भीलवाड़ा के पारीक छात्रावास के पास गुल अली नगरी में एक रिहायशी मकान की छत पर अवैध रूप से मोबाइल टावर का ढांचा खड़ा करने को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि रात करीब 12 बजे बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए यह टावर लगाया गया, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य व आसपास के घरों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, टावर की भारी लोहे की संरचना बेहद असुरक्षित है और इसके गिरने की स्थिति में भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है। निवासियों ने मकान मालिक से कई बार टावर न लगाने की अपील की थी, लेकिन वह नहीं माना और रात में ही गुपचुप तरीके से काम करवा लिया। बताया जा रहा है कि इस छत पर पहले से ही एक मोबाइल टावर लगा हुआ है और अब यह दूसरा टावर खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। निवासियों ने जिला प्रशासन और नगर विकास न्यास से मांग की है कि वे मौके का निरीक्षण कर इस अवैध निर्माण को हटवाएं और उचित कानूनी कार्रवाई करें। इस संबंध में जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया है। ज्ञापन देने वालों में शाहनवाज अंसारी, एडवोकेट इमरान रंगरेज, अबरार अंसारी, बिलाल रंगरेज, इकबाल, जाकिर भाई, वसीम अकरम, मोहम्मद इमरान, मो आसिफ, खलील सोरगर, उमर डबगर, नोमान रंगरेज, बाबू पठान, कमरून्निशा, नसीम बानो, सोनू, शबाना और सीमा सहित कई लोग उपस्थित रहे।
भीलवाड़ा के पारीक छात्रावास के पास गुल अली नगरी में एक रिहायशी मकान की छत पर अवैध रूप से मोबाइल टावर का ढांचा खड़ा करने को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि रात करीब 12 बजे बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए यह टावर लगाया गया, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य व आसपास के घरों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, टावर की
भारी लोहे की संरचना बेहद असुरक्षित है और इसके गिरने की स्थिति में भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है। निवासियों ने मकान मालिक से कई बार टावर न लगाने की अपील की थी, लेकिन वह नहीं माना और रात में ही गुपचुप तरीके से काम करवा लिया। बताया जा रहा है कि इस छत पर पहले से ही एक मोबाइल टावर लगा हुआ है और अब यह दूसरा टावर खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। निवासियों ने जिला
प्रशासन और नगर विकास न्यास से मांग की है कि वे मौके का निरीक्षण कर इस अवैध निर्माण को हटवाएं और उचित कानूनी कार्रवाई करें। इस संबंध में जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया है। ज्ञापन देने वालों में शाहनवाज अंसारी, एडवोकेट इमरान रंगरेज, अबरार अंसारी, बिलाल रंगरेज, इकबाल, जाकिर भाई, वसीम अकरम, मोहम्मद इमरान, मो आसिफ, खलील सोरगर, उमर डबगर, नोमान रंगरेज, बाबू पठान, कमरून्निशा, नसीम बानो, सोनू, शबाना और सीमा सहित कई लोग उपस्थित रहे।
- भीलवाड़ा शहर के उपनगर सांगानेर स्थित एक वेस्टेज गोदाम में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वहाँ एक मादा कब्र बिज्जू अपने चार नवजात बच्चों के साथ दिखाई दी। सूचना मिलते ही वन्यजीव रक्षक कुलदीप सिंह राणावत और वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने मादा कब्र बिज्जू और उसके चारों नवजात शावकों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। रेस्क्यू के बाद पूरे परिवार को वन विभाग की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है, जिन्हें फिलहाल वन विभाग की नर्सरी में रखा जाएगा। डीएफओ के निर्देशानुसार उनकी निगरानी की जाएगी और बाद में सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। वन्यजीव रक्षक कुलदीप सिंह राणावत ने बताया कि यह पहला मामला है जब किसी कब्र बिज्जू ने आबादी क्षेत्र में बच्चों को जन्म दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लगातार घटते वन क्षेत्र और बढ़ती आबादी के कारण वन्यजीव अब आबादी वाले इलाकों की ओर आने लगे हैं। वन्यजीव टीम ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई वन्यजीव या हिंसक जीव आबादी क्षेत्र में दिखाई दे तो उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें। इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस, वन विभाग या वन्यजीव रेस्क्यू टीम को दें, ताकि समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ा जा सके।1
- भीलवाड़ा के मेजा बांध पर जयपुर कमांडेंट के निर्देशानुसार ई कम्पनी की रेस्क्यू टीम ई-4 ने सिविल डिफेंस के साथ मिलकर बोट चालकों, मछुआरों और स्थानीय लोगों को जल सुरक्षा, आपदा प्रबंधन एवं रेस्क्यू से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। 21 जुलाई को आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को आपात स्थिति से निपटने और सीपीआर देने की विधि के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। ट्रेनिंग के दौरान बोट चालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि बोटिंग के दौरान प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट पहनाई जाए और बिना लाइफ जैकेट किसी को भी बैठने की अनुमति न दी जाए। बोट के असंतुलित होने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाने तथा तेज हवाओं, लहरों व खराब मौसम में बोटिंग का संचालन तुरंत स्थगित रखने के निर्देश दिए गए। रेस्क्यू टीम ने पानी में डूब रहे व्यक्ति को बचाने के लिए घबराने के बजाय लाइफ बॉय, रस्सी और बांस का सही तरीके से उपयोग करने की प्रक्रिया समझाई। व्यक्ति को पानी से बाहर निकालने के बाद गंभीर स्थिति में सीपीआर देने का तरीका और उसका महत्व भी बताया गया। इसके साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सही निर्णय लेने, उपलब्ध रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल करने और तत्काल प्रशासन व रेस्क्यू टीम को सूचित करने के निर्देश भी प्रदान किए गए।4
- भीलवाड़ा के पारीक छात्रावास के पास गुल अली नगरी में एक रिहायशी मकान की छत पर अवैध रूप से मोबाइल टावर का ढांचा खड़ा करने को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि रात करीब 12 बजे बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए यह टावर लगाया गया, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य व आसपास के घरों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, टावर की भारी लोहे की संरचना बेहद असुरक्षित है और इसके गिरने की स्थिति में भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है। निवासियों ने मकान मालिक से कई बार टावर न लगाने की अपील की थी, लेकिन वह नहीं माना और रात में ही गुपचुप तरीके से काम करवा लिया। बताया जा रहा है कि इस छत पर पहले से ही एक मोबाइल टावर लगा हुआ है और अब यह दूसरा टावर खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। निवासियों ने जिला प्रशासन और नगर विकास न्यास से मांग की है कि वे मौके का निरीक्षण कर इस अवैध निर्माण को हटवाएं और उचित कानूनी कार्रवाई करें। इस संबंध में जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया है। ज्ञापन देने वालों में शाहनवाज अंसारी, एडवोकेट इमरान रंगरेज, अबरार अंसारी, बिलाल रंगरेज, इकबाल, जाकिर भाई, वसीम अकरम, मोहम्मद इमरान, मो आसिफ, खलील सोरगर, उमर डबगर, नोमान रंगरेज, बाबू पठान, कमरून्निशा, नसीम बानो, सोनू, शबाना और सीमा सहित कई लोग उपस्थित रहे।3
- चित्तौड़गढ़ जिले के अरनिया पंथ में स्थित स्लीपर प्लांट के बाहर सर्विस रोड पर खड़ी गाड़ियों और अव्यवस्थित यातायात के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। यह स्लीपर प्लांट पहले भी विवादों से घिरा रहा है। पूर्व में अवैध बजरी के स्टॉक और गीली लकड़ियों से भरे ट्रैक्टरों के आने पर ग्रामीणों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया था, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासन कुम्भकर्णी नींद में सोया रहा। प्लांट के बाहर सड़कों पर बने इस खतरे की तरफ ना तो स्लीपर प्लांट प्रबंधन कोई ध्यान दे रहा है और ना ही प्रशासन ध्यान दे रहा है। लगातार हो रही इस अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने जल्द से जल्द व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति को शीघ्र नहीं सुधारा गया तो वे प्लांट के बाहर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- अखिल भारतीय लोधा महासभा, राजस्थान के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें आगामी 29 जुलाई बुधवार को जयपुर में आयोजित होने वाले प्रदेश कार्यकारिणी शपथग्रहण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का निमंत्रण दिया। इसके साथ ही, राजस्थान में ओबीसी वर्ग के तहत आने वाले लोधा समाज के जाति प्रमाण पत्र और जनगणना अभिलेखों में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए एक ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में अवगत कराया गया कि राजस्थान की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची, जाति प्रमाण पत्र और जनगणना अभिलेखों में वर्तमान में 'लोधी (लोधा)' अंकित है, जबकि देश के विभिन्न राज्यों में लोधा, लोधी और लोध तीनों नाम प्रचलित हैं। राजस्थान में इस समाज को केवल 'लोधा' नाम से ही जाना जाता है। इस विसंगति के कारण समाज के लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने, शैक्षणिक प्रवेश, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि इस प्रविष्टि में संशोधन कर इसे 'लोधा' के रूप में दर्ज किया जाए और 'लोधा' शब्द को कोष्ठक में न लिखा जाए, ताकि समाज को समान प्रशासनिक सुविधा मिल सके। महासभा के प्रदेशाध्यक्ष किशन लाल लोधा ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने जयपुर आने के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाजहित से जुड़े इन विषयों पर सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष किशनलाल लोधा, राष्ट्रीय महामंत्री अजय लोधा (कोटा), राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवलाल लोधा (चित्तौड़गढ़), राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री भंवरलाल लोधा (झालावाड़), प्रदेश उपाध्यक्ष मेवाराम लोधा (अजमेर), ब्रजमोहन लोधा (रामगंजमंडी, कोटा), रामधन लोधा (जयपुर), प्रदेश उपाध्यक्ष शिवप्रकाश लोधा (चित्तौड़गढ़), प्रदेश कोषाध्यक्ष बुद्धिप्रकाश लोधा (जयपुर), प्रदेश मंत्री भरत लोधा (झालावाड़), प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी राजकपूर लोधा (जयपुर) और देवीलाल लोधा (अजमेर) उपस्थित रहे।3
- एल.एच.वी./ए.एन.एम. संघ ऑफ राजस्थान ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शासन सचिव को ज्ञापन सौंपकर प्रसूता और गर्भवती महिलाओं की मृत्यु के मामलों में एएनएम नर्सिंग कर्मियों पर की जा रही कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया है। संघ का आरोप है कि विभाग द्वारा मीडिया रिपोर्टों और उच्च अधिकारियों के निर्देशों के आधार पर सीधे एएनएम को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिससे प्रदेशभर की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं में भारी रोष और मानसिक तनाव व्याप्त है। संघ के अनुसार, एएनएम स्वास्थ्य विभाग की आधारभूत कड़ी हैं जो गांव-ढाणी स्तर पर गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, जांच, टीकाकरण, परामर्श और प्रसव पूर्व व उत्तर देखभाल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती हैं। वे उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर भी करती हैं। आवश्यक जांचों, स्कैनिंग, उपकरणों और संसाधनों की कमी के बावजूद वे पूरी जिम्मेदारी से काम कर रही हैं, ऐसे में उन्हें बलि का बकरा बनाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करना न्यायसंगत नहीं है। संघ ने सरकार से मांग की है कि उच्च जोखिम प्रसूता मृत्यु मामलों में एएनएम को दोषी न ठहराया जाए, उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और धारा-17 से जुड़े मामलों में राहत प्रदान की जाए। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में एएनएम आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य प्रशासन की होगी।4
- चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार में कोर्ट पुलिया के पास ट्रेन से गिरने के कारण एक युवक की मौत हो गई। यह घटना गंगरार कोर्ट पुलिया के समीप की है, जहां ट्रेन से गिर जाने की वजह से युवक की जान चली गई।1