इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र में गहराते जल संकट को लेकर सोमवार शाम रहवासियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा, जिसके चलते उन्होंने मानवता नगर चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। वार्ड 76 की पार्षद सीमा सोलंकी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर खाली मटके लेकर शामिल हुईं और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पेयजल संकट को लेकर लोगों ने सड़क पर बैठकर अपना विरोध जताया, जिससे यातायात थम गया। प्रदर्शनकारियों और पार्षद सीमा सोलंकी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उनका कहना था कि कई कॉलोनियों में न तो नियमित जल सप्लाई हो रही है और न ही पर्याप्त टैंकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोलंकी ने यह भी बताया कि वार्ड का क्षेत्रफल काफी बड़ा है और कई क्षेत्रों में नर्मदा जल योजना की पाइपलाइन अभी तक नहीं पहुंची है। जहाँ पाइपलाइन है, वहाँ भी नियमित जलापूर्ति नहीं होती, जबकि कई बोरवेल की मोटरें खराब पड़ी हैं और उनके सुधार में देरी हो रही है। इस प्रदर्शन में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी भी शामिल हुए, जिन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीरता न दिखाने का आरोप लगाया। रहवासियों की मुख्य मांग थी कि क्षेत्र में तत्काल अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध कराए जाएँ। पार्षद के अनुसार, नगर निगम से 12 टैंकरों की मांग की गई थी, लेकिन अब तक केवल दो टैंकर ही मिले हैं। इनमें से एक बड़ा टैंकर होने के कारण कई संकरी गलियों तक पहुँच ही नहीं पाता। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर निगम के जोनल अधिकारी धीरेन्द्र बायस मौके पर पहुँचे और जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात सामान्य हो सका। हालांकि, नगर निगम ने पानी की समस्या के समाधान का भरोसा तो दिया है, लेकिन सवाल यह है कि भीषण गर्मी में जल संकट से जूझ रहे इन रहवासियों को आखिर कब तक राहत मिल पाएगी?
इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र में गहराते जल संकट को लेकर सोमवार शाम रहवासियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा, जिसके चलते उन्होंने मानवता नगर चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। वार्ड 76 की पार्षद सीमा सोलंकी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर खाली मटके लेकर शामिल हुईं और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पेयजल संकट को लेकर लोगों ने सड़क पर बैठकर अपना विरोध जताया, जिससे यातायात थम गया। प्रदर्शनकारियों और पार्षद सीमा सोलंकी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उनका कहना था कि कई कॉलोनियों में न तो नियमित जल सप्लाई हो रही है और न ही पर्याप्त टैंकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोलंकी ने यह भी बताया कि वार्ड का क्षेत्रफल काफी बड़ा है और कई क्षेत्रों में नर्मदा जल योजना की पाइपलाइन अभी तक नहीं पहुंची है। जहाँ पाइपलाइन है, वहाँ भी नियमित जलापूर्ति नहीं होती, जबकि कई बोरवेल की मोटरें खराब पड़ी हैं और उनके सुधार में देरी हो रही है। इस प्रदर्शन में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी भी शामिल हुए, जिन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीरता न दिखाने का आरोप लगाया। रहवासियों की मुख्य मांग थी कि क्षेत्र में तत्काल अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध कराए जाएँ। पार्षद के अनुसार, नगर निगम से 12 टैंकरों की मांग की गई थी, लेकिन अब तक केवल दो टैंकर ही मिले हैं। इनमें से एक बड़ा टैंकर होने के कारण कई संकरी गलियों तक पहुँच ही नहीं पाता। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर निगम के जोनल अधिकारी धीरेन्द्र बायस मौके पर पहुँचे और जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात सामान्य हो सका। हालांकि, नगर निगम ने पानी की समस्या के समाधान का भरोसा तो दिया है, लेकिन सवाल यह है कि भीषण गर्मी में जल संकट से जूझ रहे इन रहवासियों को आखिर कब तक राहत मिल पाएगी?
- इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र में गहराते जल संकट को लेकर सोमवार शाम रहवासियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा, जिसके चलते उन्होंने मानवता नगर चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। वार्ड 76 की पार्षद सीमा सोलंकी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर खाली मटके लेकर शामिल हुईं और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पेयजल संकट को लेकर लोगों ने सड़क पर बैठकर अपना विरोध जताया, जिससे यातायात थम गया। प्रदर्शनकारियों और पार्षद सीमा सोलंकी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उनका कहना था कि कई कॉलोनियों में न तो नियमित जल सप्लाई हो रही है और न ही पर्याप्त टैंकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोलंकी ने यह भी बताया कि वार्ड का क्षेत्रफल काफी बड़ा है और कई क्षेत्रों में नर्मदा जल योजना की पाइपलाइन अभी तक नहीं पहुंची है। जहाँ पाइपलाइन है, वहाँ भी नियमित जलापूर्ति नहीं होती, जबकि कई बोरवेल की मोटरें खराब पड़ी हैं और उनके सुधार में देरी हो रही है। इस प्रदर्शन में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी भी शामिल हुए, जिन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीरता न दिखाने का आरोप लगाया। रहवासियों की मुख्य मांग थी कि क्षेत्र में तत्काल अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध कराए जाएँ। पार्षद के अनुसार, नगर निगम से 12 टैंकरों की मांग की गई थी, लेकिन अब तक केवल दो टैंकर ही मिले हैं। इनमें से एक बड़ा टैंकर होने के कारण कई संकरी गलियों तक पहुँच ही नहीं पाता। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर निगम के जोनल अधिकारी धीरेन्द्र बायस मौके पर पहुँचे और जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात सामान्य हो सका। हालांकि, नगर निगम ने पानी की समस्या के समाधान का भरोसा तो दिया है, लेकिन सवाल यह है कि भीषण गर्मी में जल संकट से जूझ रहे इन रहवासियों को आखिर कब तक राहत मिल पाएगी?1
- इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र स्थित एक कैफे में युवतियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि चार से अधिक युवतियां चाय पीने के लिए कैफे में एकत्रित हुई थीं, लेकिन इस दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया और सभी युवतियां आपस में भिड़ गईं, जिससे वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में युवतियों के बीच सामान्य बहस हो रही थी, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। कैफे में मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें समझाने और शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति बिगड़ती चली गई, जिसके कारण कुछ समय के लिए कैफे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलने पर एमआईजी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने युवतियों से पूछताछ कर घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विवाद का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। शिकायत मिलने के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान ले रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। एमआईजी थाना पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- फिरोजाबाद के शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में शनिवार दोपहर दो बजे एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ रिश्ते के चाचा ने डेढ़ वर्षीय मासूम आरव की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी विराज, मासूम आरव को टॉफी दिलाने के बहाने घर से ले गया और फिर लगभग पचास मीटर दूर एक सुनसान गली में उसे जमीन पर आठ बार पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया। इस जघन्य वारदात का पूरा खौफनाक मंजर पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। जानकारी के अनुसार, आरव की माँ रति का अपने पति सुमित से विवाद चल रहा था, जिसके चलते वह कुछ माह से अपने डेढ़ वर्षीय बेटे आरव के साथ मायके अरांव के बामई गाँव में रहकर एक स्कूल में पढ़ा रही थी। बताया जा रहा है कि आरोपी विराज, जो बदायूं के शेखूपुर का रहने वाला है, रति पर शादी करने का दबाव बना रहा था। घटना के दिन, रति अपनी माँ पिंकी के साथ बेटे आरव को लेकर अपनी सहेली पुष्पलता के घर यादव कॉलोनी आई थीं, जहाँ विराज पहुँचा था। मासूम की हत्या करने के बाद, आरोपी उसके शव को उठाकर ले गया और गली में फेंककर फरार हो गया। पुलिस अब आरोपी विराज की तलाश में जुट गई है।1
- इंदौर में एक पीड़ित महिला ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय न मिलने के बाद माननीय न्यायाधीश सीनियर जज विक्रम सिंह डावर जी की अदालत में निजी परिवाद दायर किया है। यह परिवाद श्रेणी कोड नंबर 15 बंटा एक के तहत दर्ज किया गया है। उल्लेखनीय है कि यह मामला 27 नवंबर 2025 की एक घटना से संबंधित है, जिसमें आरोपी घनश्याम पिता गुलाबचंद दर्जी के खिलाफ थाना बाणगंगा में कई शिकायतें की गई थीं। इन शिकायतों के बावजूद आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई। महिला ने अपनी शिकायत इंदौर कमिश्नर और इंदौर कलेक्टर को भी लिखित में दी थी, लेकिन उसे वहां से भी कोई इंसाफ नहीं मिल पाया। लंबे इंतजार और प्रशासनिक निष्क्रियता से थक-हारकर, महिला ने हाई कोर्ट वकील ईश्वर लाल चौहान के माध्यम से यह निजी परिवाद लगाया है। इस मामले की अगली सुनवाई आगामी महीने की 27 तारीख को निर्धारित की गई है।1
- इंदौर क्राइम ब्रांच ने नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों तस्कर इंदौर की बस्तियों में युवकों को नशा सप्लाई करने की फिराक में थे। पुलिस ने स्कीम नंबर-134 खजराना स्थित फरीदा बाग कब्रिस्तान के पास से इन्हें पकड़ा। इनके कब्जे से करीब 3 लाख रुपये कीमत की 30.02 ग्राम एमडी ड्रग्स और दो मोबाइल फोन सहित कुल लगभग 4 लाख रुपये का माल जब्त किया गया है। क्राइम ब्रांच टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि फरीदा बाग कब्रिस्तान के पास पानी की टंकी के नजदीक दो संदिग्ध युवक अवैध मादक पदार्थ के साथ मौजूद हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए टीम ने घेराबंदी की और पुलिस को देखकर घबराए दोनों युवकों को रोककर पूछताछ की। इनकी पहचान देवास निवासी सरफराज उर्फ शब्बु और अमन उर्फ सलमान के रूप में हुई। तलाशी के दौरान सरफराज के पास से 15.10 ग्राम और अमन के पास से 14.92 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई, जिसे वे इंदौर में ग्राहकों की तलाश में लेकर घूम रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। डीसीपी क्राइम ब्रांच इंदौर राजेश त्रिपाठी ने बताया कि क्राइम ब्रांच का यह एक बड़ा एक्शन है। पुलिस अब इन आरोपियों से ड्रग्स के स्रोत, उनकी सप्लाई चेन और इंदौर में सक्रिय अन्य खरीदारों व नेटवर्क के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।1
- इंदौर शहर के सागर जूस सेंटर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक ग्राहक को दिए गए जूस के गिलास में लोहे का एक टुकड़ा मिला। इस अप्रत्याशित खोज से ग्राहक हैरान रह गया और उसने तुरंत दुकानदार से शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, आरोप है कि शिकायत के बावजूद दुकानदार ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उसने कथित तौर पर यह कहकर बात टालने की कोशिश की कि "कुछ नहीं होगा"। ग्राहक ने बताया कि इस पूरी घटना के दौरान दुकानदार की ओर से किसी भी प्रकार की सहानुभूति या जिम्मेदारी नहीं दिखाई गई। इस घटना के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इससे खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता और साफ-सफाई के मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आम जनता अब यह पूछ रही है कि आखिर लोगों की सेहत के साथ इस तरह का खिलवाड़ कब तक जारी रहेगा।1
- इंदौर में प्रशासन ने एक बार फिर भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन की 'माफिया मुक्त इंदौर' मुहिम के तहत मंगलवार को धार रोड स्थित बांक पंचायत के मुख्य मार्ग पर दशकों से फैले अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया गया। इस कार्रवाई में 50 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया गया। एसडीएम निधि वर्मा ने इस कार्रवाई का नेतृत्व किया। प्रशासन को लंबे समय से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम मल्हारगंज निधि वर्मा ने पूरे मामले की समीक्षा की और त्वरित एक्शन प्लान तैयार किया। इसके बाद राजस्व और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिसमें एसीपी शुभेन्द्रू जोशी और थाना प्रभारी तिलक करोले अपनी टीम के साथ मौजूद थे। तहसीलदार आहूजा ने मौके पर पूरी कार्रवाई की कमान संभाली और प्रशासन की सख्ती के चलते यह अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक मार्ग और शासकीय जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि, "सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम जनता के रास्तों को बाधित करने और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।" इस कार्रवाई से स्थानीय रहवासियों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि मुख्य मार्ग पर वर्षों से फैले अतिक्रमण के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा था। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए अधिकारियों का आभार जताया। फिलहाल, प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि इंदौर में भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और आने वाले दिनों में ऐसे और बड़े एक्शन देखने को मिल सकते हैं।1
- इंदौर में संपत्ति संबंधी अपराधों और वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे लगातार अभियान के तहत, खजराना थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक शातिर ऑटो रिक्शा चोर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए दो ऑटो रिक्शा भी विधिवत जब्त किए गए हैं। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अपने महंगे शौक और जरूरतों को पूरा करने के लिए रात के अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है, जिससे अन्य चोरी की वारदातों के खुलासे की भी उम्मीद है। शहर में बढ़ती चोरी की घटनाओं को देखते हुए, पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह ने संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के पालन में, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री मयंक अवस्थी और डीसीपी (जोन-02) श्री अमन सिंह राठौड़ के मार्गदर्शन में एक विशेष धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, डीसीपी श्री अमन सिंह राठौड़, एडिशनल डीसीपी श्री अमरेन्द्र सिंह और एसीपी श्री कुंदन मंडलोई के निर्देशन में खजराना थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज सिंह सेंधव के नेतृत्व में एक विस्तृत और प्रभावी कार्ययोजना तैयार की गई थी। पुलिस टीम की इसी मुस्तैदी और सटीक सूचना तंत्र के चलते इस शातिर चोर को गिरफ्तार करने और चोरी के वाहनों को बरामद करने में सफलता मिली है।1