मांडू राम मंदिर में राम जन्मोत्सव की तैयारी: 27 मार्च को होगा 5 मिनट का सूर्य तिलक, श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर प्रशासन अलर्ट मांडू राम मंदिर में राम जन्मोत्सव की तैयारी: 27 मार्च को होगा 5 मिनट का सूर्य तिलक, श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर प्रशासन अलर्ट राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/ मांडू के चतुर्भुज राम मंदिर में राम जन्मोत्सव (रामनवमी) की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आयोजन 27 मार्च को होगा। मंदिर परिसर में रंगाई-पुताई, साफ-सफाई और भव्य लाइट डेकोरेशन का कार्य प्रगति पर है। रामनवमी के अवसर पर नौ दिनों तक रामायण /रामचरितमानस का नवाह्न पारायण पाठ, विशेष अनुष्ठान और यज्ञ आयोजित किए जाएंगे। दोपहर 12 बजे भगवान राम का 5 मिनट का सूर्य तिलक किया जाएगा, जिसके लिए तकनीकी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना महोत्सव के दौरान भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचन जैसे कार्यक्रम भी होंगे। मंदिर प्रशासन लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कार्य योजना तैयार कर रहा है। रामनवमी पर चतुर्भुज श्री राम मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर और पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और व्यवस्था की तैयारियां की हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अधिक संख्या में भक्तों के आने का अनुमान है।नगर परिषद ने साफ-सफाई और सुविधाओं की तैयारी तेज नगर परिषद भी रामनवमी की तैयारियों में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों, घाटों और मंदिरों के आसपास विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह छाया, पेयजल, अस्थायी शौचालय, मेडिकल कैंप और सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यातायात और सुरक्षा के लिए विशेष योजना यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग, अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाए जाएंगे। साथ ही, सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी रखेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। राम जन्मोत्सव के अवसर पर मांडू की सड़कों और मंदिरों को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया जाएगा। पूरे शहर में भक्ति और उत्सव का माहौल देखने को मिलेगा. देश और प्रदेश के साथ इंदौर संभाग के विभिन्न जिलो से आने वाले श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन कर इस पावन अवसर का हिस्सा बनेंगे।प्रशासन का कहना है कि रामभक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। 27 मार्च को चतुर्भुज राम नगरी मांडू एक बार फिर हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से सराबोर नजर आएगी, जहां भक्ति, श्रद्धा और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। राम जन्मोत्सव की प्रमुख तैयारियां- भव्य श्रृंगारः मंदिरों को फूलों, रोशनी और झालरों से सजाया जा रहा है। पालकी यात्रा: कई शहरों में रामजी की भव्य शोभायात्रा और पालकी यात्रा निकाली जा रही है। विशेष पूजाः रामलला के जन्म के उपलक्ष्य में दोपहर 12 बजे विशेष पूजा, महाआरती और हवन आयोजित किए जाएंगे। रामायण पाठ व कीर्तनः रामनवमी से पहले ही रामचरितमानस या वाल्मीकि रामायण का 9 दिवसीय पाठ और अखंड कीर्तन शुरू हो होने वाला 19 मार्च से। सूर्य तिलकः मांडू के चतुर्भुज श्री राम मंदिर में दोपहर 12 बजे भगवान राम के मस्तक पर सूर्य की किरणों से अभिषेक (सूर्य तिलक) के लिए दर्पण और लेंस की तकनीकी व्यवस्था की गईं है। प्रसादी वितरणः भक्तों के लिए विशेष प्रसादी वितरण और भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। भक्तों के लिए इंतजामः लाखों श्रद्धालुओं के आगमन कोदेखते हुए टेंट, पेयजल, अस्थायी शौचालय, और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। शोभायात्रा और झांकियां: मांडू नगर और नालछा आदि कई स्थानों पर राम दरबार की झांकियां और शोभायात्रा निकाली जाऐगी। महंत बोले-रामनवमी पर सूर्य की किरणों से होगा तिलक महंत नरसिंह दास ने कहा कि रामनवमी केवल त्योहार नहीं, बल्कि भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का अवसर है। उन्होंने बताया कि इस दिन सूर्य की किरणें पांच मिनट तक भगवान के ललाट पर तिलक करेंगी और सवा लाख राम मंत्रों का जप किया जाएगा। जन्मोत्सव का सीधा प्रसारण प्रोजेक्टर पर लाइव दिखाया जाएगा, जिसे देखने हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे।
मांडू राम मंदिर में राम जन्मोत्सव की तैयारी: 27 मार्च को होगा 5 मिनट का सूर्य तिलक, श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर प्रशासन अलर्ट मांडू राम मंदिर में राम जन्मोत्सव की तैयारी: 27 मार्च को होगा 5 मिनट का सूर्य तिलक, श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर प्रशासन अलर्ट राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/ मांडू के चतुर्भुज राम मंदिर में राम जन्मोत्सव (रामनवमी) की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आयोजन 27 मार्च को होगा। मंदिर परिसर में रंगाई-पुताई, साफ-सफाई और भव्य लाइट डेकोरेशन का कार्य प्रगति पर है। रामनवमी के अवसर पर नौ दिनों तक रामायण /रामचरितमानस का नवाह्न पारायण पाठ, विशेष अनुष्ठान और यज्ञ आयोजित किए जाएंगे। दोपहर 12 बजे भगवान राम का 5 मिनट का सूर्य तिलक किया जाएगा, जिसके लिए तकनीकी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना महोत्सव के दौरान भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचन जैसे कार्यक्रम भी होंगे। मंदिर प्रशासन लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कार्य योजना तैयार कर रहा है। रामनवमी पर
चतुर्भुज श्री राम मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर और पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और व्यवस्था की तैयारियां की हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अधिक संख्या में भक्तों के आने का अनुमान है।नगर परिषद ने साफ-सफाई और सुविधाओं की तैयारी तेज नगर परिषद भी रामनवमी की तैयारियों में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों, घाटों और मंदिरों के आसपास विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह छाया, पेयजल, अस्थायी शौचालय, मेडिकल कैंप और सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यातायात और सुरक्षा के लिए विशेष योजना यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग, अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाए जाएंगे। साथ ही, सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी रखेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। राम जन्मोत्सव के अवसर पर मांडू की सड़कों और
मंदिरों को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया जाएगा। पूरे शहर में भक्ति और उत्सव का माहौल देखने को मिलेगा. देश और प्रदेश के साथ इंदौर संभाग के विभिन्न जिलो से आने वाले श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन कर इस पावन अवसर का हिस्सा बनेंगे।प्रशासन का कहना है कि रामभक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। 27 मार्च को चतुर्भुज राम नगरी मांडू एक बार फिर हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से सराबोर नजर आएगी, जहां भक्ति, श्रद्धा और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। राम जन्मोत्सव की प्रमुख तैयारियां- भव्य श्रृंगारः मंदिरों को फूलों, रोशनी और झालरों से सजाया जा रहा है। पालकी यात्रा: कई शहरों में रामजी की भव्य शोभायात्रा और पालकी यात्रा निकाली जा रही है। विशेष पूजाः रामलला के जन्म के उपलक्ष्य में दोपहर 12 बजे विशेष पूजा, महाआरती और हवन आयोजित किए जाएंगे। रामायण पाठ व कीर्तनः रामनवमी से पहले ही रामचरितमानस या वाल्मीकि रामायण का 9 दिवसीय पाठ और अखंड कीर्तन शुरू
हो होने वाला 19 मार्च से। सूर्य तिलकः मांडू के चतुर्भुज श्री राम मंदिर में दोपहर 12 बजे भगवान राम के मस्तक पर सूर्य की किरणों से अभिषेक (सूर्य तिलक) के लिए दर्पण और लेंस की तकनीकी व्यवस्था की गईं है। प्रसादी वितरणः भक्तों के लिए विशेष प्रसादी वितरण और भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। भक्तों के लिए इंतजामः लाखों श्रद्धालुओं के आगमन कोदेखते हुए टेंट, पेयजल, अस्थायी शौचालय, और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। शोभायात्रा और झांकियां: मांडू नगर और नालछा आदि कई स्थानों पर राम दरबार की झांकियां और शोभायात्रा निकाली जाऐगी। महंत बोले-रामनवमी पर सूर्य की किरणों से होगा तिलक महंत नरसिंह दास ने कहा कि रामनवमी केवल त्योहार नहीं, बल्कि भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का अवसर है। उन्होंने बताया कि इस दिन सूर्य की किरणें पांच मिनट तक भगवान के ललाट पर तिलक करेंगी और सवा लाख राम मंत्रों का जप किया जाएगा। जन्मोत्सव का सीधा प्रसारण प्रोजेक्टर पर लाइव दिखाया जाएगा, जिसे देखने हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे।
- ग्राम नौगांवाखुर्द में विगत दिनों खेत से मिले नरकंकाल के हत्याकांड को लेकर कानवन थाना पुलिस को आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली है।मामले का खुलासा करते हुए कानवन थाना प्रभारी अभय नेमा ने मीडिया को जानकारी दी।1
- मांडू में अपने घरों पर गुड़ी बांधकर हिंदू नवर्ष बनाया घरों में बनाएं पारंपरिक व्यंजन पूरन पोली और श्री खंड पूरी राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/ 19 मार्च को गुड़ी पड़वा का पर्व है, जिसे बेहद पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक यह पर्व चैत्र महीने के पहले दिन मनाया जाता है। इस दिन से हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी हो जाती है। वैसे यह पर्व मुख्य रूप से महाराष्ट्र में मनाया जाता है, जबकि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में इसी दिन को उगादी के रूप में मनाते हैं। इस दिन सूर्योदय से पहले शरीर पर तिल का तेल और उबटन लगाकर स्नान किया जाता है। स्नान के बाद लोग नीम के पत्ते खाते हैं, क्योंकि यह खून को शुद्ध करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक माना जाता है। गुड़ी पड़वा में 'गुड़ी' का अर्थ होता है विजय ध्वज और 'पड़वा' का मतलब है प्रतिपदा यानि पहला दिन। इस दिन लोग अपने घरों के बाहर गुड़ी लगाते हैं, जो जीत, समृद्धि और शुभता का प्रतीक होता है। इस दिन लोग अपनों को गुड़ी पड़वा की बधाई संदेश भेजते वही हेमंत राव कदम ओर उनकी पत्नी कविता राव कदम ने बताया किमराठा समाज गुड़ी पड़वा पर 'गुड़ी' (विजय पताका) को घर के बाहर जीत, समृद्धि और नववर्ष की शुरुआत के प्रतीक के रूप में लगाते हैं। यह मुख्य रूप से छत्रपति शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक विजयों, रावण पर भगवान राम की जीत, और वसंत ऋतु के आगमन का उत्सव है, जो घर में खुशहाली और सकारात्मकता लाता है। गुड़ी लगाने के प्रमुख कारण: • विजय का प्रतीक गुड़ी का अर्थ है विजय पताका। यह छत्रपति शिवाजी महाराज की जीत और मराठा योद्धाओं के गौरव का प्रतीक है। • नव वर्ष का शुभारंभ: यह मराठी हिंदुओं के लिए पारंपरिक नव वर्ष का पहला दिन होता है। • भगवान राम की अयोध्या वापसी: मान्यता है कि इसी दिन भगवान राम रावण को हराकर अयोध्या लौटे थे, जिसके उपलक्ष्य में लोगों ने ध्वज फहराए थे। • पौराणिक मान्यता (ब्रह्मा जी): मान्यता के अनुसार, इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। • स्वास्थ्य और समृद्धि: गुड़ी के ऊपर नीम के पत्ते, आम की डालियां और फूलों का उपयोग किया जाता है, जो स्वास्थ्य और समृद्धि के प्रतीक हैं। • शालिवाहन शक की शुरुआत: राजा शालिवाहन द्वारा शकों पर विजय प्राप्त करने के बाद, इसी दिन से शालिवाहन शक संवत की शुरुआत हुई। गुड़ी को एक बांस की लकड़ी के ऊपर चांदी, तांबे या पीतल के कलश को उल्टा रखकर, उस पर रेशमी कपड़े, नीम की पत्तियों और फूलों की माला से सजाया जाता है। वही गुड़ी पड़वा पर महाराष्ट्र में पारंपरिक व्यंजन जैसे पूरन पोली (गुड़-चने की दाल की रोटी), श्रीखंड-पूरी, बटाटा भाजी, कोथिंबीर वड़ी और साखर भात (मीठे चावल) मुख्य रूप से बनाए जाते हैं। इसके साथ ही, स्वास्थ्य और नई शुरुआत के प्रतीक के रूप में नीम की पत्तियों, गुड़, और मिश्री से बना विशेष प्रसाद खाया जाता है। पारंपरिक गुड़ी पड़वा थाली में शामिल प्रमुख व्यंजन बनाए जाते हैं2
- इंदौर में बड़ा हादसा इलेक्ट्रिक कार में ब्लास्ट आठ की मौत1
- मध्यप्रदेश के महू से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक चलती कार अचानक आग का गोला बन गई। गनीमत रही कि ड्राइवर ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली। जानकारी के मुताबिक, जाम गेट के पास एक कार में अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि पहले कार से धुआं उठना शुरू हुआ, जिसे देखकर ड्राइवर ने तुरंत सतर्कता दिखाई और चलती गाड़ी से कूद गया। देखते ही देखते कार पूरी तरह आग की लपटों में घिर गई और कुछ ही मिनटों में जलकर खाक हो गई। घटना माधवपुरा के पास की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज थी कि कार को बचाया नहीं जा सका। हालांकि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन समय पर लिया गया ड्राइवर का फैसला उसकी जान बचाने में कामयाब रहा।1
- चैत्र नवरात्रि के पहले दिन राजवाड़ा स्थित अति प्राचीन होलकर कालीन महालक्ष्मी मंदिर के पुजारी पंडित दिनेश उज्जैन कर ने बताया कि सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर में भारी भीड़ हो रही है। पत्रकार राजेंद्र मालवीय1
- हिंदू नववर्ष "वर्ष प्रतिपदा" पर गुड़ी पूजन आज हुआ कार्यालय पर लगा श्रीखंड का भोग और हुआ गुड़ धनिये का वितरण (बीजेपी कार्यालय जावरा कंपाउंड इंदौर) इंदौर। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, महामंत्री सुधीर कोल्हे, महेश कुकरेजा और कैलाश पिपले ने बताया कि हिंदू नववर्ष वर्ष प्रतिपदा के पावन पर्व के अवसर पर आज 19 मार्च को सुबह 8 .30 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय भवन जावरा कंपाउंड, भाजपा कार्यालय पर पारंपरिक गुड़ी पूजन हुआ नेताओं ने बताया कार्यालय पर पारंपरिक गुड़ी सजाई उसका विधिवत मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया गया श्रीखंड का भोग अर्पित किया साथ ही कार्यकर्ता ओं ने गुड धनिये का वितरण भी किया इस मौके पर , भाजपा कार्यालय पर मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, विधायक रमेश मेंदोला विधायक गोलू शुक्ला पहुंचे, गुड़ी पड़वा के आयोजन में,, यह जानकारी मीडिया प्रभारी वरुण पाल ने दी1
- Post by Aarti Raikwar1
- *💥कानवन पुलिस ने किया, हत्याकांड का खुलासा,हत्या कर खेत में फेंकी थी लाश💥* *देखें पूरी खबर 🖕* *चैनल को 👍LIKE,💫 SHARE SUBSCRIBE 🎯* is khbar ko sabhi grupo me share kare...1