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रीवा जिले के समान थाना क्षेत्र में एक शराब दुकान के सामने बने अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई। इस दौरान मौके पर मौजूद परिजन लगातार चिल्लाते रहे और खुद के भूमि स्वामी होने का दावा करते रहे। हालांकि, तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि उनके पास निर्माण खाली कराने का आदेश है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित लोगों को पूर्व में ही नोटिस दिए जा चुके थे और सूचित भी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने निर्माण खाली नहीं किया। इसी के चलते आज प्रशासन अपनी कार्रवाई को अंजाम दे रहा है। इस पूरी स्थिति पर समान थाना प्रभारी प्रिया सिंह अपने पुलिस बल के साथ लगातार नजर बनाए हुए हैं।
JOURNALIST RIPPU PANDEY
रीवा जिले के समान थाना क्षेत्र में एक शराब दुकान के सामने बने अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई। इस दौरान मौके पर मौजूद परिजन लगातार चिल्लाते रहे और खुद के भूमि स्वामी होने का दावा करते रहे। हालांकि, तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि उनके पास निर्माण खाली कराने का आदेश है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित लोगों को पूर्व में ही नोटिस दिए जा चुके थे और सूचित भी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने निर्माण खाली नहीं किया। इसी के चलते आज प्रशासन अपनी कार्रवाई को अंजाम दे रहा है। इस पूरी स्थिति पर समान थाना प्रभारी प्रिया सिंह अपने पुलिस बल के साथ लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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- अग्रवाल और वैश्य समाज ने अपनी समाज की 16 वर्षीय बच्ची अंशिका के लिए न्याय की मांग को लेकर एक एकजुट रैली निकाली। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य अंशिका को न्याय दिलाना था, जिसके लिए समाज ने अपनी सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन किया।1
- मैहर जिले में पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने एक साथ 10 से अधिक स्थानों पर छापेमार कार्रवाई की, जिससे अवैध नशे के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप और भय का माहौल देखने को मिला। पुलिस प्रशासन द्वारा अवैध शराब के खिलाफ चलाए गए इस विशेष अभियान में जिले के विभिन्न क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। छापे के दौरान, संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली गई और अवैध शराब जब्त की गई, जिसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ भविष्य में भी लगातार अभियान जारी रहेंगे। इस बड़ी कार्रवाई के परिणामस्वरूप, अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। वहीं, आम नागरिकों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत करते हुए मैहर जिले को नशा मुक्त बनाने की मांग की है।1
- चित्रकूट में रात के समय यह जानकारी सामने आई कि विभाग द्वारा पहले से जर्जर घोषित किए गए एक भवन में कुछ घुमक्कड़ लोगों को रखा गया था। जब मीडियाकर्मी इस मामले की जानकारी लेने पहुंचे और उन्होंने सवाल उठाने शुरू किए, तो आरोप है कि चित्रकूट थाना प्रभारी ने दूर खड़े पत्रकारों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। मीडियाकर्मियों ने थाना प्रभारी के इस कदम को उन्हें डराने और उन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से उठाया गया बताया। इस घटना के बाद पत्रकारों के बीच यह बहस तेज हो गई है कि क्या मीडिया को स्वतंत्र रूप से जानकारी प्राप्त करने और जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। मामले को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े हो रहे हैं, जैसे कि यदि किसी भवन को विभाग ने जर्जर घोषित किया है, तो उसमें लोगों को रखने का निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया? साथ ही, पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देने के बजाय उनका वीडियो बनाना क्या उचित प्रशासनिक व्यवहार माना जा सकता है? इस पूरे मामले का रीवा आईजी ने संज्ञान लिया है।1
- रीवा में आदिवासी छात्रावास से जुड़ी समस्याओं को लेकर सांसद समर्थकों और एनएसयूआई (NSUI) कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। यह पूरी घटना आदिवासी छात्रावास की दिक्कतों से उत्पन्न हुई, जिसके समाधान को लेकर दोनों पक्षों में गर्मागरम चर्चा देखने को मिली।1
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- रीवा संभाग के सीधी जिले के पैपखरा गांव से ग्रामीणों ने विजय शर्मा और उनके पुत्रों पर अवैध ब्लास्टिंग और खनन का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों द्वारा बनाए गए वीडियो में साफ तौर पर अवैध गतिविधियां दिखाई दे रही हैं, जिसके चलते लोग गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों के अनुसार, 'बालाजी स्टोन क्रेशर' फर्म के मालिक विजय शर्मा और उनके पुत्र एक क्रेशर का पंजीकरण कराकर दो-दो क्रेशर चला रहे हैं। वे नियमों का उल्लंघन करते हुए निर्धारित सीमा से अधिक गहराई तक ब्लास्टिंग और खुदाई कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह भी है कि ब्लास्टिंग स्थल के 500 मीटर के भीतर ही गांव बसा हुआ है, और ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन 'मौत का तांडव' किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि विजय शर्मा उन्हें धमकाते हैं कि यदि कोई शिकायत करेगा तो उसका खैर नहीं होगा, और वे गन-पिस्टल लेकर चलते हैं। इसके चलते शासन-प्रशासन का उन्हें कोई डर-भय नहीं लगता। ग्रामीणों ने सीधी कलेक्टर पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, कि वे बिना जांच किए विजय शर्मा और उनके पुत्रों को तुरंत लाइसेंस जारी कर रहे हैं, जबकि आम लोग वर्षों से लाइसेंस बनवाने का इंतजार कर रहे हैं और उनके लाइसेंस नहीं बन पा रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि विजय शर्मा और उनके पुत्र इतनी ताकत रखते हैं कि कलेक्टर ऐसे 'फर्जी तरीके से काम कर रहे' व्यक्तियों का लाइसेंस तुरंत बना देते हैं।2