उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के बलिया दौरे के दौरान बिल्थरारोड स्थित पीडब्ल्यूडी डाक बंगले पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मंत्री ने अपने पिछले दौरे के दौरान बलिया और वहां के पूर्वजों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। विरोध जताने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरने पर बैठकर 'संजय निषाद वापस जाओ' और 'बलिया से माफी मांगो' जैसे नारे लगाए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया। विरोध के बीच मंत्री डॉ. संजय निषाद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'बलिया किसी के पिता की धरती नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पहले भी बलिया आते रहे हैं और भविष्य में भी आते रहेंगे। अपने पिछले बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने दावा किया कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया है। मंत्री ने कहा कि उन्होंने बलिया को क्रांतिकारियों की धरती बताया था और उन लोगों को गद्दार कहा था जिन्होंने आजादी की लड़ाई के दौरान अंग्रेजों का साथ दिया था, न कि बलिया के निवासियों को। उन्होंने जोर देकर कहा कि आजादी की लड़ाई में निषाद समाज समेत कई जातियों ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया था।
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के बलिया दौरे के दौरान बिल्थरारोड स्थित पीडब्ल्यूडी डाक बंगले पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मंत्री ने अपने पिछले दौरे के दौरान बलिया और वहां के पूर्वजों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। विरोध जताने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरने पर बैठकर 'संजय निषाद वापस जाओ' और 'बलिया से माफी मांगो' जैसे नारे लगाए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया। विरोध के बीच मंत्री डॉ. संजय निषाद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'बलिया किसी के पिता की धरती नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पहले भी बलिया आते रहे हैं और भविष्य में भी आते रहेंगे। अपने पिछले बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने दावा किया कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया है। मंत्री ने कहा कि उन्होंने बलिया को क्रांतिकारियों की धरती बताया था और उन लोगों को गद्दार कहा था जिन्होंने आजादी की लड़ाई के दौरान अंग्रेजों का साथ दिया था, न कि बलिया के निवासियों को। उन्होंने जोर देकर कहा कि आजादी की लड़ाई में निषाद समाज समेत कई जातियों ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया था।
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ता मऊ की सड़कों पर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन करते हुए नजर आए। कार्यकर्ता भगवान राम, माता सीता और वानर सेना का वेश धारण कर सड़कों पर उतरे और कथित रूप से करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में निष्पक्ष जांच की पुरजोर मांग की। यह रैली शहर की सड़कों से गुजरते हुए डीसी कार्यालय तक पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने वहां अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांग को दोहराया। इस अनूठे प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिस पर लोग लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।1
- मऊ जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र की पुलिस ने दुष्कर्म के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।1
- मऊ नगर क्षेत्र में दूसरे जनपदों के नाम पर बने चौराहों और तिराहों का नाम बदलकर देश व समाज के लिए योगदान देने वाले महापुरुषों के नाम पर रखने की माँग उठी है। इस संबंध में एक भाजपा सभासद ने नगर पालिका अध्यक्ष को एक प्रस्ताव सौंपा है। सभासद ने कहा कि नगर के कई प्रमुख स्थानों के नाम दूसरे जनपदों पर आधारित हैं। उन्होंने इन नामों को बदलकर महापुरुषों के नाम पर करने की वकालत की, ताकि नई पीढ़ी को उनके जीवन और संघर्षों से प्रेरणा मिल सके। सभासद ने नगर पालिका चेयरमैन से जनहित को देखते हुए नाम परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है। इस मामले को लेकर अब नगर पालिका की ओर से विचार किए जाने की बात कही जा रही है।1
- देवरिया के बरियारपुर थाने में शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना कार्यालय, मालखाना, हवालात, महिला हेल्प डेस्क और सीसीटीएनएस कार्यों सहित अभिलेखों के रख-रखाव और परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने विवेचकों के कार्यों का आकलन करते हुए लंबित विवेचनाओं को गुणवत्ता के साथ शीघ्र निपटाने के सख्त निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने बल को जनसुनवाई को लेकर संवेदनशील रहने के निर्देश दिए और कहा कि हर फरियादी की शिकायत को गंभीरता से सुनकर समयबद्ध समाधान किया जाए। अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने संदिग्ध व्यक्तियों की नियमित चेकिंग के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाने पर तैनात नव नियुक्त आरक्षियों से संवाद कर उन्हें अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनता के प्रति विनम्र व्यवहार बनाए रखने की सीख दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की असली पहचान उसके व्यवहार और कार्यशैली से होती है। इस मौके पर थानाध्यक्ष बरियारपुर दीपक सिंह और वरिष्ठ उपनिरीक्षक दीप मंजरी पाण्डेय सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- जनपद देवरिया के थाना रामपुर कारखाना क्षेत्र अंतर्गत हथियागढ़ नौतन गांव में राजू विश्वकर्मा की गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई। इस जघन्य वारदात के बाद पुलिस ने कुल 9 अपराधियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में नामजद एक अन्य अपराधी अमित सिंह अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश और तलाश कर रही है।3
- गुरुवार को बिल्थरारोड में भारी गहमा-गहमी के बीच तहसील बार एसोसिएशन बेल्थरारोड का चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मतगणना के उपरांत एडवोकेट अमरजीत सिंह को अध्यक्ष, एडवोकेट प्रदीप श्रीवास्तव को उपाध्यक्ष और एडवोकेट दिलराज अहमद को मंत्री के रूप में निर्वाचित घोषित किया गया। इस चुनाव में कुल 138 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में चार उम्मीदवारों में से अमरजीत सिंह को सर्वाधिक 61 मत प्राप्त हुए, जबकि हरिन्द्र राजभर को 49 मत, हृदयानंद सिंह को 09 मत और मुरली यादव को 18 मत मिले; इस पद के लिए एक मत अवैध घोषित किया गया। उपाध्यक्ष पद पर तीन उम्मीदवारों के बीच मुकाबला रहा, जिसमें प्रदीप श्रीवास्तव ने 47 मतों के साथ जीत हासिल की, जबकि अनिल गुप्ता को 46 मत और मोहम्मद परवेज को 45 मत मिले, और यहाँ भी एक मत अवैध रहा। मंत्री पद के लिए छह उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई, जिसमें दिलरोज अहमद 42 मत प्राप्त कर विजयी रहे। अन्य उम्मीदवारों में गंगेश मिश्रा को 20 मत, रघुवंश भूषण मिश्र को 22 मत, संजय यादव को 39 मत, अनामुल हक अब्बासी को 09 मत और अतुल प्रकाश सिंह यादव को 06 मत मिले। अपनी जीत के बाद, नव-निर्वाचित अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने इस सफलता का श्रेय सभी अधिवक्ताओं के साथ-साथ सभासद मोहम्मद सद्दाम के सहयोग को भी दिया।1
- देश में पेट्रोल की कीमतों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जहां कच्चे तेल के दाम 115 डॉलर से घटकर 70 डॉलर तक पहुंच गए हैं, लेकिन इसके बावजूद पेट्रोल की कीमतों में कोई कमी नहीं आई है। इस संदर्भ में यह दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल की कीमत 82 रुपये प्रति लीटर होनी चाहिए। हालांकि, इसे एक स्थापित तथ्य के बजाय एक दावे के रूप में देखा जा रहा है, और अब यह सवाल पूछा जा रहा है कि कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल के दाम अभी भी महंगे क्यों बने हुए हैं।1
- बलिया में मंत्री संजय निषाद का विरोध कर रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। छात्र PWD डाक बंगले पर धरने पर बैठे थे, जहां मंत्री संजय निषाद ठहरे हुए हैं।1