राजस्थान के भीलवाड़ा शहर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद होते दिख रहे हैं, जहाँ चंद्रशेखर आजाद नगर के मुख्य चौराहे के पास स्थित एक डेयरी के सामने भरे बाजार में एक महिला के साथ चेन स्नेचिंग की घटना हुई। एक अज्ञात बदमाश ने काम से बाजार आई महिला के गले से सोने की चेन झपट ली और मौके से फरार हो गया। यह पूरी वारदात वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। यह घटना इतनी तेजी से हुई कि महिला और आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी भाग निकला। वारदात के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुँची, जायजा लिया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में लगातार बढ़ रही चोरी और झपटमारी की घटनाओं के कारण आमजन में भय का माहौल है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने और मुख्य बाजारों व चौराहों पर पुलिस गश्त बढ़ाने की कड़ी माँग की है।
राजस्थान के भीलवाड़ा शहर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद होते दिख रहे हैं, जहाँ चंद्रशेखर आजाद नगर के मुख्य चौराहे के पास स्थित एक डेयरी के सामने भरे बाजार में एक महिला के साथ चेन स्नेचिंग की घटना हुई। एक अज्ञात बदमाश ने काम से बाजार आई महिला के गले से सोने की चेन झपट ली और मौके से फरार हो गया। यह पूरी वारदात वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। यह घटना इतनी तेजी से हुई कि महिला और आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी भाग निकला। वारदात के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुँची, जायजा लिया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में लगातार बढ़ रही चोरी और झपटमारी की घटनाओं के कारण आमजन में भय का माहौल है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने और मुख्य बाजारों व चौराहों पर पुलिस गश्त बढ़ाने की कड़ी माँग की है।
- राजस्थान के भीलवाड़ा शहर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद होते दिख रहे हैं, जहाँ चंद्रशेखर आजाद नगर के मुख्य चौराहे के पास स्थित एक डेयरी के सामने भरे बाजार में एक महिला के साथ चेन स्नेचिंग की घटना हुई। एक अज्ञात बदमाश ने काम से बाजार आई महिला के गले से सोने की चेन झपट ली और मौके से फरार हो गया। यह पूरी वारदात वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। यह घटना इतनी तेजी से हुई कि महिला और आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी भाग निकला। वारदात के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुँची, जायजा लिया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में लगातार बढ़ रही चोरी और झपटमारी की घटनाओं के कारण आमजन में भय का माहौल है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने और मुख्य बाजारों व चौराहों पर पुलिस गश्त बढ़ाने की कड़ी माँग की है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला कारागृह परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ पौधारोपण, पक्षियों के लिए परिंडे लगाने और कपड़े के थैले वितरित करने जैसी गतिविधियाँ हुईं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण हेतु अधिक से अधिक पेड़ लगाने और प्लास्टिक का उपयोग कम करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अभय जैन ने स्वयं पौधारोपण करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर और आसपास पेड़ लगाने चाहिए, जिससे शहर हरा-भरा और सुंदर बन सके तथा पर्यावरण संतुलन बना रहे। उन्होंने कपड़े के थैलों के उपयोग को बढ़ावा देने और प्लास्टिक मुक्त समाज बनाने की अपील भी की। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने जिंदल सॉ लिमिटेड के सहयोग से एक जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो शहर में निःशुल्क कपड़े के थैले वितरित कर नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करेगा। उन्होंने "एक पेड़, एक उम्मीद—धरती के लिए नई जिंदगी" का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया। बार एसोसिएशन अध्यक्ष उम्मेद सिंह राठौड़, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रतिभा देवठिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन सहित कई अन्य अधिकारियों और समाजसेवियों ने भी पौधारोपण में भाग लिया, और इस दौरान आमजन को कपड़े के थैले तथा परिंडे भी वितरित किए गए। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, जिला एवं सेशन न्यायाधीश अभय जैन की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ विजिटर्स के सदस्यों ने जिला कारागृह का त्रैमासिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, बंदियों के स्वास्थ्य, चिकित्सा सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। श्री जैन ने विशेष रूप से कारागृह के रसोईघर का निरीक्षण कर बंदियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि किसी भी बंदी के साथ जाति, धर्म, वर्ग, लिंग अथवा सामाजिक-आर्थिक आधार पर कोई भेदभाव न हो। बोर्ड ने कारागृह परिसर और बैरकों की स्वच्छता, मरम्मत, पुताई एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सुधार हेतु जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। यह सारी जानकारी शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मनोज द्वारा प्रदान की गई।1
- अकोला क्षेत्र के होलीरडा गांव में एक नव देवी कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में शामिल होने या इससे संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्ति पोस्ट में दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।2
- सार्वजनिक हस्ती शिल्पा शिंदे द्वारा पैसे के विवाद में किसी व्यक्ति पर यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाने की बात स्वीकार करने से यह मामला गंभीर चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना ने समाज में झूठे आरोपों के गंभीर परिणामों पर एक नई बहस छेड़ दी है। ऐसे एक झूठे आरोप से किसी भी पुरुष की इज्जत, करियर, परिवार, मानसिक शांति और सामाजिक प्रतिष्ठा पूरी तरह तबाह हो सकती है। आरोप लगते ही समाज, और कई बार पूरी व्यवस्था भी, व्यक्ति को दोषी मान लेती है, जबकि सच्चाई सामने आने में कई वर्षों का समय लग सकता है। यह स्पष्ट किया गया है कि न्याय का अर्थ केवल दोषियों को दंडित करना नहीं, बल्कि निर्दोषों की रक्षा करना भी है। यदि झूठे आरोप साबित हो जाते हैं, तो ऐसे मामलों में भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बना रहे। इसी संदर्भ में, यह सवाल उठाया गया है कि पुरुषों की समस्याओं, झूठे मामलों और मानसिक उत्पीड़न की सुनवाई के लिए एक सशक्त पुरुष आयोग की आवश्यकता पर खुलकर बहस क्यों नहीं होती। जोर देकर कहा गया है कि यदि महिलाओं के लिए आयोग हो सकते हैं, तो पुरुषों की समस्याओं और झूठे मामलों की सुनवाई के लिए पुरुष आयोग क्यों नहीं होना चाहिए। ऐसे झूठे आरोप सिर्फ व्यक्तियों पर ही नहीं, बल्कि संपूर्ण न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गहरा आघात करते हैं।1
- चित्तौड़गढ़ शहर में नगर परिषद द्वारा इंदिरा गांधी स्टेडियम के ठीक पीछे कार्रवाई की गई है। इस दौरान नगर परिषद का 'पीला पंजा' चला, जिसका लाइव वीडियो भी सामने आया है।1
- राजस्थान के बेगूं में अवैध मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत पारसोली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F(2) के अंतर्गत एक मादक पदार्थ तस्कर की करीब 50 लाख रुपये मूल्य की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को फ्रीज किया गया है। इसमें भूमि, एक आवासीय भवन और दो वाहन शामिल हैं, जिन्हें भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी के स्थायी अनुमोदन के बाद जब्त किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव के आदेशानुसार और एएसपी भगवत सिंह हिंगड़ के निर्देशन व डीएसपी बेगूं अंजलीसिंह के सुपरविजन में की गई। जिस तस्कर की संपत्ति फ्रीज की गई है, उसकी पहचान कमलेश पुत्र भैरू लाल गुर्जर (29 वर्ष) निवासी लुहारिया, पुलिस थाना पारसोली के रूप में हुई है। कमलेश गुर्जर के खिलाफ थाना नगाणा (जिला बाड़मेर) और थाना पारसोली में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। जाँच के दौरान कमलेश गुर्जर द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति का पता चला। इसमें पटवार हल्का ईटावा में खाता संख्या 78 के खसरा नंबर 438, 440, 441, 442, 443 (कुल 5 किता रकबा 4.6370) में से कमलेश गुर्जर का 125/4637 हैक्टेयर हिस्सा, ग्राम पंचायत ईटावा के गांव लुहारिया में भैरूलाल पुत्र नन्दा गुर्जर के नाम पर दर्ज आवासीय भवन (पट्टा बुक सं. 447, पट्टा सं. 50) और कमलेश गुर्जर के नाम पर दर्ज दो कारें (एक स्कॉर्पियो और एक क्विड) शामिल हैं। इन संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव दिल्ली भेजा गया था, जिस पर सुनवाई के बाद भारत सरकार ने स्थायी अनुमोदन का आदेश जारी किया। इसके पश्चात् ही ये सभी आराजीयात, आवासीय मकान और वाहन फ्रीज किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई है।1
- राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) की भीलवाड़ा जिला इकाई ने शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे जिला कलेक्ट्रेट पर नागौर सांसद और रालोपा सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा में कटौती किए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर राज्य की भजनलाल सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तख्तियां लहराते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान उन्होंने जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम एक 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर सांसद बेनीवाल को तुरंत Z-प्लस सुरक्षा फिर से उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन में भीलवाड़ा जिले में बजरी माफियाओं के बढ़ते आतंक, अवैध खनन और इनसे होने वाली दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। रालोपा ने जिले में संचालित बजरी खनन लीजों की जांच कर कार्रवाई करने और फुलियाकलां की खारी नदी, गंगापुर की चंद्रभागा नदी तथा रायपुर की कोठारी नदी में चल रही बजरी लीजों को निरस्त कर स्थानीय ग्रामीणों को छोटे-छोटे खनन पट्टे आवंटित करने की मांग उठाई। इसके साथ ही, जिले में संचालित विभिन्न खदानों और निजी कंपनियों में स्थानीय युवाओं को 80 प्रतिशत रोजगार देने और मजदूरों के वेतन में वृद्धि करने की मांग भी प्रमुखता से शामिल रही। किसानों से जुड़े अहम मुद्दों को उठाते हुए रालोपा ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की अंतिम तिथि बढ़ाने, किसानों की उपज का समय पर भुगतान करने तथा पर्याप्त मात्रा में यूरिया और खाद उपलब्ध कराने की मांग की। अन्य मांगों में सोपूरा गांव के बजरी विवाद में दर्ज मुकदमे वापस लेना, लापियां गांव में कथित अवैध ब्लास्टिंग पर रोक लगाना और जिले की जर्जर सड़कों तथा बिजली व्यवस्था में सुधार करना शामिल था। पार्टी ने गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने, प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर नियंत्रण करने, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराने और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत देने की भी मांग की। रालोपा के नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जनहित और किसानों से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार ने जल्द ही कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी पूरे प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी।1
- मथुरा जनपद के डड़ीसरा गांव से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग कथित तौर पर लाठी-डंडों के साथ एक घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। वायरल वीडियो में महिलाएं हमलावरों से बचने और रहम की गुहार लगाती नजर आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद मारपीट जारी रहने का दावा किया जा रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद लोगों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर कठोर कदम न उठाने से असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग इस घटना की निष्पक्ष जांच और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की तारीख और घटना की परिस्थितियों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की ओर से भी इस मामले पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल वीडियो की जांच कराने, घटना में शामिल व्यक्तियों की पहचान करने और आरोप सही पाए जाने पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। साथ ही, पीड़ित पक्ष की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की जा रही है। फिलहाल, यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।4