किसानों के लिए बड़ी सौगात: गेहूं पर ₹40 और उड़द पर ₹600 बोनस, पंजीयन तिथि 10 मार्च तक बढ़ी मध्यप्रदेश सरकार किसानों के कल्याण और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से इस वर्ष को कृषक वर्ष के रूप में मना रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों की बैठक के दौरान लिए गए। कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों की आय में वृद्धि हो और खेती को लाभकारी बनाया जा सके। कृषि मंत्री श्री कंषाना ने बताया कि इस वर्ष गेहूं खरीदी पर किसानों को ₹40 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गेहूं खरीदी की प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए किसानों के पंजीयन की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी गई है। पहले यह तिथि 7 मार्च निर्धारित की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 10 मार्च कर दिया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य यह है कि कोई भी किसान पंजीयन से वंचित न रह जाए और अधिक से अधिक किसान सरकार की योजना का लाभ उठा सकें। इसके साथ ही राज्य सरकार ने दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने उड़द की खरीदी पर ₹600 प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है। श्री कंषाना ने कहा कि उड़द की खेती को प्रोत्साहित करने से किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा और प्रदेश में दलहन उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक उड़द की खेती करें। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को आर्थिक लाभ मिलने के साथ ही अगली फसल की तैयारी भी समय पर हो सकेगी। कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों की सबसे बड़ी समस्या सिंचाई के समय बिजली की उपलब्धता होती है। कई बार किसानों को रात में खेतों में जाकर सिंचाई करनी पड़ती है, जिससे उन्हें कई प्रकार की परेशानियों और जोखिमों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने किसानों को दिन के समय सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से किसानों को काफी राहत मिलेगी और वे सुरक्षित तरीके से अपने खेतों की सिंचाई कर सकेंगे। कृषि मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसी योजनाएं और फैसले ले रही है, जिनसे किसानों की आय बढ़े और खेती को लाभकारी बनाया जा सके। श्री कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और कृषि को आधुनिक तकनीकों के साथ आगे बढ़ाएं। सरकार की इन घोषणाओं से प्रदेश के किसानों में उत्साह देखा जा रहा है और उन्हें उम्मीद है कि इन फैसलों से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
किसानों के लिए बड़ी सौगात: गेहूं पर ₹40 और उड़द पर ₹600 बोनस, पंजीयन तिथि 10 मार्च तक बढ़ी मध्यप्रदेश सरकार किसानों के कल्याण और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से इस वर्ष को कृषक वर्ष के रूप में मना रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों की बैठक के दौरान लिए गए। कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों की आय में वृद्धि हो और खेती को लाभकारी बनाया जा सके। कृषि मंत्री श्री कंषाना ने बताया कि इस वर्ष गेहूं खरीदी पर किसानों को ₹40 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गेहूं खरीदी की प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए किसानों के पंजीयन की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी गई है। पहले यह तिथि 7 मार्च निर्धारित की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 10 मार्च कर दिया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य यह है कि कोई भी किसान पंजीयन से वंचित न रह जाए और अधिक से अधिक किसान सरकार की योजना का लाभ उठा सकें। इसके साथ ही राज्य सरकार ने दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने उड़द की खरीदी पर ₹600 प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है। श्री कंषाना ने कहा कि उड़द की खेती को प्रोत्साहित करने से किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा और प्रदेश में दलहन उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक उड़द की खेती करें। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को आर्थिक लाभ मिलने के साथ ही अगली फसल की तैयारी भी समय पर हो सकेगी। कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों की सबसे बड़ी समस्या सिंचाई के समय बिजली की उपलब्धता होती है। कई बार किसानों को रात में खेतों में जाकर सिंचाई करनी पड़ती है, जिससे उन्हें कई प्रकार की परेशानियों और जोखिमों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने किसानों को दिन के समय सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से किसानों को काफी राहत मिलेगी और वे सुरक्षित तरीके से अपने खेतों की सिंचाई कर सकेंगे। कृषि मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसी योजनाएं और फैसले ले रही है, जिनसे किसानों की आय बढ़े और खेती को लाभकारी बनाया जा सके। श्री कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और कृषि को आधुनिक तकनीकों के साथ आगे बढ़ाएं। सरकार की इन घोषणाओं से प्रदेश के किसानों में उत्साह देखा जा रहा है और उन्हें उम्मीद है कि इन फैसलों से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- धौलपुर। श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत ने सैंपऊ क्षेत्र के गांव आरी में जिला अध्यक्ष सुखवेद्र सिंह परमार के नेतृत्व में संगठन संस्थापक कृष्णा परमार सैंपऊ की अध्यक्षता में आरी एवं आस पास के गांवों में होते हुए ढोल नगाड़ों के साथ होली जन आशीर्वाद पदयात्रा निकाली । अध्यक्षता कर रहे संस्थापक कृष्णा परमार सैंपऊ ने आभार व्यक्त करते हुए कहा की जनता का यह स्नेह और आशीर्वाद ही संगठन की असली ताकत है क्षत्रियों का हमेशा से धर्म रहा है कि सर्व समाज को साथ लेकर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहिए होली जैसा पवित्र त्यौहार सर्व समाज की एकता का पर्व है जिला अध्यक्ष सुखवेद्र सिंह परमार ने बताया की होली जन आशीर्वाद पदयात्रा का उद्देश्य जन-जन से आशीर्वाद लेना और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है। इस दौरान राकेश परमार, हरेंद्र परमार, सूरज तोमर नागेश परमार , दीपक परमार ,गुड्डू परमार, दीपू परमार ,धर्मेंद्र सिंह, राघवेंद्र परमार ,लोकेंद्र परमार, ओमवीर सिंह राहुल, लोकेंद्र , मनीष शर्मा ,संतोषी ओम प्रकाश शर्मा, दीपू सिसोदिया सहित अन्य ग्रामवासी मौजूद रहे।2
- धौलपुर कायस्थ समाज का होली मिलन समारोह आयोजित1
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- अंबाह। राज्य शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि कोई भी मदिरा की दुकान रात 10:00 बजे के बाद नहीं खुली मिलेगी लेकिन राज्य सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है अंबाह में यहां पर रात लगभग 11:00 के बाद भी नियम के विरुद्ध अंग्रेजी शराब की दुकान मुरैना तिराहे पर धड़ल्ले से देर रात तक भी शराब सश बेची जा रही है और जिम्मेदारों की आंखों पर पट्टी चढ़ी हुई है।1
- अम्बाह: नगर में एक किराना दुकान पर एक्सपायरी खाद्य सामग्री बेचे जाने का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार प्रदीप ट्रेडर्स नामक किराना दुकान पर खुलेआम एक्सपायरी माल बेचे जाने का आरोप स्थानीय लोगों द्वारा लगाया गया है। बताया जा रहा है कि दुकान पर चिप्स, कुरकुरे, नमकीन, बिस्कुट सहित कई प्रकार के पैकेट बंद खाद्य पदार्थ एक्सपायरी होने के बाद भी ग्राहकों को बेचे जा रहे हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि दुकान पर रखे कई उत्पादों की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है, फिर भी उन्हें बिना जांचे-परखे ग्राहकों को दिया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे एक्सपायरी खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। इससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि दुकानदारों को ग्राहकों की सेहत का ध्यान रखना चाहिए, लेकिन यदि मुनाफे के लिए एक्सपायरी सामान बेचा जा रहा है तो यह आम जनता के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। स्थानीय नागरिकों ने खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन से मांग की है कि संबंधित दुकान की जांच कर एक्सपायरी सामान को तुरंत जब्त किया जाए और दोषी पाए जाने पर दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का यह भी कहना है कि समय-समय पर बाजार में खाद्य पदार्थों की जांच की जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और आम जनता को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।1
- अम्बाह: नगर में एक किराना दुकान पर एक्सपायरी खाद्य सामग्री बेचे जाने का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार प्रदीप ट्रेडर्स नामक किराना दुकान पर खुलेआम एक्सपायरी माल बेचे जाने का आरोप स्थानीय लोगों द्वारा लगाया गया है। बताया जा रहा है कि दुकान पर चिप्स, कुरकुरे, नमकीन, बिस्कुट सहित कई प्रकार के पैकेट बंद खाद्य पदार्थ एक्सपायरी होने के बाद भी ग्राहकों को बेचे जा रहे हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि दुकान पर रखे कई उत्पादों की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है, फिर भी उन्हें बिना जांचे-परखे ग्राहकों को दिया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे एक्सपायरी खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। इससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि दुकानदारों को ग्राहकों की सेहत का ध्यान रखना चाहिए, लेकिन यदि मुनाफे के लिए एक्सपायरी सामान बेचा जा रहा है तो यह आम जनता के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। स्थानीय नागरिकों ने खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन से मांग की है कि संबंधित दुकान की जांच कर एक्सपायरी सामान को तुरंत जब्त किया जाए और दोषी पाए जाने पर दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का यह भी कहना है कि समय-समय पर बाजार में खाद्य पदार्थों की जांच की जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और आम जनता को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।1
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- अम्बाह: नगर में एक किराना दुकान पर एक्सपायरी खाद्य सामग्री बेचे जाने का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार प्रदीप ट्रेडर्स नामक किराना दुकान पर खुलेआम एक्सपायरी माल बेचे जाने का आरोप स्थानीय लोगों द्वारा लगाया गया है। बताया जा रहा है कि दुकान पर चिप्स, कुरकुरे, नमकीन, बिस्कुट सहित कई प्रकार के पैकेट बंद खाद्य पदार्थ एक्सपायरी होने के बाद भी ग्राहकों को बेचे जा रहे हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि दुकान पर रखे कई उत्पादों की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है, फिर भी उन्हें बिना जांचे-परखे ग्राहकों को दिया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे एक्सपायरी खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। इससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि दुकानदारों को ग्राहकों की सेहत का ध्यान रखना चाहिए, लेकिन यदि मुनाफे के लिए एक्सपायरी सामान बेचा जा रहा है तो यह आम जनता के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। स्थानीय नागरिकों ने खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन से मांग की है कि संबंधित दुकान की जांच कर एक्सपायरी सामान को तुरंत जब्त किया जाए और दोषी पाए जाने पर दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का यह भी कहना है कि समय-समय पर बाजार में खाद्य पदार्थों की जांच की जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और आम जनता को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।1
- चार माह की बच्ची गोद में लिए थी पत्नी, कार की डिमांड पर पति ने किया एसिड अटैक देखें पूरा मामला ग्वालियर के किस क्षेत्र का है। #NewsImpact #gwaliorpolice #CrimeNews #GwaliorNews Gwalior Police1