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आगामी त्योहारों के मद्देनज़र बांसवाड़ा पुलिस पूरी तरह से सतर्क हो गई है। इसी क्रम में, जिलेभर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च का आयोजन किया गया।
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आगामी त्योहारों के मद्देनज़र बांसवाड़ा पुलिस पूरी तरह से सतर्क हो गई है। इसी क्रम में, जिलेभर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च का आयोजन किया गया।
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- Post by Bapulal Ahari1
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोहकमपुरा में खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र स्थित नरसिंह मंदिर की जमीन पर कथित तौर पर जबरन अतिक्रमण किया गया है। पुजारी संघ की एक बैठक में यह मुद्दा उठा, जिसमें बताया गया कि उपखंड प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन और न्यायालय तक का सहारा लेने तथा कानूनी कार्रवाई करने के बावजूद अब तक यह अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। इसके चलते ग्रामीणों और पुजारी संघ में घोर विरोध व्याप्त है। पुजारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष सुदामा ने बताया कि मोहकमपुरा स्थित नरसिंह मंदिर के पुजारी प्रकाश बैरागी को आए दिन परेशान और प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे संघ ने घोर निंदनीय बताया। संघ ने जोर देकर कहा कि जब न्यायालय ने पुजारी के पक्ष में फैसला दिया है, तो पुजारी प्रकाश को परेशान और प्रताड़ित करना सरासर नाइंसाफी है। पुजारी संघ ने एक स्वर में कहा कि अब पानी सर से ऊपर चला गया है और परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुजारी संघ के अध्यक्ष सुदामा ने चेतावनी दी कि यदि मंदिर की जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो पुजारी और मंदिर के समर्थन में संगठन जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेगा। इस बैठक में पुजारी संघ के संगठन मंत्री गौरी शंकर शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, बांसवाड़ा जिले के जिला अध्यक्ष मगनलाल, जिला उपाध्यक्ष भरतलाल, मोहनलाल शर्मा, जिला संगठन मंत्री ललित बैरागी, प्रकाश बैरागी, हरिदास, दीपक और मोहनदास बैरागी सहित कई सदस्य उपस्थित थे।2
- उदयपुर संभाग के दूसरे सबसे बड़े सोम कमला आंबा बांध के निर्माण को करीब 40 साल बीत चुके हैं, लेकिन इसके डूब क्षेत्र से विस्थापित हुए परिवारों को आज भी आवासीय पट्टे नहीं मिल पाए हैं। अमृतिया पंचायत क्षेत्र से उजाड़े गए करीब 50 से 60 परिवार पिछले पांच दशकों से अपने आवासीय पट्टों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, जिसके कारण वे सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से भी पूरी तरह वंचित हैं। ग्रामीणों ने अब अमृतिया पंचायत में लगे ग्राम सेवा शिविर में न्याय की गुहार लगाई है। सोम कमला आंबा बांध का निर्माण कार्य वर्ष 1980 के दशक में हुआ था। उस दौरान डूब क्षेत्र में आने वाले कई बड़े गांवों के लोगों को मुआवजा देकर अन्यत्र विस्थापित किया गया था। तब सरकार और प्रशासन ने इन प्रभावित परिवारों को आवासीय पट्टे देकर पुनर्स्थापित करने का पक्का वादा किया था, लेकिन आधी सदी बीत जाने के बाद भी इन परिवारों को जमीन का मालिकाना हक (पट्टा) नसीब नहीं हो सका है। पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी इस मांग को लेकर ग्राम पंचायत से लेकर तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय और सरकार द्वारा समय-समय पर आयोजित होने वाले महंगाई राहत या प्रशासन गांवों के संग जैसे शिविरों में दर्जनों बार गुहार लगा चुके हैं। कई बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों की कथित हठधर्मिता और ढुलमुल रवैये के कारण फाइलें आगे नहीं बढ़ पाईं। ग्रामीणों ने बताया कि आवासीय पट्टा जैसे वैध दस्तावेज नहीं होने के कारण उन्हें किसी भी सरकारी योजना का सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा है, चाहे वह आवास योजना हो या अन्य मूलभूत सुविधाएं। पट्टे के अभाव में सब अटक जाता है, और ऐसे में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं इन परिवारों के लिए महज एक दिखावा साबित हो रही हैं। अमृतिया पंचायत में लगे ग्राम सेवा शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने शासन व प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। इस गंभीर मामले को लेकर जब प्रशासनिक अधिकारियों से बात की गई तो कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। आसपुर एसडीएम ने बताया कि प्रभावित ग्रामीणों के आवासीय पट्टों की फाइल तहसीलदार द्वारा उनके पास भेजी गई है, जिसमें कुछ खामियां हैं, जिन्हें दूर करवाते हुए जल्द ही ग्रामीणों को राहत दी जाएगी। वहीं, गांव में आयोजित हुए 'ग्राम सेवा शिविर' में पहुंचे जिला कलेक्टर के सामने भी ग्रामीणों ने अपनी यह व्यथा रखी, जिस पर कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि पूरे प्रकरण को दिखवाया जा रहा है और नियमानुसार जल्द से जल्द ग्रामीणों को राहत प्रदान की जाएगी। अमृतिया पंचायत के इस 'ग्राम सेवा शिविर' में जिला कलेक्टर के आश्वासन और तहसीलदार द्वारा फाइल आगे बढ़ाने से न्याय की एक उम्मीद तो जगी है, लेकिन यह देखना होगा कि क्या यह आश्वासन वाकई हकीकत में बदलता है या फिर इन विस्थापित ग्रामीणों का इंतजार और बढ़ेगा।3
- डूंगरपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन स्वच्छता' के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए गुजरात सीमा पर स्थित रतनपुर बॉर्डर से करीब 30 लाख रुपये मूल्य की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। इस दौरान पुलिस ने बाड़मेर के रहने वाले दो शातिर तस्करों को भी मौके से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर बिछीवाड़ा थाना पुलिस और रतनपुर पुलिस चौकी ने संयुक्त रूप से की। पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि उदयपुर से अहमदाबाद की ओर जाने वाले नेशनल हाईवे-48 (NH-48) के रास्ते गुजरात में अवैध शराब ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर रतनपुर चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ और उनकी टीम ने नाकाबंदी की। तलाशी के दौरान संदिग्ध कंटेनर (नंबर NL 01 AF 7183) को रोका गया, जिसमें ऊपर से प्लास्टिक की बाल्टियां और टेबल भरे हुए दिखाई दिए। हालांकि, गहन जांच पर पुलिस को उसके पीछे छिपा एक गुप्त केबिन मिला, जिसमें अवैध शराब का बड़ा जखीरा छुपाया गया था। इस गुप्त केबिन से हरियाणा और चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब के कुल 252 कार्टन जब्त किए गए। जब्त शराब में 'फॉर सेल ओनली इन हरियाणा' और 'फॉर सेल ओनली इन चंडीगढ़' मार्क वाली महंगी ब्रांड की शराब और वोडका शामिल है। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने में बिछीवाड़ा थानाधिकारी कैलाशचन्द्र सोनी के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अब्दुल मुनाफ, कांस्टेबल जोगेन्द्रसिंह (नंबर 720), कुन्दनसिंह (नंबर 426), युवराजसिंह (नंबर 748), कपिल (नंबर 490) और गौरव (नंबर 951) की मुख्य भूमिका रही।1
- धंबोला कस्बे में श्री गोवर्धननाथजी मंदिर से तालाब की पाल तक के पाल मार्ग पर पिछले करीब 20 दिनों से बंद पड़ी रोड लाइटें, एक समाचार प्रकाशित होने के बाद सोमवार को फिर से चालू हो गईं। इस घटनाक्रम से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से रोड लाइटें बंद रहने के कारण क्षेत्रवासियों को रात्रि में आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। पाल मार्ग पर अंधेरा छाए रहने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष कठिनाइयां झेलनी पड़ रही थीं। इसके साथ ही, दुर्घटनाओं और असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी बनी हुई थी। ग्रामीणों ने समस्या समाधान के लिए कई बार शिकायतें की थीं, लेकिन कोई कार्रवाई न होने से उनमें काफी नाराजगी थी। समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और उसकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। तकनीकी कर्मचारियों ने बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया और उन्हें पुनः चालू कर दिया। अब लाइटें शुरू होने से पाल मार्ग एक बार फिर से रोशनी से जगमगा उठा है।1
- इंदौर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिश्नोई गैंग के तकनीकी मास्टरमाइंड रोहित बर्रा उर्फ नाना को उज्जैन से गिरफ्तार किया है। रोहित बर्रा पर वर्चुअल नंबरों का उपयोग कर व्यापारियों को धमकी दिलाने में मदद करने का आरोप है। SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) की पूछताछ के दौरान, इस गैंग के कई गहरे राज उजागर हुए हैं। इस गिरफ्तारी के बाद, अब क्राइम ब्रांच की रडार पर गैंग के अन्य स्लीपर सेल्स भी आ गए हैं, जिन पर आगे कार्रवाई की जा सकती है।1
- पुलिस ने एक आरोपी को फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि पुलिस आठ दिनों तक वेश बदलकर आरोपी तक पहुंची और फिर उसे धर दबोचा।1
- सीमलवाड़ा क्षेत्र में सोमवार को चौरासी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भचडिया, दरियाटी और वाणिया तालाब में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, विभिन्न विभागों की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की और मौके पर ही अपने लंबित कार्यों का निस्तारण कराया। भचडिया ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर में भाजपा जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना, मंडल अध्यक्ष महेश डामोर, मंडल महामंत्री रतन सिंह चौहान, मंडल उपाध्यक्ष महिपाल सिंह राठौड़, तहसीलदार राजेश मीणा, विकास अधिकारी ललित कुमार पंड्या, सरपंच पवन सिंह डामोर और सहायक विकास अधिकारी सुखदेव रोत सहित कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। इस शिविर में धारा 151 के तहत 11 पट्टों का वितरण किया गया, कृषि विभाग द्वारा जनजाति कृषकों को मुफ्त उन्नत मक्का बीज उपलब्ध कराए गए, पालनहार योजना के एक आवेदन को स्वीकृति मिली, और दो मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए। वहीं, चिखली ब्लॉक की ग्राम पंचायत दरियाटी में भाजपा जिला प्रवक्ता राजेश पाटीदार, पूर्व प्रधान महेंद्र बरजोड़, मंडल उपाध्यक्ष रतनलाल बंजारा, उपखंड अधिकारी महावीर जैन, तहसीलदार अविनाश, नायब तहसीलदार चिराग पंड्या, विकास अधिकारी जयेश पाटीदार, जयसिंह बंजारा, रमेश यादव सहित जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। यहां राजस्व, कृषि और चिकित्सा विभागों के स्टॉलों पर ग्रामीणों की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां उन्होंने विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाते हुए अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन दिए। झौथरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत वाणिया तालाब में सरपंच संघ ब्लॉक अध्यक्ष लीलाराम गमेती ने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने और हर पात्र परिवार को लाभ सुनिश्चित करने के लिए समर्पित भाव से काम करने का आह्वान किया। इस शिविर में भाजपा झौथरी मंडल अध्यक्ष महावीर ननोमा, मंडल महामंत्री मोहन यादव, कोषाध्यक्ष चंदेश कलाल, सरपंच नारायणलाल रोत, पूर्व सरपंच कारीलाल डामोर और बशीलाल सरपोटा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर, जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना, जिला प्रवक्ता राजेश पाटीदार, पूर्व प्रधान महेंद्र बरजोड़, सरपंच संघ अध्यक्ष लीलाराम गमेती और मंडल अध्यक्ष महावीर ननोमा ने संयुक्त रूप से कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी कम हुई है, और लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि जिन परिवारों को अभी तक किसी योजना का लाभ नहीं मिला है, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविरों में पहुंचकर आवेदन करें ताकि उन्हें समयबद्ध तरीके से लाभान्वित किया जा सके। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि ये शिविर केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशील और जनहितैषी सोच का परिणाम हैं, जिनके जरिए सामाजिक सुरक्षा, कृषि, राजस्व, चिकित्सा, शिक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों को सहजता से उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि वे हर आवेदन का गंभीरता से निस्तारण कर आमजन को राहत प्रदान करें। शिविरों के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी गई और मौके पर ही कई मामलों का निस्तारण कर ग्रामीणों को तत्काल राहत पहुंचाई गई। इस पहल से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल दिखा और उन्होंने सरकार एवं प्रशासन की इस पहल की सराहना की।1
- प्रतापगढ़ जिले के धमोतर थाना क्षेत्र के बारावरदा गांव की एक महिला ने जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपकर कुछ लोगों पर दुकान पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज, धमकी देने और लगातार परेशान करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता नेहा चनाल ने बताया कि 18 जून की रात वह अपनी दुकान पर अकेली मौजूद थीं, तभी गांव के दो व्यक्ति सामान खरीदने पहुंचे। आरोप है कि सामान देने के बाद जब उन्होंने रुपये मांगे, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और विवाद करते हुए उन्हें धमकियां दीं। महिला के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें बदनाम करने की धमकी दी तथा दुकान और घर के बाहर आकर लगातार परेशान किया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि अगले दिन आरोपियों ने उनके परिजनों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया और पुलिस कार्रवाई को लेकर खुलेआम चुनौती दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि धमोतर थाना और बारावरदा पुलिस चौकी को घटना की सूचना देने के बावजूद अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण वह भय और असुरक्षा के माहौल में जी रही हैं। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उसे सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई है। इस गंभीर मामले में अब यह देखना होगा कि पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाता है।3