने के कारण एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। आय न मिलने की वजह से वे काम भी नहीं कर रहे हैं।4
- सरायकेला/शुरू ऐप न्यूज़ चैनल के रवि गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, सरायकेला-राजनगर मुख्य सड़क मार्ग पर तितिरबिला पुलिया के पास आज सुबह लगभग 6:00 बजे एक 14 चक्का टेलर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह वाहन कोयला लेकर राजनगर की ओर जा रहा था और तितिरबिला पुलिया के पास अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हुआ। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई। हालांकि, दुर्घटना के तुरंत बाद सरायकेला-राजनगर मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे भीषण जाम लग गया। स्थानीय जानकारी और वाहन चालक के बयान के अनुसार, सरायकेला-राजनगर मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन चलते हैं। बताया गया है कि एक नया पुलिया क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसका मरम्मत कार्य पूरा होने के बावजूद उसे बंद रखा गया है। पिछले छह महीनों से बड़े पुलिया से भारी वाहनों का आवागमन बंद है, जिसके कारण सभी बड़े वाहन एक पुराने और क्षतिग्रस्त पुलिया से गुजरने को मजबूर हैं। प्रशासन द्वारा बोर्ड लगाकर बड़े वाहनों के लिए इस पुलिया पर प्रतिबंध निषेध बताया गया है, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। चालक ने बताया कि इसी बंद पुलिया की वजह से बड़े वाहनों को पुराने, जर्जर पुल से जाना पड़ रहा है। इस घटना के बाद सरायकेला पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाम को खुलवाया और मुख्य सड़क मार्ग को सुचारु रूप से चालू करवाया। परंतु, क्षतिग्रस्त और पुरानी पुलिया से बड़े वाहनों का लगातार आना-जाना किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। आए दिन इस मार्ग पर बड़ी गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें सामने आती रहती हैं, जिससे भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी हुई है।3