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पद्धिकोना पंचायत में विकास कार्यों पर सवाल, बिना जांच भुगतान का आरोप
BS News Network
पद्धिकोना पंचायत में विकास कार्यों पर सवाल, बिना जांच भुगतान का आरोप
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- *सिवनी जिला अस्पताल में ‘गुंडाराज’ के आरोप, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल।* *गर्भवती महिला के साथ अभद्र व्यवहार, लोगों में भारी आक्रोश।* *कवरेज कर रहे पत्रकार से बदसलूकी, ड्यूटी डॉक्टर पर मोबाइल जबरन छुड़ाने और धमकाने का आरोप।* *मौके पर मौजूद लोगों ने भी पत्रकार पर दबाव बनाया, खबर को दबाने की कोशिश।* *अस्पताल परिसर में ₹500 तक की अवैध वसूली के आरोप, सिस्टम पर सवाल।* *अब सवाल — क्या प्रशासन करेगा सख्त कार्रवाई या यूं ही चलता रहेगा ‘गुंडा राज’?*3
- पद्धिकोना पंचायत में विकास कार्यों पर सवाल, बिना जांच भुगतान का आरोप1
- चक्की खमरिया की धरती आज भी उस भीषण आग की गवाही दे रही है, जिसने किसानों की सालभर की मेहनत को कुछ ही पलों में राख कर दिया। जिन खेतों में कभी लहलहाती गेहूं की फसलें खुशहाली का संदेश दे रही थीं, आज वहीं सिर्फ काली पड़ी ज़मीन और टूटी उम्मीदें नजर आ रही हैं। किसानों की आंखों में आंसू हैं, दिल में दर्द है और जुबान पर एक ही सवाल—अब क्या होगा? जिस फसल को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा था, वही उनकी आंखों के सामने जलकर खाक हो गई। इसी दर्द को महसूस करने आज कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नरेश मरावी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन चंदेल गांव पहुंचे। उन्होंने किसानों से मिलकर उनका हाल जाना, उनके आंसू पोंछे और उन्हें भरोसा दिलाया कि वे इस लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। नरेश मरावी ने कहा कि किसानों के इस नुकसान की भरपाई के लिए वे शासन-प्रशासन से उचित मुआवजा, कर्ज माफी और दोबारा खेती के लिए खाद-बीज की व्यवस्था की मांग करेंगे। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को प्रदेश स्तर तक उठाकर हर किसान को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं मोहन चंदेल ने भी किसानों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि उनकी आवाज को हर मंच तक पहुंचाया जाएगा और जब तक किसानों को राहत नहीं मिलती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। यह सिर्फ आगजनी नहीं, बल्कि कई परिवारों के सपनों, उम्मीदों और भविष्य का जलना है… अब इंतजार है उस राहत का, जो इन जख्मों पर मरहम बन सके।1
- दर्द की वो तस्वीर, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है…1
- तिरोड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम सीतापठोर से कोयलारी के बीच अज्ञात चारपहिया वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी है। सड़क हादसे के बाद चारपहिया वाहन चालक वाहन को लेकर मौके से फरार हो गया। हादसे में बाइक सवार पति-पत्नी घायल हुए है। जिन्हें उपचार के लिए सरकारी अस्पताल कटंगी लाकर भर्ती करवाया गया है। मिली जानकारी अनुसार सोमवार की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सीतापठोर से कोयलारी के बीच अज्ञात चारपहिया वाहन ने उमरी निवासी 29 वर्षीय राहुल गढ़पाल की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। बाइक में उनकी धर्मपत्नी रंजिता गढ़पाल उम्र 25 वर्ष भी सवार थी। राहुल अपनी धर्मपत्नी को लेकर ग्राम कोयलारी अपने ससुराल जा रहे थे। दोनों को शरीर के अलग-अलग हिस्सों में बाहरी और अंदरूनी चोट आई है। फिलहाल जिस चारपहिया वाहन ने बाइक को टक्कर मारी है उसका पता नहीं चल पाया है।1
- बाघ के हत्यारे को खोजने गई थी पुलिस बाघ की हत्या करने वाला अपराधी कर रहा था अफीम की खेती1
- सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ हत्याकांड! बैल के बदले किसान ने जहर देकर बाघ को मार डाला, शव दफनाया। वन विभाग ने डॉग स्क्वॉयड से राज खोला, 6 गिरफ्तार। DFO साहिल गर्ग की बाइट। वन्यजीव संरक्षण पर बड़ा सवाल! 🐅⚖️ #TigerPoaching #Satpuda #ChhindwaraNews #WildlifeCrime1
- *सिवनी जिला अस्पताल में ‘गुंडाराज’: गर्भवती महिला से अभद्रता, ड्यूटी डॉक्टर पर पत्रकार का मोबाइल छुड़ाने और धमकाने का आरोप — खुलेआम वसूली से मचा हड़कंप* लोकेशन: सिवनी, मध्यप्रदेश सिवनी। सिवनी जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां जिला चिकित्सालय में मानवीयता को ताक पर रखकर खुलेआम ‘गुंडा राज’ चलने के आरोप लग रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अस्पताल परिसर में एक गर्भवती महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। मामले की कवरेज कर रहे पत्रकार के साथ भी गंभीर बदसलूकी की गई। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर द्वारा पत्रकार को डराया-धमकाया गया और उसके हाथ से मोबाइल जबरन छुड़ा लिया गया, ताकि घटना की सच्चाई रिकॉर्ड न हो सके और बाहर न आ पाए। बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने भी पत्रकार पर दबाव बनाया और माहौल ऐसा बना दिया गया कि कोई भी व्यक्ति खुलकर घटना की जानकारी देने से डरने लगे। बीच में खबर कवर कर रहे पत्रकार को लगातार बाधित किया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही थी। इतना ही नहीं, सूत्रों के अनुसार अस्पताल परिसर में कुछ लोग खुलेआम ₹500 तक की अवैध वसूली करते नजर आए, जिससे पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर ही इस प्रकार का व्यवहार होगा, तो आम जनता आखिर कहां सुरक्षित महसूस करेगी। यह घटना प्रशासन की निष्क्रियता और लचर व्यवस्था को उजागर करती है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई होगी, या फिर सिवनी जिला अस्पताल में ‘गुंडा राज’ यूं ही चलता रहेगा?3