कांगड़ा भूकंप की 121वीं वर्षगांठ पर निकलेगी एकजुटता रैली, मॉक ड्रिल भी होगी वर्ष 1905 में कांगड़ा घाटी में आए विनाशकारी भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर शनिवार को जिला हमीरपुर में भी जागरुकता कार्यक्रम एवं मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। एसडीएम संजीत सिंह ने वीरवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके इस जागरुकता कार्यक्रम एवं मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि 4 अप्रैल 1905 को कांगड़ा घाटी में बहुत ही विनाशकारी भूकंप आया था। इसे भारत के इतिहास में सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जाता है। इसमें लगभग 20,000 लोगों की जान चली गई थी और एक लाख से अधिक भवन क्षतिग्रस्त हो गए थे। भविष्य में इस तरह की आपदा की स्थिति में जान-माल के नुक्सान को कम करने तथा ऐसी आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम देेने के लिए ही कांगड़ा घाटी की भूकंप त्रासदी की वर्षगांठ पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस बार भी 4 अप्रैल को सुबह साढे नौ बजे उपायुक्त कार्यालय परिसर से एक सॉलीडैरिटी मार्च (एकजुटता रैली) निकाला जाएगा तथा मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाएगी। इस मॉक ड्रिल में भूकंप से क्षतिग्रस्त हुए भवनों में फंसे लोगों को निकालने का अभ्यास किया जाएगा। एसडीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों से इस मॉक ड्रिल एवं रैली में भाग लेने की अपील की है। -0-
कांगड़ा भूकंप की 121वीं वर्षगांठ पर निकलेगी एकजुटता रैली, मॉक ड्रिल भी होगी वर्ष 1905 में कांगड़ा घाटी में आए विनाशकारी भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर शनिवार को जिला हमीरपुर में भी जागरुकता कार्यक्रम एवं मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। एसडीएम संजीत सिंह ने वीरवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके इस जागरुकता कार्यक्रम एवं मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि 4 अप्रैल 1905 को कांगड़ा घाटी में बहुत ही विनाशकारी भूकंप आया था। इसे भारत के इतिहास में सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जाता है। इसमें लगभग 20,000 लोगों की जान चली गई थी और एक लाख से अधिक भवन क्षतिग्रस्त हो गए थे। भविष्य में इस तरह की आपदा की स्थिति में जान-माल के नुक्सान को कम करने तथा ऐसी आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम देेने के लिए ही कांगड़ा घाटी की भूकंप त्रासदी की वर्षगांठ पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस बार भी 4 अप्रैल को सुबह साढे नौ बजे उपायुक्त कार्यालय परिसर से एक सॉलीडैरिटी मार्च (एकजुटता रैली) निकाला जाएगा तथा मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाएगी। इस मॉक ड्रिल में भूकंप से क्षतिग्रस्त हुए भवनों में फंसे लोगों को निकालने का अभ्यास किया जाएगा। एसडीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों से इस मॉक ड्रिल एवं रैली में भाग लेने की अपील की है। -0-
- Post by Dinesh Kumar1
- हमीरपुर सलासी स्थित होटल प्रबंधन संस्थान (आईएचएम) हमीरपुर का 14वां वार्षिक समारोह ‘उड़ान-2026’ वीरवार को मनाया गया। मुख्य अतिथि एसपी बलवीर सिंह ने दीप प्रज्जवलन के साथ इस समारोह का शुभारंभ किया। समारोह की विशिष्ट अतिथि विजया ठाकुर और एडीसी हमीरपुर एवं संस्थान के कार्यकारी प्रधानाचार्य अभिषेक गर्ग भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए एसपी ने कहा कि आईएचएम हमीरपुर ने बहुत कम समय में ही कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और यहां के विद्यार्थी कई बड़ी कंपनियों में कार्यरत हैं तथा इन्होंने देश-विदेश में नाम कमाया है। इसके लिए विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के साथ-साथ संस्थान के स्टाफ के सभी सदस्य भी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि होटल प्रबंधन एवं आतिथ्य के क्षेत्र में युवाओं के लिए विश्व भर में अन्नत संभावनाएं मौजूद हैं। युवाओें को इन संभावनाओं का भरपूर लाभ उठाना चाहिए। एसपी ने कहा कि आज के दौर में सफलता के लिए कोई न कोई स्किल अवश्य होना चाहिए। युवाओं के कौशल विकास के लिए आईएचएम हमीरपुर जैसे संस्थानों की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक, खेल और अन्य गतिविधियों में सराहनीय प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए एडीसी एवं संस्थान के कार्यकारी प्रधानाचार्य अभिषेक गर्ग ने कहा कि यह वार्षिक उत्सव केवल विद्यार्थियों की उपलब्धियों को पुरस्कृत करने का दिन ही नहीं है, बल्कि यह उनकी मेहनत और समर्पण को उत्सव की तरह मनाने का दिन भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे जीवन में निरंतर मेहनत एवं अनुशासन के साथ आगे बढ़ें और अपने लिए सुनहरा भविष्य सुनिश्चित करें। इससे पहले, संस्थान के विभागाध्यक्ष पुनीत बंटा ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि आईएचएम हमीरपुर की प्लेसमेंट का आंकड़ा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सौ प्रतिशत रहा। उन्होंने बताया कि गत 15 वर्षाें के दौरान संस्थान में तीन वर्षीय डिग्री के लगभग 950 विद्यार्थी, क्राफ्ट कोर्स फूड प्रोडक्शन के लगभग 441 छात्र और डिप्लोमा फूड एंड बेवरीज के लगभग 263 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं। समारोह में विद्यार्थियों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। संस्थान के प्रवक्ता रोमी शर्मा ने मुख्य अतिथि, अन्य अतिथियों, स्टाफ और विद्यार्थियों का धन्यवाद किया। ------ सागर वीका को मिला सर्वश्रेष्ठ छात्र का खिताब समारोह में बीएससी एचएंडएचए के 2023-26 बैच के सागर वीका को सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी का पुरस्कार दिया गया। प्रियांशु शर्मा को मिक्सोलॉजी क्लब, रणवीर को गुरमय क्लब, सागर वीका को आतिथ्यम और माहुल राणा को सज्जाकार क्लब के सर्वश्रेष्ठ छात्र के पुरस्कार दिए गए। शैक्षणिक गतिविधियों में सत्र 2024-25 के तृतीय वर्ष के लिए कनिका बनियाल को प्रथम, मनीश रावत को द्वितीय व राहुल शर्मा को तृतीय पुरस्कार मिला। द्वितीय वर्ष के लिए प्रियांशु शर्मा को प्रथम, कार्तिक शर्मा को द्वितीय और सागर वीका को तृतीय पुरस्कार मिला। प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों में परीक्षित ठाकुर प्रथम, राहुल ठाकुर द्वितीय और अंशित पठानिया तृतीय रहे। क्राफ्ट कोर्स फूड प्रोडक्शन में कार्तिक शर्मा प्रथम, दीपक द्वितीय और अंकित मिन्हास तृतीय, डिप्लोमा फूड एंड बीबरेज में नंदिनी प्रथम, विकास द्वितीय और निखिल तृतीय रहे।2
- सुजानपुर सिविल हॉस्पिटल सुजानपुर में मध्य रात्रि अज्ञात चोर आ रहे हैं! इस घटना से लोग सहमे हुए हैं और सुरक्षा कर्मी लगाने की उठाई मांग है अस्पताल में एडमिट हुए पेशेंट बोले कि कमरों में कुंडीया नहीं लगी है1
- बंगाणा, हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि एनआईएस प्रशिक्षित कोच शाम लाल चौधरी को ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी नेशनल कयाकिंग एवं कैनोइंग टूर्नामेंट में नेशनल टेक्निकल ऑफिसियल (मुख्य रेफरी) के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। यह प्रतियोगिता 04 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक Shivaji University, Kolhapur द्वारा आयोजित की जा रही है। शाम लाल चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य रेफरी के रूप में कार्य करना उनके लिए सम्मान और गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि यह अनुभव उन्हें खेल को एक नए दृष्टिकोण से देखने और तकनीकी नियमों के निष्पक्ष संचालन में योगदान देने का अवसर देगा। इस प्रतियोगिता में देशभर के 42 विश्वविद्यालयों के करीब 2000 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। खेल प्रेमियों और विश्वविद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि पर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।1
- घुमारवीं (बिलासपुर), 02 अप्रैल : प्रदेश सरकार के नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज घुमारवीं के गांव चुवाड़ी स्थित बल्ली मंदिर परिसर में आमजन के साथ सादगीपूर्ण ढंग से अपना 54वां जन्मदिन मनाया। इस दौरान उन्होंने ने धर्मपत्नी सोनिका धर्माणी संग स्थानीय मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। इसके उपरांत मंत्री ने कार्यकर्ताओं और लोगों के साथ केक भी काटा। कार्यक्रम के दौरान उन्हें शुभकामनाएं देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा तथा पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की। मंत्री राजेश धर्माणी ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेश भर से मिल रही शुभकामनाओं और बधाइयों के लिए प्रदेशवासियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और वे प्रदेश के विकास एवं जनसेवा के लिए निरंतर समर्पित रहेंगे। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी घुमारवीं ने बल्ली मंदिर परिसर में रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 65 लोगों ने रक्तदान किया। मंत्री राजेश धर्माणी ने रक्तदान करने वालों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर पुरस्कृत भी किया। इस अवसर पर कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- ऊना के पीरनिगाह रोड़ स्थित एक दुकान में उस समय हड़कंप मच गया, जब दुकानदार विनोद की दुकान के अंदर भारत के सबसे खतरनाक सांपों में से एक रसल वाइपर दिखाई दिया। सांप चुपचाप दुकानदार की कुर्सी के पीछे बैठा हुआ था । जैसे ही विनोद की नजर सांप पर पड़ी, उन्होंने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए आसपास के लोगों को दूर रहने को कहा और मामले की सूचना रामपुर के स्नेक कैचर को दी। सूचना मिलते ही स्नेक कैचर जितेंद्र मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बड़ी सावधानी और सूझबूझ के साथ रसल वाइपर को रेस्क्यू किया। इस दौरान दुकान के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन जितेंद्र ने सभी को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। कुछ समय की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया और बाद में उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। जितेंद्र ने बताया कि रसल वाइपर बेहद जहरीला और आक्रामक स्वभाव का सांप होता है, जिसका जहर इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी को सांप काट ले तो वे झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में न पड़ें, बल्कि तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाकर इलाज करवाएं। सही समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से जान बचाई जा सकती है।1
- सरकार के कई आला अधिकारी प्रदेश में टुरिज्म की कमर तोडऩे पर उतारू हैं। आए दिन सरकार के यह अधिकारी सरकार को गुमराह कर नए-नए निर्णय ले रहे हैं। लेकिन बाद में प्रदेश सरकार की इन निर्णयों पर फजीहत भी हो रही है। अभी हाल ही में प्रदेश सरकार की ओर से एंट्री टैक्स फीस को लेकर लिया गया निर्णय सरकार पर ही भारी पड़ा है। लेकिन अब निर्णय को सरकार द्वारा वापस ले लिया गया है। प्रदेश सरकार के यह सराहनीय प्रयास हैं, लेकिन इस तरह के अधिकारियों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह बात ऑल हिमाचल टैक्सी ऑपरेटर एंड ड्राइवर वेलफेयर युनियन के प्रदेश अध्यक्ष रामरतन शर्मा, चेयरमैन रविंद्र शर्मा, महासचिव विपन शर्मा, मनाली टैक्सी ऑपरेटर युनियन के अध्यक्ष अभी ठाकुर सहित अन्य ने बिलासपुर सर्किट हाऊस में आयोजित प्रेसवार्ता में कही।1
- हमीरपुर कांग्रेस नेता विवेक कटोच ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का ग्यारहवां सत्र संपन्न हो चुका है, लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर, विधानसभा का उपयोग जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए किया जाता है, परंतु हमीरपुर से विधायक आशीष शर्मा ने इस पवित्र मंच को अपनी निजी ढाल और परिवार के व्यापारिक बचाव का अड्डा बना दिया है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर की जनता ने एक प्रतिनिधि इसलिए चुना था कि वह सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और जैसे मुद्दों को सरकार के समक्ष रखेगा और हाल करवायेगा। लेकिन पूरे सत्र के दौरान विधायक ने केवल अपने भाई, चाचा और अपने डूबते हुए अवैध कारोबार का विलाप करते नजर आए। यह न केवल विधायक पद की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि हमीरपुर की उस जनता के साथ भी बड़ा विश्वासघात है जिसने उन्हें सदन में अपनी आवाज़ बनाकर भेजा था। कांग्रेस नेता विवेक कटोच ने कहा कि अवैध खनन जैसे गंभीर अपराध पर विधायक आशीष शर्मा का तर्क सुनकर प्रदेश दंग है। उनका कहना है कि— "अगर रॉयल्टी या पेनल्टी बाकी थी, तो सीधे पैसे जमा करवा लेते, एफआईआर की क्या जरूरत थी?" यह बयान कानून-व्यवस्था का सीधा अपमान है। क्या अब प्रदेश में अपराध करने का नया तरीका यह होगा कि 'पकड़े जाओ तो पैसे दे दो, और न पकड़े गए तो मौज करो '? एक चुने हुए विधायक द्वारा सदन में ऐसी भाषा का प्रयोग करना यह दर्शाता है कि वे स्वयं को कानून से ऊपर समझते हैं। आशीष शर्मा ने अपने स्वार्थ के लिए अपने कारोबार को अपने सगे भाई और चाचा के नाम पर स्थानांतरित कर दिया और सारा अवैध कारोबार का सारा दोष अपने परिवार के सर मढ़ दिया । उन्होंने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद भी, उनके व्यवहार में न तो कोई पश्चाताप है और न ही नैतिकता। 'शराफत' का जो चोला ओढ़कर उन्होंने हमीरपुर की भोली-भाली जनता को गुमराह किया था, वह अब तार-तार हो चुका है। सच सबके सामने आ रहा है कि उनके लिए विधायक का पद केवल अपने निजी साम्राज्य को बचाने का एक जरिया मात्र है।1