चेहराकलां के विशुनपुर अड़रा में पांच महीनों से बंद पड़ा पुल निर्माण कार्य चेहराकलां प्रखंड क्षेत्र के विशुनपुर अड़रा में कटहरा चौक से पश्चिम जाने वाली पीसीसी सड़क पर अमरनाथ राय के घर के पास मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना से बन रहा पुल करीब पांच महीनों से बंद पड़ा है। करीब एक साल से निर्माणाधीन रहने के बावजूद पुल का काम पूरा नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। यह सड़क हिदायतपुर कटहरा होते हुए मैभरा तक जाती है। निर्माण स्थल पर पुल का ढांचा अधूरा पड़ा है। वाहनों की आवाजाही के लिए बनाया गया अस्थायी डायवर्सन भी ऊबड़-खाबड़ हो गया है। इससे वाहन चालकों, खासकर दोपहिया सवारों को परेशानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण के लिए जेसीबी से गड्ढा खोदने के बाद लंबे समय तक स्थल को असुरक्षित छोड़ दिया गया था। बरसात के दिनों में यहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। कई बार बाइक समेत अन्य वाहन डायवर्सन पर असंतुलित होकर पलट चुके हैं। शनिवार को ग्रामीण हरिचंद्र कुमार ने बताया कि करीब पांच महीने से काम बंद है। इससे रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण शुरू होने पर लोगों को जल्द पुल बनने की उम्मीद थी, लेकिन लंबे समय से काम बंद रहने से ग्रामीणों में नाराजगी है। प्रणव कुमार हरपुरी ने कहा कि सड़क से बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं, इसलिए पुल का निर्माण जल्द पूरा होना चाहिए। धीरज कुमार और सुबोध कुमार ने भी डायवर्सन की खराब स्थिति से हो रही परेशानी का उल्लेख करते हुए निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की। नितिन कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने भी अधिकारियों से पहल की मांग की है। पुल के बोर्ड के अनुसार इसकी लंबाई 9.20 मीटर और पैकेज संख्या MGSY/24-25 महुआ 01 है। योजना की चेकलिस्ट के अनुसार लागत करीब 90 लाख रुपये तथा कार्य समाप्ति की तिथि 3 अक्टूबर 2026 निर्धारित थी। समयसीमा बीतने के बावजूद निर्माण अधूरा है। ग्रामीणों ने विभाग से बंद काम शीघ्र शुरू कर पुल निर्माण पूरा कराने की मांग की है।
चेहराकलां के विशुनपुर अड़रा में पांच महीनों से बंद पड़ा पुल निर्माण कार्य चेहराकलां प्रखंड क्षेत्र के विशुनपुर अड़रा में कटहरा चौक से पश्चिम जाने वाली पीसीसी सड़क पर अमरनाथ राय के घर के पास मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना से बन रहा पुल करीब पांच महीनों से बंद पड़ा है। करीब एक साल से निर्माणाधीन रहने के बावजूद पुल का काम पूरा नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। यह सड़क हिदायतपुर कटहरा होते हुए मैभरा तक जाती है। निर्माण स्थल पर पुल का ढांचा अधूरा पड़ा है। वाहनों की आवाजाही के लिए बनाया गया अस्थायी डायवर्सन भी ऊबड़-खाबड़ हो गया है। इससे वाहन चालकों, खासकर दोपहिया सवारों को परेशानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण के लिए जेसीबी से गड्ढा खोदने के बाद लंबे समय तक स्थल को असुरक्षित छोड़ दिया गया था। बरसात के दिनों में यहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। कई बार बाइक समेत अन्य वाहन डायवर्सन पर असंतुलित होकर पलट चुके हैं। शनिवार को ग्रामीण हरिचंद्र कुमार ने बताया कि करीब
पांच महीने से काम बंद है। इससे रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण शुरू होने पर लोगों को जल्द पुल बनने की उम्मीद थी, लेकिन लंबे समय से काम बंद रहने से ग्रामीणों में नाराजगी है। प्रणव कुमार हरपुरी ने कहा कि सड़क से बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं, इसलिए पुल का निर्माण जल्द पूरा होना चाहिए। धीरज कुमार और सुबोध कुमार ने भी डायवर्सन की खराब स्थिति से हो रही परेशानी का उल्लेख करते हुए निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की। नितिन कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने भी अधिकारियों से पहल की मांग की है। पुल के बोर्ड के अनुसार इसकी लंबाई 9.20 मीटर और पैकेज संख्या MGSY/24-25 महुआ 01 है। योजना की चेकलिस्ट के अनुसार लागत करीब 90 लाख रुपये तथा कार्य समाप्ति की तिथि 3 अक्टूबर 2026 निर्धारित थी। समयसीमा बीतने के बावजूद निर्माण अधूरा है। ग्रामीणों ने विभाग से बंद काम शीघ्र शुरू कर पुल निर्माण पूरा कराने की मांग की है।
- जदयू ने अनंत कुमार सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निकाला, नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता भी रद्द प्रणव कुमार हरपुरी, संपादक, पटना (बिहार) : बिहार प्रदेश जनता दल यूनाइटेड (यूनाइटेड) ने पार्टी के निर्देशों की अवहेलना और दलविरोधी गतिविधियों के आरोप में मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने 24 अक्टूबर को इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, अनंत कुमार सिंह पर लगातार पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करने, शीर्ष नेतृत्व के प्रति अमर्यादित एवं अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने तथा हाल में संपन्न विधान परिषद चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के विरुद्ध काम करने और दूसरे दल के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने का आरोप है। इन गतिविधियों को पार्टी विरोधी मानते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष ने भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत विधानसभा सदस्य के रूप में अनंत कुमार सिंह की सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा भी की है। इसी आदेश में पूर्व विधायक नीलम देवी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। दलविरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप में उनकी प्राथमिक सदस्यता रद्द करते हुए उन्हें भी छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के हस्ताक्षर से जारी आदेश के बाद बिहार की राजनीति में इस कार्रवाई को लेकर हलचल तेज होने की संभावना है।2
- चेहराकलां के विशुनपुर अड़रा में पांच महीनों से बंद पड़ा पुल निर्माण कार्य चेहराकलां प्रखंड क्षेत्र के विशुनपुर अड़रा में कटहरा चौक से पश्चिम जाने वाली पीसीसी सड़क पर अमरनाथ राय के घर के पास मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना से बन रहा पुल करीब पांच महीनों से बंद पड़ा है। करीब एक साल से निर्माणाधीन रहने के बावजूद पुल का काम पूरा नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। यह सड़क हिदायतपुर कटहरा होते हुए मैभरा तक जाती है। निर्माण स्थल पर पुल का ढांचा अधूरा पड़ा है। वाहनों की आवाजाही के लिए बनाया गया अस्थायी डायवर्सन भी ऊबड़-खाबड़ हो गया है। इससे वाहन चालकों, खासकर दोपहिया सवारों को परेशानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण के लिए जेसीबी से गड्ढा खोदने के बाद लंबे समय तक स्थल को असुरक्षित छोड़ दिया गया था। बरसात के दिनों में यहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। कई बार बाइक समेत अन्य वाहन डायवर्सन पर असंतुलित होकर पलट चुके हैं। शनिवार को ग्रामीण हरिचंद्र कुमार ने बताया कि करीब पांच महीने से काम बंद है। इससे रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण शुरू होने पर लोगों को जल्द पुल बनने की उम्मीद थी, लेकिन लंबे समय से काम बंद रहने से ग्रामीणों में नाराजगी है। प्रणव कुमार हरपुरी ने कहा कि सड़क से बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं, इसलिए पुल का निर्माण जल्द पूरा होना चाहिए। धीरज कुमार और सुबोध कुमार ने भी डायवर्सन की खराब स्थिति से हो रही परेशानी का उल्लेख करते हुए निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की। नितिन कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने भी अधिकारियों से पहल की मांग की है। पुल के बोर्ड के अनुसार इसकी लंबाई 9.20 मीटर और पैकेज संख्या MGSY/24-25 महुआ 01 है। योजना की चेकलिस्ट के अनुसार लागत करीब 90 लाख रुपये तथा कार्य समाप्ति की तिथि 3 अक्टूबर 2026 निर्धारित थी। समयसीमा बीतने के बावजूद निर्माण अधूरा है। ग्रामीणों ने विभाग से बंद काम शीघ्र शुरू कर पुल निर्माण पूरा कराने की मांग की है।2
- मतदान हुआ,तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चेहरा काला प्रखंड वैशाली मतदान हुआ,तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चेहरा काला प्रखंड वैशाली1
- पातेपुर : उप डाक घर में आधार सेवा केंद्र जल्द होंगे शुरू - SPM वैशाली : जिले के पातेपुर उप डाकघर में सुकन्या समृद्धि योजना और आरडी के माध्यम से लोगों को बचत के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं, जल्द ही आधार सेवा शुरू होने की जानकारी सामने आई है। क्या इससे ग्रामीणों को मिलेगी राहत? जानिए पूरी खबर हमारे वीडियो में।1
- पातेपुर उप डाकघर में बढ़ रहीं सुविधाएं, जल्द शुरू होगी आधार सेवा! वैशाली जिले के पातेपुर उप डाकघर में सुकन्या समृद्धि योजना और आरडी के माध्यम से लोगों को बचत के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं, जल्द ही आधार सेवा शुरू होने की जानकारी सामने आई है। क्या इससे ग्रामीणों को मिलेगी राहत? जानिए पूरी खबर हमारे वीडियो में।1
- स्नातक मतदाता से शिक्षक मतदाता अपना मताधिकार करने में अब्बल रहे, स्नातक 52 प्रतिशत,शिक्षक 80 प्रतिशत चेहराकलां वैशाली। तिरहुत स्नातक/ शिक्षक निर्वाचन- 2026 के तहत चेहराकलां प्रखंड मुख्यालय मतदान केंद्र निर्धारित समयानुसार मतदान शुरू हुआ था। मतदाता की लंबी कतार होने के कारण देर शाम मतदान होता रहा है। कुल स्नातक मतदान 52 प्रतिशत शिक्षक का मतदान 80 प्रतिशत है। शांतिपूर्ण माहौल में मतदान सम्पन्न हुआ। प्रशासनिक चाक चौकस व्यवस्था थी। मालुम हो कि चेहराकलां प्रखंड में स्नातक मतदाता संख्या 1138 में से - शिक्षक मतदाता संख्या 90 में से 78 मतदाताओं ने मतदान किया। जिसमें पुरुष स्नातक मतदाता की संख्या 406 व महिला मतदाता की संख्या 179 मतदाताओं ने अपने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पुरुष शिक्षक 59व महिला शिक्षक 19 मतदाताओं ने अपने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदाताओं के हौसले बुलंद थे कि गर्मी व धुप की परवाह किये वगैर लंबी कतार में खड़े होकर मतदान करते हुए दिखे। जबकि मतदाताओं के सुविधा नगण्य देखने को मिली।1
- वाशिंग पिट का निर्माण शुरू, समस्तीपुर जंक्शन से लंबी दूरी की ट्रेनें खुलने का रास्ता साफ, दिसंबर तक पूरा होगा 2.50 करोड़ रुपये की लागत से 10 बोगियों वाले वाशिंग पिट का निर्माण भोला टॉकीज ओवरब्रिज निर्माण शुरू कराने के लिए 1 नवंबर को पदयात्रा करेगा मंच समस्तीपुर जंक्शन से लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन शुरू करने की दिशा में वाशिंग पिट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। शनिवार को रेल विस्तार एवं विकास मंच के प्रतिनिधिमंडल ने निर्माणाधीन वाशिंग पिट का निरीक्षण किया। मंच के अनुसार, करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से 10 बोगियों की क्षमता वाले वाशिंग पिट का निर्माण दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। मंच ने बताया कि पहले से निर्मित 12 बोगियों की क्षमता वाले वाशिंग पिट और नवनिर्मित 10 बोगियों की क्षमता वाले वाशिंग पिट को मिलाकर कुल 22 से अधिक बोगियों की क्षमता उपलब्ध होगी। वाशिंग पिट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्तीपुर जंक्शन से लंबी दूरी की ट्रेनों को खोलने में कठिनाई हो रही थी। निर्माण पूरा होने से इस दिशा में सुविधा बढ़ने की उम्मीद है। रेल विस्तार एवं विकास मंच ने वाशिंग पिट की स्वीकृति और निर्माण को अपने निरंतर संघर्ष का परिणाम बताया। मंच ने इस मांग को लेकर रविवार को प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा की। साथ ही, लंबे समय से बंद पड़े भोला टॉकीज रेल ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को पुनः शुरू कराने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने की मांग को लेकर 1 नवंबर को निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास पदयात्रा आंदोलन करने का निर्णय लिया। निरीक्षण के दौरान रेल विस्तार एवं विकास मंच के संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी, भाकपा माले के सुरेंद्र प्रसाद सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता शाहीद हुसैन एवं अशोक राय, राजद के राकेश कुमार ठाकुर, राम विनोद पासवान एवं मनोज कुमार राय, कांग्रेस के विश्वनाथ सिंह हजारी तथा सुशील कुमार राय सहित अन्य लोग उपस्थित थे।1
- चेहराकलां अंचल कार्यालय में शनिवार को भूमि विवाद निपटारा शिविर आयोजित चेहराकलां अंचल कार्यालय में शनिवार को भूमि विवाद निपटारा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में अंचल क्षेत्र से जुड़े पुराने भूमि विवादों की समीक्षा करते हुए उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की गई। अंचल अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि शिविर के दौरान पूर्व से लंबित सभी मामलों को देखा गया और संबंधित मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विवादों से जुड़े अभिलेखों एवं उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामलों की जानकारी ली। आवश्यकतानुसार संबंधित पक्षों को भी उचित जानकारी एवं निर्देश दिए गए। अंचल अधिकारी ने बताया कि शनिवार को आयोजित शिविर में कोई नया आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। शिविर का उद्देश्य भूमि विवाद से जुड़े मामलों का समय पर निपटारा कर लोगों को अनावश्यक परेशानी से राहत दिलाना है। पुराने मामलों की नियमित समीक्षा कर नियमानुसार उनके समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। शिविर में अंचल कार्यालय के कर्मियों ने भी सहयोग किया। अधिकारियों ने लोगों से भूमि संबंधी विवादों के समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन देने और आवश्यक कागजात के साथ शिविर में उपस्थित होने की अपील की। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे शिविरों के माध्यम से लंबित भूमि विवादों के निष्पादन में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है।2