डूंगरपुर जिले की ग्राम पंचायत विकासनगर के गेंजीघाटा में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय (घाटाफला) के खेल मैदान की भूमि को लेकर पिछले दस वर्षों से चला आ रहा गंभीर विवाद आपसी भाईचारे और समझदारी से पूरी तरह सुलझ गया है। विकासनगर ग्राम पंचायत के प्रशासक सुनील डिण्डोर की पहल पर गेंजीघाटा, रांमैया और ढेंढिया गांवों के पंचों, गमेतियों और सामाजिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति में एक ऐतिहासिक राजीनामा तैयार किया गया। इस आपसी सहमति के बाद अब विवादित जमीन के बदले खातेदारों को दूसरी सुरक्षित जमीन दे दी गई है, जिससे बच्चों के लिए खेल मैदान का परकोटा (बाउंड्री वॉल) निर्माण कार्य अब सुचारू रूप से पूरा हो सकेगा। यह पूरा मामला विद्यालय के नाम पर आवंटित करीब 8.5 बीघा खेल मैदान की जमीन पर खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र और सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से चल रहे बाउंड्री वॉल निर्माण से जुड़ा था। इस निर्माण कार्य को लेकर गेंजीघाटा (थाना चौरासी) निवासी बाबूलाल पुत्र लालजी डेंडोर और नानुराम पुत्र मुका डेंडोर आपत्ति जता रहे थे। वर्ष 2006 में आयोजित एक राजस्व कैंप के दौरान बाबूलाल को 4 बीघा जमीन का पट्टा आवंटित किया गया था, जिसका विद्यालय के खेल मैदान की भूमि के साथ सीमांकन को लेकर तकनीकी विवाद छिड़ गया था। यह विवाद पुलिस और न्यायालय तक पहुंच जाने के कारण खेल मैदान का विकास कार्य लंबे समय से ठप पड़ा हुआ था। भविष्य में किसी भी वैमनस्य को रोकने के उद्देश्य से तीनों गांवों के वार्ड पंचों, पटेलों, गमेतियों और लगभग 100 से अधिक बुजुर्गों व प्रबुद्ध नागरिकों ने मध्यस्थता कर सर्वसम्मति से बीच का रास्ता निकाला। इसके तहत बाबूलाल डेंडोर ने बच्चों के भविष्य को समझते हुए अपनी विवादित जमीन को विद्यालय के लिए छोड़ दिया है, जिसके बदले में उन्हें खेल मैदान के पास ही दूसरी तरफ 4 बीघा सुरक्षित कृषि भूमि दे दी गई है। साथ ही, नानुराम डेंडोर के खेत की सरहद से 20 फीट का आम रास्ता छोड़ते हुए उनकी 5 बीघा खातेदारी भूमि का भी शांतिपूर्वक सीमांकन कर दिया गया है। आपसी सहमति बनते ही दोनों पक्षों ने थाने और न्यायालय में चल रहे सभी मुकदमों को तुरंत ससम्मान वापस लेने पर सहमति जताई है। इस ऐतिहासिक समझौते के बाद पंचों और ग्रामीणों ने तहसीलदार, गिरदावर और संबंधित पटवारी से जल्द से जल्द सीमांकन संशोधन की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है ताकि राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त किया जा सके।
डूंगरपुर जिले की ग्राम पंचायत विकासनगर के गेंजीघाटा में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय (घाटाफला) के खेल मैदान की भूमि को लेकर पिछले दस वर्षों से चला आ रहा गंभीर विवाद आपसी भाईचारे और समझदारी से पूरी तरह सुलझ गया है। विकासनगर ग्राम पंचायत के प्रशासक सुनील डिण्डोर की पहल पर गेंजीघाटा, रांमैया और ढेंढिया गांवों के पंचों, गमेतियों और सामाजिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति में एक ऐतिहासिक राजीनामा तैयार किया गया। इस आपसी सहमति के बाद अब विवादित जमीन के बदले खातेदारों को दूसरी सुरक्षित जमीन दे दी गई है, जिससे बच्चों के लिए खेल मैदान का परकोटा (बाउंड्री वॉल) निर्माण कार्य अब सुचारू रूप से पूरा हो सकेगा। यह पूरा मामला विद्यालय के नाम पर आवंटित करीब 8.5 बीघा खेल मैदान की जमीन पर खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र और सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से चल रहे बाउंड्री वॉल निर्माण से जुड़ा था। इस निर्माण कार्य को लेकर गेंजीघाटा (थाना चौरासी) निवासी बाबूलाल पुत्र लालजी डेंडोर और नानुराम पुत्र मुका डेंडोर आपत्ति जता रहे थे। वर्ष 2006 में आयोजित एक राजस्व कैंप के दौरान बाबूलाल को 4 बीघा जमीन का पट्टा आवंटित किया गया था, जिसका विद्यालय के खेल मैदान की भूमि के साथ सीमांकन को लेकर तकनीकी विवाद छिड़ गया था। यह विवाद पुलिस और न्यायालय तक पहुंच जाने के कारण खेल मैदान का विकास कार्य लंबे समय से ठप पड़ा हुआ था। भविष्य में किसी भी वैमनस्य को रोकने के उद्देश्य से तीनों गांवों के वार्ड पंचों, पटेलों, गमेतियों और लगभग 100 से अधिक बुजुर्गों व प्रबुद्ध नागरिकों ने मध्यस्थता कर सर्वसम्मति से बीच का रास्ता निकाला। इसके तहत बाबूलाल डेंडोर ने बच्चों के भविष्य को समझते हुए अपनी विवादित जमीन को विद्यालय के लिए छोड़ दिया है, जिसके बदले में उन्हें खेल मैदान के पास ही दूसरी तरफ 4 बीघा सुरक्षित कृषि भूमि दे दी गई है। साथ ही, नानुराम डेंडोर के खेत की सरहद से 20 फीट का आम रास्ता छोड़ते हुए उनकी 5 बीघा खातेदारी भूमि का भी शांतिपूर्वक सीमांकन कर दिया गया है। आपसी सहमति बनते ही दोनों पक्षों ने थाने और न्यायालय में चल रहे सभी मुकदमों को तुरंत ससम्मान वापस लेने पर सहमति जताई है। इस ऐतिहासिक समझौते के बाद पंचों और ग्रामीणों ने तहसीलदार, गिरदावर और संबंधित पटवारी से जल्द से जल्द सीमांकन संशोधन की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है ताकि राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त किया जा सके।
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा में धंबोला थानाधिकारी देवेंद्र देवल का बिछीवाड़ा थाना प्रभारी के पद पर स्थानांतरण होने पर थाना परिसर में एक भावभीनी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। डिप्टी मदनलाल विश्नोई के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। समारोह में उपस्थित लोगों ने थानाधिकारी देवेंद्र देवल के सात महीने के कार्यकाल की जमकर सराहना की और कहा कि जब पुलिस की कार्यशैली निष्पक्ष, संवेदनशील और जनहितकारी होती है, तो जनता भी उससे आत्मीय जुड़ाव महसूस करती है। इस अवसर पर थानाधिकारी के साथ ही स्थानांतरित हुए एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबलों को भी सम्मानित कर विदाई दी गई। समारोह के दौरान वक्ताओं ने देवेंद्र देवल की प्रशासनिक सूझबूझ और जनसंपर्क कौशल का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने पीठ कस्बे में दो समुदायों के बीच उत्पन्न हुए तनावपूर्ण माहौल को डिप्टी मदनलाल विश्नोई और थानाधिकारी देवेंद्र देवल द्वारा धैर्य व संवाद के जरिए शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कराने की सराहना की। इसके अलावा, लबाना समाज के दो गुटों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद को भी उन्होंने आपसी बातचीत और सामाजिक समन्वय से सौहार्दपूर्ण ढंग से हल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत हुई। इस विदाई समारोह में भाजपा जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना, मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, कुंदन सिंह चौहान, नूर आलम खां मकरानी, जगदीश पंड्या, कीर्ति पंड्या, रतन सिंह चौहान, समाजसेवी पोपट खोखरिया, सरपंच मुकेश खांट सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वनराज सिंह चौहान ने किया और अंत में आसूचना अधिकारी करण भट्ट ने सभी का आभार जताया। विदाई के समय माहौल बेहद भावुक हो गया और लोगों ने पुष्पमालाएं पहनाकर व स्मृति चिन्ह भेंट कर देवेंद्र देवल को विदा किया।1
- डूंगरपुर के सीमलवाड़ा में भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के नेतृत्व में राजकीय महाविद्यालय सीमलवाड़ा के विद्यार्थियों ने सत्र 2026–27 के प्रथम सेमेस्टर की नियमित कक्षाएँ शीघ्र शुरू कराने और समय-सारणी तत्काल जारी करने की मांग को लेकर महाविद्यालय प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा है। विद्यार्थियों का कहना है कि पहले सेमेस्टर में प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अब तक नियमित कक्षाएँ शुरू नहीं की गई हैं और न ही समय-सारणी जारी हुई है, जिससे नए विद्यार्थियों का कीमती शैक्षणिक समय नष्ट हो रहा है और उनकी पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। विद्यार्थियों ने मांग की है कि कॉलेज प्रशासन छात्रहित में जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर समय-सारणी जारी करे और सभी विषयों के शिक्षकों द्वारा नियमित रूप से पढ़ाई सुनिश्चित कराई जाए। इस अवसर पर कॉलेज इकाई अध्यक्ष जयेश डामोर, भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के उपाध्यक्ष बादल खराड़ी, महासचिव हितेश पगी, सह सचिव चंदा सरपोटा, मीडिया प्रभारी अजय रोत, सुमित्रा रोत, अनिता मनात, जिज्ञासा कटारा, मनोज डामोर, अभिषेक डामोर सहित अन्य कार्यकर्ता और विद्यार्थी उपस्थित रहे।2
- डूंगरपुर के चौरासी विधानसभा क्षेत्र में आज समाजसेवी दिनेश चंद्र अहारी विभिन्न क्षेत्रों के दौरे पर रहे। इस दौरान उनके साथ समाजसेवी प्रीतम ननोमा और पूंजीलाल रोत भी मौजूद रहे। अपने दौरे के तहत समाजसेवी अहारी सर्वप्रथम वानिया तालाब पहुंचे, जहां उन्होंने एक संत महात्मा स्वर्गीय मोगा/वाला सरपोटा के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने स्वर्गीय सरपोटा के परिवार के सभी सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान दिवंगत के पुत्र केशव लाल मोगा, अरविंद मोगा, बाबूलाल मोगा और राकेश मोगा उपस्थित रहे। साथ ही उनके भाई कांजी, वाला, मनीष सरपोटा, लक्ष्मण भगोरा, रमेश भगोरा, हाजा भाई भगोरा, शंकर, अमरा भाई ताजू सरपोटा और रामलाल जी सरपोटा सहित परिवार, गांव व कुटुंब के कई युवा और बुजुर्ग भी वहां मौजूद रहे।1
- राजस्थान के आसपुर में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का बेहद भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया और दावेदारों ने भी भारी शक्ति प्रदर्शन करते हुए अपना दमखम दिखाया। इस कार्यक्रम के दौरान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उसे अधिकारियों और केंद्र सरकार के इशारे पर चलने वाली सरकार बताया गया।1
- आदिवासी न्यूज़।।।।।।।।।।,।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।1
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- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा उपखण्ड क्षेत्र के पोपटोली-बोडामली और बोडामली गांवों में वर्षों पुराने जमीन विवादों के स्थाई समाधान की मांग को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला व ब्लॉक कमेटी ने सीमलवाड़ा उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने तालाब के डूब क्षेत्र की 135 बीघा जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा फर्जी पट्टे बनाकर कब्जा करने की कोशिशों का कड़ा विरोध किया है। भाकपा का आरोप है कि डूंगरपुर का एक रसूखदार परिवार एक संगठन की आड़ में इस बेशकीमती बंजर भूमि के फर्जी पट्टे तैयार कर अवैध रूप से कब्जा करने की साजिश रच रहा है, जबकि 1975 में ही यह जमीन बेघर परिवारों को आवंटित की जा चुकी थी और वर्तमान में इसके 58 बीघा हिस्से पर पहले ही कब्जा किया जा चुका है। इसके साथ ही पार्टी ने इसी क्षेत्र की पडत भूमि पर करीब 40 वर्षों से रह रहे गरीब आदिवासियों के विस्थापन का कड़ा विरोध किया है। भाकपा ने मांग की है कि वन विभाग की इस भूमि पर शांतिपूर्वक मकान बनाकर रह रहे आदिवासियों को उजाड़ने के बजाय उनके काबिज क्षेत्र के आधार पर उन्हें मालिकाना हक यानी पट्टा जारी किया जाए। भाकपा (मार्क्सवादी) के झौथरी-सीमलवाड़ा ब्लॉक कमेटी के तहसील सचिव शंकरलाल अहारी ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इन दोनों संवेदनशील मामलों को गंभीरता से नहीं लिया गया और बेघर व गरीब परिवारों के पक्ष में त्वरित व न्यायसंगत फैसला नहीं हुआ, तो पार्टी गरीबों के हक के लिए उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी।1
- डूंगरपुर के आसपुर में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट का भव्य स्वागत किया गया। वागड़ क्षेत्र के आसपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित हुए। युवा सोच शक्ति संजय परमार के नेतृत्व में इन सभी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट का पूरे उत्साह के साथ स्वागत किया।1
- आदिवासी इलाके की न्यूज़।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।1