तमिलनाडु के कोयंबटूर (सुलुर) में 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए बलात्कार और हत्या के जघन्य मामले ने पूरे राज्य को भीतर तक झकझोर दिया है। इस अमानवीय कृत्य को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है, जिससे पुलिस प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला तब और अधिक विवादों में घिर गया, जब 24 मई को आयोजित एक पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में, वेस्ट ज़ोन की आईजी आर. वी. रम्या भारती सहित अन्य पुलिस अधिकारी एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले की जानकारी देते हुए आपस में मुस्कुराते, हंसते और हल्के मूड में दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होते ही पुलिस प्रशासन की बड़े पैमाने पर आलोचना शुरू हो गई है। लोग इस रवैये को खाकी की घोर 'असंवेदनशीलता' और 'मजाक' करार दे रहे हैं। विपक्ष (DMK आदि) और आम जनता का स्पष्ट कहना है कि जब एक मासूम की अस्मत और जान से जुड़े मामले पर बात हो रही हो, तब कानून के रखवालों का ऐसा गैर-जिम्मेदाराना बर्ताव अत्यंत शर्मनाक है। सरकार और पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई के दावों के बावजूद, अधिकारियों के इस आचरण ने कानून व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गहरे सवालिया निशान लगा दिए हैं।
तमिलनाडु के कोयंबटूर (सुलुर) में 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए बलात्कार और हत्या के जघन्य मामले ने पूरे राज्य को भीतर तक झकझोर दिया है। इस अमानवीय कृत्य को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है, जिससे पुलिस प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला तब और अधिक विवादों में घिर गया, जब 24 मई को आयोजित एक पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में, वेस्ट ज़ोन की आईजी आर. वी. रम्या भारती सहित अन्य पुलिस अधिकारी एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले की जानकारी देते हुए आपस में मुस्कुराते, हंसते और हल्के मूड में दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होते ही पुलिस प्रशासन की बड़े पैमाने पर आलोचना शुरू हो गई है। लोग इस रवैये को खाकी की घोर 'असंवेदनशीलता' और 'मजाक' करार दे रहे हैं। विपक्ष (DMK आदि) और आम जनता का स्पष्ट कहना है कि जब एक मासूम की अस्मत और जान से जुड़े मामले पर बात हो रही हो, तब कानून के रखवालों का ऐसा गैर-जिम्मेदाराना बर्ताव अत्यंत शर्मनाक है। सरकार और पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई के दावों के बावजूद, अधिकारियों के इस आचरण ने कानून व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गहरे सवालिया निशान लगा दिए हैं।
- नागरिकों ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा है कि उन्हें 5 किलो राशन की आवश्यकता नहीं है। उनकी मुख्य माँगें बुनियादी सुविधाओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी को लेकर हैं, जिस पर उनका विशेष जोर है।1
- छत्तीसगढ़ के भिलाई में नेहरू नगर स्थित मारुति सुजुकी शोरूम में एक महिला कर्मचारी अमृता सिंह ने शोरूम के महाप्रबंधक अंकित आनंद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अमृता सिंह का आरोप है कि अंकित आनंद ने उनके साथ छेड़छाड़ की, अश्लील संदेश भेजे और अभद्र व्यवहार किया। यह शिकायत दर्ज होने के बाद जब पुलिस महाप्रबंधक अंकित आनंद को लेकर शोरूम पहुंची, तो महिला कर्मचारी ने उनके चेहरे और कपड़ों पर स्याही फेंक दी। इसके साथ ही, उन्होंने अंकित आनंद को थप्पड़ और लात भी मारी। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद, शोरूम की कई अन्य महिला कर्मचारियों ने भी अंकित आनंद पर इसी तरह के आरोप लगाए हैं। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- प्रदेश में इन दिनों काले कोट पहनकर जमीन पर अवैध कब्जा दिलवाने की घटनाओं में भारी वृद्धि देखी जा रही है। इसी कड़ी में लखनऊ के काकोरी स्थित शिवरी गांव में जमीन कब्जाने को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। यहाँ वकीलों के भेष में आए लोगों ने एक जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया, जिसका विरोध करने पर पीड़ित के साथ मारपीट भी की गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन काले कोट पहने इन लोगों ने अपना कब्जा जारी रखा। पीड़ित का आरोप है कि जमीन से जुड़ा मामला पहले से ही कोर्ट में विचाराधीन है, इसके बावजूद दबंग लोग अवैध तरीके से वकीलों की वेशभूषा में आकर जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। यह घटना प्रदेश भर में 'काला कोट पहनो, जमीन पर कब्जा दिलाओ' जैसी बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है, जहाँ आए दिन विभिन्न शहरों में काले कोट पहने लोगों के झुंड आकर मकानों, दुकानों और जमीनों पर कब्जा करवा रहे हैं।1
- मंगलवार को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर वाराणसी के शीतला घाट पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही हजारों भक्तों ने मां गंगा में श्रद्धापूर्वक डुबकी लगाई और अपने परिवार की सुख-समृद्धि तथा कल्याण के लिए पूजा-अर्चना की। काशी के विभिन्न घाटों पर गंगा दशहरा के उपलक्ष्य में विशेष पूजन, स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया और दान-पुण्य करके पुण्य लाभ कमाया। ऐसी मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दौरान गंगा तट पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा और "हर-हर गंगे" के जयकारों से पूरा वातावरण गूंजता रहा। घाटों पर जुटी भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी करती रहीं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।1
- उत्तर प्रदेश का गाजीपुर जिला एक बार फिर चर्चा में है, जिसकी वजह यहां इलाज के लिए आए लोगों से हुई मारपीट है। बताया जाता है कि गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में एक व्यक्ति की गार्ड से कहासुनी हो गई। इसके बाद उस व्यक्ति को बेरहमी से पीटा गया। इस घटना में दम्पत्तियों से भी मारपीट की बात सामने आई है।1
- तमिलनाडु के कोयंबटूर (सुलुर) में 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए बलात्कार और हत्या के जघन्य मामले ने पूरे राज्य को भीतर तक झकझोर दिया है। इस अमानवीय कृत्य को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है, जिससे पुलिस प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला तब और अधिक विवादों में घिर गया, जब 24 मई को आयोजित एक पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में, वेस्ट ज़ोन की आईजी आर. वी. रम्या भारती सहित अन्य पुलिस अधिकारी एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले की जानकारी देते हुए आपस में मुस्कुराते, हंसते और हल्के मूड में दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होते ही पुलिस प्रशासन की बड़े पैमाने पर आलोचना शुरू हो गई है। लोग इस रवैये को खाकी की घोर 'असंवेदनशीलता' और 'मजाक' करार दे रहे हैं। विपक्ष (DMK आदि) और आम जनता का स्पष्ट कहना है कि जब एक मासूम की अस्मत और जान से जुड़े मामले पर बात हो रही हो, तब कानून के रखवालों का ऐसा गैर-जिम्मेदाराना बर्ताव अत्यंत शर्मनाक है। सरकार और पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई के दावों के बावजूद, अधिकारियों के इस आचरण ने कानून व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गहरे सवालिया निशान लगा दिए हैं।1
- महोबा में एक दलित छात्रा के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य घटना के विरोध में, कांग्रेस पार्टी ने वाराणसी के जिला मुख्यालय पर माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पोस्टर जलाकर अपना रोष व्यक्त किया। इस दौरान, कांग्रेस ने जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि नीट की तैयारी कर रही दलित छात्रा का कोचिंग से लौटते समय अपहरण कर लिया गया था और उसे 16 दिनों तक प्रयागराज में बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनाया गया। पीड़िता को सिगरेट से जलाकर अमानवीय यातनाएं दी गईं और उसकी जबरन शादी कराने का भी प्रयास किया गया। कांग्रेस ने इस शर्मनाक घटना को प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला बताया है। इस घटना की जानकारी मिलने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय महोबा पहुंचे और उन्होंने पीड़िता व उसके परिवार से मुलाकात कर कांग्रेस पार्टी की ओर से छात्रा को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता दोहराई। कांग्रेस ने राज्यपाल से मांग की है कि घटना में शामिल सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर उन पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, पीड़िता और उसके परिवार को समुचित सुरक्षा प्रदान करने तथा आर्थिक सहायता देने की भी मांग की गई है।1
- वाराणसी में माननीय सांसद नरेंद्र मोदी जी के क्षेत्र बनारस के सुजाबाद पड़ाव में अधिकारी की घोर लापरवाही के कारण नागरिकों को नारकीय जीवन जीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मुख्य सड़कें केवल विशेष अतिथियों के आने पर ही चमकाई जाती हैं और उनकी तस्वीरें खींचकर सफाई का दिखावा किया जाता है। इसके विपरीत, सुजाबाद पड़ाव के अंदरूनी इलाकों में पिछले एक साल से कूड़ा नहीं उठाया गया है, जिसके चलते चारों ओर गंदगी और बदबू का साम्राज्य है। इस भीषण गर्मी में गंदगी और दुर्गंध के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं और तमाम मच्छरों के प्रकोप से बुखार और हैजा जैसी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। आरोप है कि सुपरवाइजर विकास किसी की बात नहीं सुनता और उसे अपने कार्यक्षेत्र में काम करने की कोई इच्छा नहीं है, जिसके कारण यह बदहाल स्थिति बनी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के कायमगंज क्षेत्र के गऊटोला गांव में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ पति-पत्नी के बीच एक मामूली घरेलू विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया कि एक युवक ने मक्के के खेत में खुद को तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और परिवार में चीख-पुकार मच गई। मृतक महेंद्र (40 वर्ष), पुत्र रतीराम की पत्नी विमला देवी ने बताया कि भीषण गर्मी के बावजूद उनके घर में केवल एक ही पंखा था, जिसका इस्तेमाल महेंद्र सोने के लिए करता था। विमला अपने तीन बेटों — हिमांशु, आर्यन और सुदेश, तथा दो बेटियों — रेशमा और सरिता के लिए दूसरा पंखा लाने की जिद कर रही थी। इतने बड़े परिवार के लिए एक पंखा अपर्याप्त होने के कारण पिछले दो दिनों से घर में लगातार विवाद हो रहा था। बताया गया है कि इसी बात को लेकर बीते कल शाम भी दोनों के बीच मारपीट हुई थी। शनिवार शाम लगभग 7:00 बजे महेंद्र गांव के पास ही अपने मक्के के खेत में पानी लगाने गए थे, जहाँ उनकी बेटी सरिता भी मौजूद थी। तभी अचानक महेंद्र ने पास रखे तमंचे से खुद को गोली मार ली। धमाके की आवाज सुनकर सरिता ने देखा कि उनके पिता खून से लथपथ हालत में खेत में तड़प रहे थे। बेटी की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन जब तक लोग कुछ समझ पाते और महेंद्र को अस्पताल ले जाते, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी और प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और शव को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक की बेटी सरिता ने रुंधे गले से बताया कि उनके पिता एक तंबाकू गोदाम में मजदूरी करते थे और उनके पास दो बीघा जमीन भी थी, जिससे वे खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। महेंद्र अपने पीछे पत्नी, दो बेटियों और तीन बेटों का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए हैं। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।1