बलौदाबाजार जिले में सोमवार, 22 जून 2026 से 'स्वच्छता चौपाल अभियान' का शुभारंभ किया गया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश और जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्या अग्रवाल के मार्गदर्शन में शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य प्रत्येक जनपद पंचायत क्षेत्र की प्रतिदिन पाँच ग्राम पंचायतों में स्वच्छता चौपालों का आयोजन कर ग्रामीणों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इन स्वच्छता चौपालों में ग्रामीणों के साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। कार्यक्रम के तहत घरों से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में छाँटने, उसे निर्धारित सेग्रीगेशन शेड तक पहुँचाने और फिर अलग-अलग पैक करके प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट, रिसाइकलर या कबाड़ी तक पहुँचाने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही, ग्रामीणों को खुले में किसी भी प्रकार की पॉलिथीन या प्लास्टिक सामग्री जलाने से होने वाले पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर दुष्प्रभावों से भी अवगत कराया जा रहा है। स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए यूजर चार्ज की आवश्यकता और उसके महत्व पर भी चौपालों में चर्चा हो रही है। अधिकारियों ने ग्राम स्तर पर जनसहभागिता बढ़ाने के उपायों पर जोर देते हुए ग्रामीणों से यह अपील की है कि वे स्वच्छता को केवल एक सरकारी अभियान न मानकर अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझें। उनसे गांव को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया गया है। अभियान में यह भी बताया गया है कि ठोस कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए अनिवार्य है, बल्कि यह गांवों में स्वच्छ वातावरण, बेहतर स्वास्थ्य और सतत विकास का मार्ग भी प्रशस्त करता है। स्वच्छता चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों में कचरा पृथक्करण, पुनर्चक्रण और अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति एक सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में शुरू हुए इस अभियान को 'स्वच्छ ग्राम, स्वस्थ ग्राम और आत्मनिर्भर ग्राम' की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ग्रामीणों ने भी इन चौपालों में उत्साहपूर्वक भाग लिया है और स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों का पालन करने का संकल्प लिया है।
बलौदाबाजार जिले में सोमवार, 22 जून 2026 से 'स्वच्छता चौपाल अभियान' का शुभारंभ किया गया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश और जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्या अग्रवाल के मार्गदर्शन में शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य प्रत्येक जनपद पंचायत क्षेत्र की प्रतिदिन पाँच ग्राम पंचायतों में स्वच्छता चौपालों का आयोजन कर ग्रामीणों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इन स्वच्छता चौपालों में ग्रामीणों के साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। कार्यक्रम के तहत घरों से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में छाँटने, उसे निर्धारित सेग्रीगेशन शेड तक पहुँचाने और फिर अलग-अलग पैक करके प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट, रिसाइकलर या कबाड़ी तक पहुँचाने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही, ग्रामीणों को खुले में किसी भी प्रकार की पॉलिथीन या प्लास्टिक सामग्री जलाने से होने वाले पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर दुष्प्रभावों से भी अवगत कराया जा रहा है। स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए यूजर चार्ज की आवश्यकता और उसके महत्व पर भी चौपालों में चर्चा हो रही है। अधिकारियों ने ग्राम स्तर पर जनसहभागिता बढ़ाने के उपायों पर जोर देते हुए ग्रामीणों से यह अपील की है कि वे स्वच्छता को केवल एक सरकारी अभियान न मानकर अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझें। उनसे गांव को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया गया है। अभियान में यह भी बताया गया है कि ठोस कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए अनिवार्य है, बल्कि यह गांवों में स्वच्छ वातावरण, बेहतर स्वास्थ्य और सतत विकास का मार्ग भी प्रशस्त करता है। स्वच्छता चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों में कचरा पृथक्करण, पुनर्चक्रण और अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति एक सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में शुरू हुए इस अभियान को 'स्वच्छ ग्राम, स्वस्थ ग्राम और आत्मनिर्भर ग्राम' की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ग्रामीणों ने भी इन चौपालों में उत्साहपूर्वक भाग लिया है और स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों का पालन करने का संकल्प लिया है।
- जन-जागरूकता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जिला पुलिस लगातार अभिनव प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में, पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देश पर पलारी थाना पुलिस ने सतनाम भवन, बालसमुंद रोड, पलारी में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम कराते बेल्ट ग्रेडिंग क्लास के दौरान रखा गया था, जिसमें बच्चों, युवाओं और उनके अभिभावकों को नए कानूनों और नशामुक्ति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान, कराते प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं को देश में लागू नए कानूनों की सरल और व्यावहारिक भाषा में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन कानूनों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाना और समाज में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना है, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर विशेष जोर दिया गया ताकि वे अपने अधिकारों और कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक हो सकें। इसके साथ ही, नशामुक्ति अभियान पर भी खास ध्यान दिया गया, जिसमें युवाओं और बच्चों को नशे के गंभीर परिणामों से अवगत कराया गया। पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है और यह अनेक अपराधों की जड़ भी बनता है। उपस्थित सभी बच्चों और नागरिकों से जीवनभर नशे से दूर रहने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए दूसरों को भी प्रेरित करने की अपील की गई। इस अवसर पर, पलारी थाना प्रभारी ने जोर देते हुए कहा कि आत्मरक्षा सीखना जितना आवश्यक है, उतना ही कानून की जानकारी होना भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि जब बच्चे अपने अधिकारों, कर्तव्यों और कानूनी प्रावधानों को समझेंगे, तभी वे जागरूक, जिम्मेदार और सुरक्षित नागरिक बन सकेंगे। थाना प्रभारी ने कराते प्रशिक्षण ले रहे बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें अनुशासन, आत्मविश्वास तथा सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में कराते क्लास के मुख्य प्रशिक्षक, बेल्ट ग्रेडिंग में शामिल बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक और पलारी थाना पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस सकारात्मक और जनहितैषी पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।1
- रायपुर जिला की ग्राम पंचायत बुंडेरा के सरपंच पर अपने पद का दुरुपयोग और गुंडागर्दी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्राम पंचायत बुंडेरा निवासी तोरण कुमार साहू, पिता शत्रुघ्न साहू ने खरोरा थाना, तहसील खरोरा, जिला रायपुर, छत्तीसगढ़ में आरोप लगाया है कि सरपंच द्वारा गुंडागर्दी करते हुए उनके घर और एक ब्रिक्स कंपनी पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है, जिसके लिए उनसे 10 लाख रुपये की मांग की जा रही है। तोरण कुमार साहू के अनुसार, पैसा न दिए जाने पर 14.06.2026 को सरपंच ने अपने भाई, पत्नी और अन्य साथियों के साथ मिलकर उनके घर के चारों तरफ बनी सुरक्षा बाउंड्री को तोड़ दिया, जिससे उन्हें और उनके परिवार को मानसिक एवं आर्थिक क्षति पहुंची है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए, उनकी ही जमीन पर श्रम दिवस मनाने और 'प्रधानमंत्री जी के 12 वर्ष पूर्ण होने का दिवस' मनाने के लिए रोजगार गारंटी योजना के लगभग 200 लोगों को बुलाया। इस दौरान, सरपंच और उनके साथियों ने उन्हें तथा उनके परिवार वालों को गाली-गलौज करते हुए घेरा छोड़ दिया, जबकि उन्हें सरपंच या तहसील कार्यालय से कोई नोटिस नहीं दिया गया था। तोरण कुमार साहू का आरोप है कि सरपंच द्वारा उन्हें बार-बार गाली-गलौज और मानसिक-आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खुद सरपंच कई जगहों पर बेजा कब्जा किए हुए हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती, जबकि गरीब परिवारों का भी बहुत शोषण किया जा रहा है। इस मामले में तोरण कुमार साहू ने एसडीम कार्यालय पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने सरपंच के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का भी कहना है कि सरपंच द्वारा किए गए अवैध कब्जों की भी निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।4
- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पलारी विकासखंड अंतर्गत ग्राम भरुवाडीह में गुरुवार को एक अनोखा घटनाक्रम सामने आया, जब जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे की कार सड़क पर डीजल खत्म होने के कारण बंद हो गई। आरोप है कि पास के एसएस पेट्रोल पंप से महज 500 मीटर की दूरी पर खड़ी होने के बावजूद, चालक को डिब्बे में 4 लीटर डीजल देने से मना कर दिया गया। पेट्रोल पंप प्रबंधन की मदद न मिलने से नाराज होकर, ग्रामीणों ने बैलों की मदद से कार को रस्सी से बांधकर पेट्रोल पंप तक खींचा। बैलों से खिंचती कार को देखकर मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए और देखते ही देखते यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। चालक के बार-बार निवेदन करने के बावजूद पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने डिब्बे में डीजल देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे ने पेट्रोल पंप प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम ग्रामीणों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास सीमित विकल्प होते हैं और ऐसी स्थिति में पेट्रोल पंपों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उपसरपंच फागू सेन सहित कई ग्रामीणों ने भी पेट्रोल पंप के रवैये पर नाराजगी जताई और पहले भी ऐसी कठिनाइयों का सामना करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार के पेट्रोल पंप पहुंचने के बाद वहां लगभग एक घंटे तक विवाद, बहस, नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा। आखिरकार, वाहन में डीजल डाला गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। रवि बंजारे ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत जिला कलेक्टर से करने की बात कही है और आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीणों के साथ आंदोलन करने की भी चेतावनी दी है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।2
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी में कांग्रेस पार्टी ने 7 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया।1
- आज ग्राम अल्दा और देवरी में प्रस्तावित आयरल फैक्ट्री के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तिल्दा थाने का घेराव कर एक विशाल रैली निकाली। इस रैली में क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए और फैक्ट्री की स्थापना से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों के समर्थन में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, बलौदाबाजार के वरिष्ठ कांग्रेस नेता व छाया विधायक शैलेश नितिन त्रिवेदी, और कवर्धा के किसान नेता तुकाराम चंद्रवंशी भी मौजूद रहे। इन नेताओं ने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि ग्राम अल्दा और देवरी में फैक्ट्री स्थापित करने के लिए कथित तौर पर फर्जी NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी किया गया है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि फर्जी NOC जारी करने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, साथ ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। रैली के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।2
- बिलासपुर जिले के परसदा में रविवार रात करीब 8:40 बजे एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। अंबिकापुर से स्टेशनरी का सामान छोड़कर रायपुर लौट रहा एक तेज रफ्तार आईसर 6 चक्का ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में जा पहुंचा। इस दौरान नीट की परीक्षा देकर लौट रहे परीक्षार्थी सामने से आ रहे थे, जिनकी जान बाल-बाल बची। अनियंत्रित ट्रक सड़क से उतर गया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे आसपास के लोगों ने देखा कि ड्राइवर, जो नशे में धुत था, भागने की फिराक में था। लोगों ने उसे पकड़कर डायल 112 पुलिस के हवाले कर दिया। ड्राइवर की पहचान हिर्री क्षेत्र के उड़ेला गोंडपारा निवासी 50 वर्षीय कमलेश ध्रुव के रूप में हुई है। चकरभाठा पुलिस को सूचना मिलने पर थाना प्रभारी भावेश शेंडे के निर्देश पर डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपित ड्राइवर को हिरासत में लेते हुए ट्रक को जब्त कर लिया है। मामले में आगे की कार्यवाही जारी है।1
- मुंगेली वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने 20 जून को पुलिस संवाद कक्ष में जिले की एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में एएसपी नवनीत कौर छाबड़ा सहित जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना-चौकी प्रभारी उपस्थित रहे। एसपी पटेल ने विशेष रूप से महिला एवं गुम बालिकाओं से जुड़े अपराधों, हत्या, हत्या का प्रयास, चोरी और नकबजनी जैसे गंभीर मामलों में तत्काल कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सभी लंबित मर्ग, शिकायतों और अन्य अपराधों को आगामी 15 दिनों के भीतर निपटाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया। बैठक के दौरान ऑपरेशन मुस्कान में तेजी लाने, बीट प्रणाली के माध्यम से स्मार्ट पुलिसिंग सुनिश्चित करने और साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए GRM-MRM पोर्टल का प्रभावी ढंग से उपयोग करने पर भी बल दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जिससे पुलिसिंग में गंभीरता और जवाबदेही बनी रहे।1
- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम उषाढ़ में शनिवार को दिनदहाड़े दो अज्ञात बदमाश कथित पुलिसकर्मी बनकर एक व्यवसायी गिरीश यादव का पिस्तौल की नोक पर अपहरण कर फरार हो गए। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे, किराना, छड़-सीमेंट तथा आटा चक्की का व्यवसाय करने वाले गिरीश यादव अपने घर के गलियारे में विश्राम कर रहे थे, जबकि उनका पुत्र पंकज यादव दुकान संभाल रहा था। इसी दौरान नीले रंग की कार में सवार दो व्यक्ति दुकान पर पहुंचे, जिन्होंने पहले सिगरेट और पानी खरीदा और गिरीश यादव के बारे में पूछताछ की। जैसे ही पंकज अपने पिता को बुलाने भीतर गया, दोनों आरोपी जबरन घर में घुस गए। परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने गिरीश यादव को स्टील रंग की पिस्तौल दिखाते हुए स्वयं को पुलिसकर्मी बताया और साथ चलने को कहा। विरोध करने पर उन्हें पैर में गोली मारने की धमकी दी गई, जिसके बाद बदमाश उन्हें जबरन अपनी कार में बैठाकर बरौर बस्ती की दिशा में ले गए। परिवार के सदस्यों के शोर मचाने के बावजूद आरोपी तेज रफ्तार से वाहन लेकर भाग निकले। पंकज यादव ने पुलिस को वाहन के नंबर का आंशिक हिस्सा "OD 8552" देखा होने की जानकारी दी है। इस घटना का पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है, जिसमें दो संदिग्ध व्यक्तियों को व्यापारी को जबरन वाहन तक ले जाते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है। व्यापारी की पत्नी के मुंहबोले भाई मनीष जायसवाल ने बरौर क्षेत्र में संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास भी किया था, लेकिन आरोपी वाहन लेकर मरवाही की ओर भाग निकले। व्यापारी की पत्नी दुर्गा यादव की शिकायत पर मरवाही थाने में मामला दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट होने के बाद कि ले जाने वाले व्यक्ति वास्तविक पुलिसकर्मी नहीं थे, पुलिस ने अपहरण, धमकी और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच तेज कर दी है। एडिशनल एसपी अविनाश मिश्रा ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 3(5), 333, 351(3) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है, जिसके लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। गौरतलब है कि लगभग 25 दिन पहले ही जिले में एक सर्राफा व्यापारी की हत्या की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। लगातार हो रही इन गंभीर वारदातों ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। अपराधियों द्वारा पुलिस का भेष धारण कर दिनदहाड़े अपहरण जैसी घटना को अंजाम दिए जाने से व्यापारियों और आम नागरिकों में गहरी चिंता व्याप्त है। अब पूरे जिले की निगाहें पुलिस कार्रवाई और अपहृत व्यापारी की सुरक्षित बरामदगी पर टिकी हुई हैं।1