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नियम विरुद्ध देर रात तक धड़ल्ले से बेची जा रही मदिरा, जिम्मेदारों की आंखों पर , रिश्वतखोरी की पट्टी अंबाह। राज्य शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि कोई भी मदिरा की दुकान रात 10:00 बजे के बाद नहीं खुली मिलेगी लेकिन राज्य सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है अंबाह में यहां पर रात लगभग 11:00 के बाद भी नियम के विरुद्ध अंग्रेजी शराब की दुकान मुरैना तिराहे पर धड़ल्ले से देर रात तक भी शराब सश बेची जा रही है और जिम्मेदारों की आंखों पर पट्टी चढ़ी हुई है।
भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
नियम विरुद्ध देर रात तक धड़ल्ले से बेची जा रही मदिरा, जिम्मेदारों की आंखों पर , रिश्वतखोरी की पट्टी अंबाह। राज्य शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि कोई भी मदिरा की दुकान रात 10:00 बजे के बाद नहीं खुली मिलेगी लेकिन राज्य सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है अंबाह में यहां पर रात लगभग 11:00 के बाद भी नियम के विरुद्ध अंग्रेजी शराब की दुकान मुरैना तिराहे पर धड़ल्ले से देर रात तक भी शराब सश बेची जा रही है और जिम्मेदारों की आंखों पर पट्टी चढ़ी हुई है।
- Dinesh Singhमुरैना, मुरैना, मध्य प्रदेश💣on 18 March
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- पुलिस थाने पर हमला, आगजनी इस घटना के विरोध में सुबह होते-होते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और सड़कें जामकर दीं। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने वहां पुलिस पिकेट को भी निशाना बनाया और पेट्रोल पंप के पास दो तेल टैंकरों और एक ट्रक सहित कई वाहनों में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने मोईरांग पुलिस थाने के बाहर टायरों में भी आग लगा दी। पुलिस की एक अस्थायी चौकी में भी तोडफोड की गई। जैसे-जैसे तनाव बहता गया, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, "यह बर्बर कृत्य मानवता पर सीधा हमला है और मणिपुर में लंबे समय से कायम शांति को भंग करने का प्रत्यक्ष प्रयास है। मैं इसकी घोर निंदा करता हूं इसमें कोई संदेह नहीं है कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी, उन्हें ढूंढा़ जाएगा और कानून के तहत कड़ी सजा दी जाएगी/ ऐे्से आतंकियों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा"मुख्यमंत्री वाई खेमचंद घायल महिला की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज पॉलीक्लिनिक पहुंचे। उन्होंने पीड़ित महिला को सर्वोत्तम चिकित्सा देखभाल और सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है1
- सत्यशोधक समाज: उन्होंने 1873 में 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना की, जिसका उद्देश्य शोषित वर्गों और दलितों को न्याय दिलाना था। स्त्री शिक्षा: उन्होंने अपनी पत्नी, सावित्रीबाई फुले को शिक्षित किया और उनके साथ मिलकर 1848 में पुणे में लड़कियों के लिए भारत का पहला स्कूल खोला। सामाजिक समानता: उन्होंने छुआछूत और जाति व्यवस्था जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ पुरजोर आवाज उठाई। उपाधि: उनके निस्वार्थ कार्यों को देखते हुए 1888 में एक विशाल जनसभा में उन्हें 'महात्मा' की उपाधि दी गई थी। उनकी जयंती के अवसर पर देश भर में उनकी शिक्षाओं और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया जाता है।1
- आज मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष आदरणीय बॉस श्री नरेंद्र सिंह तोमर जी मुरैना पहुँचने पर स्वागत हुआ1
- गुलामी की प्रथा और डराने की राजनीति का अंत तय, 2028 में होगी बोहरा की विदाई" — जयवीर पोसवाल धौलपुर राजाखेड़ा। विधानसभा राजाखेड़ा के मांगरोल मंडल में आयोजित एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता जयवीर पोसवाल ने क्षेत्रीय विधायक रोहित बोहरा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विधायक की कार्यशैली और राजनीति को 'भय और गद्दारी' का प्रतीक बताते हुए क्षेत्र की जनता को आगाह किया। विकास के नाम पर 'शून्य', सिर्फ भाई को भाई से लड़ाया जयवीर पोसवाल ने विधायक को खुली चुनौती देते हुए कहा कि पिछले 5 वर्षों में रोहित बोहरा जनता को कोई भी ऐसे तीन बड़े काम गिना दें, जिससे राजाखेड़ा की जनता का वास्तविक भला हुआ हो। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर केवल "भाई से भाई को लड़ाने, डराने और धमकाने" का काम किया गया है। "अगर मेरे कार्यकर्ता की तरफ किसी ने उंगली उठाई तो हाथ काट लिए जाएंगे और आंख दिखाई तो आंख निकाल ली जाएगी। हम कमजोर नहीं हैं, ईंट का जवाब पत्थर से देना जानते हैं।" — जयवीर पोसवाल गद्दारी का इतिहास: पायलट से लेकर कुशवाहा समाज तक पोसवाल ने ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए कहा कि इनका इतिहास हमेशा गद्दारी का रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे राजेश पायलट हों, सचिन पायलट का मानेसर प्रकरण हो या स्वर्गीय बनवारी लाल शर्मा जी के साथ चुनाव में किया गया विश्वासघात—इन्होंने हमेशा पीठ में छुरा घोंपा है। उन्होंने कुशवाहा समाज को विशेष रूप से सचेत करते हुए कहा, "इन्होंने हर वर्ग के साथ छल किया है, अब इनका अगला निशाना कुशवाहा समाज है। समाज इनकी चिकनी-चुपड़ी बातों में न आए और सावधान रहे। युवाओं के भविष्य और शिक्षा पर चिंता क्षेत्र के शैक्षिक पिछड़ेपन पर प्रहार करते हुए पोसवाल ने कहा कि राजाखेड़ा के युवाओं और बच्चों को उन कुर्सियों तक पहुँचाने का प्रयास कभी नहीं किया गया जहाँ देश की नीतियां बनती हैं। बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मौजूदा नेतृत्व की सोच शून्य रही है। भगत सिंह' बनने को तैयार: गुलामी से दिलाएंगे मुक्ति भावुक और ओजस्वी स्वर में पोसवाल ने कहा कि वे राजाखेड़ा की 'गुलामी वाली प्रथा' को खत्म करने के लिए संकल्पित हैं। मजदूरों, दलितों, माताओं-बहनों और युवाओं के हक के लिए अगर मुझे भगत सिंह बनकर कुर्बानी भी देनी पड़ी, तो मैं पीछे नहीं हटूंगा। डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान ने हमें निर्भय होकर वोट देने की शक्ति दी है। जब तक हम बिना दबाव के सही व्यक्ति नहीं चुनेंगे, विकास संभव नहीं है। 2028 में विदाई तय, खुलेगी कारनामों की 'लाल डायरी' कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए पोसवाल ने कहा कि विधायक के चेहर पर हार की बौखलाहट साफ दिख रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी कई डायरियां पहले भी बनी और फटी हैं, लेकिन इनके काले कारनामों की 'लाल डायरी' भी एक दिन जरूर पढ़ी जाएगी। उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा कि 2028 में इनकी विदाई निश्चित है और कार्यकर्ताओं का बाल भी बांका नहीं होने दिया जाएगा। कार्यक्रम में विधानसभा राजाखेड़ा की भाजपा प्रत्याशी नीरजा शर्मा, पूर्व जिला उपाध्यक्ष कमल पहाड़िया,पूर्व महामंत्री रणवीर दंडोतिया, मंडल अध्यक्ष मोहन लोधा पूर्व मंडल अध्यक्ष हाकिम सिंह लोधा, मंडल महामंत्री डॉक्टर बनवारी लाल गुर्जर,पवन शर्मा कुमेरा पोसवाल महामंत्री तिलक सिंह गुर्जर, सुनील त्यागी सहित सैकड़ो की संख्या में भाजपा पदाधिकारी ऊर्जावान कार्यकर्ता मौजूद रहे जयवीर पोसवाल प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय युवा गुर्जर महासभा राजस्थान, पूर्व जिला उपाध्यक्ष भाजपा धौलपुर, पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत हिनौता, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धौलपुर1
- धौलपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश में जिला एवं सेशन न्यायाधीश की अध्यक्षता में ‘‘ट्रांसफार्ममेटिव ट्यूसडे कार्यक्रम के अंतर्गत धौलपुर मुख्यालय एवं ताल्लुका बाड़ी, राजाखेड़ा, बसेडी एवं सैंपऊ के सभी न्यायिक अधिकारी गणों ने विभिन्न विद्यालयों में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोर छात्रों को उनके विधिक अधिकार, कर्तव्य और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक-विधिक मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाना है। इस अवसर पर सभी न्यायिक अधिकारी गणों ने बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में बढते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, उन्हें उनके विधिक अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी प्रदान करना तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार हेतु प्रेरित करना है।कार्यक्रम के दौरान न्यायिक अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को सरल एवं प्रभावी तरीके से बताया गया कि साइबर अपराध वे अपराध हैं जो इंटरनेट, मोबाइल फोन, कंप्यूटर अथवा अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए किए जाते हैं। साथ ही यह भी अवगत कराया कि आज के समय में ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फर्जी कॉल, लॉटरी स्कैम, साइबर बुलिंग एवं अश्लील सामग्री से संबंधित अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनसे बचाव हेतु जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।जिसमें ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी स्थिति में बैंक खाता विवरण अथवा पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। अनजान कॉल, संदेश अथवा ईमेल के माध्यम से प्राप्त लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए साथ ही न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी निजी जानकारी जैसे मोबाइल नंबर, पता, स्कूल का नाम आदि सार्वजनिक न करें तथा केवल परिचित व्यक्तियों से ही संपर्क रखें साथ ही विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन गाली-गलौज, धमकी, ट्रोलिंग या उत्पीड़न एक दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में तुरंत अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को सूचित करना चाहिए। कार्यक्रम में बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री का निर्माण, प्रसारण या संग्रहण गंभीर अपराध है, जिसके लिए कठोर सजा का प्रावधान है। विद्यार्थियों को बताया गया कि कई बार अपराधी नकली वेबसाइट या ईमेल के माध्यम से लोगों की व्यक्तिगत जानकारी चुरा लेते हैं, अतः किसी भी संदिग्ध वेबसाइट पर अपनी जानकारी साझा करने से पूर्व उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें साथ ही कार्यक्रम के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 एवं अन्य प्रासंगिक कानूनों के अंतर्गत साइबर अपराधों के लिए निर्धारित दंडात्मक प्रावधानों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों में दोषी पाए जाने पर कारावास एवं आर्थिक दंड दोनों का प्रावधान है। न्यायिक अधिकारियों द्वारा अपने संदेश में कहा गया कि “डिजिटल युग में जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे सशक्त साधन है। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।” उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनें और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की आदत विकसित करें। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने का अवसर दिया गया तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। साथ ही विद्यालय में कोर्ट वाली दीदी बाक्स सुझाव पेटिका भी लगवाई गई।3
- फतेहाबाद से संवाददाता कासिम मलिक एक माह से एक्सप्रेस-वे पर खड़ा ट्रक, कंपनी कर्मियों पर सामान चोरी का आरोप फतेहाबाद: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पिछले एक माह से अधिक समय से एक खराब ट्रक खड़ा होने का मामला सामने आया है। ट्रक स्वामी तेजाराम निवासी जोधपुर ने कंपनी के कर्मचारियों पर ट्रक का सामान चोरी कर ले जाने का आरोप लगाया है। बताया गया कि ट्रक कंपनी की वारंटी में था। ट्रक खराब होने पर स्वामी ने 10 मार्च को कंपनी को सूचना दी थी। इसके बाद 11 मार्च को कंपनी के कर्मचारी इंजन लेने पहुंचे थे। आरोप है कि एक अप्रैल को कंपनी के कर्मचारी दोबारा एक्सप्रेस-वे पर आए और इंजन लाने के नाम पर 33 हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर कर्मचारी रात में ट्रक का सामान लेकर फरार हो गए। इस बीच, एक्सप्रेस-वे पर लंबे समय से खड़े ट्रक के कारण पुलिस ने आधा दर्जन बार चालान भी किया है। पीड़ित ट्रक स्वामी ने मामले की शिकायत इंस्पेक्टर फतेहाबाद और पुलिस उपायुक्त पूर्वी से की है तथा कार्रवाई की मांग की है।2
- भाजपा नेता डॉ सिंह ने खेतों में पहुंच कर निरीक्षण किया। मेहगांव विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य डॉ अवधेश प्रताप सिंह अमायन मण्डल के ग्राम मेहरा, सेमरा में ओलो से प्रभावित फसलों का निरीक्षण करने पहुंचे। खेतों में खड़ी व कटी हुई गेहूं की फसल को पूर्ण रूप से नुकसान हुआ है। ओलो की मार से खड़ी गेहूं की फसल की बालियां टूटकर गिर गई है। इससे खेतों में डंठल नजर आ रहे हैं। कई खेतों में इतना अधिक पानी भरा हुआ है कि गेहूं की फसल पानी में डूबी हुई दिख रही है। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती पुष्पलता डॉ अवधेश प्रताप सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया है कि सरकार की तरफ से तहसीलदार, पटवारी से सर्वे करा कर उचित मुआवजा दिलाने का पूर्ण प्रयास करूंगा। जिला पंचायत सदस्य के साथ ग्राम पंचायत सरपंच महेन्द्र सिंह पवैया, पंचायत सचिव, पटवारी जी ग्राम पंचायत के किसान भाई निरीक्षण के समय मौजूद रहे।2
- पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में सोमवार रात संदिग्ध कुकी उग्रवादियों द्वारा रॉकेट और मिसाइलों से किए गए हमलों में दो बच्चों की मौत हो गई और उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस घटना के बाद वहां भारी विरोध-प्रदर्शन हुआ है और इलाके में हिंसा भड़क उठी है। इसे देखते हुए सुरक्षा बलों को फायरिंग करनी पड़ी। सुरक्षा बलों की इस फायरिंग में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। इसके बाद बवाल और बढ़ गया। इसे देखते हुए अधिकारियों ने बिष्णुपुर और उससे सटे पाँच जिलों इम्फाल पश्चिम, इम्फाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाओं पर अस्थायी रोक लगा दी है रिपोर्ट्स में कहा गया है कि विष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में लोगों का गुस्सा तब भड़क गया, जब रात करीब 1 बजे संदिग्ध उग्रवादियों ने एक घर पर बम फेंक दिया, जिसमें पाँच साल के एक लड़के और छह महीने की एक बच्ची की मौत हो गई। धमाका इतना ज़ोरदार था कि जिस कमरे में बच्चे और उनकी माँ सो रहे थे, वह पूरी तरह से तबाह हो गया; इस घटना में बच्चों की माँ भी घायल हो गईं। मृतकों की पहचान एक पांच वर्षीय लड़के और उसकी पांच महीने की बहन के रूप में हुई है। उनकी मां को गंभीर हालत में इम्फाल के राज मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह इलाका चुराचंदपुर जिले के निकट है, जो कुकी उग्रवाद का गढ़ है। मणिपुर संकट की शुरुआत इसी जिले में तीन मई, 2023 को हुई थी2