मऊ जिले की मधुबन नगर पंचायत में सफाई कर्मियों की भर्ती और उनके वेतन भुगतान में बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है। नगर पंचायत के सभासद अखिलेश राज, नीलेश राजरत्नम और राजकुमार राजभर ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष आरती मल्ल और अधिशासी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सभासदों का दावा है कि अध्यक्ष और ईओ की मिलीभगत से सफाई कर्मियों के असली नामों के स्थान पर उनके परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज करके करीब 60 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है। साथ ही, सुग्गीचौरी रोड पर नाले के निर्माण कार्य में भी मानकों की अनदेखी करने की बात कही गई है। इस शिकायत के बाद शासन के निर्देश पर गुरुवार को अपर नगर आयुक्त प्रमोद पाण्डेय के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम मधुबन पहुंची, जिसमें लेखा, स्थापना और अभियंत्रण विभाग के अधिकारी शामिल थे। टीम ने नगर पंचायत कार्यालय के विभिन्न अभिलेखों, उपस्थिति पंजिकाओं, बैंक खातों और जॉब कार्ड की गहन जांच की। जांच के दौरान कई सफाई कर्मी मौके पर उपस्थित नहीं मिले, जबकि उनके स्थान पर अन्य लोग काम करते पाए गए। अपर नगर आयुक्त प्रमोद पाण्डेय ने इसे गंभीर अनियमितता बताया है। जांच टीम ने संदिग्ध कर्मियों के बयान दर्ज करने के साथ ही लेखा लिपिक, सुपरवाइजर और संबंधित बाबुओं से पूछताछ की है और वेतन भुगतान से जुड़ी सभी फाइलें अपने कब्जे में ले ली हैं।
मऊ जिले की मधुबन नगर पंचायत में सफाई कर्मियों की भर्ती और उनके वेतन भुगतान में बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है। नगर पंचायत के सभासद अखिलेश राज, नीलेश राजरत्नम और राजकुमार राजभर ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष आरती मल्ल और अधिशासी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सभासदों का दावा है कि अध्यक्ष और ईओ की मिलीभगत से सफाई कर्मियों के असली नामों के स्थान पर उनके परिवार
के सदस्यों के नाम दर्ज करके करीब 60 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है। साथ ही, सुग्गीचौरी रोड पर नाले के निर्माण कार्य में भी मानकों की अनदेखी करने की बात कही गई है। इस शिकायत के बाद शासन के निर्देश पर गुरुवार को अपर नगर आयुक्त प्रमोद पाण्डेय के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम मधुबन पहुंची, जिसमें लेखा, स्थापना और अभियंत्रण विभाग के अधिकारी शामिल थे। टीम ने नगर पंचायत कार्यालय के विभिन्न अभिलेखों, उपस्थिति पंजिकाओं,
बैंक खातों और जॉब कार्ड की गहन जांच की। जांच के दौरान कई सफाई कर्मी मौके पर उपस्थित नहीं मिले, जबकि उनके स्थान पर अन्य लोग काम करते पाए गए। अपर नगर आयुक्त प्रमोद पाण्डेय ने इसे गंभीर अनियमितता बताया है। जांच टीम ने संदिग्ध कर्मियों के बयान दर्ज करने के साथ ही लेखा लिपिक, सुपरवाइजर और संबंधित बाबुओं से पूछताछ की है और वेतन भुगतान से जुड़ी सभी फाइलें अपने कब्जे में ले ली हैं।
- सुप्रिया श्रीनेत ने राम मंदिर में मिले चढ़ावे को लेकर भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस मामले में भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की है।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में घोसी तहसील क्षेत्र से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहाँ एक मां और बेटी ने अपनी बहू पर जमीन की गलत तरीके से रजिस्ट्री कराने का गंभीर आरोप लगाया है। अपनी शिकायत लेकर दोनों महिलाएं जिलाधिकारी के दरबार में पहुंचीं और न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित महिलाओं ने बहू पर धोखाधड़ी कर जमीन हथियाने का आरोप मढ़ा है। उन्होंने जिलाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित जांच कराने और न्याय दिलाने की मांग की है।1
- अरुणाचल प्रदेश से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कथित रूप से चीनी सैनिकों का विरोध कर उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का दावा किया गया है। यद्यपि इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे सत्य हैं, तो यह सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले भारतीय नागरिकों के साहस और देशभक्ति का एक बड़ा उदाहरण है। कठिन परिस्थितियों के बीच ग्रामीणों द्वारा निहत्थे होकर अपने क्षेत्र की रक्षा करने की कोशिश व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है। साथ ही, यह प्रश्न भी उठ रहा है कि क्या सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई है, जिसके कारण स्थानीय नागरिकों को स्वयं मोर्चा संभालना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। इस बीच, सोशल मीडिया पर पूर्वोत्तर भारत के नागरिकों के साथ होने वाले भेदभाव और नस्लभेदी टिप्पणियों के खिलाफ भी आवाज उठाई गई है। स्पष्ट किया गया है कि अरुणाचल प्रदेश सहित पूरे पूर्वोत्तर के लोग भारत के समान अधिकार वाले नागरिक हैं और उनके योगदान का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। फिलहाल सरकार या भारतीय सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष के लिए आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करना आवश्यक है।1
- गाजीपुर के सेवराई में करीब 11 महीने पहले हुई चोरी की घटना का गहमर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने चोरी की एक नई वारदात की योजना बनाते हुए दो आरोपियों और तीन बाल अपचारियों को फरीदपुर पुलिया के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब 5 लाख 95 हजार रुपये नकद और लगभग 10 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गहमर पुलिस, सेवराई चौकी और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार जैसे हथौड़ी, छेनी, आरी ब्लेड, लोहे की रॉड, प्लास और टॉर्च भी मिले हैं। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों विनोद कुमार कमकर और पंकज कुमार गुप्ता तथा तीन बाल अपचारियों ने सेवराई निवासी गोविंद जायसवाल के घर हुई चोरी की वारदात को कबूल कर लिया है। पीड़ित द्वारा बरामद सामान की पहचान कर ली गई है और पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- बलिया जिले के बिल्थरारोड-बहोरवा मार्ग पर बरसात के बाद हुए जलभराव से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग पर पानी जमा होने के कारण लोगों को मजबूरीवश इसी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग की लगातार अनदेखी के कारण यह समस्या बनी हुई है। क्षेत्र के लोग अब जलभराव की इस समस्या से निजात पाने के लिए समाधान की मांग कर रहे हैं।3
- आजमगढ़ में कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के अभियान के तहत तरवां थाना पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी जमीनी विवाद, पुरानी रंजिश और शांति भंग की आशंका के मामलों में अलग-अलग गांवों से की गई है। सभी आरोपितों के विरुद्ध धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, ग्राम पट्टीभिखारी में बृजेश यादव को विपक्षी पक्ष को लगातार धमकी देने और संज्ञेय अपराध करने की आशंका के चलते गिरफ्तार किया गया। वहीं, ग्राम पकड़ी कला में जमीनी हिस्सेदारी को लेकर उत्पन्न हुए विवाद और मारपीट की स्थिति में नन्दलाल, शेरू राजभर, जोगीन्द्र राजभर और पुष्पा राजभर को हिरासत में लिया गया। इसके अतिरिक्त, ग्राम भिलिहिली में जन्मदिन की पार्टी के दौरान पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद और मारपीट की नौबत आने पर पुलिस ने श्यामलाल, बृजनाम, भीमसेन, दिनेश कुमार, अंजेश कुमार, रंजना, गणेश राजभर और रूप नारायण को गिरफ्तार किया। इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक राम प्रसाद यादव, उपनिरीक्षक सैना कुमार समेत थाना तरवां की पुलिस टीम शामिल रही।1
- बलिया में एक पिछड़े समाज के युवक की हत्या का मामला सामने आया है, जिसके बाद से क्षेत्र में स्थिति गंभीर बनी हुई है। पीड़ित पक्ष का सीधा आरोप है कि बीजेपी सरकार इस मामले में आरोपी को बचाने का काम कर रही है। इस घटना के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि बीजेपी सरकार पिछड़ों, दलितों और मुसलमानों पर लगातार अत्याचार कर रही है।1
- मऊ जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र की पुलिस ने दुष्कर्म के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।1
- देवरिया जनपद के बनकटा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बंगरा में सीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि क्षेत्र पंचायत सदस्य पिंकी सिंह, जो ब्लॉक प्रमुख बिंदा सिंह की पुत्री हैं, के प्रस्ताव पर कुछ माह पूर्व बनी सड़क मानकों के अनुरूप नहीं थी। इस पूरे मामले में अब उसी पुरानी सड़क को हटाए बिना उसके ऊपर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसने स्थानीय निवासियों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने इस कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि पहली सड़क मानकों को पूरा नहीं करती थी, तो अब तक कार्यदायी संस्था या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई सख्त कदम क्यों नहीं उठाया गया। इस निर्माण प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। नागरिकों की यह भी मांग है कि निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता की गहन जांच हो, ताकि सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की असलियत सामने आ सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1