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रायसेन जिला प्रशासन पर एक बड़ा सवाल उठाते हुए, यह पूछा गया है कि क्या प्रशासन इंदौर के भागीरथपुरा जैसी किसी बड़ी महामारी के आने का इंतजार कर रहा है। यह गंभीर आरोप प्रशासन की निष्क्रियता की ओर इशारा करता है, जिससे भविष्य में बड़ी स्वास्थ्य चुनौती उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है।
Vineet maheshwari
रायसेन जिला प्रशासन पर एक बड़ा सवाल उठाते हुए, यह पूछा गया है कि क्या प्रशासन इंदौर के भागीरथपुरा जैसी किसी बड़ी महामारी के आने का इंतजार कर रहा है। यह गंभीर आरोप प्रशासन की निष्क्रियता की ओर इशारा करता है, जिससे भविष्य में बड़ी स्वास्थ्य चुनौती उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है।
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- रायसेन जिला प्रशासन पर एक बड़ा सवाल उठाते हुए, यह पूछा गया है कि क्या प्रशासन इंदौर के भागीरथपुरा जैसी किसी बड़ी महामारी के आने का इंतजार कर रहा है। यह गंभीर आरोप प्रशासन की निष्क्रियता की ओर इशारा करता है, जिससे भविष्य में बड़ी स्वास्थ्य चुनौती उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है।1
- रायसेन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा ने आम नागरिकों की समस्याओं को सुना और उनका निराकरण किया। कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने जनसुनवाई में आए आवेदकों से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा की और उन्हें हल किया। कुछ प्रकरणों में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही कर समस्या का निराकरण करने के निर्देश भी दिए। इस जनसुनवाई में कुल लगभग 87 आवेदन प्राप्त हुए। इस दौरान कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला पंचायत सीईओ श्री कमल सोलंकी, अपर कलेक्टर श्री मनोज उपाध्याय और अन्य जिला अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, विकासखण्डों से एसडीएम और जनपद सीईओ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जनसुनवाई में शामिल हुए।1
- आज गंगा दशहरा के अवसर पर 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत साचेत में स्थित प्राचीन बाबड़ी पर जल स्त्रोत का पूजन किया गया। इस दौरान एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसके उपरांत भगवान शिव जी का अभिषेक किया गया। कार्यक्रम में सभी उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प भी लिया। जन अभियान परिषद द्वारा आयोजित इस पूजन और कलश यात्रा में मुख्य अतिथि के तौर पर सरपंच कल्याण सिंह लोधी, सचिव खुशी लाल गौर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित ग्रामीण महिलाएं, नवाँकुर संस्था के अध्यक्ष नरेंद्र बघेल और मेंटर देवेन्द्र गौर शामिल हुए। छात्र कमलेश लोधी, विकास लोधी, कोमल सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन भी इस आयोजन में उपस्थित रहे।1
- एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो बच्चे बेहद शानदार तरीके से मस्ती करते हुए नज़र आ रहे हैं। इस वीडियो में उनके मस्ती भरे पल साफ देखे जा सकते हैं।1
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ जरियारी गाँव में जमीन विवाद को लेकर एक महिला को छत से नीचे फेंक दिया गया। इस घटना में महिला सीढ़ियों से नीचे गिर गई, जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं। इस मामले में आरोपी रमेश पटेल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।1
- ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह पुलिस रिमांड पर कई खुलासे कर रहा है। ट्विशा की मौत के बाद सामने आई उसकी चैट में ट्विशा ने अपनी मां से कहा था कि ससुराल वाले बच्चे को लेकर सवाल उठाते हैं और पूछते हैं कि 'यह बच्चा किसका था', जिस पर वह बहुत परेशान थी और उसने मां से उसे वहां से ले जाने की गुहार लगाई थी। ट्विशा ने चैट में रोते हुए यह भी कहा था कि 'मम्मी यहां मैं पागल हो जाऊंगी, मुझसे नहीं हो पा रहा है ये सब' और उसे लगा कि समर्थ उसे नहीं, बल्कि खुद को चाहता है। पुलिस पूछताछ में समर्थ ने ट्विशा की चैट से उलट कहानी सुनाई है। समर्थ के अनुसार, वह पिता बनना चाहता था, लेकिन ट्विशा मां नहीं बनना चाहती थी और वह बच्चा नहीं चाहती थी। उसने बताया कि कंसीव करने के बाद से ट्विशा खुद परेशान रहने लगी थी और उसकी जिद पर ही गर्भपात कराया गया था। समर्थ ने दावा किया कि वे दोनों साथ में एक डॉक्टर के पास गए थे और उनसे दवा लेकर गर्भपात कराया था। ट्विशा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि गर्भावस्था के दौरान जबरदस्ती ट्विशा का 15 किलो वजन कम कराया गया था, जिस पर समर्थ ने दलील दी कि वे दोनों साथ में जिम करते थे। जांच टीम अब इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज जुटा रही है। पुलिस समर्थ के बयान और ट्विशा के परिजनों के आरोपों का दस्तावेजों से मिलान कर रही है।1
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो का मंगलवार को बाड़ी दौरा राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का केंद्र रहा। बरेली के रामलीला मैदान में आयोजित प्रेस वार्ता और बाड़ी जनपद कार्यालय में मीडिया संवाद के बाद, उन्होंने अपनी तमाम व्यस्तताओं और प्रशासनिक बैठकों के बावजूद सीधे वरिष्ठ पत्रकार रितिक जैन और पत्रकार जीतमल जैन के निवास पर पहुँचकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस मुलाकात में आत्मीयता, अपनापन और सम्मान का एक अनूठा माहौल देखने को मिला, जिससे हर कोई प्रभावित हुआ। रितिक जैन के निवास पर पहुँचते ही प्रियंक कानूनगो का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच एक गहरा जुड़ाव और पुराना आत्मीय संबंध स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जिससे क्षेत्र में यह चर्चा रही कि NHRC सदस्य का रितिक जैन के प्रति विशेष स्नेह और विश्वास खुलकर सामने आया है। करीब लंबे समय तक चली इस चर्चा में मानवाधिकार, क्षेत्र की जनसमस्याएं, सामाजिक गतिविधियां, प्रशासनिक व्यवस्थाएं और निष्पक्ष पत्रकारिता जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर बातचीत हुई। सूत्रों के अनुसार, प्रियंक कानूनगो ने रितिक जैन की जमीनी पत्रकारिता, आमजन की आवाज को प्रमुखता से उठाने और लगातार सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहने की खुलकर सराहना की। इस दौरान पत्रकार जीतमल जैन भी मौजूद रहे और उन्होंने NHRC सदस्य के समक्ष क्षेत्र के कई अहम मुद्दे रखे। उपस्थित लोगों ने इस मुलाकात को केवल एक औपचारिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि आपसी सम्मान, विश्वास और आत्मीय रिश्तों का प्रतीक बताया। पूरे कार्यक्रम के दौरान निवास पर स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और शुभचिंतकों की आवाजाही बनी रही, जिन्होंने प्रियंक कानूनगो से मुलाकात कर उनका स्वागत किया। बाड़ी में दिनभर इस आत्मीय मुलाकात की चर्चा होती रही, और लोगों ने इसे पत्रकारिता एवं सामाजिक संबंधों की एक मजबूत मिसाल के तौर पर देखा।1
- स्वर्णकार कॉलोनी स्थित प्रज्ञा पीठ में पिछले 10 दिनों से चल रहे बाल संस्कार शाला सत्र "गुरुकुलम" का आज भव्य समापन हो गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी, लायन अरुण कुमार सोनी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि भावी पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना ही देश की सच्ची सेवा है। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने वैदिक मंत्रों का सस्वर पाठ किया और ढपली बजाकर राममय भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। समापन समारोह के अंत में मुख्य अतिथि अरुण कुमार सोनी और गायत्री पीठ के प्रमुख ट्रस्टी मुकेश श्रीवास्तव द्वारा बच्चों को प्रमाण पत्र, गायत्री चालीसा और युग साहित्य प्रदान किया गया, जिससे बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। यह बाल संस्कार शाला अब हर रविवार सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक नियमित रूप से संचालित की जाएगी। कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों की उपस्थिति में सामूहिक 'शांति पाठ' के साथ हुआ।3