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बलिया में एक पिछड़े समाज के युवक की हत्या का मामला सामने आया है, जिसके बाद से क्षेत्र में स्थिति गंभीर बनी हुई है। पीड़ित पक्ष का सीधा आरोप है कि बीजेपी सरकार इस मामले में आरोपी को बचाने का काम कर रही है। इस घटना के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि बीजेपी सरकार पिछड़ों, दलितों और मुसलमानों पर लगातार अत्याचार कर रही है।
नवोदय वार्ता
बलिया में एक पिछड़े समाज के युवक की हत्या का मामला सामने आया है, जिसके बाद से क्षेत्र में स्थिति गंभीर बनी हुई है। पीड़ित पक्ष का सीधा आरोप है कि बीजेपी सरकार इस मामले में आरोपी को बचाने का काम कर रही है। इस घटना के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि बीजेपी सरकार पिछड़ों, दलितों और मुसलमानों पर लगातार अत्याचार कर रही है।
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- उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने बुधवार को मऊ जनपद के बंधा रोड स्थित प्रस्तावित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कर शिलान्यास किया। बहुउद्देशीय भवन मंगलम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विद्युत क्षेत्र को आधुनिक, सुदृढ़ और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, निर्बाध एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना शामिल है। मंत्री शर्मा ने जोर देकर कहा कि बिजली केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश के आर्थिक विकास, उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आम जनजीवन की आधारशिला है। इसी उद्देश्य से पूरे प्रदेश में विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 530 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले इस 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की क्षमता 5+5 एमवीए होगी, जिसके अंतर्गत चार नए 11 केवी फीडरों का निर्माण किया जाएगा। यह कदम वर्तमान विद्युत उपकेंद्रों पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार को कम करेगा, जिससे क्षेत्र की विद्युत वितरण व्यवस्था अधिक संतुलित और प्रभावी बनेगी। उन्होंने आगे बताया कि इस नए उपकेंद्र के स्थापित होने से पटन टोला, व्यारी टोला, संस्कृत पाठशाला, हरिकेशपुरा, सदर चौक, मलिक टोला, हट्टी मदारी, औरंगाबाद, हनुमान घाट, आफिसर्स कॉलोनी, रेलवे क्वार्टर, गायघाट, खालसा, ख्वाजाजहांपुर तथा कागजीवनचक सहित अनेक क्षेत्रों के लगभग 4,000 उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। इससे इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी। नए उपकेंद्र के संचालन से 11 केवी लाइनों की लंबाई कम होगी, जिससे तकनीकी हानियों और फॉल्ट की घटनाओं में कमी आएगी, साथ ही ओवरलोडिंग की समस्या और लो-वोल्टेज से राहत मिलेगी तथा बार-बार विद्युत बाधित होने जैसी समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित होगा। ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपकेंद्र का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। उन्होंने दोहराया कि सरकार विद्युत सेवाओं में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और पूरे प्रदेशभर में आवश्यकतानुसार नए विद्युत उपकेंद्रों, लाइनों तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं का विस्तार किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ भूमि पूजन से हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधियों, विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।1
- मऊ जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र की पुलिस ने दुष्कर्म के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के बलिया दौरे के दौरान बिल्थरारोड स्थित पीडब्ल्यूडी डाक बंगले पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मंत्री ने अपने पिछले दौरे के दौरान बलिया और वहां के पूर्वजों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। विरोध जताने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरने पर बैठकर 'संजय निषाद वापस जाओ' और 'बलिया से माफी मांगो' जैसे नारे लगाए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया। विरोध के बीच मंत्री डॉ. संजय निषाद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'बलिया किसी के पिता की धरती नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पहले भी बलिया आते रहे हैं और भविष्य में भी आते रहेंगे। अपने पिछले बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने दावा किया कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया है। मंत्री ने कहा कि उन्होंने बलिया को क्रांतिकारियों की धरती बताया था और उन लोगों को गद्दार कहा था जिन्होंने आजादी की लड़ाई के दौरान अंग्रेजों का साथ दिया था, न कि बलिया के निवासियों को। उन्होंने जोर देकर कहा कि आजादी की लड़ाई में निषाद समाज समेत कई जातियों ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया था।1
- आजमगढ़ में कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के अभियान के तहत तरवां थाना पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी जमीनी विवाद, पुरानी रंजिश और शांति भंग की आशंका के मामलों में अलग-अलग गांवों से की गई है। सभी आरोपितों के विरुद्ध धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, ग्राम पट्टीभिखारी में बृजेश यादव को विपक्षी पक्ष को लगातार धमकी देने और संज्ञेय अपराध करने की आशंका के चलते गिरफ्तार किया गया। वहीं, ग्राम पकड़ी कला में जमीनी हिस्सेदारी को लेकर उत्पन्न हुए विवाद और मारपीट की स्थिति में नन्दलाल, शेरू राजभर, जोगीन्द्र राजभर और पुष्पा राजभर को हिरासत में लिया गया। इसके अतिरिक्त, ग्राम भिलिहिली में जन्मदिन की पार्टी के दौरान पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद और मारपीट की नौबत आने पर पुलिस ने श्यामलाल, बृजनाम, भीमसेन, दिनेश कुमार, अंजेश कुमार, रंजना, गणेश राजभर और रूप नारायण को गिरफ्तार किया। इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक राम प्रसाद यादव, उपनिरीक्षक सैना कुमार समेत थाना तरवां की पुलिस टीम शामिल रही।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब पुलिस ने सांसद चंद्रशेखर आज़ाद को आगे बढ़ने से रोक दिया। घटना के दौरान चंद्रशेखर आज़ाद पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर रहे थे और इस दौरान उन्होंने कथित पुलिस लाठीचार्ज का मुद्दा भी उठाया। इसी बीच भीड़ में मौजूद एक कार्यकर्ता ने पुलिस द्वारा बुजुर्ग महिलाओं को धक्का दिए जाने की शिकायत की। इसके जवाब में चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा, "तेरे जैसे महापुरुष थे वहाँ। हमारा वर्कर होता तो एक बार को ही मान जाता। चलो, इसको पीछे कर।" यह घटनाक्रम और चंद्रशेखर आज़ाद का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन के आधिकारिक पक्ष पर टिकी हैं।1
- मऊ नगर क्षेत्र में दूसरे जनपदों के नाम पर बने चौराहों और तिराहों का नाम बदलकर देश व समाज के लिए योगदान देने वाले महापुरुषों के नाम पर रखने की माँग उठी है। इस संबंध में एक भाजपा सभासद ने नगर पालिका अध्यक्ष को एक प्रस्ताव सौंपा है। सभासद ने कहा कि नगर के कई प्रमुख स्थानों के नाम दूसरे जनपदों पर आधारित हैं। उन्होंने इन नामों को बदलकर महापुरुषों के नाम पर करने की वकालत की, ताकि नई पीढ़ी को उनके जीवन और संघर्षों से प्रेरणा मिल सके। सभासद ने नगर पालिका चेयरमैन से जनहित को देखते हुए नाम परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है। इस मामले को लेकर अब नगर पालिका की ओर से विचार किए जाने की बात कही जा रही है।1
- देवरिया जनपद के बनकटा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बंगरा में सीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि क्षेत्र पंचायत सदस्य पिंकी सिंह, जो ब्लॉक प्रमुख बिंदा सिंह की पुत्री हैं, के प्रस्ताव पर कुछ माह पूर्व बनी सड़क मानकों के अनुरूप नहीं थी। इस पूरे मामले में अब उसी पुरानी सड़क को हटाए बिना उसके ऊपर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसने स्थानीय निवासियों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने इस कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि पहली सड़क मानकों को पूरा नहीं करती थी, तो अब तक कार्यदायी संस्था या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई सख्त कदम क्यों नहीं उठाया गया। इस निर्माण प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। नागरिकों की यह भी मांग है कि निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता की गहन जांच हो, ताकि सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की असलियत सामने आ सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1