बंधुगाँव ब्लॉक सदर पंचायत के बंधुगाँव गाँव में श्री इदलमा की नौ दिवसीय "घंट यात्रा" बुधवार सुबह संपन्न हो गई। यह यात्रा 8 जून, 2026 को शुरू हुई थी, जिसमें देवी को अस्थायी मंदिर में लाया गया था, जहाँ गाँव के लोगों ने नौ दिनों तक उनकी पूजा की। युवा पूजा समिति ने मंदिर को सुंदर रोशनी और झालरों से सजाया था, जिससे भक्तगण भक्तिपूर्ण माहौल में श्री इदलमा के दर्शन कर सके। गाँव के मानी साही, मेन रोड, कंडा साही, मेलका साही, आदिवासी साही, रैली साही, भतरा साही, मंकड़ पतना साही, रैली साही रास्ता पार्श्व साही और हरिजन साही सहित सभी मोहल्लों के हर घर में श्री इदलमा की "घंट हांडी" पहुंची, जहाँ लोगों ने धूप-दीप जलाकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस "घंट यात्रा" को देखने के लिए आस-पास के इलाकों से भी सैकड़ों दर्शक प्रतिदिन आते थे। रविवार, सोमवार और मंगलवार को दिन के समय लोगों के मनोरंजन के लिए विभिन्न वेशभूषा में नृत्य-गीत प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। मंगलवार को "देशिया नाट" का भी आयोजन किया गया। बंधुगाँव ब्लॉक में यह अंतिम यात्रा होने के कारण आस-पास के इलाकों से भारी भीड़ उमड़ी थी। पूजा समिति के प्रमुख सदस्यों में डी. एंकटी, एन. अनाजी, वी. सागर, बसंत शुंडी, एन. संतोष, एन. प्रसाद, श्रीनू पटनायक, संतोष दास, वी. संतोष, गोपाल बेबरा, बेबरा शुंडा, गेंबली राम प्रसाद और काशी प्रसाद शामिल थे। इन प्रमुख युवाओं ने शांति और व्यवस्था बनाए रखते हुए "घंट यात्रा" का सफल संचालन किया। जन प्रतिनिधियों और कुछ विशिष्ट व्यक्तियों को भी निमंत्रित कर श्री इदलमा के दर्शन करवाए गए। भक्तिपूर्ण वातावरण के बीच बुधवार सुबह देवी को अस्थायी मंदिर से स्थायी स्थान पर वापस ले जाने के साथ ही यह "घंट यात्रा" संपन्न हुई।
बंधुगाँव ब्लॉक सदर पंचायत के बंधुगाँव गाँव में श्री इदलमा की नौ दिवसीय "घंट यात्रा" बुधवार सुबह संपन्न हो गई। यह यात्रा 8 जून, 2026 को शुरू हुई थी, जिसमें देवी को अस्थायी मंदिर में लाया गया था, जहाँ गाँव के लोगों ने नौ दिनों तक उनकी पूजा की। युवा पूजा समिति ने मंदिर को सुंदर रोशनी और झालरों से सजाया था, जिससे भक्तगण भक्तिपूर्ण माहौल में श्री इदलमा के दर्शन कर सके। गाँव के मानी साही, मेन रोड, कंडा साही, मेलका साही, आदिवासी साही, रैली साही, भतरा साही, मंकड़ पतना साही, रैली साही रास्ता पार्श्व साही और हरिजन साही सहित सभी मोहल्लों के हर घर में श्री इदलमा की "घंट हांडी" पहुंची, जहाँ लोगों ने धूप-दीप जलाकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस "घंट यात्रा" को देखने के लिए आस-पास के इलाकों से भी सैकड़ों दर्शक प्रतिदिन आते थे। रविवार, सोमवार और मंगलवार को दिन के समय लोगों के मनोरंजन के लिए विभिन्न वेशभूषा में नृत्य-गीत प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। मंगलवार को "देशिया नाट" का भी आयोजन किया गया। बंधुगाँव ब्लॉक में यह अंतिम यात्रा होने के कारण आस-पास के इलाकों से भारी भीड़ उमड़ी थी। पूजा समिति के प्रमुख सदस्यों में डी. एंकटी, एन. अनाजी, वी. सागर, बसंत शुंडी, एन. संतोष, एन. प्रसाद, श्रीनू पटनायक, संतोष दास, वी. संतोष, गोपाल बेबरा, बेबरा शुंडा, गेंबली राम प्रसाद और काशी प्रसाद शामिल थे। इन प्रमुख युवाओं ने शांति और व्यवस्था बनाए रखते हुए "घंट यात्रा" का सफल संचालन किया। जन प्रतिनिधियों और कुछ विशिष्ट व्यक्तियों को भी निमंत्रित कर श्री इदलमा के दर्शन करवाए गए। भक्तिपूर्ण वातावरण के बीच बुधवार सुबह देवी को अस्थायी मंदिर से स्थायी स्थान पर वापस ले जाने के साथ ही यह "घंट यात्रा" संपन्न हुई।
- भारतीय जनता पार्टी के नेता सम्राट चौधरी ने अपराधियों को कड़ी और स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने अपराधियों को साफ शब्दों में कहा है कि उनके पास केवल दो ही विकल्प हैं — या तो वे बिहार छोड़कर चले जाएं या फिर श्मशान जाने के लिए तैयार रहें। यह बयान अपराधियों के प्रति उनकी सख्त नीति को दर्शाता है।1
- दिल्ली जल बोर्ड के नव नियुक्त उपाध्यक्ष चुने गए श्री सतीश उपाध्याय के लिए एक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर बोर्ड के सदस्यों ने उनका अभिनंदन किया।1
- आलम मलिक ने अपने सोशल मीडिया चैनलों, जिनमें यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक शामिल हैं, को फॉलो करने का अनुरोध किया है।1
- पंजाब की राजनीति में सोमवार (15 जून) को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला जब श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को एक कथित आपत्तिजनक वायरल वीडियो के मामले में "गुरु का दोषी और पंथ विरोधी" घोषित कर दिया। इसके साथ ही, अकाल तख्त ने सिख समुदाय से मुख्यमंत्री के सामाजिक बहिष्कार की अपील भी की है। अकाल तख्त के इस फैसले के बाद कांग्रेस और बीजेपी ने भगवंत मान से तत्काल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग कर दी है। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान की एक कथित आपत्तिजनक वीडियो अकाल तख्त साहिब को ईमेल के माध्यम से भेजी गई थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री को तलब किया था, जिसके बाद भगवंत मान 14 जनवरी को अकाल तख्त सचिवालय में पेश हुए थे। उस दौरान मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि वायरल वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार की गई है और इसकी जांच किसी भी फॉरेंसिक लैब से करवाई जा सकती है। इसके बाद अकाल तख्त ने वीडियो को दो अलग-अलग फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा था। इस संबंध में सोमवार को अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में पांच सिंह साहिबानों की एक बैठक हुई। बैठक के उपरांत, अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने अपना फैसला सुनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान को "गुरु के दोषी" और "पंथ विरोधी" करार दिया।1
- बदायूं के उझानी कोतवाली क्षेत्र में मथुरा-बरेली नेशनल हाइवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में ई-रिक्शा में सवार छह महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जो शादी का शगुन देने जा रही थीं। हादसे में कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।1
- थाना मुरादनगर की पुलिस टीम ने एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान लूट की घटना को अंजाम देने वाले एक अभियुक्त को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से एक अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन, एक ऑटो रिक्शा और 700 रुपये नकद बरामद किए हैं।1
- Post by BHARAT TODAY NEWS1
- भक्तों को भगवान से एक अद्भुत और अपूर्व मिलन का बेसब्री से इंतजार है। इस पावन मिलन के लिए अब सिर्फ 29 दिन की प्रतीक्षा शेष है।1
- लखनऊ में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहाँ एक फर्जी आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी तब हुई जब आरोपी ने ₹40 का बन-मक्खन खाया और पैसे देने से इनकार करते हुए, दुकानदार से उसे सैल्यूट करने को कहा। दुकानदार ने इसकी शिकायत पुलिस से की। महानगर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान मड़ियांव के भरतनगर निवासी मिथलेश शुक्ला के रूप में हुई है। थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ करने पर मिथलेश ने रोते हुए अपना जुर्म कबूल कर लिया। जाँच में पता चला कि वह कोई अधिकारी नहीं बल्कि नोएडा में सैमसंग कंपनी में अकाउंटेंट है। लगभग दो साल पहले उसने इलेक्ट्रॉनिक्स का शोरूम चलाया था, जिसमें घाटा होने के बाद वह बंद कर चुका था और उसने निजी नौकरी कर ली थी। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह इससे पहले लखनऊ में दो बार आईपीएस बनकर दुकानदारों पर रौब झाड़ चुका है और बिना पैसे दिए सामान हड़प चुका है। महानगर पुलिस ने मिथलेश शुक्ला के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है। महज ₹40 बचाने के चक्कर में 'फर्जी साहब' का यह रूतबा अब जेल की हवा खा रहा है।1