नवादा में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर छत्रपति शिवाजी सेवा संस्थान द्वारा शोभिया स्थित कावेरी कॉटेज सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में समाजसेवा और रक्तदान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले रक्तवीरों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कवियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। समारोह में लगभग 400 रक्तदाताओं को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, साथ ही रक्तदान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. विमल प्रसाद, विशिष्ट अतिथि प्रो. वीणा मिश्रा, शेखेदौरा के प्रमुख अरविंद कुमार, संस्थान के अध्यक्ष कैलाश विश्वकर्मा, सचिव जितेंद्र प्रताप जीतू और कार्यक्रम प्रमुख नितेश कपूर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संस्थान के अध्यक्ष कैलाश विश्वकर्मा ने संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और समाजसेवा व रक्तदान के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया। मुख्य अतिथि डॉ. विमल प्रसाद ने संस्थान के मानवीय कार्यों की सराहना करते हुए रक्तदान को सबसे बड़ा मानव सेवा कार्य बताया। संस्थान के सचिव और प्रख्यात रक्तदाता जितेंद्र प्रताप जीतू ने जानकारी दी कि वे स्वयं 75 बार रक्तदान कर चुके हैं और उनके प्रयासों से नवादा में रक्तवीरों की एक मजबूत टीम बनी है। उन्होंने यह भी बताया कि नवादा अब रक्तदान के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुका है, और संस्थान देशभर के जरूरतमंदों के लिए रक्त उपलब्ध करा रहा है। सम्मानित किए गए रक्तदाताओं में विशेष रूप से अजय कुमार को 53 बार और आदित्य कुमार को 38 बार रक्तदान करने के लिए "रक्तवीर सम्मान" से नवाजा गया। रक्तवीरों के अलावा, कवियों, समाजसेवियों, तथा गायत्री परिवार, संघ परिवार, पतंजलि योग समिति, इन्हीलर क्लब, नूतन उन्नति फाउंडेशन सहित कई सामाजिक संस्थाओं को भी उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मंच का संचालन उत्पल भारद्वाज और कवि ओंकार शर्मा कश्यप ने किया, जहाँ प्रारंभ में उत्पल भारद्वाज ने गणेश वंदना और सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, और हिसुआ के कवि उदय भारती ने अपनी काव्य प्रस्तुति से समां बांध दिया। इस अवसर पर सत्येंद्र सिंह, साकेत रावत, प्रतीक कुमार, कौशल यादव, गौतम कुमार, सरगम, श्याम सुंदर कुमार, रमेश खन्ना, जितेंद्र कुमार गणपति, जेपी सेनानी जयनारायण जी, प्रियंका बरनवाल, रेशमी देवी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसमें समाजसेवा और रक्तदान के प्रति निरंतर समर्पण का भाव दिखा।
नवादा में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर छत्रपति शिवाजी सेवा संस्थान द्वारा शोभिया स्थित कावेरी कॉटेज सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में समाजसेवा और रक्तदान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले रक्तवीरों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कवियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। समारोह में लगभग 400 रक्तदाताओं को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, साथ ही रक्तदान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. विमल प्रसाद, विशिष्ट अतिथि प्रो. वीणा मिश्रा, शेखेदौरा के प्रमुख अरविंद कुमार, संस्थान के अध्यक्ष कैलाश विश्वकर्मा, सचिव जितेंद्र प्रताप जीतू और कार्यक्रम प्रमुख नितेश कपूर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संस्थान के अध्यक्ष कैलाश विश्वकर्मा ने संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और समाजसेवा व रक्तदान के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया। मुख्य अतिथि डॉ. विमल प्रसाद ने संस्थान के मानवीय कार्यों की सराहना करते हुए रक्तदान को सबसे बड़ा मानव सेवा कार्य बताया। संस्थान के सचिव और प्रख्यात रक्तदाता जितेंद्र प्रताप जीतू ने जानकारी दी कि वे स्वयं 75 बार रक्तदान कर चुके हैं और उनके प्रयासों से नवादा
में रक्तवीरों की एक मजबूत टीम बनी है। उन्होंने यह भी बताया कि नवादा अब रक्तदान के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुका है, और संस्थान देशभर के जरूरतमंदों के लिए रक्त उपलब्ध करा रहा है। सम्मानित किए गए रक्तदाताओं में विशेष रूप से अजय कुमार को 53 बार और आदित्य कुमार को 38 बार रक्तदान करने के लिए "रक्तवीर सम्मान" से नवाजा गया। रक्तवीरों के अलावा, कवियों, समाजसेवियों, तथा गायत्री परिवार, संघ परिवार, पतंजलि योग समिति, इन्हीलर क्लब, नूतन उन्नति फाउंडेशन सहित कई सामाजिक संस्थाओं को भी उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मंच का संचालन उत्पल भारद्वाज और कवि ओंकार शर्मा कश्यप ने किया, जहाँ प्रारंभ में उत्पल भारद्वाज ने गणेश वंदना और सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, और हिसुआ के कवि उदय भारती ने अपनी काव्य प्रस्तुति से समां बांध दिया। इस अवसर पर सत्येंद्र सिंह, साकेत रावत, प्रतीक कुमार, कौशल यादव, गौतम कुमार, सरगम, श्याम सुंदर कुमार, रमेश खन्ना, जितेंद्र कुमार गणपति, जेपी सेनानी जयनारायण जी, प्रियंका बरनवाल, रेशमी देवी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसमें समाजसेवा और रक्तदान के प्रति निरंतर समर्पण का भाव दिखा।
- नवादा जिला परिषद की सदस्य पुष्पा देवी ने रोगी कल्याण समिति के सदस्यों के साथ मिलकर सदर अस्पताल का निरीक्षण किया। वे सदर अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंची थीं, जिसके बाद उन्होंने आवश्यक निर्देश भी दिए।1
- रात्रि भ्रमण के दौरान वारिसलीगंज रेलवे प्लेटफॉर्म पर एक व्यक्ति से मुलाकात हुई, जिसने अपना नाम संतोष मांझी बताया। बातचीत से पता चला कि संतोष मांझी के दो बच्चे हैं, उनकी पत्नी का 10 साल पहले निधन हो चुका है, और घर में उनका ध्यान रखने वाला कोई नहीं है। वे घूम-घूम कर मांगकर अपना गुजारा करते हैं। इस मुलाकात के दौरान, पुलिस ने संतोष मांझी से पूछा कि ₹500 मिलने पर वे कितने दिन घर पर आराम कर पाएंगे, जिसके जवाब में उन्होंने 10 दिन का समय बताया। इस पर, पुलिस ने उन्हें ₹500 दिए और निर्देश दिया कि वे 10 दिन तक घर पर आराम करें। साथ ही, उनसे कहा गया कि 10 दिन बाद वे थाना आएं, जहाँ उन्हें राशन उपलब्ध कराया जाएगा ताकि उन्हें मांगने की आवश्यकता न पड़े और वे आराम से घर में रह सकें। इस बातचीत के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि बच्चों को अपने बुजुर्गों और अभिभावकों को प्यार देना चाहिए।1
- भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश में 'सत्ता परिवर्तन यात्रा' की शुरुआत की है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना, शिक्षा तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ाना, संविधान की रक्षा करना और वंचित वर्गों के अधिकारों की आवाज को सशक्त करना है। यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों में जनसभाओं और संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। चंद्रशेखर आजाद ने स्पष्ट किया है कि यह यात्रा प्रदेश में बदलाव, समानता और जनहित की राजनीति को मजबूत करने के लिए समर्पित है।1
- अलीगंज मानपुर की सड़क पर हल्की बारिश के बाद जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस रास्ते से कई गाँवों के लोग बाजार, दैनिक मजदूरी के लिए आते-जाते हैं, और छात्र-छात्राएँ हाई स्कूल व मिडिल स्कूल जाने के लिए भी इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले की समुचित सफाई न होने और जल निकासी की कमजोर व्यवस्था के कारण थोड़ी सी बारिश में ही सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं। जलजमाव से दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है, वहीं पैदल चलने वालों को भी काफी कठिनाई होती है। मोहल्लेवासी रोहित कुमार, श्रवण कुमार, राजू कुमार, मोहित कुमार, मो मिस्टर और विकास ने बताया कि लंबे समय से इस समस्या की शिकायत की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। सड़क पर जमा गंदा पानी मच्छरों के पनपने और संक्रामक बीमारियों के बढ़ने का कारण बन रहा है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने तथा सड़क से पानी हटाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस गंभीर समस्या पर स्थानीय जन प्रतिनिधि और प्रशासन मौन हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।3
- आम जनता पार्टी इंडिया के राष्ट्रीय सचिव और संविधान रक्षक सम्राट रंजीत चौधरी ने भ्रष्ट सरकार के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करते हुए उसे 'मुर्दाबाद' कहा है।1
- सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट में वर्षों पुराने प्यार और दोस्ती का भावुक इज़हार किया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि यह उनका बरसों पुराना प्यार है और इस दोस्ती के सलामत रहने की कामना की गई है।1
- आम जनता पार्टी इंडिया के राष्ट्रीय सचिव और संविधान रक्षक सम्राट रंजीत चौधरी ने बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर एक तीखा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि पूरे बिहार राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है। इस मामले में अधिक जानकारी के लिए 9204860331 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- इस पोस्ट में भगवान शिव की जय-जयकार की गई है, उन्हें 'भोला भंडारी' कहकर संबोधित किया गया है। पोस्ट में उनकी लीलाओं को अपरम पार और असीमित बताया गया है, जो उनकी महिमा और दिव्य स्वरूप का गुणगान करती है।1
- बिहारशरीफ नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के चुनाव में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परिवर्तन देखने को मिला है। सात सदस्यीय इस समिति के चुनाव में एक खेमे ने 6 सीटों पर प्रभावशाली जीत दर्ज की, जिससे नगर निगम में उसकी मजबूत पकड़ स्थापित हो गई। इसके विपरीत, मेयर समर्थित गुट को केवल एक सीट से ही संतोष करना पड़ा, जो एक बड़े उलटफेर का संकेत है। चुनाव संपन्न होने के बाद, सभी विजयी सदस्यों को शपथ दिलाई गई। इस नई समिति के गठन के साथ ही नगर निगम में शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव आया है, और अब विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, बजट आवंटन तथा अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं। इन चुनाव परिणामों के बाद, निगम की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, जो इस निर्णायक परिणाम के दूरगामी प्रभावों को दर्शाता है।1