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उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जनपद में बघौली ब्लॉक के ग्राम पंचायत भगवानपुर में स्थित एएनएम (ANM) सेंटर के क्षतिग्रस्त होने को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से शिकायत की गई है। तहसील खलीलाबाद के ग्राम भगवानपुर निवासी कमलाकांत (पुत्र श्री सीता शरण तिवारी) ने 17 जुलाई 2026 को सीएमओ को पत्र लिखकर इस संबंध में ध्यान आकर्षित किया है। शिकायती पत्र में प्रार्थी कमलाकांत ने बताया कि उनके ग्राम पंचायत का एएनएम सेंटर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और अब यह बैठने के योग्य भी नहीं बचा है। उन्होंने माननीय मुख्य चिकित्सा अधिकारी से सविनय निवेदन किया है कि जनहित में इस केंद्र की शीघ्र अति शीघ्र मरम्मत करवाने का कष्ट करें। इस शिकायत के साथ प्रार्थी ने अपना संपर्क नंबर 9451509784 भी साझा किया है।
Kamalakant tiwari
उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जनपद में बघौली ब्लॉक के ग्राम पंचायत भगवानपुर में स्थित एएनएम (ANM) सेंटर के क्षतिग्रस्त होने को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से शिकायत की गई है। तहसील खलीलाबाद के ग्राम भगवानपुर निवासी कमलाकांत (पुत्र श्री सीता शरण तिवारी) ने 17 जुलाई 2026 को सीएमओ को पत्र लिखकर इस संबंध में ध्यान आकर्षित किया है। शिकायती पत्र में प्रार्थी कमलाकांत ने बताया कि उनके ग्राम पंचायत का एएनएम सेंटर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और अब यह बैठने के योग्य भी नहीं बचा है। उन्होंने माननीय मुख्य चिकित्सा अधिकारी से सविनय निवेदन किया है कि जनहित में इस केंद्र की शीघ्र अति शीघ्र मरम्मत करवाने का कष्ट करें। इस शिकायत के साथ प्रार्थी ने अपना संपर्क नंबर 9451509784 भी साझा किया है।
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- उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जनपद में बघौली ब्लॉक के ग्राम पंचायत भगवानपुर में स्थित एएनएम (ANM) सेंटर के क्षतिग्रस्त होने को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से शिकायत की गई है। तहसील खलीलाबाद के ग्राम भगवानपुर निवासी कमलाकांत (पुत्र श्री सीता शरण तिवारी) ने 17 जुलाई 2026 को सीएमओ को पत्र लिखकर इस संबंध में ध्यान आकर्षित किया है। शिकायती पत्र में प्रार्थी कमलाकांत ने बताया कि उनके ग्राम पंचायत का एएनएम सेंटर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और अब यह बैठने के योग्य भी नहीं बचा है। उन्होंने माननीय मुख्य चिकित्सा अधिकारी से सविनय निवेदन किया है कि जनहित में इस केंद्र की शीघ्र अति शीघ्र मरम्मत करवाने का कष्ट करें। इस शिकायत के साथ प्रार्थी ने अपना संपर्क नंबर 9451509784 भी साझा किया है।1
- महाराजगंज के फरेंदा में गायब हुई नवजात बच्ची मिल गई है। बच्ची के मिलने के बाद उसकी मां ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि गरीबी और लाचारी ने उन्हें यह दिन दिखा दिया है, लेकिन अब वह अपनी बच्ची को किसी को भी नहीं देंगी। महिला ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि पति की मौत के बाद से सास उसे लगातार प्रताड़ित करती है। बेहद संवेदनहीनता की बात यह है कि गायब हुई नवजात बच्ची के मिल जाने के बाद भी ससुराल वाले अब तक उसे देखने के लिए नहीं आए हैं। इस गंभीर मामले को देखते हुए स्थानीय नेताओं, विधायकों और उत्तर प्रदेश की सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने की अपील की जा रही है ताकि पीड़ित महिला को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।1
- उत्तर प्रदेश शासन के मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत संतकबीरनगर के मेहंदावल थाना परिसर में 'बहू–बेटी सम्मेलन' कार्यक्रम के ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण गुरुवार को शुरू हुआ। पुलिस विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्राधिकारी मेहंदावल सर्व दवन सिंह और थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने किया। अधिकारियों ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सामाजिक भागीदारी को आवश्यक बताया। यह प्रशिक्षण पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन, पुलिस महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र संजीव त्यागी, जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में आयोजित किया गया। इसमें मेहंदावल, बेलहरकलां और सांथा विकास खंडों के पुलिस, बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और स्वयंसेवी संस्थाओं के 30 नामित प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों को तैयार करना है ताकि वे ग्राम स्तर पर सुगमकर्ताओं को प्रशिक्षित कर सकें, जिसके बाद 15 से 35 वर्ष की महिलाओं को सुरक्षा, लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा और साइबर अपराध जैसे विषयों पर जागरूक किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यावहारिक तरीकों जैसे समूह चर्चा, रोल प्ले और केस स्टडी के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। यूनिसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार राजेश कुमार सैनी ने अभियान के उद्देश्य और कार्ययोजना पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर सुश्री स्वीटी मंडल, श्रीमती मोनिका शुक्ला, श्रीमती सुमन मिश्रा, श्री राजेश कुमार सिंह और श्री प्रमोद त्रिपाठी ने विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में 'बहू-बेटी सम्मेलन' के गुणवत्तापूर्ण संचालन का संकल्प लिया।1
- सिद्धार्थनगर जिले के लोटन बाजार स्थित प्राचीन भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ निकाली गई। गाजे-बाजे, शंखध्वनि और 'जय जगन्नाथ' के जयघोष के बीच आयोजित इस रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और भगवान का रथ खींचकर सुख-समृद्धि की कामना की। उड़ीसा के श्रीजगन्नाथ धाम की परंपरा के अनुरूप, मंदिर में स्थापित चंदन की लकड़ी से निर्मित भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की आकर्षक प्रतिमाओं को भव्य रूप से सुसज्जित रथ पर विराजमान कर पूरे कस्बे का भ्रमण कराया गया। यह रथयात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर लोटन कोतवाली, पेट्रोल पंप और मुख्य बाजार सहित प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से प्रतिमाओं को दोबारा मंदिर में विराजमान कराया गया। इस भव्य रथयात्रा का शुभारंभ कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, ब्लॉक प्रमुख आशीष सिंह, ग्राम प्रधान प्रदीप मोदनवाल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान, रामनेवास यादव, भाजपा नेता सत्यप्रकाश राही, मंडल अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार शुक्ल और प्रधान संघ अध्यक्ष अरविंद मणि त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से किया। मंदिर के महंत हनुमान दास ने बताया कि लोटन में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की शुरुआत वर्ष 2002 में तत्कालीन जिलाधिकारी एन.एन. पाण्डेय के प्रयासों से हुई थी, जिसके बाद से इसे हर वर्ष पारंपरिक रूप से आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर सदर विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भारतीय सनातन संस्कृति, आस्था और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है और ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने के साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। प्रशासन ने रथयात्रा को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। इसके लिए लगभग एक दर्जन थानों की पुलिस, यातायात पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें पूरे मार्ग पर तैनात रहीं, जबकि एहतियात के तौर पर एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी रथयात्रा के साथ चलती रही। इस दौरान दृगनारायण सिंह, श्रवण पाण्डेय, पवन मोदनवाल, प्रेमचंद मोदनवाल, शिवम विश्वास, अमितेश्वर शुक्ल, हेमंत सिंह और फूलचंद कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।1
- वार्ड नंबर 8 गांधीनगर परशुरामपुर मथुरा नगर1
- गोरखपुर के सहजनवां में राष्ट्रवादी पार्टी और माननीय अखिलेश सिंह के पक्ष में जोरदार नारेबाजी की गई है। इस दौरान उत्साहपूर्वक 'राष्ट्रवादी पार्टी जिंदाबाद' और 'माननीय अखिलेश सिंह जिंदाबाद जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए उनके प्रति गहरी निष्ठा और समर्थन व्यक्त किया गया है।1
- संतकबीरनगर जिले में पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने तथा जनसहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कम्युनिटी पुलिसिंग अभियान के अंतर्गत थाना महुली क्षेत्र के काली जगदीशपुर गांव में जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र के निकट पर्यवेक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट की टीम ने ग्रामीणों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं व सुझावों को गंभीरता से सुनकर त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान का भरोसा दिलाया। इस जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी की पहचान, महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनों तथा विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों के संबंध में जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने ग्रामीणों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अफवाह या अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को देने और सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी व सतर्कता के साथ करने की अपील की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं, संभ्रांत नागरिकों और डिजिटल वॉलंटियर्स ने भाग लिया और पुलिस की इस जनहितकारी पहल की सराहना की। ग्रामीणों ने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की है।1
- महराजगंज जिले के सीएचसी बनकटी अस्पताल से गायब हुई एक नवजात बच्ची को पुलिस ने गोरखपुर से बरामद कर लिया है। बच्ची के अचानक गायब होने और फिर दूसरी जगह से बरामदगी के इस पूरे मामले ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस घटना के बाद सुरक्षा इंतजामों को लेकर लगातार तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर वहां तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स क्या कर रहे थे! सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह बना हुआ है कि नवजात बच्ची को आखिर किसके हाथों में दिया गया था!1