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*अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना डकोर का किया वार्षिक निरीक्षण /लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी व आशुतोष की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *एएसपी ने थाना डकोर का किया निरीक्षण /कानून-व्यवस्था और लंबित विवेचनाओं की समीक्षा* जनपद जालौन अपर पुलिस अधीक्षक डांस ईशान सोनी द्वारा थाना डकोर का वार्षिक निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर की साफ सफाई कार्यालय की व्यवस्थाओं सीसीटीएनएस कक्ष अभिलेखागार माल खाना हवालात बैरक एवं शस्त्रागार सहित थाने की विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए आप को बता दें अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना कार्यालय में रखे विभिन्न रजिस्टरों एवं अभिलेखों का अवलोकन कर उनकी स्थिति की समीक्षा की उन्होंने लंबित विवेचनाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित विवेचकों को मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं निष्पक्ष विवेचन करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए उन्होंने स्पष्ट किया कि विवेचनाओं में अनावश्यक देरी न हो तथा प्रत्येक मामले में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए निरीक्षण के दौरान जनसुनवाई व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया अपर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि थाने पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए तथा उनकी शिकायतों का नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें उन्होंने कहा कि आमजन को पुलिस से बेहतर व्यवहार और त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा रहती है इसलिए प्रत्येक पुलिसकर्मी अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करे महिला संबंधी अपराधों एवं साइबर अपराधों को लेकर भी अपर पुलिस अधीक्षक ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला अपराधों में शिकायत प्राप्त होते ही संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए साथ ही साइबर अपराध से संबंधित मामलों में तत्काल प्रभावी कदम उठाते हुए पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने अपराधों की रोकथाम तथा असामाजिक तत्वों पर प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए उन्होंने पुलिसकर्मियों को क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर नजर रखने तथा आमजन के बीच पुलिस की बेहतर छवि बनाए रखने के लिए सक्रिय पुलिसिंग करने को कहा उन्होंने पुलिस कर्मियों को अनुशासन सतर्कता और बेहतर पुलिसिंग के साथ कार्य करने की नसीहत देते हुए कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं संवेदन शीलता बेहद जरूरी है प्रत्येक पुलिसकर्मी जनता के साथ शालीन व्यवहार करे और उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करे वार्षिक निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर एवं विभिन्न शाखाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक सुधार एवं व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनता का विश्वास कायम रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है बता दें इसके लिए सभी पुलिसकर्मी टीम भावना के साथ कार्य करते हुए कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखें

17 hrs ago
user_Ashutosh jalaun ripotar
Ashutosh jalaun ripotar
कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
17 hrs ago
ecd2ea7b-6e6b-4557-8b41-2cddf4adab94

*अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना डकोर का किया वार्षिक निरीक्षण /लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी व आशुतोष की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *एएसपी ने थाना डकोर का किया निरीक्षण /कानून-व्यवस्था और लंबित विवेचनाओं की समीक्षा* जनपद जालौन अपर पुलिस अधीक्षक डांस ईशान सोनी द्वारा थाना डकोर का वार्षिक निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर की साफ सफाई कार्यालय की व्यवस्थाओं सीसीटीएनएस कक्ष अभिलेखागार माल खाना हवालात बैरक एवं शस्त्रागार सहित थाने की विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए आप को बता दें अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना कार्यालय में रखे विभिन्न रजिस्टरों एवं अभिलेखों का अवलोकन कर उनकी स्थिति की समीक्षा की उन्होंने लंबित विवेचनाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित विवेचकों को मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं निष्पक्ष विवेचन करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए उन्होंने स्पष्ट किया कि विवेचनाओं में अनावश्यक देरी न हो तथा प्रत्येक मामले में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए निरीक्षण के दौरान जनसुनवाई व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया अपर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि थाने पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए तथा उनकी शिकायतों का नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें उन्होंने कहा कि आमजन को पुलिस से बेहतर व्यवहार और त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा रहती है इसलिए प्रत्येक पुलिसकर्मी अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करे महिला संबंधी अपराधों एवं साइबर अपराधों को लेकर भी अपर पुलिस अधीक्षक ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला अपराधों में शिकायत प्राप्त होते ही संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए साथ ही साइबर अपराध से संबंधित मामलों में तत्काल प्रभावी कदम उठाते हुए पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने अपराधों की रोकथाम तथा असामाजिक तत्वों पर प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए उन्होंने पुलिसकर्मियों को क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर नजर रखने तथा आमजन के बीच पुलिस की बेहतर छवि बनाए रखने के लिए सक्रिय पुलिसिंग करने को कहा उन्होंने पुलिस कर्मियों को अनुशासन सतर्कता और बेहतर पुलिसिंग के साथ कार्य करने की नसीहत देते हुए कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं संवेदन शीलता बेहद जरूरी है प्रत्येक पुलिसकर्मी जनता के साथ शालीन व्यवहार करे और उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करे वार्षिक निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर एवं विभिन्न शाखाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक सुधार एवं व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनता का विश्वास कायम रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है बता दें इसके लिए सभी पुलिसकर्मी टीम भावना के साथ कार्य करते हुए कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखें

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    फिर सुर्खियों में ग्राम पंचायत.…......

हर घर नल योजना के नाम पर गांव की खुदी पड़ी रास्तों से ग्रामीण परेशान। कदौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत इकौना में बरसात के बीच कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर ग्रामीण और स्कूली बच्चे। 
पत्रकार सोनू महाराज ने ग्रामीणों से कैमरे पर बात की तो सामने आई जमीनी हकीकत।

 वीडियो अंत तक देखें और ग्रामीणों की जुबानी सुनें कालपी विधानसभा के विकास की कहानी।

जमीनी स्तर पर सवाल, कागजों में विकास!
फिर सुर्खियों में ग्राम पंचायत.…......
हर घर नल योजना के नाम पर गांव की खुदी पड़ी रास्तों से ग्रामीण परेशान। कदौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत इकौना में बरसात के बीच कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर ग्रामीण और स्कूली बच्चे। 
पत्रकार सोनू महाराज ने ग्रामीणों से कैमरे पर बात की तो सामने आई जमीनी हकीकत।
वीडियो अंत तक देखें और ग्रामीणों की जुबानी सुनें कालपी विधानसभा के विकास की कहानी।
जमीनी स्तर पर सवाल, कागजों में विकास!
    user_सोनू महाराज पत्रकार
    सोनू महाराज पत्रकार
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पिता की हत्या के आरोप में पुत्र बरी, अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में सुनाया फैसला कोंच। पिता की हत्या में दो साल जेल रहाने के बाद पुत्र दोष मुक्त कोतवाली क्षेत्र के ताहरपुरा गांव में वर्ष 2019 में हुई एक व्यक्ति की हत्या के मामले में मंगलवार को अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी पुत्र को बरी कर दिया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद हनुमंत सिंह को पिता की हत्या के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। अधिवक्ता विनय चौरसिया ने बताया कि कोंच कोतवाली क्षेत्र के ताहरपुरा गांव निवासी मालती ने वर्ष 2019 में पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके पति की हत्या उसके पुत्र हनुमंत सिंह डंडा मर कर हत्या कर दी । तहरीर के आधार पर पुलिस ने हनुमंत सिंह के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना के दिन ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बताए गए डंडे को भी बरामद करने का दावा किया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। आरोपी करीब दो वर्ष तक जेल में रहा। मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादी मालती समेत अन्य गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपी के खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर बहस हुई, जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता विनय चौरसिया ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए उसे बरी किए जाने की मांग की। मंगलवार को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के उपरांत अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी ने फैसला सुनाया। अदालत ने हनुमंत सिंह को पिता की हत्या के आरोप से बरी कर दिया। फैसले के बाद लंबे समय से चल रहे इस मुकदमे का निस्तारण हो गया।
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    पिता की हत्या के आरोप में पुत्र बरी, अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में सुनाया फैसला
कोंच। पिता की हत्या में दो साल जेल रहाने के बाद पुत्र दोष मुक्त कोतवाली क्षेत्र के ताहरपुरा गांव में वर्ष 2019 में हुई एक व्यक्ति की हत्या के मामले में मंगलवार को अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी पुत्र को बरी कर दिया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद हनुमंत सिंह को पिता की हत्या के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। अधिवक्ता विनय चौरसिया ने बताया कि  कोंच कोतवाली क्षेत्र के ताहरपुरा गांव निवासी मालती ने वर्ष 2019 में पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके पति की हत्या उसके पुत्र हनुमंत सिंह डंडा मर कर हत्या कर दी । तहरीर के आधार पर पुलिस ने हनुमंत सिंह के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना के दिन ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बताए गए डंडे को भी बरामद करने का दावा किया था।
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। आरोपी करीब दो वर्ष तक जेल में रहा। मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादी मालती समेत अन्य गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपी के खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर बहस हुई, जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता विनय चौरसिया ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए उसे बरी किए जाने की मांग की।
मंगलवार को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के उपरांत अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी ने फैसला सुनाया। अदालत ने हनुमंत सिंह को पिता की हत्या के आरोप से बरी कर दिया। फैसले के बाद लंबे समय से चल रहे इस मुकदमे का निस्तारण हो गया।
    user_पत्रकार विकाश सिंह
    पत्रकार विकाश सिंह
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जालौन जालौन में अपनों का छूटा साथ, पेट की मार के जालौन जालौन में अपनों का छूटा साथ, पेट की मार के बीच 6 बहने बेसहारा, बेसहारा हुई 6 नाबालिग बहनों के जिंदगी की जद्दोजहद, माता-पिता के बाद अब दादी का भी मासूमों से सिर से उठा साया, माता-पिता के गुजरने के बाद दादी के भरोसे रह रहीं थीं 6 सगी बहनें, कच्चे मकान में हो रही थी गुजर बसर, जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे रिश्तेदार, नाबालिग बच्ची अंजली ने जिला प्रशासन से वीडियो के जरिए लगाई मदद की गुहार, ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल, जालौन तहसील क्षेत्र के सींगपुरा गांव का मामला।
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    जालौन
जालौन  में  अपनों  का   छूटा  साथ, पेट की मार के 
जालौन
जालौन में अपनों का छूटा साथ, पेट की मार के बीच 6 बहने बेसहारा,
बेसहारा हुई 6 नाबालिग बहनों के जिंदगी की जद्दोजहद, 
माता-पिता के बाद अब दादी का भी मासूमों से सिर से उठा साया,
माता-पिता के गुजरने के बाद दादी के भरोसे रह रहीं थीं 6 सगी बहनें,
कच्चे मकान में हो रही थी गुजर बसर, जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे रिश्तेदार,
नाबालिग बच्ची अंजली ने जिला प्रशासन से वीडियो के जरिए लगाई मदद की गुहार,
ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल,
जालौन तहसील क्षेत्र के सींगपुरा गांव का मामला।
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • खाद्य तेल में मिलावट का खेल कानपुर देहात के रनिया में चल रहा कारोबार कानपुर देहात के रनिया थाना क्षेत्र में खाद्य तेल के कथित अवैध कारोबार का मामला सामने आया है। मंटोरा चौराहे के आसपास एक संदिग्ध बाड़े में टैंकर से तेल उतारने का वीडियो वायरल हो रहा है। आरोप है कि हाईवे से गुजरने वाले टैंकरों से तेल उतारकर उसे दूसरे कंटेनरों में भरा जाता है और कथित तौर पर मिलावट के बाद स्थानीय बाजारों में बेचा जाता है। वायरल वीडियो और लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता जांच का विषय है। स्थानीय लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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    खाद्य तेल में मिलावट का खेल कानपुर देहात के रनिया में चल रहा कारोबार
कानपुर देहात के रनिया थाना क्षेत्र में खाद्य तेल के कथित अवैध कारोबार का मामला सामने आया है। मंटोरा चौराहे के आसपास एक संदिग्ध बाड़े में टैंकर से तेल उतारने का वीडियो वायरल हो रहा है।
आरोप है कि हाईवे से गुजरने वाले टैंकरों से तेल उतारकर उसे दूसरे कंटेनरों में भरा जाता है और कथित तौर पर मिलावट के बाद स्थानीय बाजारों में बेचा जाता है।
वायरल वीडियो और लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता जांच का विषय है। स्थानीय लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
    user_Anand shukla
    Anand shukla
    अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • किसानों की सुविधा को लेकर सहकारी संघ सिकंदरा में KCC कैंप का आयोजन, सैकड़ों किसान रहे मौजूद कानपुर देहात। सिकंदरा कस्बे में किसानों की सुविधाओं और आर्थिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सहकारी संघ सिकंदरा की ओर से KCC कैंप, वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में किसान शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), ऋण सुविधाओं और वित्तीय सेवाओं की जानकारी देना रहा। इस दौरान किसानों के हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई और उन्हें बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपाध्यक्ष रविंद्र सचान मौजूद रहे। इसके अलावा अनिल सचान, संचालक नरेंद्र वर्मा, जिला सहकारी बैंक के जीएम कानपुर, कस्बा सिकंदरा नगर अध्यक्ष सीमा पाल सहित राजपुर बैंक समिति के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान साथी शामिल हुए। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों को सहकारी बैंक एवं अन्य वित्तीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। किसानों की सुविधा को लेकर सहकारी संघ सिकंदरा में KCC कैंप का आयोजन, सैकड़ों किसान रहे मौजूद कानपुर देहात। सिकंदरा कस्बे में किसानों की सुविधाओं और आर्थिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सहकारी संघ सिकंदरा की ओर से KCC कैंप, वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में किसान शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), ऋण सुविधाओं और वित्तीय सेवाओं की जानकारी देना रहा। इस दौरान किसानों के हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई और उन्हें बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपाध्यक्ष रविंद्र सचान मौजूद रहे। इसके अलावा अनिल सचान, संचालक नरेंद्र वर्मा, जिला सहकारी बैंक के जीएम कानपुर, कस्बा सिकंदरा नगर अध्यक्ष सीमा पाल सहित राजपुर बैंक समिति के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान साथी शामिल हुए। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों को सहकारी बैंक एवं अन्य वित्तीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। खबर कानपुर देहात
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    किसानों की सुविधा को लेकर सहकारी संघ सिकंदरा में KCC कैंप का आयोजन, सैकड़ों किसान रहे मौजूद

कानपुर देहात। सिकंदरा कस्बे में किसानों की सुविधाओं और आर्थिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सहकारी संघ सिकंदरा की ओर से KCC कैंप, वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में किसान शामिल हुए।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), ऋण सुविधाओं और वित्तीय सेवाओं की जानकारी देना रहा। इस दौरान किसानों के हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई और उन्हें बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपाध्यक्ष रविंद्र सचान मौजूद रहे। इसके अलावा अनिल सचान, संचालक नरेंद्र वर्मा, जिला सहकारी बैंक के जीएम कानपुर, कस्बा सिकंदरा नगर अध्यक्ष सीमा पाल सहित राजपुर बैंक समिति के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान साथी शामिल हुए। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों को सहकारी बैंक एवं अन्य वित्तीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

किसानों की सुविधा को लेकर सहकारी संघ सिकंदरा में KCC कैंप का आयोजन, सैकड़ों किसान रहे मौजूद
कानपुर देहात। सिकंदरा कस्बे में किसानों की सुविधाओं और आर्थिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सहकारी संघ सिकंदरा की ओर से KCC कैंप, वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में किसान शामिल हुए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), ऋण सुविधाओं और वित्तीय सेवाओं की जानकारी देना रहा। इस दौरान किसानों के हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई और उन्हें बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपाध्यक्ष रविंद्र सचान मौजूद रहे। इसके अलावा अनिल सचान, संचालक नरेंद्र वर्मा, जिला सहकारी बैंक के जीएम कानपुर, कस्बा सिकंदरा नगर अध्यक्ष सीमा पाल सहित राजपुर बैंक समिति के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान साथी शामिल हुए। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों को सहकारी बैंक एवं अन्य वित्तीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
खबर कानपुर देहात
    user_Deeksha saxena
    Deeksha saxena
    सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • छौंक की गौशाला या गोवंशों की कालकोठरी? वायरल वीडियो ने व्यवस्था पर खड़े किए गंभीर सवाल मौके पर 75–80 गोवंश होने का दावा, अभिलेखों में 100 से अधिक! चारा-भूसे के नाम पर आने वाली रकम पर भी उठे सवाल सरकार गोवंशों के संरक्षण और उनकी बेहतर देखभाल के लिए गौशालाओं पर लगातार धन खर्च कर रही है। लेकिन कालपी क्षेत्र के कदौरा विकासखंड की ग्राम पंचायत छौंक में संचालित तथाकथित अस्थाई गौशाला से सामने आई तस्वीरें और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो इस पूरी व्यवस्था पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित बताई जा रही इस गौशाला की जिम्मेदारी मोहिनी सिंह के पास होने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस गौशाला में गोवंशों को सुरक्षित आश्रय, पर्याप्त भूसा, हरा चारा और पानी मिलना चाहिए, वहां हालात इसके उलट बताए जा रहे हैं। वायरल वीडियो ने झकझोर दिया—मृत गोवंश को कचरे की तरह उठाने का आरोप सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक मृत गाय के शव को ट्रैक्टर के आगे लगे लोहे के सूपड़े में लादकर ले जाते हुए दिखाया जा रहा है। वीडियो में दिखाई दे रही तस्वीरें निश्चित तौर पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि गौशाला में गोवंशों की हालत लंबे समय से खराब है और भूख-प्यास तथा पर्याप्त देखभाल न मिलने के कारण गोवंशों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह भी स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं हुआ है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति का है। यही कारण है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी हो जाती है। पसलियां दिखाती तस्वीरें, आखिर गोवंशों को मिल क्या रहा है? स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए आरोपों के मुताबिक गौशाला में कई गोवंश बेहद कमजोर दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में भूसा और हरा चारा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। सवाल यह है कि यदि गौशाला में गोवंशों की देखभाल के लिए सरकारी धन उपलब्ध कराया जा रहा है, तो फिर धरातल पर उनकी हालत इतनी खराब क्यों दिखाई दे रही है? क्या चारे की खरीद और वितरण का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है? क्या स्टॉक रजिस्टर में दर्ज मात्रा वास्तव में गौशाला तक पहुंची? क्या गोवंशों को निर्धारित मात्रा में चारा मिल रहा है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या कागज और जमीन पर मौजूद गोवंशों की संख्या एक जैसी है? 75–80 जमीन पर, 100 से ज्यादा कागजों में? इस पूरे मामले का सबसे गंभीर आरोप गोवंशों की संख्या में कथित अंतर को लेकर है। स्थानीय लोगों का दावा है कि मौके पर लगभग 75 से 80 गोवंश ही दिखाई देते हैं, जबकि सरकारी अभिलेखों अथवा शासन को भेजे जाने वाले विवरण में 100 से अधिक गोवंश दर्ज होने की बात कही जा रही है। यदि जांच में यह अंतर सही पाया जाता है तो सवाल बेहद बड़ा है— जो गोवंश मौके पर हैं ही नहीं, उनके नाम पर चारा-भूसा और अन्य मदों में धनराशि की मांग कैसे की जा रही है? और यदि अभिलेख बिल्कुल सही हैं तो फिर प्रशासन मौके पर गिनती कराकर यह स्पष्ट क्यों नहीं करता कि वास्तविक संख्या कितनी है? यही वह बिंदु है जहां से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जरूरत और बढ़ जाती है। कहीं कागजों पर पल तो नहीं रहे गोवंश? स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि वास्तविक संख्या से अधिक गोवंश दर्शाकर सरकारी धन का लाभ उठाया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन अगर यह सिर्फ अफवाह है तो जांच के बाद स्थिति साफ हो जाएगी और आरोप निराधार साबित हो जाएंगे। और अगर जांच में रिकॉर्ड और मौके की संख्या में बड़ा अंतर मिलता है, तो फिर यह केवल गौशाला की अव्यवस्था का मामला नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग और अभिलेखीय गड़बड़ी का गंभीर विषय बन जाएगा। सवाल सिर्फ गायों का नहीं, सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी है सरकार का उद्देश्य है कि निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित स्थान मिले, उन्हें भोजन और पानी मिले और उनकी उचित देखभाल हो। लेकिन यदि कहीं कागजों पर गोवंशों की संख्या बढ़ाकर सरकारी धन की मांग की जा रही हो और धरातल पर वही गोवंश भूख-प्यास से जूझते मिलें, तो यह व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति होगी। गौशाला किसी की कमाई का जरिया नहीं, बेजुबान गोवंशों के संरक्षण की जिम्मेदारी है। इसलिए इस मामले में भावनाओं से ज्यादा जरूरी है तथ्यों की जांच। जिला प्रशासन करे तत्काल निष्पक्ष जांच मामले में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को चाहिए कि छौंक गौशाला का अचानक स्थलीय निरीक्षण कर— - मौके पर मौजूद प्रत्येक गोवंश की वास्तविक गिनती कराई जाए। - गौशाला रजिस्टर और दैनिक उपस्थिति का मिलान किया जाए। - भूसा एवं हरा चारा स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया जाए। - खरीद और भुगतान से संबंधित अभिलेखों की जांच की जाए। - शासन को भेजी गई डिमांड का मौके की संख्या से मिलान कराया जाए। - मृत गोवंशों से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच हो। - वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसकी तारीख/स्थान की पुष्टि कराई जाए। - गौशाला संचालन की जिम्मेदारी और निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका भी जांची जाए। अगर आरोप गलत हैं तो जांच के बाद स्थिति साफ होनी चाहिए। और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। आखिर जवाब देगा कौन? गोवंशों के नाम पर सरकारी योजनाएं और बजट कागजों पर भले ही मजबूत दिखाई दें, लेकिन असली परीक्षा गौशाला के भीतर मौजूद उन बेजुबानों की हालत से होती है। छौंक की गौशाला से सामने आए वीडियो और स्थानीय लोगों के आरोपों ने एक सीधा सवाल खड़ा कर दिया है— क्या सरकारी अभिलेखों में दर्ज गोवंश और गौशाला में मौजूद गोवंशों की संख्या वास्तव में समान है? अगर हां, तो प्रशासन सार्वजनिक रूप से सत्यापन कर स्थिति स्पष्ट करे। अगर नहीं, तो सवाल उठना लाजिमी है कि कागजों पर दर्ज अतिरिक्त गोवंशों के नाम पर होने वाली सरकारी धनराशि का हिसाब कौन देगा? फिलहाल यह खबर वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए आरोपों पर आधारित है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में संबंधित अधिकारियों अथवा गौशाला संचालक का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। आपकी क्या राय है? क्या छौंक की अस्थाई गौशाला में गोवंशों की संख्या, चारा-भूसा और सरकारी धन के उपयोग की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
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    छौंक की गौशाला या गोवंशों की कालकोठरी? 
वायरल वीडियो ने व्यवस्था पर खड़े किए गंभीर सवाल
मौके पर 75–80 गोवंश होने का दावा, अभिलेखों में 100 से अधिक! 
चारा-भूसे के नाम पर आने वाली रकम पर भी उठे सवाल
सरकार गोवंशों के संरक्षण और उनकी बेहतर देखभाल के लिए गौशालाओं पर लगातार धन खर्च कर रही है। 
लेकिन कालपी क्षेत्र के कदौरा विकासखंड की ग्राम पंचायत छौंक में संचालित तथाकथित अस्थाई गौशाला से सामने आई तस्वीरें और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो इस पूरी व्यवस्था पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित बताई जा रही इस गौशाला की जिम्मेदारी मोहिनी सिंह के पास होने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस गौशाला में गोवंशों को सुरक्षित आश्रय, पर्याप्त भूसा, हरा चारा और पानी मिलना चाहिए, वहां हालात इसके उलट बताए जा रहे हैं।
वायरल वीडियो ने झकझोर दिया—मृत गोवंश को कचरे की तरह उठाने का आरोप
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक मृत गाय के शव को ट्रैक्टर के आगे लगे लोहे के सूपड़े में लादकर ले जाते हुए दिखाया जा रहा है। वीडियो में दिखाई दे रही तस्वीरें निश्चित तौर पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
स्थानीय लोगों में चर्चा है कि गौशाला में गोवंशों की हालत लंबे समय से खराब है और भूख-प्यास तथा पर्याप्त देखभाल न मिलने के कारण गोवंशों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह भी स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं हुआ है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति का है। यही कारण है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी हो जाती है।
पसलियां दिखाती तस्वीरें, आखिर गोवंशों को मिल क्या रहा है?
स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए आरोपों के मुताबिक गौशाला में कई गोवंश बेहद कमजोर दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में भूसा और हरा चारा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।
सवाल यह है कि यदि गौशाला में गोवंशों की देखभाल के लिए सरकारी धन उपलब्ध कराया जा रहा है, तो फिर धरातल पर उनकी हालत इतनी खराब क्यों दिखाई दे रही है?
क्या चारे की खरीद और वितरण का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है?
क्या स्टॉक रजिस्टर में दर्ज मात्रा वास्तव में गौशाला तक पहुंची?
क्या गोवंशों को निर्धारित मात्रा में चारा मिल रहा है?
और सबसे बड़ा सवाल—क्या कागज और जमीन पर मौजूद गोवंशों की संख्या एक जैसी है?
75–80 जमीन पर, 100 से ज्यादा कागजों में?
इस पूरे मामले का सबसे गंभीर आरोप गोवंशों की संख्या में कथित अंतर को लेकर है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि मौके पर लगभग 75 से 80 गोवंश ही दिखाई देते हैं, जबकि सरकारी अभिलेखों अथवा शासन को भेजे जाने वाले विवरण में 100 से अधिक गोवंश दर्ज होने की बात कही जा रही है।
यदि जांच में यह अंतर सही पाया जाता है तो सवाल बेहद बड़ा है—
जो गोवंश मौके पर हैं ही नहीं, उनके नाम पर चारा-भूसा और अन्य मदों में धनराशि की मांग कैसे की जा रही है?
और यदि अभिलेख बिल्कुल सही हैं तो फिर प्रशासन मौके पर गिनती कराकर यह स्पष्ट क्यों नहीं करता कि वास्तविक संख्या कितनी है?
यही वह बिंदु है जहां से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जरूरत और बढ़ जाती है।
कहीं कागजों पर पल तो नहीं रहे गोवंश?
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि वास्तविक संख्या से अधिक गोवंश दर्शाकर सरकारी धन का लाभ उठाया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
लेकिन अगर यह सिर्फ अफवाह है तो जांच के बाद स्थिति साफ हो जाएगी और आरोप निराधार साबित हो जाएंगे।
और अगर जांच में रिकॉर्ड और मौके की संख्या में बड़ा अंतर मिलता है, तो फिर यह केवल गौशाला की अव्यवस्था का मामला नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग और अभिलेखीय गड़बड़ी का गंभीर विषय बन जाएगा।
सवाल सिर्फ गायों का नहीं, सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी है
सरकार का उद्देश्य है कि निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित स्थान मिले, उन्हें भोजन और पानी मिले और उनकी उचित देखभाल हो।
लेकिन यदि कहीं कागजों पर गोवंशों की संख्या बढ़ाकर सरकारी धन की मांग की जा रही हो और धरातल पर वही गोवंश भूख-प्यास से जूझते मिलें, तो यह व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति होगी।
गौशाला किसी की कमाई का जरिया नहीं, बेजुबान गोवंशों के संरक्षण की जिम्मेदारी है।
इसलिए इस मामले में भावनाओं से ज्यादा जरूरी है तथ्यों की जांच।
जिला प्रशासन करे तत्काल निष्पक्ष जांच
मामले में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को चाहिए कि छौंक गौशाला का अचानक स्थलीय निरीक्षण कर—
- मौके पर मौजूद प्रत्येक गोवंश की वास्तविक गिनती कराई जाए।
- गौशाला रजिस्टर और दैनिक उपस्थिति का मिलान किया जाए।
- भूसा एवं हरा चारा स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया जाए।
- खरीद और भुगतान से संबंधित अभिलेखों की जांच की जाए।
- शासन को भेजी गई डिमांड का मौके की संख्या से मिलान कराया जाए।
- मृत गोवंशों से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच हो।
- वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसकी तारीख/स्थान की पुष्टि कराई जाए।
- गौशाला संचालन की जिम्मेदारी और निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका भी जांची जाए।
अगर आरोप गलत हैं तो जांच के बाद स्थिति साफ होनी चाहिए। और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
आखिर जवाब देगा कौन?
गोवंशों के नाम पर सरकारी योजनाएं और बजट कागजों पर भले ही मजबूत दिखाई दें, लेकिन असली परीक्षा गौशाला के भीतर मौजूद उन बेजुबानों की हालत से होती है।
छौंक की गौशाला से सामने आए वीडियो और स्थानीय लोगों के आरोपों ने एक सीधा सवाल खड़ा कर दिया है—
क्या सरकारी अभिलेखों में दर्ज गोवंश और गौशाला में मौजूद गोवंशों की संख्या वास्तव में समान है?
अगर हां, तो प्रशासन सार्वजनिक रूप से सत्यापन कर स्थिति स्पष्ट करे।
अगर नहीं, तो सवाल उठना लाजिमी है कि कागजों पर दर्ज अतिरिक्त गोवंशों के नाम पर होने वाली सरकारी धनराशि का हिसाब कौन देगा?
फिलहाल यह खबर वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए आरोपों पर आधारित है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में संबंधित अधिकारियों अथवा गौशाला संचालक का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
आपकी क्या राय है?
क्या छौंक की अस्थाई गौशाला में गोवंशों की संख्या, चारा-भूसा और सरकारी धन के उपयोग की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए?
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    user_सोनू महाराज पत्रकार
    सोनू महाराज पत्रकार
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *➡️थाना रसूलाबाद पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना कारित करने वाले वांछित 01 अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार ।* जनपद कानपुर देहात में अपराध नियन्त्रण की दिशा में घटनाओं की रोकथाम व अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के क्रम में, दिनांक 08.09.2026 को थाना रसूलाबाद पर वादी द्वारा दी गयी तहरीर बावत वादी की पुत्री से अभियुक्त ताज मोहम्मद द्वारा जबरदस्ती इन्स्टाग्राम पर बातचीत करना व उसकी पुत्री द्वारा बातचीत से मना करने पर फोटो व वीडियो को वायरल करने आदि के सम्बन्ध में दी गयी। जिसके आधार पर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 345/2026 धारा 351(2)/351(3) बीएनएस व धारा 66 ई सूचना प्रोद्योगिकी ( संशोधन ) अधिनियम बनाम ताज मोहम्मद पुत्र ताजउद्दीन निवासी ग्राम दहेली थाना रसूलाबाद जनपद कानपुर देहात के विरुद्ध पंजीकृत किया गया । थाना रसूलाबाद पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए बयान पीड़िता धारा 180/183 बीएनएसएस व अन्य साक्ष्य संकलन से मुकदमा उपरोक्त में धारा 64(2)ड बीएनएस व धारा 5ठ/6 पॉक्सो एक्ट की बढोत्तरी की गयी । आज दिनांक 15.09.2026 को थाना रसूलाबाद पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए मुखबिर की सूचना के आधार पर मुकदमा उपरोक्त में वांछित अभियुक्त ताज मोहम्मद पुत्र ताजुद्दीन निवासी ग्राम दहेली, थाना रसूलाबाद, जनपद कानपुर देहात को मलखानपुर पुलिया के पास थाना क्षेत्र रसूलाबाद से गिरफ्तार किया गया । गिरफ्तारशुदा अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। *गिरफ्तारशुदा अभियुक्त का विवरण –* 1. ताज मोहम्मद उम्र करीब 21 वर्ष पुत्र ताजउद्दीन निवासी ग्राम दहेली, थाना रसूलाबाद, जनपद कानपुर देहात । *अभियुक्त ताज मोहम्मद उपरोक्त का अपराधिक इतिहास-* 1. मु0अ0सं0 0345/2026 धारा 64(2)ड/351(2)/351(3) बीएनएस व 5ठ/6 पॉक्सो एक्ट व धारा 66ई आईटी एक्ट, थाना रसूलाबाद, जनपद कानपुर देहात। *गिरफ्तारी करने वाली थाना रसूलाबाद पुलिस टीम-* 1. अतिरिक्त निरीक्षक राजपाल सिंह, 2. का0 विनोद पुरी, 3. रि0का0 रोहित कुमार ।
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    *➡️थाना रसूलाबाद पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना कारित करने वाले वांछित 01 अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार ।* 

जनपद कानपुर देहात में अपराध नियन्त्रण की दिशा में घटनाओं की रोकथाम व अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के क्रम में, दिनांक 08.09.2026 को थाना रसूलाबाद पर वादी द्वारा दी गयी तहरीर बावत वादी की पुत्री से अभियुक्त ताज मोहम्मद द्वारा जबरदस्ती इन्स्टाग्राम पर बातचीत करना व उसकी पुत्री द्वारा बातचीत से मना करने पर फोटो व वीडियो को वायरल करने आदि के सम्बन्ध में दी गयी। जिसके आधार पर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 345/2026 धारा 351(2)/351(3) बीएनएस व धारा 66 ई सूचना प्रोद्योगिकी ( संशोधन ) अधिनियम बनाम ताज मोहम्मद पुत्र ताजउद्दीन निवासी ग्राम दहेली थाना रसूलाबाद जनपद कानपुर देहात के विरुद्ध पंजीकृत किया गया । थाना रसूलाबाद पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए बयान पीड़िता धारा 180/183 बीएनएसएस व अन्य साक्ष्य संकलन से मुकदमा उपरोक्त में धारा 64(2)ड बीएनएस व धारा 5ठ/6 पॉक्सो एक्ट की बढोत्तरी की गयी । 
आज दिनांक 15.09.2026 को थाना रसूलाबाद पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए मुखबिर की सूचना के आधार पर मुकदमा उपरोक्त में वांछित अभियुक्त ताज मोहम्मद पुत्र ताजुद्दीन निवासी ग्राम दहेली, थाना रसूलाबाद, जनपद कानपुर देहात को मलखानपुर पुलिया के पास थाना क्षेत्र रसूलाबाद से गिरफ्तार किया गया । गिरफ्तारशुदा अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
*गिरफ्तारशुदा अभियुक्त का विवरण –* 
1.	ताज मोहम्मद उम्र करीब 21 वर्ष पुत्र ताजउद्दीन निवासी ग्राम दहेली, थाना रसूलाबाद, जनपद कानपुर देहात ।
*अभियुक्त ताज मोहम्मद उपरोक्त  का अपराधिक इतिहास-* 
1.	मु0अ0सं0 0345/2026 धारा 64(2)ड/351(2)/351(3) बीएनएस व 5ठ/6 पॉक्सो एक्ट व धारा 66ई आईटी एक्ट, थाना रसूलाबाद, जनपद कानपुर देहात।
*गिरफ्तारी करने वाली थाना रसूलाबाद पुलिस टीम-*
1.	अतिरिक्त निरीक्षक राजपाल सिंह, 
2.	का0 विनोद पुरी, 
3.	रि0का0  रोहित कुमार ।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • डेरापुर थाना क्षेत्र के कांधी गांव के पास ट्रक की टक्कर से एक की मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया पुलिस मृतक की पहचान में में जुटी पत्रकार आशू श्रीवास्तव कानपुर देहात डेरापुर थाना क्षेत्र के कांधी गांव के पास नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक ने चाय की दुकान में टक्कर मार दी। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक की पहचान करने में पुलिस जुटी है, वहीं घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रक चालक मौके से फरार है।
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    डेरापुर थाना क्षेत्र के कांधी गांव के पास ट्रक की टक्कर से एक की मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया पुलिस मृतक  की पहचान में में जुटी
पत्रकार आशू श्रीवास्तव 
कानपुर देहात  डेरापुर थाना क्षेत्र के कांधी गांव के पास नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक ने चाय की दुकान में टक्कर मार दी।
हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक की पहचान करने में पुलिस जुटी है, वहीं घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रक चालक मौके से फरार है।
    user_Ashu Sriwastva
    Ashu Sriwastva
    Local News Reporter सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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