गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹 नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,। चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 1 चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया, तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।। हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया, मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।। पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम, सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 2 तेरी बातों में जैसे मधुर राग है, तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है। तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें, तेरे आने से मन के दीपक जलें। मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम, मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 3 कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है, कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है। तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ, तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ। मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम, मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 4 — विरह दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें, तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें। चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी, मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी। आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम, याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ समापन प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है, दो दिलों के मिलने का विश्वास है। जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में, वही सबसे खूबसूरत राज़ है। मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम, सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹 लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹 नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,। चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 1 चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया, तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।। हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया, मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।। पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम, सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 2 तेरी बातों में जैसे मधुर राग है, तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है। तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें, तेरे आने से मन के दीपक जलें। मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम, मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 3 कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है, कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है। तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ, तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ। मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम, मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 4 — विरह दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें, तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें। चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी, मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी। आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम, याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ समापन प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है, दो दिलों के मिलने का विश्वास है। जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में, वही सबसे खूबसूरत राज़ है। मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम, सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹 लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश
गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹 नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,। चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 1 चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया, तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।। हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया, मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।। पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम, सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 2 तेरी बातों में जैसे मधुर राग है, तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है। तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें, तेरे आने से मन के दीपक जलें। मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम, मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 3 कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है, कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है। तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ, तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ। मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम, मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 4 — विरह दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें, तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें। चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी, मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी। आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम, याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ समापन प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है, दो दिलों के मिलने का विश्वास है। जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में, वही सबसे खूबसूरत राज़ है। मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम, सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹 लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹 नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,। चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 1 चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया, तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।। हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया, मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।। पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम, सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 2 तेरी बातों में जैसे मधुर राग है, तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है। तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें, तेरे आने से मन के दीपक जलें। मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम, मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 3 कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है, कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है। तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ, तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ। मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम, मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 4 — विरह दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें, तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें। चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी, मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी। आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम, याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ समापन प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है, दो दिलों के मिलने का विश्वास है। जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में, वही सबसे खूबसूरत राज़ है। मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम, सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹 लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश
- पत्रकार से पुलिसकर्मी ने किया बदसलूकी. शिकायत को पहुंचे पत्रकारों से थाने पर की गई बत्तमीजी थानेदार से शिकायत के बाद नहीं सुनी गुहार. वाराणसी में पत्रकार से पुलिसकर्मी ने किया बदसलूकी. शिकायत को पहुंचे पत्रकारों से थाने पर की गई बत्तमीजी थानेदार से शिकायत के बाद नहीं सुनी गुहार. दर्जनों पत्रकार थाने के बाहर धरने पर बैठे. थाने के बाहर अर्ध नग्न होकर किया प्रदर्शन. मौके पर पहुंचे सपा, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल. जिले के लालपुर पांडेपुर थाना क्षेत्र का मामला....1
- समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा, "पिछले 10 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम हो गया है। प्रदेश में अपराधी भयमुक्त हो गए हैं। लखनऊ समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा, "पिछले 10 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम हो गया है। प्रदेश में अपराधी भयमुक्त हो गए हैं। आज बहन और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। जनता भयभीत है। हम लगातार मांग कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री 20 अपराधियों के नाम घोषित करे जिससे पता चल जाएगा कि वे सभी भाजपा के नेता हैं..."1
- गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹 नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,। चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 1 चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया, तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।। हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया, मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।। पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम, सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 2 तेरी बातों में जैसे मधुर राग है, तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है। तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें, तेरे आने से मन के दीपक जलें। मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम, मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 3 कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है, कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है। तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ, तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ। मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम, मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 4 — विरह दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें, तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें। चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी, मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी। आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम, याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ समापन प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है, दो दिलों के मिलने का विश्वास है। जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में, वही सबसे खूबसूरत राज़ है। मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम, सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹 लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹 नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,। चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 1 चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया, तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।। हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया, मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।। पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम, सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 2 तेरी बातों में जैसे मधुर राग है, तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है। तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें, तेरे आने से मन के दीपक जलें। मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम, मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 3 कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है, कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है। तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ, तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ। मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम, मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 4 — विरह दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें, तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें। चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी, मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी। आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम, याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ समापन प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है, दो दिलों के मिलने का विश्वास है। जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में, वही सबसे खूबसूरत राज़ है। मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम, सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹 लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश1
- गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹 नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,। चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 1 चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया, तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।। हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया, मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।। पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम, सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 2 तेरी बातों में जैसे मधुर राग है, तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है। तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें, तेरे आने से मन के दीपक जलें। मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम, मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 3 कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है, कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है। तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ, तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ। मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम, मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 4 — विरह दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें, तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें। चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी, मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी। आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम, याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ समापन प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है, दो दिलों के मिलने का विश्वास है। जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में, वही सबसे खूबसूरत राज़ है। मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम, सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹 लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹 नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,। चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 1 चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया, तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।। हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया, मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।। पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम, सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 2 तेरी बातों में जैसे मधुर राग है, तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है। तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें, तेरे आने से मन के दीपक जलें। मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम, मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 3 कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है, कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है। तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ, तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ। मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम, मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 4 — विरह दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें, तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें। चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी, मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी। आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम, याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ समापन प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है, दो दिलों के मिलने का विश्वास है। जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में, वही सबसे खूबसूरत राज़ है। मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम, सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹 लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश1
- लखनऊ न्यूज पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का सरकार पर हमला लखनऊ न्यूज पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का सरकार पर हमला *सपा कार्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रभु श्रीराम और अयोध्या के विकास में सपा कभी रोड़ा नहीं बनेगी* *उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया बुलडोजर चलाने वाला है* *जनपद अयोध्या में जिन लोगों ने नुकसान झेला है, सरकार उसकी भरपाई करे, अन्यथा सपा सरकार बनने पर पूरी भरपाई की जाएगी* *अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए जनता से वोट के जरिए सरकार को जवाब देने की बात कही*1
- दशलक्षण महापर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की आराधना दशलक्षण महापर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की आराधना लखनऊ। आशियाना स्थित श्री 1008 महावीर दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में बुधवार को दशलक्षण महापर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की आराधना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक, शांतिधारा और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए। उपाध्याय 108 विहसंत सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि त्याग आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण का माध्यम है। मनुष्य को मोह, लोभ, अहंकार और अनावश्यक इच्छाओं का त्याग कर संयम, क्षमा और शांति को जीवन में अपनाना चाहिए।शाम को महिला मंडल की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें रिमझिम शाह, सविता जैन, अल्पना जैन, रितु जैन और स्वीटी जैन सहित अन्य महिलाओं ने भाग लिया। अंत में सामूहिक आरती के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।2
- लखनऊ थाना मदेयगंज में नए थाना प्रभारी कक्ष का उद्घाटन हुआ डीसीपी मध्य विक्रांत वीर ने रिबन काटकर नए कक्ष का शुभारंभकिया मौके पर एडीसीपी मध्य जितेंद्र दुबे एसीपी महानगर अंकित कुमार थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी समेत पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद अधिकारियों ने नए कक्ष का निरीक्षण कर थाना परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- लखनऊ क्राइम ब्रांच का साइबर अपराध को लेकर जन-जागरूकता अभियान जारी,ADCP Crime IPS किरन यादव ने साइबर फ्रॉड को लेकर दी अहम जानकारी लखनऊ लखनऊ क्राइम ब्रांच का साइबर अपराध को लेकर जन-जागरूकता अभियान जारी!! ADCP Crime IPS किरन यादव ने साइबर फ्रॉड को लेकर दी अहम जानकारी!! ऑपरेशन डिजिटल कवच के तहत नए साइबर अपराधों का लगातार विश्लेषण!! साइबर अपराधी नए तरीकों से आमजन को बना रहे आर्थिक ठगी का शिकार!! WhatsApp पर बैंकिंग फ्रॉड का नया तरीका सामने आया!! बैंक के नाम पर फर्जी संदेश भेजकर ठगी की कोशिश!! फर्जी मैसेज में खाते से बड़ी रकम डेबिट होने का किया जा रहा दावा!! संदिग्ध YES/NO मैसेज भेजकर लोगों को तत्काल प्रतिक्रिया के लिए उकसाया जा रहा!! WhatsApp पर आए संदिग्ध मैसेज का कोई जवाब न दें- लखनऊ पुलिस!! अनजान लिंक, APK, फाइल या अटैचमेंट को Open/Download न करें!! बैंकिंग ट्रांजैक्शन की जानकारी Official Banking App/Website से ही करें Verify, साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें सतर्क रहें सुरक्षित रहें!!1